विरोधियों के हंगामे से 23 दिन ठप्प रही संसद, इसलिए BJP-NDA का कोई MP नहीं लेगा सैलरी और भत्ता

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नई दिल्ली: बीजेपी और एनडीए सांसदों ने बड़ा फैसला किया है, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के हंगामे की वजह से संसद में 23 दिनों तक कोई भी काम नहीं हो पाया, रोजाना हंगामा होता रहा, कोई भी कानून पास नहीं हो सका, सारा समय व्यर्थ हो गया.

विरोधियों को जवाब देने के लिए बीजेपी और एनडीए सांसदों ने फैसला किया है कि वे 23 दिन की सैलरी और भत्ता नहीं लेंगे, मतलब काम नहीं तो पैसा नहीं. भले ही उन्हें विरोधी दलों की वजह से काम करने का मौका नहीं मिला लेकिन उन्होंने इसके बावजूद भी अपनी सैलरी और भत्ता लेने से इनकार कर दिया है.

बीजेपी नेता और संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने कहा है कि हमें काम करने के पैसे मिलते हैं, अगर हम काम नहीं कर पाते तो हमें जनता के पैसे लेने का भी अधिकार नहीं है इसलिए हम लोगों ने तय किया है कि 23 दिन की सैलरी और भत्ता नहीं लेंगे.

आपको बता दें कि काम ना होने पर अपनी सैलरी और भत्ता लेने से मना करना इतिहास में पहली बार हुआ है, अब तक सांसदों ने अपने सैलरी बढाने की मांग तो की है लेकिन सैलरी छोड़ने की कभी चर्चा नहीं हुई लेकिन मोदी सरकार में यह पहली बार हुआ है.