10 महीनें दौडभाग करके बहुत परेशान हुई किडनैप-गैंगरेप पीड़िता, आखिरकार 10 लोगों के खिलाफ हुई FIR

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फरीदाबाद: 10 महीनें पहले 25.09.2017 को सेक्टर-8, मकान नंबर-1853 में लूटपाट और मारपीट करने और त्रिखा कॉलोनी के मकान नंबर F-60 में पीड़िता को 8 दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ गैंगरेप करने और अश्लील वीडियो बनाने के मामले में आखिरकार 10 महीनें बाद बल्लभगढ़ महिला पुलिस थाने ने FIR दर्ज कर ली है, इस मामले में 10 लोगों को नामजद किया गया है, आज कोर्ट में पीडिता का बयान वेरीफाई किया गया.

FIR No. 0061, Date: 14 अगस्त 2018, थाना – बल्लभगढ़ महिला थाना

इस मामले में अपरहरण की साजिश रचने, मारपीट करने, बंधक बनाने और गैंगरेप एवं अश्लील वीडियो बनाने में 10 लोगों को नामजद किया गया है जिनके नाम निम्नलिखित हैं –

1. रतन, 2. ताराचंद, 3. दीपक, 4, विनोद, 5. देशराज, 6. ब्रह्मजीत, 7. हरिकिशन, 8. कृष्णपाल, 9. गीता (कृष्णपाल की पत्नी) 10. नाथू, 11. चार-पांच अन्य

पीड़िता ने बताया कि उसे एवं उसके पति जोगिन्दर को सेक्टर-8 में किशनपाल ने अपने मकान नंबर-1853 में बुलाकर उसके 17 लाख रुपये एवं अन्य सामान छीन लिए, अपने गुंडों और परिवार वालों के साथ मिलकर उसे मारा पीटा. इसके बाद उसे एवं उसके पति को वहां से अपहरण करके मकान नंबर F-60, त्रिखा कॉलोनी में लाया गया. पहले दोनों को एक ही कमरे में बांधकर रखा गया था. दोनों को मारने का प्लान बनाया गया, इसके बाद दोनों को अलग अलग कमरे में बंद कर दिया गया. जोगिन्दर किसी तरह से अपने कमरे से भाग निकला लेकिन इस दौरान मेरे साथ दीपक एवं रतन ने गैंगरेप किया और विनोद ने वीडियो बनायी.

जोगिन्दर ने वहां से भागने के बाद पुलिस से अपनी पत्नी को छुडाने में मदद मांगी लेकिन कोई उसकी मदद को तैयार नहीं हुआ. यहाँ तक कि 100 एवं 1091 पर फोन करने पर भी उसकी मदद नहीं की गयी और उसकी पत्नी को बंधन से आजाद नहीं कराया गया. अग्रसेन चौकी वाले आये तो उन्होंने जबरजस्ती बयान लेने की कोशिश की उन्होंने कहा – वीडियो में बोलो, तुम्हें यहाँ पर कोई परेशानी नहीं है. पीडिता के मना करने पर वे लोग भी वहां से चले गए और उसे आजाद नहीं करवाया.

इसके बाद जोगिन्दर तत्कालीन ACP क्राइम, राजेश चेची से मिले, उन्होंने तुरंत सेक्टर 65 क्राइम ब्रांच को फोन किया और क्राइम ब्रांच की टीम ने पीडिता को आजाद कराया. क्राइम ब्रांच वालों ने पीडिता की दयनीय हालत देखते हुए अग्रसेन पुलिस चौकी वालों को उसका मेडिकल कराने की सलाह दी लेकिन अग्रसेन चौकी वालों ने पीडिता का मेडिकल नहीं करवाया.

इसके बाद पीडिता और उसका पति न्याय के लिए इधर से उधर भटकते रहे, दो बार तत्कालीन पुलिस कमिश्नर हनीफ कुरैशी से मिले, उन्होंने कार्यवाही का भरोसा दिया लेकिन कुछ नहीं हुआ, उसके बाद वह वर्तमान पुलिस कमिश्नर अमिताभ सिंह ढिल्लों से मिली, उन्होंने जांच का भरोसा दिया लेकिन कुछ नहीं हुआ. इसी सब में 10 महीना बीत गया.

हाल ही में मीडिया ने जब इस मामले को उठाया तो बड़े अधिकारियों के आदेश पर बल्लभगढ़ महिला थाने ने FIR दर्ज की है. इस मामले में 10 को नामजद किया गया है जबकि 4-5 अन्य लोग अज्ञात हैं.

FIR No. 0061 में धाराएं: IPC 1860, 323, 34, 342, 376D, 379A, 506.

पुलिस कर चुकी है मामले को 10 महीनें लेट

फिलहाल यह मामला बल्लभगढ़ महिला थाने में है. पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास करेगी क्योंकि इस मामले में पहले ही 10 महीनें की देरी की जा चुकी है. पीडिता ने कोर्ट में इसकी जांच क्राइम ब्रांच में ट्रान्सफर करने की मांग की थी जिसे जल्द ही मंजूर किया जा सकता है.

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