कांग्रेस, बसपा, सपा के बाद 2017 में BJP में आये थे कुलदीप सिंह सेंगर, पीते हैं घाट घाट का पानी

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उन्नाव: बीजेपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की वजह से बीजेपी की छवि को बहुत बड़ा नुकसान रहा है. कुलदीप सिंह को भले ही बीजेपी विधायक बताया जा रहा है लेकिन वह इसके पहले कांग्रेस, बसपा और सपा में भी रह चुके हैं. वह 2017 चुनाव से पहले ही मोदी की लहर देखकर सपा से भागकर भाजपा में आ गए थे और अब उनकी वजह से बीजेपी को माफियाओं की पार्टी कहा जा रहा है. कुलदीप सिंह सेंगर को घाट घाट का पानी पीने की आदत है, जिस पार्टी की लहर देखते हैं उसमें शामिल हो जाते हैं और अपने दागों को छुपा लेते हैं लेकिन योगी सरकार में उनके दाग नहीं छुप पाए और उन्होंने बीजेपी में भी दाग लगा दिया. योगी सरकार ने पिछले एक वर्ष में बदमाशों का एनकाउंटर करके जो छवि बनायी थी, उसे कुलदीप सिंह सेंगर ने मिटटी में मिला दिया.

कुलदीप सिंह सेंगर के बारे में कहा जाता है कि उन्नाव में उनका इतना बड़ा प्रभाव है कि कोई उनके सामने चूं भी नहीं कर सकता, जिस दिन गैंगरेप पीडिता के पिता गाँव में पीटा जा रहा था उस दिन पुलिस भी मौके पर मौजूद थी लेकिन किसी ने विधायक के आदमियों को रोकने की कोशिश नहीं की, पिटाई के बाद पीडिता के पिता को पुलिस हिरासत में ले लिया गया जहाँ पर उनकी मौत हो गयी. पिटाई के बाद उनका इलाज किया जाना था लेकिन पुलिस ने हिरासत में लेकर उन्हें इलाज से दूर रखा और उनकी मौत हो गयी.

फुलहाल गैंगरेप की पुष्टि नहीं हो पायी है लेकिन जिस प्रकार के ऑडियो और वीडियो जारी हो रहे हैं, पीडिता के पिता का अस्पताल में पुलिस की मौजूदगी में अंगूठे का निशान लिया जा रहा है, विधायक जी धमकी दे रहे हैं, उससे इतना तो साबित हो रहा है कि इलाके में विधायक की दबंगई है. बीजेपी की छवि खराब हुई है, विरोधियों को योगी सरकार के खिलाफ बोलने का मुद्दा मिल गया है.

कहने का मतलब ये है कि बीजेपी को दूसरी पार्टियों के नेताओं को अपनी पार्टी में शामिल करने से पहले उनका आपराधिक इतिहास जरूर देखना चाहिए, वरना ऐसे ही दाग लगते रहेंगे और मिटटी पलीद होती रहेगी. गैंगरेप की पुष्टि नहीं हुई है लेकिन जिस प्रकार से पीडिता के पिता को पीट पीटकर मारा गया है उससे कई बाते अपने आप साबित हो जाती हैं.