अमेठी: दलित बस्ती के घर-घर की कहानी, कांग्रेस ने खूब रुलाया मोदी ने सिर पर दिया छाया, वीडियो

amethi-dalit-basti-house-story-congress-exposed-news

अमेठी, 29 सितम्बर: दलितों के लिए बीजेपी पर हमला बोलने वाली कांग्रेस की पोल अमेठी से खुल गयी है, बता दें उत्तर प्रदेश का अमेठी जिला गांधी परिवार कर गढ़ माना जाता है, 1998 को छोड़ दिया जाए तो तब से इस सीट पर कांग्रेस की कभी हार नहीं हुई है. 1998 में बीजेपी से जीतने वाले डॉक्टर संजय सिंह भी आज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं.

अमेठी गाँधी परिवार का गढ़ होने के बावजूद दलित बस्ती वाले इलाके आज भी पक्के घर, बिजली, पानी जैसे मूल भूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं.

बता दें कि इस समय चुनावी रैलियों में बड़े-बड़े वादे करने वाले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी भी लगातार 4 चार बार से अमेठी के सांसद है, लेकिन तब भी अमेठी का दलित बस्ती विकास के सपने संजोये बैठी हुयी है.

ABP न्यूज़ की रिपोर्ट के मुताबिक अमेठी में जब 2008 में मनमोहन सिंह के सरकार थी तब दलित बस्ती में दलितों के लिए एक कमरा, एक लैट्रिंग बाथरूम और किचन, इस तरह के केवल 24 घर थे, बाकी सब कच्चे थे, इस बस्ती का नाम भी राहुल गाँधी के नाम पर रखा गया है, लेकिन बस्ती के लोगों का कहना है यहाँ न पानी है, न लाइट है. बस्ती वाले आठ-दस सालों से ही मकानों के गिरने की आशंका से ग्रसित हैं.

बता दें कि अमेठी की जिस दलित बस्ती में कांग्रेस ने विकास नहीं किया है वहां अब प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घर बनाये जा रहे हैं, घर मालिक हौसला प्रसाद का कहना है कि, मोदी साहब ने जो घर दिया है, उससे हम बहुत खुश हैं, हमको मोदी जी ने घर दिया है और तमाम प्रकार की सुविधाएं दी हैं, हम उन्हीं को वोट देंगें, राहुल गाँधी ने अमेठी के लिए कुछ नहीं किया है.

राहुल गांधी के नाम से बनी दलित बस्ती के लोगों का कहना है कि कांग्रेस ने इतना साल राज किया है, लेकिन हम लोगों को पक्का घर नसीब नहीं हुआ है, जब से मोदी जी आये हैं तबसे पक्का घर और तमाम मूल भूत सुविधाएं मिल रही हैं.