बाबासाहेब केवल दलितों के नहीं, पूरे समाज के नेता थे: मीनाक्षी लेखी

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नई दिल्‍ली: आज दलित समाज को जागरूक होकर यह जानने की जरूरत है कि उसके अधिकार क्या है। जब अधिकारों के बारे में पता रहेगा तो उसे हासिल करने में कोई परेशानी नहीं होगी। आज दलितों को समाज में जो सम्मान मिल रहा है वह बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की देन है, ऐसा केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री कृष्णा राज ने संविधान दिवस के मौके पर भारतीय बौद्ध संघ द्वारा आयोजित सामाजिक समरसता सम्मेलन में कहा। इस कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आज किया गया। कार्यक्रम में बाबासाहेब के विचारों और उनके द्वारा दिखाए गए रास्तों पर भी चर्चा हुई।

इस मौके पर मौजूद सांसद मिनाक्षी लेखी ने कहा कि  भारतीय लोकतंत्र में आज का दिन बहुत ही महत्‍वपूर्ण है क्‍योंकि आज के दिन ही हमारे देश का संविधान बना था। इन 70 वर्षों में संविधान ने हमें जीना सिखाया है। इसकी वजह से हर समुदाय हर व्यक्ति को पूरी तरह से जीवन जीने का अधिकार मिला। उन्‍होंने कहा कि बाबा साहेब केवल दलितों के नहीं बल्कि पूरे समाज के नेता हैं।

कार्यक्रम के दौरान भारतीय बौद्ध संघ के अध्यक्ष भंते संघप्रिय राहुल ने कहा कि आज दलितों को अपने हक के लिए लड़ना होगा। बाबा साहेब के बताए हुए रास्ते पर चलकर दलित मान, सम्मान और आत्म सम्मान हासिल कर सकता है। उन्होंने कहा कि समानता और समरसता से राष्ट्र का निर्माण संभव है। जब हम समानता की बात करते हैं तो दलित, पिछड़े और उच्च जातियों को एकजुट होकर काम करना होगा तभी जाकर समाज का विकास संभव है। उन्होंने कहा कि भारतीय बौद्ध संघ बाबा साहेब के सपनों को साकार करने में जुटा हुआ है।