अन्ना का आन्दोलन फेल मतलब अच्छा काम कर रही है मोदी सरकार, अधिकतर युवा, किसान, जवान खुश

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नई दिल्ली, 29 मार्च: अन्ना हजारे के मोदी विरोधी आन्दोलन का आज छठा दिन था. अब तक अन्ना हजारे के आन्दोलन में तीन चार हजार से अधिक भीड़ नहीं आयी है. एक समय ऐसा लग रहा था कि अन्ना हजारे के आन्दोलन में बेरोजगार युवाओं, नाराज किसानों और जवानों की भीड़ टूट पड़ेगी, अन्ना हजारे मोदी सरकार को हिला देंगे लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ.

अन्ना हजारे के आन्दोलन से युवा पूरी तरह से दूर हैं, सिर्फ कुछ सामाजिक संगठनों के युवा फोटो खिंचवाने के लिए आन्दोलन में आ रहे हैं और कुछ देर रूककर, फोटो खिंचवाकर चले जाते हैं. अन्ना हजारे के आन्दोलन में ना तो किसान इंटरेस्ट ले रहे हैं, ना युवा इंटरेस्ट ले रहे हैं और ना ही जवान इंटरेस्ट ले रहे हैं जिसके मायने लगाए जा रहे हैं कि मोदी सरकार देश के लिए अच्छे काम कर रही है, युवाओं, जवानों और किसानों को अन्ना हजारे जैसे धरना देने वालों से अधिक प्रधानमंत्री मोदी पर भरोसा है.

आज अन्ना हजारे के आन्दोलन का छठा दिन था, भीड़ ना आने से अन्ना हजारे भी परेशान हैं, उनकी भी रिस्पेक्ट खराब हो रही है. भीड़ आ नहीं रही है, भीड़ ना आने से मीडिया भी उनके आन्दोलन को अधिक भाव नहीं दे रहा है, अन्ना का आन्दोलन पूरी तरह से फ्लॉप हो गया है.

अन्ना का आन्दोलन फ्लॉप होने से देश के यह सन्देश गया है कि मोदी सरकार देश के लिए अच्छे काम कर रही है. युवाओं को रोजगार मिल रहा है, अगर ऐसा ना होता तो मोदी से नाराज करोड़ों युवा आन्दोलन में टूट पड़ते और मोदी सरकार को उखाड़ फेंकते, इसी प्रकार अगर मोदी से किसान नाराज होते तो करोड़ों किसान अन्ना के आन्दोलन में कूद पड़ते और मोदी सरकार को उखाड़ फेंकते, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं है.