मेरठ में इंसानियत पर भारी पड़ा जातिवाद, युवक की हत्या के बाद फूट फूट कर रोया पुलिसवाला

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मेरठ, 9 अगस्त: जातिवाद भारत का सबसे बड़ा जहर है, जब जातिवाद का जहर बढ़ जाता है तो वहां पर इंसानियत ख़त्म हो जाती है और लोगों की जान की कीमत ख़त्म हो जाती है, कल यूपी के मेरठ में भी इंसानियत पर जातिवाद भारी पड़ गया, ठाकुर और दलित समुदाय में हिंसक झड़प में दलित समुदाय के एक युवक की मौत हो गयी.

इंसानियत को मरते देखकर यूपी का एक पुलिसवाला फूट फूट कर रोने लगा, जिस परिवार के युवक की मौत हुई थी, पुलिस वाला जब उनसे मिला तो उनका दुःख देखा नहीं गया और वह फूट फूट कर रोने लगा.

बता दें कि मेरठ में बीती रात दो पक्षों में हिंसक झडप हो गयी जिसमें दलित पक्ष के एक युवक की मौके पर मौत हो गयी जबकि दोनों गुटों से करीब 8 लोग घायल हो गए हैं.

जानकारी के अनुसार यह हिंसक झडप ठाकुरों और दलितों के बीच काँवड झांकी को देखने को लेकर हुयी है. कांवड़ झांकी पर हुई झड़प के बाद दलित पक्ष के लोग ठाकुरों के यहाँ शिकायत करने गए थे लेकिन वहां पर बहस और बढ़ गयी और दोनों पक्षों में पत्थरबाजी होने लगी, एक ईंट दलित समाज के 23 वर्षीय युवक के सिर में लगी और उसकी मौत हो गयी. इस हिंसक झड़प के बाद बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है.

सूचना पाकर मौके पर कई थानों की पुलिस समेत भारी मात्रा में रैपिड एक्शन फ़ोर्स तैनात है ताकि किसी अप्रिय घटना को टोका जा सके. दलित समाज के लोग मारे गए युवक की लाश देने को तैयार नहीं थे लेकिन पुलिस ने फ़ोर्स के जरिये लाश को गाडी में डालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

बताया जा रहा है इस हिंसा में मुख्य रूप से चार व्यक्तियों का नाम सामने आ रहा है जिसमें चारों युवकों पर मुकदमा दर्ज करके आगे की कार्यवाही शुरू कर दी गयी है.