सुन लो हिंदी विरोधियों, हिन्दी से अधिक अच्छी कोई दूसरी भाषा है ही नहीं: श्वेता सिंह

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नई दिल्ली, 14 सितम्बर: हिंदुस्तान में रहकर हिंदी दिवस के दिन हिंदी का विरोध करनें वालों को वरिष्ठ पत्रकार श्वेता सिंह ने करारा जवाब दिया है.

दरअसल गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को हिंदी दिवस के अवसर पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी और कहा कि हिंदी देश को एकता की डोर में बांधने का काम कर सकती है.

अमित शाह के इस बयान के बाद असदुद्दीन ओवैसी, ममता बनर्जी और डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन आगबबूला हो गए और हिंदी के विरोध में मोर्चा खोल दिया। असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि भारत हिंदी, हिंदू और हिंदुत्‍व से कहीं अधिक बड़ा है…ओवैसी ने कहा, हिंदी हर भारतीय की मातृभाषा नहीं है। कुछ इसी प्रकार ममता और स्टालिन की भी प्रतिक्रियाएं थी.

हिंदी दिवस के दिन हिंदी का विरोध करने वालों को वरिष्ठ पत्रकार श्वेता सिंह ने करारा जवाब देते हुए कहा कि- हिंदी से अधिक अच्छी कोई दूसरी भाषा है ही नहीं…श्वेता ने कहा- हिन्दी से अधिक सहनशील और समावेशी भाषा कोई दूसरी नहीं। अंग्रेज़ी के शब्द स्वीकार। उर्दू भी सम्मिलित। और क्षेत्रीय भाव उसी रूप में ढलता है। फिर भी कुछ कहते हैं ‘हिंदी थोपो मत’। पर हिन्दी तो उन सभी का ‘ख़ूबसूरत’ ‘मिक्सचर’ है।