खाने का धर्म नही होता तो फिर वो कौन है जिसने महाप्रसाद में ज़हर मिलाने की साजिश रची, जोमैटो से सवाल

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नई दिल्ली, 1 अगस्त: ऑनलाइन फ़ूड डिलेवरी जोमैटो ने जबसे ट्विटर पर ज्ञान बांटा है कि, खाने का कोई धर्म नहीं होता तबसे सोशल मीडिया जोमैटो पर तरह-तरह के सवाल दाग रही है, जो जोमैटो के लिए जवाब देना आसान काम नहीं है.

दरअसल पंडित अमित शुक्ला ने जोमैटो के जरिए खाना ऑर्डर किया था. उसके बाद डिलेवरी ब्वॉय मुस्लिम सुनकर उन्होंने खाना लेने से इनकार कर दिया, उसके बाद कहा कि, सावन चल रहा है, इसलिए मैं मुस्लिम सख्श से खाना नहीं लूंगा, उसके बाद जोमैटो ने कहा कि -खाने का कोई धर्म नहीं होता।

इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग जोमैटो को जलील करते हुए पूछ रहे हैं कि अगर खाने का धर्म नहीं होता है वो कौन हैं जो महाप्रसाद में जहर मिलाकर हजारों लोगों को मौत के घाट उतारने की तमन्ना रखते हैं.

गौरतलब है कि अभी हाल ही में महाराष्ट्र से पकड़े गए 10 लोगों से हुई पूछताछ के बाद ATS ने बड़ा खुलासा करते हुए कहा था कि इस दल में शामिल संदिग्ध तल्हा पोट्रिक ने महाराष्ट्र के प्रसिद्ध मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने की साजिश रची थी.

संदिग्धों ने चार सौ साल पुराने मुंब्रेश्वर मंदिर के महाप्रसाद में जहर मिलाने की साजिश रची थी. इस साजिश को दिसंबर में मंदिर परिसर में हुई श्रीमद भागवत कथा के दौरान अंजाम देने की कोशिश की गई थी, लेकिन ये लोग इसमें सफल नहीं हो सके थे.