अब राजस्थान की BJP सरकार के खिलाफ आरक्षण आन्दोलन की शुरुआत करेगी करणी सेना और अन्य साथी

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जयपुर: ऐसा लगता है कि करणी सेना ने राजस्थान की बीजेपी सरकार को उखाड़ने का पूरा मन बना लिया है, पद्मावत आन्दोलन में पोल खुलने के बाद अब राजपूत करणी सेना ने अन्य संगठनों के साथ मिलकर बीजेपी सरकार के खिलाफ आरक्षण आन्दोलन की शुरुआत करने का ऐलान किया है.

कल अंतरार्ष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ के द्वारा पारीक कॉलेज ऑडिटोरियम में आरक्षण की समीक्षा पर एक संगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसमें श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना, वैश्य समाज, सिंधी समाज, कायस्त आदि समाज के संगठनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे ।

इस मीटिंग में तय किया गया कि समस्त सवर्ण जाति एकजुट होकर आर्थिक आधार पर सवर्ण को आरक्षण देने के आंदोलन को आरंभ करेगी.

संगोष्ठी में स्वर्ण के साथ वर्षों से हो रहे भेदभाव वोट बैंक की राजनीति पदोन्नति में आरक्षण तथा 3 मार्च को हुये विधानसभा घेराव के समय सरकार द्वारा किए गए वायदों पर चर्चा हुई संगोष्ठी में स्वर्ण समाज अपने ऊपर हो रही वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए आने वाले विधानसभा चुनाव में एकजुट होकर सांझा मोर्चा बनाने का ऐलान किया।

आपको बता दें कि करणी सेना और अन्य कांग्रेस समर्थक संगठन किसी भी कीमत पर राजस्थान से बीजेपी सरकार को उखाड़ फेंकना चाहते हैं, जिस प्रकार से गुजरात में पाटीदार आन्दोलन खड़ा किया गया और राजपूतों को बीजेपी के खिलाफ भड़काया गया उसी प्रकार की कहानी राजस्थान में भी शुरू हो गयी है.

यहाँ पर सवाल यह उठता है कि कांग्रेस शासित राज्यों में ऐसे आन्दोलन क्यों नहीं होते, क्या कांग्रेस सरकारों में सवर्ण नहीं हैं, क्या कांग्रेस शासित राज्यों में सवर्णों को आरक्षण दिया जा रहा है, अगर कायदे से कहें तो सवर्णों के लिए 50 रिजर्वेशन पहले से ही है जिसमें गरीबों के साथ साथ अमीरों को भी नौकरी मिलती है, ऐसे में यह आन्दोलन क्या सिर्फ सवर्णों को बीजेपी सरकार के खिलाफ भड़काने के लिए किया जा रहा है.