अटलजी की जगह अगर राहुल गाँधी होते PM तो बोलते – 170 भारतीयों को मार दो, अजहरजी को नहीं छोड़ेंगे

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नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाँधी ने खूंखार पाकिस्तानी आतंकवादी और जैशे मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर को ‘मसूद अजहर जी’ बोलकर कांग्रेस का काफी नुकसान किया है, कांग्रेस को अब आतंकियों की समर्थक पार्टी बताया जा रहा है, राहुल गाँधी के खिलाफ कई पुलिस थानों में शिकायत दी गयी है.

राहुल गाँधी अपनी रैलियों में 1999 प्लेन हाईजैक का मुद्दा उठा रहे हैं, उनका कहना है कि – कांग्रेस ने मसूद अजहर को जेल में रखा था लेकिन भाजपा वाले उसे वापस पाकिस्तान छोड़ आए, उसे छोड़ने के लिए वर्तमान NSA अजीत डोभाल खुद पाकिस्तान गए थे.

बात दरअसल ये है कि 1999 में पाकिस्तानी आतंकियों ने प्लेन हाईजैक कर लिया था जिसमें 170 यात्री सवार थे, आतंकी प्लेन को पाकिस्तान के कंधार एयरपोर्ट ले गए और भारतीय यात्रियों को छोड़ने की एवज में आतंकी मसूद अजहर की मांग की, भारत सरकार पहले तो मसूद अजहर को छोड़ने को तैयार नहीं हुई लेकिन भारत के ही लोगों ने धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया, मीडिया ने भी भारत सरकार पर जोरदार दबाव बनाया जिसकी वजह से अटलजी की सरकार झुक गयी और आतंकी मसूद अजहर को छोड़ दिया और बदले में 170 भारतीयों को सुरक्षित आजाद करवा लिया.

राहुल गाँधी ने चुनावों में यह मुद्दा उठाया है जिसका मतलब है कि अगर वे अटलजी की जगह प्रधानमंत्री होते तो पाकिस्तानी आतंकियों को बोलते कि – तुम हमारे 170 भारतीय यात्रियों को मार दो, हम मसूद अजहर को नहीं छोड़ेंगे. मतलब राहुल गाँधी के लिए 170 भारतीयों की जान की कोई कीमत नहीं है.

वैसे अगर उस समय अटलजी मसूद अजहर को ना छोड़ते और 170 भारतीयों यात्रियों को मरवा देते तो आज यही राहुल गाँधी कहते – भाजपा वालों ने 170 भारतीयों को मरवा दिया, मसूद अजहर को छोड़ने में क्या बुराई थी. खैर ये चुनाव है और इसमें बयानबाजी चलती रहती है लेकिन राहुल गाँधी को ये मुद्दा उठाना भरी पड़ेगा क्योंकि हर भारतीय जानता है कि उस समय भारत सरकार के सामने क्या हालात थे.