वकील LN पाराशर ने किया तहसीलों में घूसखोरी और भ्रष्टाचार का खुलासा, कैसे होता है खेल, पढ़ें

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फरीदाबाद: जिला बार एसोसिएशन फरीदाबाद के पूर्व प्रधान और शहर के वरिष्ठ वकील एल एन पाराशर ने तहसीलों को भ्रष्टाचार मुक्त करने का अभियान शुरू किया है, उन्होंने इसकी शुरुआत फरीदाबाद से की है और चाहते हैं कि देश की सभी तहसीलों में भ्रष्टाचार ख़त्म हो.

उन्होंने बताया कि अधिकतर तहसीलदार अपने दफ्तरों में नहीं बैठते, वे किसी गुप्त स्थान पर बैठकर डील करते हैं और मोटा घूस लेकर रजिस्ट्री को पास कर देते हैं, जो घूस नहीं देता उसकी रजिस्ट्री रोक दी जाती है, तहसीलदार जान बूझकर गुप्त ठिकानों पर बैठते हैं ताकि विजिलेंस वाले उन्हें घूस लेते हुए पकड़ ना सकें. तहसील के कर्मचारी रजिस्ट्री इकट्ठी कर लेते हैं और घूस की डील करके तहसीलदार के पास सभी कागजों पर एक साथ साइन करने के लिए गुप्त ठिकानों पर भेज दिया जाता है.

वकील पाराशर ने कहा कि अधिकतर रजिस्ट्री पर 50 हजार से 3.5 लाख रुपये का घूस लिया जाता है, सरकारी फीस अगर 10 हजार होती है तो उसके ऊपर 50-70 हजार रुपये घूस लिया जाता है, अगर फीस 15 हजार है तो 2-3 लाख रुपये तक घूस माँगा जाता है. नीचे सरकारी रेट दिया गया है लेकिन बहुत कम लोग होंगे जिनकी सरकारी रेट पर रजिस्ट्री की जाती है.

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वकील पाराशर ने एक इंटरव्यू में कहा कि मैंने पिछले कुछ दिनों में कई तहसीलों का औचक निरीक्षण किया लेकिन तहसीलदार अपनी ड्यूटी पर नहीं मिला, पता चला कि वह कहीं और बैठकर कागजों पर साइन कर रहा है, सरकार ने उनके लिए ऑफिस बनवाया है, AC लगवाया है लेकिन ये लोग गुप्त ठिकानों पर बैठकर कागजों पर साइन कर रहे हैं जो इस बात का सबूत है कि घूस लेकर काम किया जा रहा है, इसकी जांच होनी चाहिए और सरकार को घूसखोर अफसरों पर कड़ी कार्यवाही करनी चाहिए.