2 सीटों पर चुनाव लड़ी थी राजा भैया की पार्टी, 1 सीट पर हो गई जमानत जब्त, दूसरी पर…?

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प्रतापगढ़, 24 मई: समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव से हुए मतभेद के बाद जनसत्ता दल के नाम से नई पार्टी का गठन करने वाले कुंडा के विधायक और पूर्व मंत्री रघुराज प्रताप सिंह उर्फ़ राजा भैया ने लोकसभा चुनाव में दो प्रत्याशियों को अपनी पार्टी से मैदान में उतारा था, लेकिन दोनों प्रत्याशी हार गए और राजा भैया की पार्टी का आगाज हार से हुआ.

बता दें कि लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी से गठबंधन न होने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष राजाभैया ने कौशाम्बी और प्रतापगढ़ संसदीय सीट पर अपनी पार्टी जनसत्ता दल लोकतांत्रिक से उम्मीदवार खड़े किए थे। कौशाम्बी लोकसभा क्षेत्र में राजाभैया की अपनी विधानसभा कुंडा के साथ उनके प्रभाव वाली बाबागंज सीट भी शामिल है।

इस चुनाव में कौशाम्बी संसदीय सीट से जनसत्ता दल के प्रत्याशी शैलेंद्र कुमार पासी को जीताने के लिए राजाभैया ने पूरी ताकत झोंक दी थी। अपनी विधानसभा कुंडा में भी उन्होंने ताबड़तोड़ जनसभाएं, रोड शो और रैलियां की थीं। अब तक हुए चुनावों में कुंडा में राजाभैया को सर्वमान्य नेता माना जाता रहा है।

वहां जाति-धर्म के बजाए राजाभैया का ही सिक्का चलता है। राजाभैया को सभी जाति-वर्ग के लोगों को एकतरफा वोट मिलता रहा है, लेकिन 2019 के लोकसभा चुनाव में राजा भैया की एक न चली और कौशाम्बी से शैलेन्द्र कुमार चुनाव हार गए और बीजेपी के विनोद सोनकर लगातार दूसरी बार कौशाम्बी से सांसद बनें, वहीँ प्रतापगढ़ से अक्षय प्रताप सिंह उर्फ़ गोपाल जी की जमानत जब्त हो गयी.