संबित का विस्फोट, मुजफ्फरनगर दंगे में किसी भी मुस्लिम पर केस नहीं, 850 हिन्दुओं पर केस, शर्मनाक

sambit-patra-exposed-akhilesh-yadav-muslim-tustikaran-muzaggarnagar-riot

नई दिल्ली, 22 मार्च: मुजफ्फरनगर दंगे पर आज बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता संबित पात्रा ने विस्फोटक खुलासा किया है. यह दंगा अखिलेश यादव की सपा सरकार में 2013 में हुआ था, दंगे के पहले दिन ही 16 हिन्दू मार दिए गए थे, उसके दूसरे दिन हिन्दुओं ने भी क्रोध दिखाया और करीब 10 मुस्लिम मारे गए.

संबित पात्रा ने बताया कि सपा सरकार में हुए इस दंगे में पहले दिन ही 16 हिन्दू मार दिए गए थे लेकिन किसी भी मुस्लिम पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, सिर्फ तीन मुस्लिम नेताओं पर मामला दर्ज हुआ, जब बाद में 10 मुस्लिम मारे गए तो 850 हिन्दुओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया.

संबित पात्रा ने बताया कि जब दंगे में अधिक हिन्दू मारे गए थे तो एक भी मुस्लिम पर मामला दर्ज क्यों नहीं हुआ वहीँ कम मुस्लिमों के मरने के बावजूद भी 850 हिन्दुओं, महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया. इनके खिलाफ राजनीति से प्रेरित होकर मामले दज किये गए थे.

केस हो सकते हैं वापस

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने हिन्दुओं के लिए बढ़िया काम किया है, सरकार ने मुजफ्फरनगर दंगे में 131 हिन्दुओं पर दर्ज केस वापस लेने की शुरुआत कर दी है. ये लोग काफी समय से कोर्ट कचहरी का चक्कर लगाकर परेशान हो रहे थे. योगी सरकार ने मुकदमों को ख़त्म करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

आपको बता दें कि क्षेत्र के सांसद संजीव बाल्यान ने इन मुकदमों को ख़त्म करने के लिए सरकार को पत्र लिखा था, योगी सरकार ने भी सांसद बाल्यान को निराश नहीं किया. यह पत्र 5 जनवरी को लिखा गया था लेकिन एक्शन अब लिया जा रहा है.

इन लोगों पर 24 मर्डर और मर्डर की कोशिश करने का गंभीर मामला भी दर्ज था, जिन लोगों पर मुकदमों को वापस लिया जा रहा है सभी हिन्दू हैं, बाल्यान का कहना है कि पूर्व सरकार ने राजनीतिक कारणों ने इन लोगों पर मुकदमा दर्ज करके अन्याय किया था लेकिन अब हमारी सरकार है तो इनके साथ न्याय होगा.

योगी सरकार के इस कदम पर विपक्षी दलों – सपा, बसपा और कांग्रेस ने कोहराम मचा दिया है. इन पार्टियों के नेताओं ने आरोप लगाया है कि योगी सरकार एक ख़ास धर्म को खुश करने की कोशिश कर रही है.