केंद्र सरकार ने जारी की ‘फेक न्यूज़’ पर गाइडलाइन, कांग्रेस पार्टी में मचा हडकंप

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नई दिल्ली: देश में फेक न्यूज़ की बाढ़ आ गयी है, पत्रकारों को पैसे देकर राजनीतिक पार्टियाँ फेक न्यूज़ लिखवा रही हैं, बड़े बड़े पत्रकार भी फेक न्यूज़ लिखते हैं, हाल ही में खबर आयी थी कि कांग्रेस पार्टी ने 60-70 पत्रकारों को फेक न्यूज़ लिखने के लिए हायर किया था और इसकी रूपरेखा कैम्ब्रिज एनालिटिका ने तैयार की थी.

फेक न्यूज़ से देश के लोगों को भ्रमित किया जाता है, इसलिए केंद्र सरकार के सूचना प्रसारण मंत्रालय ने फेक न्यूज़ पर लगाम लगाने के लिए दिशा निर्देश दिए हैं. अब पहली बार फेक न्यूज साबित होने पर पत्रकार की 6 महीने तक मान्यता रद्द हो जाएगा, दूसरी बार फेक न्यूज पर 1 साल और तीसरी बार फेक न्यूज साबित होने पर हमेशा के लिए मान्यता रद्द कर दी जाएगी.

सरकार ने यह भी कहा है कि अगर किसी जर्नलिस्ट ने जान बूझकर गंभीर हालात पैदा करने वाली फेक न्यूज़ पोस्ट की तो उसकी सदस्यता हमेशा के लिए रद्द कर दी जाएगी.

केंद्र सरकार के एक्शन से कांग्रेस पार्टी में हडकंप मच गया है, इसे फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन के खिलाफ बताया जा रहा है जबकि कांग्रेस ने हाल ही में पोस्ट कार्ड न्यूज़ के चीफ एडिटर महेश विक्रम हेगड़े को फेक न्यूज़ मामले में गिरफ्तार किया था, उस समय उन्हें फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन की याद नहीं आयी, अब मोदी सरकार कार्यवाही कर रही है तो उन्हें फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन की याद आ रही है.

देखिये कांग्रेस नेता और रॉबर्ट वाड्रा के जीजा तहसीन पूनावाला क्या लिख रहे हैं – सरकार का फेक न्यूज़ डालने वाले जर्नलिस्टों को सस्पेंड करने का यह कदम काफी परेशान करने वाला है, यह फ्रीडम ऑफ़ एक्सप्रेशन पर सबसे बड़ा प्रहार है.