शहीदों के परिजनों को फरीदाबाद बुला चुका है फिरौती-कांड का आरोपी लिव फॉर नेशन वाला अनिल कौशिक

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फरीदाबाद: क्राइम ब्रांच की टीम ने दो बदमाशों को फिराफ्तार करके नकली गौरक्षक गैंग का पर्दाफाश किया है, ये लोग खुद को गौरक्षक बताकर लोगों ने फिरौती मांगते थे, इस गिरोह ने फरीदाबाद में अश्वनी पांचाल से 50 लाख की फिरौती मांगी थी. उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जिस पर कार्यवाही करते हुए क्राइम ब्रांच सेक्टर 30 प्रभारी संदीप मोर की टीम ने दोनों बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया.

फिरौती कांड में पकड़ा गया आरोपी अनिल कौशिक काफी समय से गौरक्षा क्षेत्र में एक्टिव है, यह लाइव फॉर नेशन संस्था के संस्थापक हैं, 8 मई 2018 को पर्वतीया कॉलोनी में संस्था के वार्षिक समारोह में अनिल कौशिक ने शहीद भगत सिंह और शहीद चंद्रशेखर आजाद के परिजनों को फरीदाबाद बुलाया था और उन्हें गौ-माता का स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया था, यही नहीं इस कार्यक्रम में कई पार्टियों के नेता भी शम्मिलित हुए थे.

फिरौती कांड का पूरा खुलासा

लोकेंद्र सिंह डीसीपी सेंट्रल ने आज एक प्रेस वार्ता के दौरान खुलासा करते हुए बताया कि फरीदाबाद के जाने माने उद्योगपति अश्वनी पंचाल रोजाना की तरह जब दिन के समय अपने ऑफिस के कार्यो में व्यस्त थे उसी टाइम उनके फ़ोन कि घंटी बजी, जैसे ही उन्होंने मोबाइल पर आई हुई कॉल को रिसीव किया तो काल करने वाले ने अपने आप को गूंज गैंग का सदस्य बतलाया और कहा कि अपने बेटे की सलामती चाहते हो तो 50 लाख रूपये का इंतजाम कर लो नहीं तो जो होगा उसके लिए तुम स्वयम जिम्मेदार होगे।

डर के मारे शिकायतकर्ता ने तुरंत बिना देरी किये ये मामला पुलिस के संज्ञान में ला दिया जिस पर मुकदमा न० 720 दिनांक 12.07.18 धारा 384/506 IPC थाना सेंट्रल फरीदाबाद में दर्ज किया गया।

शिकायतकर्ता की सुरक्षा पर सावधानी बरतते हुए उन्हें सेक पर्सनल गनमैंन दे दिया ताकि उनकी और उनके परिवार की सुरक्षा की जा सके.

पुलिस कमिश्नर ने दिए थे सख्त कार्यवाही के निर्देश

पुलिस आयुक्त अमिताभ ढिल्लो ने इस मामले पर संज्ञान लेते हुये इसे अपराध शाखा सैक्टर 30 को सौंप दी और अपराधियों को जल्द पकड़ने के निर्देश दिए.

अपराध शाखा सेक्टर 30 इंचार्ज इंस्पेक्टर संदीप मोर ने DCP क्राइम फरीदाबाद IPS लोकेंदर सिंह जी के नेतृतव में एक स्पेशल टीम का गठन किया। टीम ने कड़ी मेहनत कर राहुल एवं सुशील पुरोहित नाम के दो आरोपियों को थाना मुझेसर ऐरिया मे मोबाइल स्नेचिंग केस में काबू किया।

पूछताछ पर दोनों आरोपियों ने बताया कि पूर्व में छीना गया मोबाइल उन्होंने अनिल और गुरुदत्त को बेचा है उनके द्वारा किए गए कन्फेशन के आधार पर गुरुदत्त (पुत्र गिरधारीलाल निवासी जवाहर कॉलोनी फरीदाबाद) और अनिल (पुत्र जितेंदर निवासी मकान पर्वतीय कॉलोनी फरीदाबाद) को काबू किया गया, गुरूदत रंगदारी केस के शिकायतकर्ता अश्वनी पंचाल का दूर का रिश्तेदार है और अनिल गुरुदत का दोस्त है। दोनो आरोपियों को रगंदारी मांगने के केस में गिरफ्तार किया गया है।

पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने बतलाया की हम दोनों नोएडा स्थित एक प्राइवेट लिमिटेड फर्म मे असिस्टेंट जनरल मैनेजर एवं डिप्टी मैनेजर के पद पर नियुक्त है।

अनिल ने गहन पूछताछ के बाद यह भी बताया कि वह काफी समय से क्राइम पेट्रोल, सावधान इंडिया व CID जैसे सीरियल जोकि हमें समाज में फैल रहे क्राइम एवं उससे बचने के तरीकों के बारे में अवगत कराते हैं को समय समय पर देखता रहता था।

इसी के चलते उसके मन में यह विचार आया और अपने एरिया में यह पता लगाया कि यहा पर चलते फिरते राहगीरों से मोबाइल फ़ोन कौन छीनता है।

अनिल ने बताया कि – इसके बाद उसनें राहुल से एक छीना हुआ मोबाइल खरीदा, सिम भी राहुल से खरीदा और बिना बिल वाला मोबाइल दिल्ली में चोर बाजार गफ्फार मार्केट से खरीदा. इतना तामझाम इसलिए किया ताकि पुलिस वारदात का ना सुलझा सके.

लिव फॉर नेशन संस्था का अध्यक्ष है अनिल कौशिक

आरोपी अनिल ने यह भी बतलाया कि उसने लिव फॉर नेशन नाम से एक संस्था बना रखी है जिसका अध्यक्ष स्वयं आरोपी अनिल है। उसे पहले से इस बात का पता था कि शिकायतकर्ता अश्वनी एक सामाजिक व धार्मिक आदमी है जो धर्म इत्यादि के नाम पर पहले भी दान पुण्य करने में सबसे आगे रहता है क्यों ना इसको थोड़ा सा डरा-धमकाकर इस से पैसे ऐंठ लिये जाए और उन्हीं पैसों से चार पांच गाड़ियां खरीदकर गौ रक्षा दल के लिए फरीदाबाद शहर में लगा दी जाए जिससे मेरा नाम पूरे फरीदाबाद शहर में चमक जाएगा।

अपने रिश्तेदार गुरुदत्त को भी किया वारदात में शामिल

अनिल ने इसके बाद अपने दोस्त गुरुदत्त जोकि अनिल का दूर का रिश्तेदार है की मदद ली और अश्वनी कुमार को धमकी देते हुए कहा कि अगर 50 लाख रुपये नहीं दिए तो तेरे बेटे को उठा लेंगे. दोनों बदमाशों का चालाकी काम नहीं आयी और संदीप मोर की टीम ने दोनों को दबोच लिया. दोनों से मोबाइल फोन बरामद करके उन्हें जेल भेज दिया गया है.

पुलिस टीम: इंस्पेक्टर संदीप मोर, सब इंस्पेक्टर रविंदर कुमार, Asi सुभाष, Asi नरेंद्र कुमार, सिपाही मनोज कुमार, सिपाही अंशुल, सिपाही परवीन.