हिन्दू रिवाजों पर उल्टे-सीधे बयान देकर सुर्खियाँ बटोर रही है भीम सेना, रावण जलाने का किया विरोध

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पुणे, 17 अक्टूबर: पिछले कुछ समय से पिछड़ी जातियों में भी कई संगठन बन गए हैं जो सनातन धर्म पर उल्टे-सीधे बयान देकर सुर्खियाँ बटोरते हैं. कुछ समय पहले भीम आर्मी सुर्ख़ियों में आई थी, अब उसी से मिलता-जुलता भीम सेना नाम का एक संगठन हिन्दू धर्म के खिलाफ उलटे-सीधे बयान देकर सुर्खियाँ बटोर रहा है.

जानकारी के अनुसार भीम सेना ने दशहरा पर रावण जलाने की परम्परा का विरोध किया है. भीम सेना का कहना है कि रावण मानवीय संस्कृति का प्रतीक हैं और कई आदिवासी और बहुजन समुदाय आराध्य के रूप में रावण को पूजते हैं, रावण जलाने पर हमारी भावनाएं आहत होती है, इसलिए हम रावण जलाने का विरोध कर रहे हैं. भीम सेना ने राज्य सरकार और राज्य के अलग-अलग जिलों के पुलिस अधिकारियों को पत्र लिखकर आग्रह किया है कि रावण के पुतला दहन आयोजनों के खिलाफ कार्रवाई की जाए.

भीम सेना ने अपने पत्र में यह भी लिखा है कि यदि कोई रावण दहन कार्यक्रम आयोजित करता है तो SC/ST के तहत आयोजकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए, अगर ऐसा नहीं हुआ तो हम सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जायेंगें.

पुणे भीम सेना के जिला अध्यक्ष दत्ता पोल, महिला विंग अध्यक्ष नीता अद्सुले और अन्य ने कहा है – रावण एक गौरवशाली संस्कृति का प्रतीक हैं और वह एक राजा थे जो समानता और न्याय में विश्वास करते थे, लेकिन इतिहास विकृत हो गया था और रावण को हजारों सालों से खलनायक के रूप में प्रस्तुत किया गया था.

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