अमृतसर रोता रहा, कैप्टन सोता रहा, ज्यादातर यूपी-बिहारी को कटवाकर दुम दबाके भागी सिद्धू की पत्नी

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अमृतसर, 20 अक्टूबर: कल शाम को पंजाब की राजधानी अमृतसर से दिल को झकझोर देने वाले ट्रेन हादसे की खबर आई. जिसे देखकर, सुनकर और सोंचकर लोगों की रूह थर्रा गयी.

बता दें कि इस समय पंजाब में कांग्रेस की सरकार है, मुख्यमंत्री है कैप्टन अमरिंदर सिंह, अमरिंदर दिल्ली दौरे पर आये थे, अमृतसर में भीषण ट्रेन हादसे की खबर जैसे ही उनको लगी तो उन्होंने अपने मंत्रियों को घटना स्थल पर पहुँचने का आदेश दे दिया, लेकिन खुद नहीं गए.

जानकारी के अनुसार अमरिंदर सिंह दिल्ली में जिस स्थान पर ठहरे थे और घटनास्थल की दूरी मात्र 225.3 KM की थी, लेकिन उन्होंने दिल्ली में सोने के बजाय घटनास्थल पर पहुंचना मुनासिब नहीं समझा. जहाँ चारों तरफ लाशों का अम्बार लग चूका था.

क्या था पूरा मामला

बता दें कि कांग्रेसी नेता और मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के विधानसभा क्षेत्र में दशहरा कार्यक्रम का आयोजन किया गया था, ट्रेन की पटरी के किनारे रावण दहन का कार्यक्रम किया गया जिसमें सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू चीफ गेस्ट थीं. यहाँ पर कार्यक्रम आयोजित करने की प्रशासन ने अनुमति नहीं दी थी लेकिन कांग्रेसी नेता और स्थानीय पार्षद मीठू मदान ने जबरदस्ती यहाँ पर कार्यक्रम का आयोजन किया. प्रशासन के खिलाफ जाकर सिद्धू की पत्नी यहाँ पर चीफ गेस्ट के तौर पर आयीं और भाषण दिया, एक तरह से अवैध रैली का आयोजन किया गया.

उसी दौरान रावण जलने लगा, पटाखों की तेज आवाज की वजह से ट्रैक पर खड़े लोगों को ट्रेन की आवाज नहीं सुनायी दी और ट्रेन उन्हें काटती हुई चली गयी. 60 लोगों के मरने की पुष्टि हो चुकी है जबकि 70 से अधिक घायल हैं, मरने वालों का आंकड़ा 100 से ऊपर पहुँच सकता है.