भीम आर्मी के विजय आजाद का दावा, 70 लाख रूपये खा गया गया चंद्रशेखर रावण, दलितों से की गद्दारी

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सहारनपुर, 13 जून: भीम आर्मी-भारत एकता मिशन में संगठन की कमान को लेकर रार छिड़ गई है। स्वयं को मुख्य ट्रस्टी एवं राष्ट्रीय सचिव बताने वाले विजय कुमार आजाद इस मसले में खुलकर सामने आ गए हैं। उनका कहना है कि अब तक मौखिक रूप से नियुक्त पदाधिकारी ही काम कर रहे थे।

संगठन में भीम आर्मी संस्थापक का कोई पद नहीं है। उन्होनें दावा किया कि चंद्रशेखर आजाद, राष्ट्रीय अध्यक्ष विनय रतन व राष्ट्रीय महासचिव कमल वालिया अब संगठन में नहीं हैं। यदि उन्हें काम करना है तो नए सिरे से सदस्य बनकर नियमानुसार काम करें।

इसके अलावा विजय कुमार आजाद ने चंद्रशेखर रावण पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि – चंद्रशेखर रावण और इसके कुछ चमचे संगठन की आड़ में राजनीतिक लाभ उठाना चाहते हैं। जेल में बंद युवाओं को नहीं छुड़वाया गया, जबकि इसके लिए जंतर मंतर पर 70 लाख रुपये एकत्र हुए थे। चंद्रशेखर पर समाज से गद्दारी करने का आरोप लगाते हुए कहा, समाज के लोग भी उन्हें धन देते हैं। इस रकम की रिकवरी कराई जाएगी।

साथ ही विजय कुमार आजाद ने कहा कि – भीम आर्मी की स्थापना 23 अप्रैल-15 को हुई थी। वह इसके मुख्य ट्रस्टी हैं और सभी अधिकार उनके पास हैं। जबकि चंद्रशेखर रावण का भीम आर्मी से कोई रिश्ता नहीं है.