दलितों के साथ अन्याय नहीं होने देगी मोदी सरकार, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ झोंकी पूरी ताकत

modi-sarkar-fight-for-dalits-in-supreme-court-order-against-sc-st-act

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में SC/ST Act में बदलाव का आदेश दिए थे जिसके मुताबिक़ SC/ST Act के तहत दर्ज हुए मामलों में तुरंत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गयी थी, सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि इस मामले में पहले जांच होनी चाहिए और उसके बाद ही गिरफ्तारी होनी चाहिए लेकिन दलितों को यह मंजूर नहीं है. सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में अग्रिम जमानत का भी प्रावधान कर दिया.

बात दरअसल यह है कि भारत में दलितों को जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित किया जाता है, ऊंची जातियों के घमंडी लोग अक्सर दलितों को उनकी जाति के नाम पर चिढ़ाते हैं, उनका अपमान करते हैं. हमारे संविधान ने SC/ST Act का कानून इसीलिए बनाया था ताकि ऊंची जातियों के लोग दलितों को जातिसूचक शब्द बोलकर अपमानित करने से पहले 100 बार सोचें.

अगर कानूनों को ढीला कर दिया गया तो ऊंची जातियों के लोगों का मनोबल फिर से बढ़ जाएगा, SC/ST Act को लेकर उनका डर ख़त्म हो जाएगा, दलितों को फिर से उनकी जाति बोलकर चिढ़ाया जाएगा, जब उनके खिलाफ SC/ST Act के तहत मामला दर्ज होगा तो वे अग्रिम जमानत लेकर आजाद हो जाएंगे.

मोदी सरकार भी इस बात को भली भाँती समझती है इसलिए दलितों को उनका हक दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पूरी ताकत के साथ उतर गयी है, केंद्र सरकार ने कल सुप्रीम कोर्ट में अपने आदेश के खिलाफ पुनर्विचार याचिका डाली, आज अटोर्नी जनरल ने जोरदार बहस की और कहा कि इस मामले की सुनवाई ओपन कोर्ट में होनी चाहिए ताकि लोग देख सकें और सच्चाई को समझ सकें. सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार की बात मानने पर राजी हो गया है, अगर सुप्रीम कोर्ट ने इस आदेश में सुधार नहीं किया और SC/ST Act में बदलाव के आदेश को वापस नहीं लिया तो केंद्र सरकार राष्ट्रपति के जरिये आदेश ओ रद्द करवा सकती है.