हिन्दू भूल गए 2014 से पहले वाला हाल, फिर से जातिवाद में बंटकर मार रहे अपने पैरों पर कुल्हाड़ी

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नई दिल्ली, 15 मार्च: हमें यह कहने में कोई संकोच नहीं है कि 2014 में हिन्दुओं ने एकजुट होकर मोदी को वोट दिया था लेकिन अब हिन्दू यह बात भूल गए हैं कि उन्होंने क्यों एकजुटता दिखाई थी. अब मोदी सरकार है इसलिए चार साल ने उन्हें वो परेशानी आयी नहीं है, अब उनके खिलाफ कोई दंगा-फसाद नहीं हो रहा है, अब हिन्दुओं को आतंकवादी बोलकर जेल में नहीं डाला जा रहा है इसलिए हिन्दू लोग भूल गए हैं कि 2014 से पहले उनका क्या हाल था. एक धर्म के लोग कितना हावी हो रहे थे. कितने दंगे फसाद हो रहे थे, उत्तर प्रदेश को पाकिस्तान बोला जाने लगा था, अब ऐसी कोई बात नहीं हो रही है इसलिए हिन्दू लोग भूल गए हैं कि पहले वह कितना परेशान रहते थे.

अब हिन्दू लोग वापस जातिवाद में उलझ रहे हैं, जातिवाद फिर से हावी है, दलित-मुस्लिम वोट एकजुट हो रहे हैं जबकि हिन्दू वोट आपस में बंट रहे हैं. अगर दूसरी पार्टियों की सरकार बनेगी और अगर फिर से पहले वाले हालात हो गए तो हिन्दू लोग फिर से एकजुट होंगे और पांच साल बाद बीजेपी को वोट देंगे लेकिन उन्हें पांच साल पछताना पड़ेगा.

मान लीजिये, भारत में सभी पार्टियाँ मिलकर बीजेपी को हरा देती हैं और मोदी को प्रधानमंत्री बनने से रोक देती हैं तो क्या होगा. देश में किसी एक पार्टी की बहुमत की सरकार नहीं बन पाएगी. सभी पार्टियाँ मिलकर सरकार बनाएंगी और मलाई खाने की कोशिश करेंगी, मलाई नहीं मिली तो समर्थन वापस लेने की धमकी देंगी. जनता का विकास रुक जाएगा क्योंकि सरकार बड़े फैसले नहीं ले पाएगी. पांच साल सभी पार्टियाँ एक दूसरे के पैर खींचेंगी, UPA-कांग्रेस की पूर्व 10 साल की सरकार के जैसे घोटाले होंगे. हो सकता है कि जनता का सरकारी खजाना फिर से लूट लिया जाय.

कहने का मतलब ये है कि एक पार्टी की सरकार बनाने से देश को अधिक फायदा होता है क्योंकि सरकार अपनी मर्जी से फैसले ले सकती है जैसे मोदी ने नोटबंदी और GST का लिया. दोनों फैसलों का देश को बहुत अधिक लाभ होने वाला है लेकिन अगर 2019 में मोदी सरकार नहीं आयी या बीजेपी की अल्पमत की सरकार बन गयी तो शिवसेना और TDP की तरह सभी पार्टियाँ मोदी के पैर खींचेंगी और उन्हें बड़े फैसले नहीं लेने देंगी, जैसा कि शिवसेना ने नोटबंदी और GST के फैसले में किया है. शिवसेना एक साल से बीजेपी को समर्थन वापस लेने की धमकी दे रही है लेकिन बीजेपी को बहुमत होने की वजह से सरकार नहीं गिर रही है, वरना अब तक मोदी की सरकार गिर गयी होती.

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