कांग्रेस और पाकिस्तान, जेके में 370 हटाने के खिलाफ जितना बोलेंगे उतना नुकसान

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नई दिल्ली: पूरा देश देख रहा है, केंद्र सरकार ने जब से जम्मू कश्मीर से धारा 370 को ख़त्म किया है, कांग्रेस पार्टी और पाकिस्तान केंद्र सरकार के इस कदम का विरोध कर रहे हैं. कांग्रेसी नेता गुलाम नबी आजाद तो पूरी तरह से पाकिस्तान की भाषा बोल रहे हैं, इधर गुलाम नबी आजाद केंद्र सरकार के खिलाफ जहर उगल रहे हैं तो उधर इमरान खान भारत सरकार के खिलाफ जहर उगल रहे हैं, पाकिस्तान ने तो युद्ध की धमकी दे दी है हालाँकि उसकी हिम्मत नहीं है कि भारत से युद्ध कर सके.

भारत देश की जनता केंद्र सरकार के साथ है, जम्मू कश्मीर में भी अभी तक कोई विरोध नहीं हुआ है. हर कोई जम्मू कश्मीर से धारा 370 समाप्त किये जाने का समर्थन कर रहा है इसलिए कांग्रेस पार्टी केंद्र सरकार के खिलाफ जितना बोलेगी पार्टी का उतना ही नुकसान होगा. कांग्रेस के कुछ नेता इस बात को समझ रहे हैं इसलिए पार्टी लाइन से हटकर केंद्र सरकार के इस कदम का समर्थन कर रहे हैं. ज्योतिरादित्य सिंधिया, दीपेन्द्र सिंह हुड्डा ने खुलकर समर्थन किया है.

अगर बात करें पाकिस्तान की तो उसनें भारत के साथ ब्यापारिक सम्बन्ध ही ख़त्म कर दिया है, भारतीय दूत को पाकिस्तान से जाने को बोल दिया है, भारत के लिए अपने एयरस्पेस बंद कर दिए हैं.

पाकिस्तान के इस कदम से पाकिस्तान का ही नुकसान है, अगर उसनें भारत के लिए अपने एयरस्पेस बंद किये हैं तो यही बात उसके लिए भी है, व्यापारिक रिश्ते ख़त्म करने से पाकिस्तान को और अधिक नुकसान होगा, पहले टमाटर 300 रुपये किलो बिक रहे थे तो अब 600 रुपये किलो बिकेंगे और पाकिस्तानी खाने पीने को तरस जाएंगे क्योंकि अधिकतर सब्जियां और फल भारत से ही निर्यात किया जाता है.

अगर बात करें युद्ध की तो अगर पाकिस्तान अपने सैनिकों को अपने ही क्षेत्र में बॉर्डर पर एक महीनें तक तैनात कर दे तो उसका भोजन पानी ख़त्म हो जाएगा. पाकिस्तान में पहले से ही भुखमरी के हालात हैं, सैनिकों को अगर उसनें बॉर्डर पर भी रवाना किया तो उनके लिए खाने पीने का इंतजाम भी करना पड़ेगा जो उसके पास है नहीं.

कहने का मतलब यही है कि चाहे कांग्रेस पार्टी हो या पाकिस्तान हो, कश्मीर मसले पर और धारा 370 हटाने के खिलाफ जितना बोलेंगे, दोनों का उतना ही अधिक नुकसान होगा. कांग्रेस का तो वजूद ख़त्म होने के कगार पर है, राज्य सभा और लोकसभा दोनों जगह जम्मू कश्मीर पुनर्गठन विधेयक दो तिहाई बहुमत से पास हुआ था. कांग्रेस के बारे में देश में नकारात्मक सन्देश जा रहा है जिसे वह जितनी जल्दी समझ जाए उसके लिए बेहतर होगा.