दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर साइन ना करके केजरीवाल दे रहे JNU के देशद्रोहियों का साथ: LN पाराशर

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फरीदाबाद: फरीदाबाद जिला बार एसोसिएशन के पूर्व प्रधान एवं वकील एल एन पाराशर ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को JNU कांड के आरोपियों की चार्जशीट पर हस्ताक्षर करने की सलाह दी है. मीडिया से बातचीत करते हुए वकील एल एन पाराशर ने कहा कि JNU में देशद्रोह का नारा लगाने वाले देशद्रोह के आरोपियों के खिलाफ दिल्ली पुलिस की चार्जशीट पर हस्ताक्षर ना करने केजरीवाल पुलिसवालों का मनोबल गिरा रहे हैं साथ ही देशद्रोह के आरोपियों को बचाने की कोशिश कर रहे हैं.

वकील पाराशर ने केजरीवाल को नसीहत देते हुए कहा – सत्ता के लिए पुलिस के काम में दखल करना उचित नहीं और नेता अपने फायदे के लिए देश के गद्दारों का साथ न दें वरना देश में गद्दारों का मनोबल बढ़ेगा और पुलिस का मनोबल गिरेगा।

पाराशर ने कहा कि मामला दो साल पहले का है और इस दौरान दिल्ली पुलिस ने काफी मेहनत कर चार्जशीट बनाई होगी लेकिन दिल्ली सरकार पुलिस की सारी मेहनत पर पानी फेर रही है जो बहुत गलत है।

पाराशर ने कहा कि आतंकी अफजल गुरु की चलती तो पूरी संसद उड़वा देता और देश के सभी सांसदों की हत्या करवा देता और इसीलिये उसने संसद पर हमला करवाया था जिसे सुरक्षबलों ने नाकाम कर दिया था। वकील पराशर ने कहा कि
13 दिसंबर 2001 को संसद पर हुए आतंकी हमले में संसद भवन के गार्ड, दिल्ली पुलिस के जवान समेत कुल 9 लोग शहीद हुए थे, ये हमला करवाने वाला अफजल गुरु था जिसे फांसी पर लटकाया गया और जेएनयू में इसी आतंकी की बरसी पर उन लोगों ने भारत तेरे टुकड़े होंगे के नारे लगाए जिनकी दिल्ली पुलिस ने चार्जशीट तैयार की है और अब केजरीवाल इन देश द्रोहियों के साथ खड़े हैं। पाराशर ने कहा कि केजरीवाल जैसे नेता देश को खतरे में डाल रहे हैं और ये खुद देश के लिए खतरा हैं। पाराशर ने कहा कि हाल में कपिल सिब्बल ने देश द्रोह की धारा 124 A ख़त्म करने की बात की और अब केजरीवाल देश द्रोहियों का साथ देते दिखे रहे हैं जो देश के लिए दुर्भागयपूर्ण है। आपको  याद दिला दें कि जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी (जेएनयू) कैंपस में करीब तीन साल पहले एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर राष्ट्रविरोधी नारेबाजी के मामले में पुलिस ने छात्रों पर राजद्रोह का केस दर्ज किया था। इस मामले में कन्हैया कुमार, अनिर्बान और उमर खालिद को पुलिस ने गिरफ्तार भी किया था।

पुलिस ने विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों उमर खालिद तथा अनिर्बान भट्टाचार्य पर जेएनयू परिसर में संसद हमले के मुख्य साजिशकर्ता अफजल गुरु को फांसी दिए जाने की बरसी नौ फरवरी 2016 को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कथित तौर पर भारत विरोधी नारे लगाने का आरोप लगाया है।

दिल्ली पुलिस ने इस मामले में हाल में चार्जशीट तैयार की थी जिसकी शनिवार को इस मामले की सुनवाई होने वाली थी।  बताया जा रहा है कि जिस दिन पुलिस ने इस चार्जशीट को पेश किया उसी दिन परमिशन के लिए अप्लाई भी किया था। लेकिन दिल्ली सरकार ने इस चार्जशीट पर हस्ताक्षर नहीं किया।

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