कोई घास की रोटी खाकर भी मातृभूमि के लिये लड़ता रहा, किसी को पतली दाल क्या मिली सेना ही छोड़ दिया

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नई दिल्ली, 30 अप्रैल: बीएसफ से बर्खास्त किये गए जवान तेज बहादुर अब राजनीति की दुनिया में कदम रख चुके हैं, ये तेज बहादुर वहीं सेना के जवान हैं जिनको पतली दाल क्या मिली थी, पूरे देश में हाहाकार मचा दिए थे, अब तेज बहादुर उस पार्टी में शामिल हो कर भ्रस्टाचार ख़त्म करना चाहते हैं, जिस पार्टी पर कई गंभीर भ्रस्टाचार के आरोप लगे हों.

तेज बहादुर जैसे जवान को पतली दाल क्या मिली सेना छोड़कर राजनीति शुरू कर देते हैं, जबकि किसी ज़माने में  महाराणा प्रताप जैसे लोग घास की रोटी खाकर भी अपनी मात्रभूमि की रक्षा करते थे, मैदान छोड़कर नहीं भागते थे.

बता दें कि तेज बहादुर यादव वाराणसी से पीएम मोदी के खिलाफ महागठबंधन के उम्मीदवार हैं और खुद को असली चौकीदार बता रहे हैं.

वैसे तेज बहादुर यादव जब घटिया खाने की वीडियो बनाकर चर्चा में आये थे उसके बाद जांच में पता चला की इनके फेसबुक पर 500 से ज्यादा फ्रेंड पाकिस्तानी भी हैं, इसके अलावा तेज बहादुर पर आरोप यह भी लगा कि ये शराब ज्यादा मात्रा में पीते हैं है और आये दिन अपने से ऊपर अधिकारियों से गलत लहजे में बात करते थे.