सिर्फ मजबूत दिल वाले पढ़ें, 8 दिन तक पुलिस रिमांड में बॉबी कटारिया के साथ क्या क्या टॉर्चर हुआ

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हर कोई जानना चाहता है कि गुरुग्राम पुलिस की रिमांड में युवा एकता फाउंडेशन के चीफ बॉबी कटारिया के साथ क्या क्या हुआ, उनके साथ कैसा टॉर्चर किया गया, उन्हें 8 दिनों के दौरान क्या क्या जुल्म झेलने पड़े. यह पत्र बॉबी कटारिया ने कई दिनों पहले लिखा था लेकिन इसकी सॉफ्ट कॉपी किसी ने नहीं देखी है, इसलिए हम यहाँ पर बताने जा रहे हैं कि बॉबी कटारिया ने अपने 11 पेज के पत्र में क्या लिखा है –

मैं बॉबी कटारिया S/O नरेंद्र कटारिया गाँव बसई आप सभी को पूरा सत्य बताऊंगा, दिसम्बर 2017 में जब से मुझे अरेस्ट किया गया है. उसी के बारे में लिख रहा हूँ. जो सिर्फ मुझे या पुलिस प्रशासन को पता है. मैं अपने परिवार के साथ फिल्म टायगर जिन्दा हैं रात के शो को देखने के लिए निकला था. इंटरवल होने के बाद 10 से 5 पुलिस कर्मी वहां आते हैं. मैं सबसे पीछे वाली सीट पर अपने बेटे और पत्नी के साथ बैठा होता हूँ. तभी मुझे एक पुलिस वाला YOU ARE UNDER AREST बोल कर मुझे सिनेमाहाल MGF गुरुग्राम से उठा लिया जाता है.

कोर्ट के समक्ष मैं सब बातें नहीं बता सका और न ही मुझे बोलने दिया गया, इसकी वजह नीचे लिखे हुए पत्र में स्पष्ट हो जाएगी, मुझे MGF मॉल से पीछे के रास्ते से पुलिस प्रशासन के व्यक्तियों नें उठाकर मेरी कमीज पकड़कर और दूसरी तरफ से दो पुलिस कर्मियों ने पैरों में लाठी डालकर ऊपर उठाकर ले जाते हैं. फिर मुझे पुलिसवालों ने MG METRO STATION पर खड़ी गाडी में डालकर और बीच रास्तें में ही मेरे साथ थप्पड़ घूंसे मारते हुए सेक्टर 9A थाना ले गए,

रात करीब दो बजे का वक्त था. सेक्टर 9A के थाने के इंचार्ज वहीँ थे. और उनके साथ और भी पुलिस कर्मी मौजूद थे. मुझे करीब सात या आठ पुलिस कर्मी इंचार्ज के रूम में ले गए, वहां मुझे बुरी तरीके से लात घूंसे मारे उसके तुरंत आधे घंटे बाद मुझे सेक्टर 17 CIA में भेज दिया गया, वहां जाते ही मुझे CIA के LOCKUP में बंद किया गया, और वहां के इंचार्ज नरेंद्र चौहान ने अपने सभी प्रशासन के व्यक्तियों को बोला कि इस BOBBY KATARIA को सोने नहीं दिया जाये,

उसी रात करीब 2:30 बजे रात LOCKUP से निकालकर मुझे CIA के कमरें में खड़ा कर दिया गया, वहां करीब 8 से 10 पुलिसकर्मियों की टीम थी. NARENDRA CHAUHAN इंचार्ज ने मुझे कपडे उतारने के लिए कहा और मैंने अपने सारे कपडे निकाल दिए थे, मैं सिर्फ अंडरवीयर में था.

लेकिन वहां के इंचार्ज ने मुझे अंडरवीयर भी उतारने को कहा, मुझे वो भी निलालना पड़ा. उसके बाद मेरे पीछे हाथ बांध दिए गए, और मुझे बैठने के लिए कहा. मैं बैठ गया, फिर टांग सीधी करवा दी गयी, बैठने के बाद उसके बाद वहां खड़े CIA टीम के एक व्यक्ति नें मेरे पीछे बैठ कर कुर्सी पर मेरे पीछे बंधे हाथों के अन्दर अपने पैरों को उसमें फंसा लिया, जिससे मैं हिल न सकूँ मुझे काफी दर्द हो रहा था. बुरी तरीके से कसकर रस्सियों में हाथ बंधे हुए थे.

उसके बाद जब मैं ज्यादा हिलने लगा तो मेरे सर के बाल खींचकर ऊपर गर्दन कर दी, उसके बाद 4 व्यक्तियों ने मिलकर मेरी टाँगें फाड़ी और मैं उस वक्त पसीने-पसीने होकर चिल्ला रहा था. मेरी ऐसी ही टाँगें उस वक्त भी फैला दी गयी जब मैं बैठा हुआ था जैसे एक टांग पूर्व में हैं और दूसरी टांग पश्चिम की की तरफ है. हमने अभी तक जो बताया है वो पहली रात कि बातें हैं.

उसके बाद मुझे सोने के लिए मना ही था CIA के इंचार्ज की तरफ से. मैं पूरी रात खड़ा रहा. मेरे लिए इंचार्ज साहब नरेंद्र चौहान ने अपने दो प्रशासन के व्यक्तियों को मेरी निगरानी करने के लिए कहा और उनको साफ़ बोला कि बॉबी कटारिया अगर आँख झपकाए तो इसके पैरों पे लठ मारना. मुझे नींद तो नही थी, टाँगें फाड़ने की वजह से पूरे निचले हिस्सें में दर्द की वजह से नींद नहीं थी आँखों में. मैंने उसी रात पानी माँगा बहुत ज्यादा प्यास लगी थी. लेकिन वहां के इंचार्ज नरेंद्र चौहान ने सबको कहा था. अगर ये पानी मांगे तो आधा घूंट से भी कम देना. मैंने वही जरा सा पानी पीके अपनी प्यास बुझाई. जैसे ही सुबह हुयी. जहाँ जिस कमरें में मुझे रखा गया था. वहां फिर से भीड़ CIA के कर्मचारियों की लगनी शुरू हो गयी. वहां करीब 10 से 12 प्रशाशन के कर्मचारी घेर कर खड़ा हो गए, और मुझे कपडे पहनने के लिए बोला.

लेकिन मुझे नहीं पता था मुझे कपडे क्यों पहनाये जा रहे थे. क्योंकि रात में ही इंचार्ज नें कपडे न पहनने के लिए कहा था उसके बाद वहां सब नें 10 से 12 CIA के व्यक्तियों नें मुझे घेरा और लात घूंसे थप्पड़ पता नहीं चल रहा था कौन किस जगह बिना देखे मारे जा रहे थे. करीब 8 से 10 मिनट तक बुरी तरह से पीटने के बाद मेरें नाक से खून आ गया, था और खून को मैंने वहीँ जमीन से पोंछ दिया था. शायद मेरी जीन्स पर भी पोंछा था. उसके तुरंत बाद मुझे फिर से NUDE कर दिया गया उस वक्त काफी घबराहट हो रही थी. और प्यास भी बार बार लग रही थी लेकिन मुझे पानी नहीं दिया गया.

उसके बाद सेम रात वाला सिस्टम हाथों को पीछे बांधा. और एक व्यक्ति ने फिर से पैर फंसाए और बालों को कस कर पकड़ा उसके बाद CIA के दो व्यक्तियों नें मेरे पैरों के ऊपर 90 से 100 किलोग्राम की मुस्ली लोहे की थी. जो मेरे THIGS पर रखी गयी. और वह लोग वहां उस पर दो व्यक्ति 90 से 100 किलोग्राम के दोनों खड़े हो गये. और नीचे बैठे 3 से 4 व्यक्तियों नें उसको घुमाघुमाकर चलाया THIGS पर, मैं चीख रहा था चिल्ला रहा था. लेकिन क्या करूँ कोई सुनने वाला नहीं था.

चार मिनट तक उस लोहे की मुसली को मेरे पैरों पर चलाया गया, मुझे ड्यूटी Majistrate के पास भी उनके घर ले जाया गया था. जहाँ उन्होंने मेरा रिमांड 4 दिन का बोला. बात sec17 CIA वालों नें रिमांड फोन की बरामदगी के तौर पर ली थी. जो की मेरा फोन MGF mall से ही बरामद किया जा चूका था. मुझे बिलकुल चुप रहने के लिए कहा गया था. मुझे सिविल हॉस्पिटल भी ले जाया गया था. जहाँ पर लेडीज डाक्टर नें मेरा मेडिकल किया था. मुझे फिर से sec17 CIA थाने में लाया गया मेरें पैरों से ठीक से चला नहीं जा रहा था.

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