उड़ जाएंगे आपके होश, भाजपा के खिलाफ सपा-बसपा और कांग्रेस ने बनाया ‘वोट-काटो’ गठबंधन, पढ़ें

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लखनऊ: मोदी सरकार को केंद्र से उखाड़ फेंकने के लिए इस बार सपा-बसपा और कांग्रेस ने जबरजस्त जाल बिछाया है, आपकी बार सपा-बसपा गठबंधन से कांग्रेस को जान बूझकर अलग किया गया है, कांग्रेस को भाजपा का वोट काटने का ठेका दिया गया है, ऐसा करके सपा-बसपा भाजपा को अधिकतर सीटों पर हराना चाहती है.

कांग्रेस पार्टी में वोट काटने का ठेका प्रियंका वाड्रा को दिया गया है, उन्हें आत्मघाती नेता बनाकर भेजा गया है जो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारकर भाजपा का अधिक से अधिक नुकसान करना चाहती हैं. उन्हें पता है कि उनके आत्मघाती कदम से कांग्रेस को एक भी सीट नहीं मिलेगी, फिर भी भाजपा को हराने के लिए उन्होंने आत्मघाती फैसला किया है.

आपको बता दें कि सपा-बसपा के कुल वोट करीब 45 फ़ीसदी हैं, भाजपा के भी इतने ही वोट हैं, कांग्रेस के करीब 10 फ़ीसदी वोट है, प्रियंका वाड्रा के आने से कांग्रेस के वोटरों की संख्या करीब 5 फ़ीसदी बढ़ेगी और भाजपा की पांच फ़ीसदी घटेगी. प्रियंका वाड्रा की चिकनी चुपड़ी सूरत देखकर कुछ लोग भावनाओं में बहकर कांग्रेस को जरूर वोट देंगे, इनमें से अधिकतर सवर्ण वोट होंगे.

अब आप समझ सकते हैं, सपा बसपा के 45 फ़ीसदी वोट पक्के हैं जिसमें – दलित, यादव, मुस्लिम और कुछ OBC, कुछ सवर्ण वोटर आते हैं.

भाजपा के वोट करीब 5 फ़ीसदी घटेंगे और कांग्रेस के पाले में जाएंगे और ये सवर्ण वोटर होंगे क्योंकि अगले कुछ दिनों में प्रियंका वाड्रा मंदिर मंदिर घूमना शुरू कर देंगी जिसका कांग्रेस को फायदा मिलेगा. उन्होंने कल से ही गंगा नदी में नौका विहार शुरू कर दिया है.

जब भाजपा के 5 फ़ीसदी वोटर कांग्रेस में चले आएँगे तो उनके सिर्फ 40 फ़ीसदी बचेंगे, उधर सपा-बापा के वोट पक्के हैं क्योंकि दलित, यादव मुस्लिम के वोट एकजुट हैं.

सपा-बसपा ने कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में भाजपा के वोट काटने का ठेका दिया है, इससे कांग्रेस को कोई फायदा नहीं होगा, भाजपा को बहुत बड़ा नुकसान होगा. भाजपा को इस नुकसान की भरपाई के लिए कुछ ना कुछ करना पड़ेगा वरना उत्तर प्रदेश में उन्हें नुकसान होना तय है.