मोदी सरकार ने कर दिया किसानों को खुश, भड़काने वालों की मेहनत पर फिरेगा पानी, पढ़ें

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नई दिल्ली, 25 मार्च: इस समय मोदी सरकार के खिलाफ किसानों को भड़काने की होड़ मची है, हर विरोधी नेता मोदी सरकार के खिलाफ किसानों को भड़काकर 2019 में मोदी को दोबारा प्रधानमंत्री बनने से रोकना चाहता है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने सभी विरोधियों की मेहनत पर पानी फेर दिया है. मोदी पूरी कर्मठता के साथ किसानों की आय बढ़ाने के लिए काम कर रहे हैं. मोदी सरकार किसानों के लिए उनके नजदीक ही मार्केट खड़ी करने की नीति पर काम कर रहे हैं ताकि किसानों को अपनी पैदावार लेकर दूसरे राज्यों में ना जाना पड़े और उन्हें फसलों का उचित मूल्य मिल सके.

मोदी ने आज मन की बात कार्यक्रम में किसानों के लिए खुशखबरी सुनायी और विरोधी नेताओं के होश उड़ाए. उन्होंने कहा – इस साल के बजट में किसानों को फसलों की उचित क़ीमत दिलाने के लिए एक बड़ा निर्णय लिया गया है। यह तय किया गया है कि अधिसूचित फसलों के लिए MSP, उनकी लागत का कम-से-कम डेढ़ गुणा घोषित किया जाएगा।

मोदी ने कहा – अगर मैं विस्तार से बताऊँ तो MSP के लिए जो लागत जोड़ी जायेगी उसमें दूसरे श्रमिक जो मेहनत और परिश्रम करते हैं – उनका मेहनताना, अपने मवेशी, मशीन या क़िराए पर लिए गए मवेशी या मशीन का ख़र्च, बीज का मूल्य, उपयोग की गयी हर तरह की खाद का मूल्य, सिंचाई का ख़र्च, राज्य सरकार को दिया गया Land Revenue, Working Capital के ऊपर दिया गया ब्याज़, अगर ज़मीन lease पर ली है तो उसका किराया और इतना ही नहीं, किसान जो ख़ुद मेहनत करता है या उसके परिवार में से कोई कृषि -कार्य में श्रम योगदान करता है, उसका मूल्य भी उत्पादन लागत में जोड़ा जाएगा। इसके अलावा, किसानों को फसल की उचित क़ीमत मिले इसके लिए देश में Agriculture Marketing Reform पर भी बहुत व्यापक स्तर पर काम हो रहा है। गाँव की स्थानीय मंडियां, Wholesale Market और फिर Global Market से जुड़े – इसका प्रयास हो रहा है। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए बहुत दूर नहीं जाना पड़े – इसके लिए देश के 22 हज़ार ग्रामीण हाटों को ज़रुरी infrastructure के साथ upgrade करते हुए APMC और e-NAM platform के साथ integrate किया जाएगा। यानी एक तरह से खेत से देश के किसी भी market के साथ connect -ऐसी व्यवस्था बनाई जा रही है।