1 साल में भी नहीं सुलझा ललित रावत मर्डर केस, कार्यवाही के लिए ACP क्राइम से मिली पीड़ित पत्नी

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फरीदाबाद: ललित रावत के अपहरण का मुकदमा (FIR 1535, IPC 346) 23.12.2017 को दर्ज हुआ था, करीब 6 महीनें बाद 1.5.2018 को उनकी लाश बडौली पुल के पास आगरा नहर में मिली, उस वक्त उनकी लाश गल चुकी थी, कार के सभी शीशे खुले हुए थे, उनकी कमर पर सीट बेल्ट लगी हुई थी, कार पूरी तरह से डूबी हुई थी. लाश मिलने के बाद उसी मुकदमें में अज्ञात लोगों के खिलाफ धारा 302, 365, 201 इजाद की गयी थी.

अभी तक इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है, हत्यारोपियों का कोई सुराग नहीं लगा है, मृतक ललित रावत की पत्नी अंजलि रावत एक साल से पुलिस थानों के चक्कर काट रही है लेकिन हत्यारोपियों का सुराग नहीं लगा, जांच अधिकारी उनकी हत्या को आत्महत्या बता रहे हैं, जबकि पीड़ित परिवार इसे हत्या मान रहा है.

इस मामले में तीसरी SIT का गठन किया गया है जिसमें ACP क्राइम, इंस्पेक्टर अशोक कुमार (इकॉनोमिक सेल), ESI अनंगपाल शामिल हैं.

आज मृतक की पत्नी अंजलि रावत ने ACP क्राइम और अन्य सम्बंधित अधिकारियों से मुलाकत करके जांच में तेजी लाने और संदिग्ध आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की.

अभी तक इस मामले में DNA रिपोर्ट नहीं आयी है जिसे जल्द से जल्द पीड़ित परिवार को सौंपने की मांग की गयी है, सभी मांगों की लिस्ट नीचे दी गयी है –

DNA रिपोर्ट
गाडी की टेक्निकल जांच
मोबाइल की फॉरेंसिक जांच
अब तक की गयी जांच की अपडेट

अफसरों से यह भी मांग की गयी है कि अगर पूछताछ से कोई नतीजा नहीं निकल रहा है तो संदिग्ध आरोपियों का लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराने की कृपा करें.

पीड़ित परिवार ने आज पुलिस अधिकारियों से मिलने के बाद कहा कि हमें न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, ACP साहब ने कुछ समय माँगा है, हम उम्मीद करते हैं कि हमें जल्द न्याय मिलेगा.