रंगदारी के शिकार बने थे विकास चौधरी, कौशल को 1 करोड़ देने से कर दिया था इनकार, इसलिए हुआ मर्डर

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फरीदाबाद: विकास चौधरी की हत्या के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और हरियाणा के ADGP लॉ एंड आर्डर ने उन्हें अपराधी बताकर इसे आपसी रंजिश का रंग देने का प्रयास किया था, विकास चौधरी पर दर्ज मामलों की लिस्ट जारी कर दी गयी थी ताकि राज्य के लोग विकास चौधरी को अपराधी समझें और उनकी ह्त्या को हलके में लें लेकिन फरीदाबाद के पुलिस कमिश्नर ने इसे फिरौती का मामला बताया है.

फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर केके राव ने आज कौशल की गिरफ्तारी पर बड़ा खुलासा किया. उन्होंने विकास मर्डर केस पर भी बड़ा खुलासा किया. कौशल ने करीब एक-डेढ़ करोड़ रुपये की फिरौती के लिए विकास चौधरी की हत्या करवाई थी, विकास चौधरी ने कौशल को रंगदारी देने से इनकार कर दिया था. अगर विकास चौधरी कौशल को रंगदारी दे देते तो उनकी ह्त्या ना होती.

सीपी ने बताया कि दिल्ली एयरपोर्ट पर कौशल को पकड़ा गया. तलाशी के दौरान कौशल के पास से दर्जनों मोबाइल फोन, दुबई की करेंसी जिसकी कीमत करीब 14 लाख रुपये है, मिली. एक नकली पासपोर्ट भी मिला. कौशल स्पेन जाने की तैयारी कर रहा था, अगर एयरपोर्ट के अधिकारियों ने उसकी तलाशी ना ली होती तो शायद कौशल भारत छोड़कर भाग जाता.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर की बात सुनकर आज फरीदाबाद के सभी पत्रकार हैरान थे, किसी को समझ नहीं आ रहा था कि कुछ दिन पहले कौशल को दुबई से गिरफ्तार करने की खबर आयी थी वो गलत कैसे हो सकती है, पत्रकारों ने कमिश्नर के सामने अपना संदेह प्रकट किया, उनकी थ्योरी पर शक जाहिर किया लेकिन कमिश्नर साहब अपने बयान पर कायम रहे और उन्होंने कौशल की गिरफ्तारी में फरीदाबाद पुलिस के कुछ अफसरों को क्रेडिट देने से साफ़ साफ़ इनकार कर दिया. उन्होंने यह भी नहीं बताया कि कौशल दुबई में रहता था या नहीं, ये भी नहीं बता पाए कि कौशल के पास से दुबई की करेंसी कैसे मिली.

आगे कौशल के खिलाफ जो भी कार्यवाही होगी उसका अपडेट दिया जाएगा.