अगर अपने बयान से पलटे रेप पीडिता तो उस पर भी दर्ज करो FIR: सुप्रीम कोर्ट

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नई दिल्ली, 30 सितम्बर: बलात्कार के झूठे आरोपों पर लगाम लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने महिलाओं के खिलाफ एक बड़ा फैसला सुनाया है.

सुप्रीम कोर्ट ने कहा – किस भी रेप के मामले में शिकायत दर्ज कराने के बाद रेप पीड़िता अगर बयान बदलती है तो उस पर भी मामला दर्ज कर लिया जाएगा, सुप्रीम कोर्ट ने ये भी कहा कि अगर रेप मामले में आरोपी के खिलाफ पर्याप्त सबूत हैं और रेप पीड़िता अपने बयान से पलटकर आरोपी को बचाने की कोशिश करती है तो उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है.

सुप्रीम कोर्ट में ये फैसला तीन जजों की बेंच ने सुनाया है, जिसमें जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस नवीन सिन्हा और जस्टिस कुरियन जोसेफ शामिल थे, बेंच ने कहा कि अगर रेप के आरोपी को पीड़िता द्वारा मेडिकल रिपोर्ट के अलावा अन्य किसी भी आधार पर क्लीन चिट भी दे दी जाती है, तब भी उसके खिलाफ मुकदमा चलाया जा सकता है.