निकम्मेपन की हद पार कर गयी गहलोत की पुलिस, मृतक रेप पीड़िता पर ही मढ़ दिया सारा दोष

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राजस्थान, 30 जुलाई: मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राजस्थान पुलिस ने निकम्मेपन की सारी हदें पार करते हुए ख़ुदकुशी करने वाली रेप पीड़िता का ही चरित्र गड़बड़ बता दिया है.

राजस्थान के जयपुर में बलात्कार के जिस मामले की जांच करवाने के लिए रेप पीड़िता ने थाने में जान दी, उसकी जांच पुलिस ने आठ घंटे के अंदर ही पूरी कर ली. इस जांच में पुलिस ने मृतक रेप पीड़िता को ही बदनाम करते हुए सारा दोष उसी के मत्थे मढ़ दिया.

खास बात यह है कि पुलिस ने अपनी जान बचाने के लिए हड़बड़ी में प्रेस नोट जारी किया, जिसमें बलात्कार पीड़िता का नाम तक लिख दिया. पुलिस ने इस मामले में एसएचओ संजय गोदारा को सस्पेंड कर दिया है.

पीड़िता की तरफ से दर्ज की गई पूरी एफआईआर का जिक्र करते हुए पुलिस ने पहले तो लिखा कि इसमें अनुसंधान जारी है और उसके नीचे पीड़िता के ऊपर ही आरोपों की झड़ी लगा दी. एक तरफ तो पुलिस कह रही है कि अभी मामले की जांच की जा रही है, दूसरी तरफ पुलिस ने लिखा है कि पीड़िता अपनी मर्जी के साथ आरोपी के साथ रह रही थी और उन दोनों के बीच आपसी संबंध सहमति से बन रहे थे. दो पेज लंबे प्रेस नोट में पुलिस ने जांच से पहले ही महिला का पूरा चरित्र हनन कर दिया है.