कालीरमन डागर हत्याकांड में 10 महीने बाद भी कोई गिरफ्तारी नहीं, पलवल पुलिस से पीड़ित परिवार नाराज

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पलवल: कालीरमन मर्डर केस हुए 10 महीनें बीत चुके हैं लेकिन अभी तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है. पीड़ित परिवार पुलिस थाने, क्राइम ब्रांच, एसपी और डीएसपी के दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर परेशान हैं लेकिन उसका कोई फायदा नहीं मिला है. हत्यारे अलावलपुर गाँव के ही बताये जा रहे हैं लेकिन 10 महीनों से वे फरार हैं, पता नहीं उन्हें धरती खा गयी या आसमान निगल गया, पलवल पुलिस उन्हें गिरफ्तार ही नहीं कर पा रही है.

परिजनों ने पलवल पुलिस से नाराज होकर प्रदर्शन करने का फैसला लिया है, सोमवार को प्रदर्शन करके न्याय की मांग की जाएगी.

क्या है मामला

4 नवम्बर 2019 को चाँदहट पुलिस थाने में ह्त्या का मामला दर्ज किया गया था. गाँव के ही हत्यारोपियों के खिलाफ IPC की धारा 302, 34, 392, आर्म्स एक्ट 25.54, 59 के तहत मुकदमा नंबर 411 दर्ज हुआ था लेकिन अभी आरोपियों दिनेश और अजीत की गिरफ्तारी नहीं हो पायी है.

रिपोर्ट के अनुसार मृतक कालीरमन एक्सिस बैंक में मैनेजर पद पर नौकरी करता था, 3 नवम्बर 2018 को वह अपने बॉस सिद्धार्थ के सेक्टर-85 फरीदाबाद स्थित आवास से अपनी वैगन आर कार से अपने घर अलावलपुर गाँव पलवल के लिए निकला था.

अलावलपुर गाँव पहुँचने पर बलदेव के घर के सामने बड़े ब्रेकर के पार उसे रोककर उसके साथ लूटपाट शुरू हो गयी. उसनें तुरंत अपने भाई लोकेश को फोन किया, लोकेश अपने दोस्त महेंद्र के साथ वारदात स्थल पर पहुंचा तो बदमाशों ने उसके भाई पर उसके सामने गोली चला दी, बदमाशों ने कालीरमन से 40 हजार रुपये भी लूट लिए गए. कालीरमन को तुरंत अपेक्स अस्पताल में भर्ती कराया गया जहाँ से उसे एशियन हॉस्पिटल रेफर कर दिया गया. अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया.

मृतक के भाई लोकेश डागर ने बताया कि हत्यारों से मेरी और मेरे परिवार की जान को खतरा है, जब ये लोग रात चलते मेरे भाई की ह्त्या कर सकते हैं तो हमारे साथ भी कुछ बुरा हो सकता है इसलिए पुलिस इन्हें जल्द गिरफ्तार करे और इन्हें जेल भेजे ताकि हम लोग अपनी सामान्य जिंदगी जी सकें, मेरे निर्दोष भाई की ह्त्या करने वाले आजाद घूम रहे हैं जो पलवल पुलिस के लिए शर्मनाक बात है. पुलिस चाहे तो हत्यारोपियों को दो दिन में गिरफ्तार कर सकती है लेकिन पुलिस शांत बैठी है.