विभाजन के बाद जैसे पाकिस्तान इस्लामिक देश बन गया, वैसे भारत को हिन्दू राष्ट्र बनना चाहिए था

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नई दिल्‍ली, 12 दिसंबर: मेघालय हाई कोर्ट के जस्टिस ने एक ऐसा बयान दे दिया है, जिसको लेकर भारत में सियासी भूचाल आ गया है.

जानकारी के अनुसार मेघालय हाईकोर्ट के जस्टिस एसआर सेन ने एक याचिका का निपटारा करते हुए अपने फैसले में कहा, पाकिस्तान ने खुद को एक इस्लामी देश घोषित कर दिया और धर्म के आधार पर भारत का विभाजन हुआ और जिस तरह पाकिस्‍तान ने खुद को इस्‍लामिक देश घोषित किया, उसी तरह भारत को भी खुद को हिंदू राष्‍ट्र घोषित करना चाहिए था, लेकिन धार्मिक आधार पर विभाजन होने के बावजूद भारत धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में बना रहा.

जस्टिस यहीं नहीं रुके, उन्होंने आगे कहा, मैं यह साफ कर देना चाहता हूं कि कोई भी भारत को इस्लामिक देश बनाने की कोशिश न करे नहीं तो यह भारत और दुनिया के लिए एक कयामत का दिन होगा. हालांकि हमें पूरा विश्वास है कि इसकी गंभीरता को समझते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्‍व वाली सिर्फ यह सरकार ऐसा नहीं होने देंगी

दरअसल, न्यायमूर्ति एसआर सेन ने डोमिसाइल सर्टिफिकेट से मना किए जाने पर याचिकाकर्ता अमन राणा की ओर से दायर एक याचिका का निपटारा करते हुए 37 पन्‍नों में अपना फैसला दिया. जिसका इस मामले से कोई लेना-देना नहीं था.

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