अगर हिन्दू जागरूक एवं संगठित रहा तो आसुरी शक्तियों के इरादे सफल नहीं होंगे: अजय कुमार RSS

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फरीदाबाद: समाज की मजबूती एवं देश की चमक प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य बनना चाहिए. इस पुनीत कार्य के लिए हिन्दुत्व से बेहतर कोई अन्य व्यवस्था नहीं है. हिंदुत्व कोई मजहब अथवा संकीर्ण अवधारणा नहीं बल्कि विश्व की सबसे बेहतर जीवन पद्धति है. यह हमारा सौभाग्य है कि हम हिन्दुस्थान में जन्मे और हिंदुत्व का अंग बने. हिंदत्व भारत में गर्व का विषय है, न कि शर्म अथवा पिछड़ेपन का प्रतीक. हमें अपनी भाषा, खान पान, रहन सहन आदि पर गर्व करना चाहिए और अंग्रेजियत का पिछलग्गू नहीं बनना चाहिए. क्योंकि पिछलग्गू समाज कभी भी विश्व का नेतृत्व नहीं कर सकता.

उक्त विचार रविवार को नीमका गाँव स्थित खेल परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा आयोजित कार्यक्रम ‘सप्त संगम – 2018’ में संघ के उत्तर क्षेत्र बौद्धिक प्रमुख अजय कुमार ने व्यक्त किये.

उन्होंने कहा कि प्रकृति की पूजा हिंदुत्व के मूल में है. हिंदुत्व का उद्देश्य मानव सभ्यता के विकास और मानवीय जीवन शैली को बेहतर बनाने पर ही केन्द्रित रहा है. आज अनेक आसुरी शक्तियां जाति, मजहब, क्षेत्र व भाषा के नाम पर हिंदुत्व की व्यवस्था को प्रदूषित करने, अपने परम पुनीत भारत राष्ट्र को तोड़ने व अस्थिर करने का कुप्रयास कर रहीं हैं. लेकिन अब हिन्दू जाग रहा है, संगठित हो रहा है. जागृत एवं संगठित हिन्दू शक्ति के होते इन आसुरी शक्तियों के इरादे कभी सफल नहीं होंगे. उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वजों ने इस देश की सभ्यता एवं संस्कृति की रक्षा के लिए अनेक बार आसुरी शक्तियों से युद्ध किये, उन्हें परास्त किया और उन्हीं के बलिदानों के फलस्वरूप आज हमारा देश विश्व में सिर उठा कर खड़ा है और पुनः विश्व गुरु बनने की ओर अग्रसर है. इस इक्कीसवीं सदी में भारत विश्व की एक बड़ी महाशक्ति के रूप में स्थापित होगा. इसके लिए आवश्यक है कि हम सभी जातिवाद, क्षेत्रवाद, भाषा एवं मजहबी भेदभाव भुलाकर राष्ट्रहित में एक हों.

कार्यक्रम में भारी संख्या में स्वयंसेवक पूर्ण गणवेश ( काली टोपी, सफ़ेद कमीज, खाकी पैंट, बेल्ट, खाकी जुराव, काले जूते, दंड ) में उपस्थित थे. स्वयंसेवकों द्वारा योग, व्यायाम, आसन्न, पद विन्यास, दंड प्रयोग, दंड युद्ध, नियुद्ध ( करांटे ), खेल एवं घोष का प्रदर्शन किया गया. जिले के सभी गाँवों से भारी संख्या में महिला एवं पुरुष इस कार्यक्रम में सम्मिलित हुए. आयोजकों द्वारा प्रयास किया गया था कि कार्यक्रम में जिले के सभी गाँवों का प्रतिनिधित्व हो, जिले का एक भी गाँव न छूटे.

कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत मेजर विजय कुमार ने की. अध्यक्षीय आशीर्वचन में मेजर विजय कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक वट वृक्ष के समान है जो समाज जीवन के भिन्न भिन्न क्षेत्रों में अनेक प्रकार के सेवा कार्यों का संचालन करता है. संघ सदैव प्यार, त्याग और बलिदान की भावना का निर्माण करता है. संघ का 92 वर्षों का इतिहास प्रेरणादायी है. संघ स्वयंसेवकों के अनुशाशन को मैं सलाम करता हूँ.

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