केजरीवाल सरकार की प्रस्तावित लैंडफिल के खिलाफ NGT जाएंगे कपिल मिश्रा

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नई दिल्ली: दिल्ली के विधायक कपिल मिश्रा ने केजरीवाल सरकार द्वारा प्रस्तावित लैंडफिल के खिलाफ नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल कोर्ट में जाने का फैसला किया है. इस लैंडफिल की वजह से लाखों लोगों को प्रदूषण का जहर पीना पड़ेगा. कपिल मिश्रा केजरीवाल सरकार के इस प्रस्ताव से नाराज हैं.

कपिल मिश्रा ने बताया कि इस मामले में वह आज उप-राज्यपाल अनिल बैजल से मिलेंगे, साथ ही NGT में इंटरवेंशन अपील दाखिल करेंगे, केस में अगली सुनवाई 3 मई को होनी है जिसमें कपिल मिश्रा शामिल होना चाहते हैं. याचिका में क्षेत्र के सभी RWA और सामाजिक संगठनों को शामिल किया जाएगा.

कपिल मिश्रा ने सेन्ट्रल पॉल्यूशन कण्ट्रोल बोर्ड और पूरी दिल्ली नगर निगम को चिट्ठी लिखकर विरोध जताया है, उन्होंने बताया कि प्रस्तावित लैंडफिल साइट यमुना रिवर बेड में है जहाँ घनी आबादी है जिसमें करीब 25 लाख की जनसँख्या सीधे प्रभावित होगी.

इसका सबसे अधिक असर सीलमपुर, मुस्तफाबाद, घोंडा व करावल नगर की जनता पर पड़ेगा. कपिल मिश्रा ने कहा कि किसी भी स्थिति में लैंडफिल का निर्माण नहीं होने देंगे.

क्या है मामला

जानकारी के मुताबिक DDA ने पूर्वी निगम को सोनिया विहार में 88 एकड़ और घोंडा गर्जन में 44.7 एकड़ जमीन दी है, हालाँकि, निगम की तरफ से 180 एकड़ जमीन लैंडफिल साइट के लिए मांगी गयी थी. दिल्ली के बीजेपी अध्यक्ष मनोज तिवारी भी इस लैंडफिल के खिलाफ हैं लेकिन केजरीवाल सरकार इसी स्थान पर लैंडफिल बनाने की जिद पर अड़ी है.