अगर कश्मीर में होते सिर्फ हिन्दू तो ना होता आतंकवाद, ना पत्थरबाज, ना जिहाद, जन्नत होता कश्मीर

if-only-hindu-live-in-kashmir-no-terrorism-separatism-stone-pelting

कश्मीर: पाकिस्तान बॉर्डर से सिर्फ कश्मीर नहीं लगा हुआ है बल्कि राजस्थान, गुजरात और पंजाब भी लगा हुआ है लेकिन आतंकवाद सिर्फ कश्मीर में क्यों है, आतंकवाद गुजरात, राजस्थान और पंजाब में क्यों नहीं है. पाकिस्तान अपने आतंकियों को गुजरात, पंजाब और राजस्थान के रास्ते भारत में क्यों नहीं भेजता, ऐसा इसलिए क्योंकि राजस्थान, पंजाब और गुजरात में हिन्दू हैं जो आतंकवादी नहीं होते. कश्मीर में पाकिस्तान के धर्म के लोग हैं इसलिए आतंकियों की मदद करते हैं और उनको रोटी पानी देते हैं इसलिए आतंकियों को कश्मीर में रहने में आसानी होती है.

आपको बता दें कि 1947 में धर्म के आधार पर भारत और पाकिस्तान का बंटवारा हुआ था, मुस्लिम पाकिस्तान चले गए जबकि हिन्दू भारत में रह गए. कश्मीर में पहले हिन्दू आबादी अधिक थी लेकिन वहां पर योजनाबद्ध जिहाद करके मुस्लिम आबादी बढ़ाई गयी और धीरे धीरे हिन्दुओं को वहां पर ख़त्म कर दिया गया. 1985 से 90 के बीच में करीब 5 लाख बचे हिन्दुओं को भी वहां से जबरदस्ती भगा दिया गया जबकि लाखों को मार दिया गया.

अगर कश्मीर में हिन्दू धर्म के लोग ही होते तो ना तो वहां पर आतंकवाद होता क्योंकि हिन्दू लोग पाकिस्तानी आतंकियों की मदद की नहीं करते, उन्हें अपने घरों में जगह ही ना देते इसलिए पाकिस्तानी आतंकी कश्मीर में घुसने की हिम्मत ही ना करते, इसके अलावा वहां पर अलगाववाद ना होता मतलब हिन्दू कभी भारत से अलग ही नहीं होना चाहता, इसके अलावा वहां पर स्कूलों में जिहाद और अलगाववाद ना पढ़ाया जाता और बच्चे सेना और पुलिस पर पत्थरबाजी ना करते, इसके अलावा अलगाववादी भी ना होते क्योंकि गुजरात, राजस्थान और पंजाब भी पाकिस्तान से लगा हुआ है लेकिन वहां पर कोई अलगाववादी नहीं हैं, पंजाब को जरूर खालिस्तान बनाने की साजिश की गयी लेकिन समय पर साजिश को फेल करके पंजाब को बचा लिया गया.

कहने का मतलब यह है कि कश्मीर में इसलिए आतंकवाद, जिहाद, पत्थरबाज और अलगाववाद है क्योंकि वहां पर हिन्दू नहीं हैं बल्कि मुस्लिम हैं. अगर कश्मीर में सिर्फ हिन्दू धर्म के लोग होते तो यह सब बीमारियाँ ना होतीं, कश्मीर दुनिया का सबसे खूबसूरत और शातं जगह होती. पूर्व में कश्मीर कश्यप ऋषि के नाम से जाना जाता था, वहां पर तपश्वी लोग तपस्या करने जाते थे, ऋषियों मुनियों की धरती थी कश्मीर, स्वर्ग था कश्मीर लेकिन आज कश्मीर नरक बना हुआ है, अगर वहां हिन्दू होते तो आज कश्मीर नरक ना होता.

LEAVE A REPLY