बॉबी कटारिया का दर्दनाक और रूह कंपा देते वाला पत्र, पुलिस टॉर्चर में क्या हुआ उसके साथ, पढ़ें

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गुरुग्राम: बॉबी कटारिया को 24 दिसम्बर को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार किया था, 8 दिन गुरुग्राम और फरीदाबाद पुलिस के रिमांड के बाद वह फरीदाबाद के नीमका जेल में बंद हैं, हर कोई जानना चाहता है कि पुलिस टॉर्चर में बॉबी कटारिया के साथ क्या क्या हुआ. उसके साथ पुलिस वालों ने किस तरह का व्यवहार किया. बॉबी कटारिया ने अपने साथ हुए टॉर्चर का खुलासा करते हुए एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने बताया है कि गुरुग्राम पुलिस ने उसके साथ किस तरह से टॉर्चर किया. उसकी आप बीती सुनने के बाद कमजोर दिल वालों की रूह कांप सकती है.

बॉबी कटारिया के पत्र के अनुसार उसे 24 दिसम्बर को टाइगर जिन्दा है फिल्म देखते हुए रात के 11 बजे गिरफ्तार किया गया था. उसे करीब 10-15 पुलिस कर्मियों ने फिल्म देखते हुए गिरफ्तार किया और उसे पिछले दरवाजे से पीटते हुए सेक्टर 9A पुलिस थाने ले गए. वहां पर SHO के कमरे में ही उसकी जमकर पिटाई की गयी.

उसके बाद उसे CIA सेक्टर 10 में भेज दिया गया. वहां के इंचार्ज नरेन्द्र चौहान ने उसे कपड़े उतारने के लिए कहा, उसका अंडर-वीयर भी उतरवाकर उसे निर्वस्त्र कर दिया गया और उसे खूब पीटा गया. नरेन्द्र चौहान ने उसे खाना ना देने का आदेश दिया, उन्होंने यह भी कहा कि बॉबी कटारिया को सोने ना दिया जाए.

बॉबी कटारिया ने बताया कि CIA इंचार्ज नरेन्द्र चौहान ने उसे पूरी रात खड़ा रहने को कहा और 2 लोगों को पहरे पर बिठा दिया, उन्हें आदेश दिया कि जैसे ही ये पलक झपकाए, इसके पैरों पर लट्ठ मारना. मैं सारी रात खड़ा रहा.

बॉबी कटारिया के पत्र के अनुसार रात भर उसे निर्वस्त्र करके खड़ा कर दिया गया, सुबह CIA वालों की भीड़ लगनी शुरू हुई, उसे कपडे पहनाये गए और सबने मिलकर उसे मारना शुरू कर दिया, उसे बहुत मारा गया, पूरे शरीर पर लात घूंसे बरसाए गए. उसे इतना पीटा गया कि उसकी नाम में खून आ गया. उसके बाद उसे फिर से निर्वस्त्र कर दिया गया.

बॉबी कटारिया के अनुसार उसे पुलिस रिमांड में हर टॉर्चर दिया गया जो आतंकवादियों को भी नहीं दिया जाता होगा. उसके पैरों को फैलाकर उसे असहनीय दर्ज दिया गया. उसके पैरों पर रोलर चलाया गया. लगातार 6 दिन तक उसके ऊपर हर टॉर्चर आजमाया गया.

बॉबी कटारिया ने यह भी लिखा है कि उसे पीने के लिए पानी भी नहीं दिया जाता था इसलिए वह बहना बनाकर टॉयलेट में जाता था और टॉयलेट की बोतल में रखा पानी पीकर अपनी जान बचाता था. इसी प्रकार से उसे 6 दिन तक टॉर्चर किया गया और उसके बाद उसे फरीदाबाद पुलिस की रिमांड में भेज दिया गया.

फरीदाबाद पहुँचने पर वहां पर भी उसे थप्पड़ मारे गए लेकिन उसके बाद CIA इंस्पेक्टर जीतेंद्र यादव ने उसके साथ अच्छा व्यवहार किया, उसे खाना भी दिया गया और सोने भी दिया गया. यही नहीं उसे पेन-किलर भी दिया ताकि उसके दर्द में आराम हो.

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