टुकड़े टुकड़े गैंग के सरदार उमर खालिद पर फायरिंग की खबर झूठी, गवाह की भी खुली पोल, पढ़ें सच

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नई दिल्ली, 13 अगस्त: जवाहर लाल नेहरु यूनिवर्सिटी में भारत के टुकड़े टुकड़े करने की कसम खाने वाले आजादी गैंग के सरदार उमर खालिद पर फायरिंग की खबर झूठी निकली, मोदी, बीजेपी और संघ को बदनाम करने के लिए यह अफवाह उडाई गयी थी जिसका असर भी देखा गया. देखते ही देखते ट्विटर पर उमर खालिद ट्रेंड करने लगा और लोग भाजपा, संघ, मोदी पर तरह तरह के आरोप लगाने लगे.

उमर खालिद पर फायरिंग की झूठी गवाही देने वाले भी फोटो भी वायरल हो रही है, उसकी फोटो केजरीवाल के साथ और NDRV के पत्रकार रवीश कुमार के साथ ट्रेंड कर रही है, ऐसा लगता है कि कोई बड़ी साजिश रची गयी थी लेकिन सच सामने आने से झूठ का पर्दाफाश हो गया.

इस गोलीकांड के प्रत्यक्षदर्शी पत्रकार ने सच बताया. उन्होंने कहा कि – आज जो रफ़ी मार्ग पर गोली काण्ड हुआ है उसमें पहले एक चाय कि दूकान पर अचानक दो लड़कों के बीच झगड़ा हुआ, एक लड़की ने बीच-बचाव की कोशिश की तभी एक लड़के ने पिस्तौल निकालकर दूसरे युवक पर तान दिया, लड़की के चिल्लाने के बाद पिस्टल तानने वाला युवक हवाई फायरिंग करते हुए भाग निकला लेकिन अपनी पिस्टल वहीँ फेंक दी.

युवक के भागने के बाद उमर खालिद और उनके साथी प्रोग्राम स्थल से बाहर निकले और इस हमले को उमर खालिद पर हमला बताकर मोदी, संघ और भाजपा को बदनाम करने की साजिश रची गयी.

जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती ने भी आज उमर खालिद के प्रति अपना प्रेम प्रकट किया. उन्होंने कहा कि नफरत करने वालों ने उमर खालिद पर हमला किया लेकिन इसके लिए वे मीडिया चैनल भी जिम्मेदार हैं जिन्होंने उन्हें एंटी-नेशनल बोलकर उनके खिलाफ गुस्सा प्रकट किया है.