मुझे चाहे फांसी पर चढ़ा दे सरकार, महाराणा प्रताप भवन किसी भी कीमत पर नहीं हटेगा: उपदेश राणा

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नई दिल्ली: सहारनपुर में भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष कमल वालिया के भाई सचिन वालिया हत्याकांड में राष्ट्रवादी नेता उपदेश राणा और उनके तीन साथियों को भी आरोपी बनाया गया है. पीड़ित पक्ष की मांग है कि उपदेश राणा सहित सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाए और सहारनपुर से महाराणा प्रताप भवन को हटाया जाए. उपदेश राणा और उनके साथियों के खिलाफ धारा 302 और SC-ST लगाई गयी है हालाँकि घटना के दिन उपदेश राणा 1500 किलोमीटर दूर नागपुर में महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम में थे.

उपदेश राणा ने आज फेसबुक लाइव पर अपना पक्ष रखते हुए कहा कि मेरे ऊपर फर्जी आरोप लगाया गया है, मैंने फेसबुक वीडियो में सिर्फ इतना कहा था कि मैं सभी हिन्दुओं का सम्मान करता हूँ लेकिन उन भीमटों का सम्मान नहीं करता तो राष्ट्र के खिलाफ बोलते हैं और महाराणा प्रताप की जयंती के खिलाफ नोटिस देते हैं.

उपदेश राना ने कहा कि मैं कानून का सम्मान करता हूँ और हर तरह से जांच में सहयोग देने के लिए तैयार हूँ लेकिन प्रशासन और सरकार से कहना चाहता हूँ कि भले मुझे फांसी पर चढ़ा दो या जेल में डाल दो लेकिन सहारनपुर से महाराणा प्रताप भवन किसी भी कीमत पर नहीं हटेगा, देश के महापुरुषों का अपमान बर्दास्त नहीं किया जाएगा और उनपर राजनीति को बर्दास्त नहीं किया जाएगा,

उत्तर प्रदेश पुलिस के इस कदम से उपदेश राणा दुखी हैं, उन्होंने फेसबुक पर कहा – आप घटनास्थल से 1500 किलोमीटर दूर बैठे हो, और आप पर 302 और एससी एसटी एक्ट का मुकदमा दर्ज हो जाए, तो पीड़ा क्या होती है, यह मुझे बताने की आवश्यकता नहीं है, आप खुद महसूस कर सकते हैं, लेकिन मैं आखरी सांस तक, इस अन्याय के खिलाफ लडूंगा, यह आप पर निर्भर करता है, कि आप कितना साथ देते हैं, क्योंकि यह जंग आप सभी के लिए ही है.

उपदेश राणा ने कहा कि ये कहाँ का न्याय है, कैसा कानून है, मैं कानून का सम्मान करता हूँ, हो सकता है कि लॉ एंड आर्डर की वजह से हम लोगों का नाम मामले में डाल दिया गया होगा, लेकिन सवाल तो बनता ही है.

उपदेश राणा ने कहा कि मुझे इस मामले में आपका समर्थन नहीं चाहिए बल्कि आप लोगों से मुझे साहस और हिम्मत चाहिए. अगर मेरे गले में फांसी का फंदा भी होगा तो मुस्कान होगी, डर नहीं होगा, बस इतना जरूर है कि मेरे दिल में कसक जरूर रहेगी कि मैं देश के लिए अधिक काम नहीं कर पाया और बहुत पहले जा रहा हूँ.

उपदेश राणा ने कहा कि पुलिस इस मामले की जांच करे और अगर उन्हें लगे कि मुझपर धारा 302 बनती है, तो लगाएं, अगर उन्हें लगे कि मुझपर लगी धारा 302 सही है तो मुझे फोन करके बुला लें, मैं आकर गिरफ्तारी दे दूंगा.