आसिफा हत्याकांड: काजल शिंगला ने रखे कुछ चौंकाने वाले तथ्य, पढ़ें और साजिश को समझें

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नई दिल्ली: युवा नेता काजल शिंगला ने कठुआ मामले में कई चौंकाने वाले तथ्य रखे हैं, वैसे अब मीडिया भी मानने लगी है कि आसिफा के साथ मंदिर में गैंगरेप नहीं हुआ था, उसकी कहीं अन्य स्थान पर हत्या करके मंदिर में फेंका गया था. कई युवा नेता कठुआ के रासना मंदिर में जाकर सच दिखा रहे हैं.

पूर्व में मीडिया चैनलों ने मंदिर के तहखाने में आठ दिन तक गैंगरेप की खबर चलाई थी जिसकी वजह से देश में हाहाकार मच गया लेकिन युवा नेताओं ने कठुआ जाकर दिखा दिया कि मंदिर में कोई तहखाना नहीं है और मंदिर में किसी को छुपाने की जगह ही नहीं है, यही नहीं मंदिर के बाहर से ही अन्दर का पूरा नजारा देखा जा सकता है.

काजल शिंगला ने ये रखे तथ्य

  1. घटना जम्मू के कठुवा में संभवतः जनवरी में घटित हुई। ये मुद्दा 3 महीने बाद उठा।
  2. जम्मू का यह इलाक़ा कश्मीर घाटी के विपरीत शांत और हिन्दू बहुल है।
  3. आसिफा बंजारा प्रवृत्ति वाले बकरवाल मुस्लिम समुदाय से थी। उसके माता-पिता का निधन हो चुका था और वह अपने रिश्तेदार के साथ रहती थी। उसके नाम थोड़ी पारिवारिक संपत्ति भी थी।
  4. कठुवा के इस इलाक़े में कुछ वर्षों से अवैध रोहिंग्या बसाहट हो रही है।
  5. मीडिया चैनलों के अनुसार जनवरी में आसिफा के लापता हो जाने के कुछ दिनों बाद आसिफा का शव मंदिर में पाया गया (जबकि शव मंदिर वाले रास्ते पर पाया गया था).
  6. पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची के साथ बलात्कार की घटना से इंकार किया गया।
  7. मंदिर आबादी के बीच है जहाँ कोई लॉक करने योग्य दरवाजा नहीं है। मंदिर हमेशा खुला रहता है, यहाँ रोज़ लोग आते हैं, यहाँ किसी को 8 दिनों तक बंधक बनाये रखना असंभव है।
  8. आसिफा के शरीर पर गीली मिट्टी लिपटी हुई थी, अर्थात् उसकी हत्या के पूर्व उसे मिट्टी पर लिटाया/घसीटा गया था। मंदिर मार्बल का है, जहाँ कीचड़ नहीं होता है, और पोस्टमार्टम में बताये गए मृत्यु के समय पर आसपास कहीं बारिश नहीं हुई थी। संभवतः आसिफा की हत्या कहीं और कर उसका शव कुछ समय पहले मंदिर में डाला गया।
  9. मंदिर जिस तरह आबादी के बीच है, संभव नहीं है कि वहां 8 दिनों तक शव सड़ता रहे और लोगों को पता न चले।
  10. घटना के बाद जब स्थानीय पत्रकार वहां पहुंचे तब रोहिंग्या लोगों ने उनके साथ मारपीट की।
  11. मीडिया के एक तबके ने घटना के साथ हिन्दू आरोपी और घटनास्थल के रूप में मंदिर शब्द विशेष रूप से उछाला।
  12. भाजपा के विधायकों ने राज्य सरकार से के CBI जाँच करने का केंद्र से अनुरोध करने को कहा।
  13. मुफ़्ती सरकार ने CBI जाँच का अनुरोध न करते हुए जाँच के लिए SIT का गठन कर दिया।
  14. कश्मीर में घटना के विरोध में आंदोलनों का नेतृत्व ग़ुलाम नबी आज़ाद के प्रमुख सहयोगी कर रहे हैं।
  15. जम्मू रीजन के पुलिस कर्मियों का नाम भी बलात्कारियों की लिस्ट में डाला गया ताकि जांच टीम में सिर्फ कश्मीर रीजन के (मुस्लिम पढ़े) अधिकारियों की नियुक्ति को उचित सिद्ध किया जा सके।
  16. SIT ने तुर्तफूर्त रिपोर्ट दी कि उस बच्ची को 8-9 दिन तक मंदिर के तहखाने में बन्द रखा गया । जबकि उस मंदिर में कोई तहखाना हैं ही नहीं।
  17. पुजारी ने अपने बेटे से भी बलात्कार करवाया और अपने भतीजे को 400 किलोमीटर से उस बच्ची का रेप करने बुलाया, ये डॉक्यूमेंट्री सिद्ध हो गया हैं कि बताये गए दिन वो लड़का घटनास्थल से 400 Km दूर अपने शहर में एक परीक्षा दे रहा था।
  18. बकरवाल मुस्लिम भारतीय सेना के प्रमुख सहयोगी हैं जो सेना के लिए दुर्गम स्थानों पर खच्चर पर लाद कर रसद पहुँचाने का काम करते हैं। कारगिल युद्ध में भी उनकी सेवा विशेष उल्लेखनीय है। अब उनमे भारतीय सेना और भारत के ख़िलाफ़ आक्रोश भड़काया जा रहा है।
  19. क्या आपको नहीं लगता कि सरकार को अस्थिर करने के लिए लंबे समय से षड्यंत्र चल रहे हैं ? कभी अवार्ड वापसी, कभी पटेल आरक्षण, कभी कोरेगांव हिंसा, कभी जुनैद, कभी अख़लाक़, कभी ऊना कभी लिंगायत ?
  20. आशिफ़ा का ये फ़ोटो उसके अपहरण / बलात्कार / हत्या से तुरंत पहले का हैं क्योंकि उसकी लाश इन्ही कपड़ों में पाई गई.
  21. अपराध से तुरंत पहले किसने उसकी फ़ोटो खींची। आजतक उसका यह एक ही फ़ोटो उपलब्ध हुआ हैं। मतलब फ़ोटो खींचने वाले को पता था कि उसके साथ क्या होने वाला हैं।

आपको बता दें कि आसिफा की हत्या के बाद एक वीडियो भी बनाया गया जिसमें कुछ लोग कह रहे हैं कि यही है वो बच्ची जिसके साथ उन जालिमों ने गलत काम किया है. इस वीडियो को पूरे इंडिया में फैला दो. ये वीडियो देखकर भी लग रहा है कि आसिफा को मारकर साजिशकर्ताओं ने हिन्दुओं, मंदिरों, देवी स्थान, हिंदुस्तान को बदनाम करने की साजिश रची है. स्थानीय लोग भी बता रहे हैं कि आसिफा की लाश को फेंकने के लिए रात में बुलेट से कुछ लोग मंदिर में आये थे और इससे पहले धमाका करके ट्रांसफार्मर उड़ा दिया गया था ताकि बिजली चली जाए और उन्हें कोई देख ना पाए.