सिद्धू ना बने मुख्यमंत्री, ना उप-मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने इन्हें म्यूजियम में बिठा दिया, खटाक!

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अमृतसर, 17 मार्च: पूर्व भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस के लिए अपनी इज्जत, मान मर्यादा सब कुछ लुटा दिया, बीजेपी छोड़ने के बाद इन्हें गद्दार कहा गया, सोशल मीडिया पर जमकर बदनामी हुई, इसके बाद भी उन्होंने कांग्रेस को पंजाब में जिताने के लिए सबकुछ एक कर दिया, उनके कांग्रेस में जाने के बाद ही पंजाब में कांग्रेस की लहर पैदा हुई, उन्होंने अकाली दल, बादल के खिलाफ सटीक और ताबड़तोड़ प्रहार किया, सिद्धू ने सोचा था कि उन्हें या तो पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, या उप-मुख्यमंत्री बनाया जाएगा या कोई बड़ा मंत्रालय दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, उन्हें सबसे छोटा मंत्रालय देकर किनारे कर दिया गया।

नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब सरकार में लोकल गवर्नमेंट, टूरिज्म एंड कल्चरल अफेयर्स, आर्चीव्स एंड म्यूजियम मंत्रालय देकर किनारे कर दिया गया है, उन्हें ना तो वित्त मंत्रालय दिया गया, ना तो गृह मंत्रालय दिया गया, ना सिचाई मंत्रालय दिया गया, ना PWD मंत्री बनाया गया और ना पॉवर मंत्री बनाया गया और ना ही शिक्षा मंत्री बनाया गया। अब नवजोत सिंह सिद्धू अमरिंदर सिंह के किसी भी काम में इंटरफेयर नहीं कर सकते, किसी काम का विरोध नहीं कर सकते, किसी को सजा नहीं दिला सकते, बादलों का कुछ नहीं कर सकते।

चुनावों से पहले सिद्धू ने बड़ी बड़ी बातें कहीं थीं, उन्होंने कहा था – दादा कुर्सी छोड़ दे, अब जनता आ रही है, जनता कहाँ आयी, मुख्यमंत्री तो अमरिंदर सिंह बन गए जो पहले भी पांच साल मुख्यमंत्री थे। सिद्धू को कांग्रेस में जाने के बाद पहला झटका लगा है, अब आगे देखना है कि वे पंजाब के भले के लिए क्या कर पाते हैं वैसे तो उन्हें पंजाब का भला करने के लिए कोई पॉवर ही नहीं दी गयी है। खटाक।