अलवर में दलित महिला से गैंगरेप पर चुप हैं दलितों के ठेकेदार, क्योंकि वहां सरकार कांग्रेस की है

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अलवर, 8 मई: अलवर में पति के सामनें दलित महिला के साथ हुए गैंगरेप को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक महिला को न्याय दिलानें के लिए दलितों के ठेकेदार, भीम सेना, भीम आर्मी कोई सामनें नहीं आया है, क्योंकि राजस्थान में सरकार कांग्रेस की है.

क्या है पूरा मामला
बता दें कि राजस्थान के अलवर में 26 अप्रैल को कुछ दरिंदों ने दलित दंपती का रास्ता रोक कर सुनसान जगह पर ले जाया गए और पत्नी के साथ पति के सामनें बंधक बनाकर सामूहिक बलात्कार किया गया.

इस घृणित वारदात को अंजाम देने वाले अपराधियों को हौसले कितने बुलंद थे इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता था है कि उन्होंने पीड़ित महिला के साथ मारपीट करते हुए 3 घंटे तक बारी-बारी से बलात्कार किया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करते हुए उनके साथ लूटपाट की.

इतनी बड़ी वारदात होनें के बावजूद अलवर पुलिस इसे सरकार की बदनामी न हो इसलिए छुपाती रही और दलित संगठन भी आवाज न उठाकर पुलिस का साथ देते रहे, लेकिन जैसे ही बीजेपी कार्यकर्ताओं को इस घटना के बारे में जानकारी हुयी तुरंत अलवर पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करनें लगे.

उसके बाद सरकार की फजीहत होनें से बचाने के लिए पुलिस ने एक्शन शुरू किया, लेकिन घटना के 12 दिन जानें के बाद भी केवल अभी 3 तक आरोपी ही गिरफ्तार हुआ है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है. लेकिन अभी तक कोई भी दलित संगठन कांग्रेस सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करनें रोड पर नहीं उतरा.