11 January, 2017

अब आहार विशेषज्ञ रखेंगे जवानों के भोजन की गुणवत्ता पर नजर: किरण रिजिजू

अब आहार विशेषज्ञ रखेंगे जवानों के भोजन की गुणवत्ता पर नजर: किरण रिजिजू

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गुवाहाटी, 11 जनवरी: केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को कहा कि देश की सीमा के पास स्थित सभी चौकियों पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों को परोसे जा रहे भोजन की गुणवत्ता पता करने के लिए सरकार ने आहार विशेषज्ञों की टीमें भेजी हैं। केंद्रीय राज्य मंत्री का आश्वासन सोशल मीडिया में वायरल हुए एक जवान के उस वीडियो के संदर्भ में आया जिसमें सीमा पर तैनात जवानों को खराब भोजन परोसे जाने का अरोप लगाया गया है।

राज्य भर में डिजिटल लेनदेन को लोकप्रिय बनाने के लिए असम सरकार द्वारा आयोजित कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से बातचीत करते हुए रिजिजू ने कहा, "जवान और उनके भोजन व सुविधा सरकार की पहली प्राथमिकता हैं। हमने मामले को गंभीरता से लिया है।"

उन्होंने कहा, "मामले की जांच के लिए हमने सीमा सुरक्षा बल के एक ब्रिगेडियर स्तर के अधिकारी और एक महानिरीक्षक स्तर के अधिकारी को पहले ही नियुक्त कर दिया है।"

कुछ दिनों पहले सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के एक जवान तेजबहादुर यादव ने कुछ सोशल नेटवर्किं ग साइट पर एक वीडियो अपलोड किया था और आरोप लगाया था कि जवानों को खराब गुणवत्ता के भोजन परोसे जाते हैं।

रिजिजू ने कहा, "कुछ सोशल नेटवर्किं ग साइट पर जारी वीडियो अभी सत्यापित नहीं हुआ है। हमने वीडियो की जांच और उसकी सत्यता का पता लगाने के लिए पहले ही एक जांच का गठन कर दिया है।"

उन्होंने कहा, "साथ ही, दुर्गम सीमाओं पर तैनात हमारे जवानों को परोसे गए भोजन की गुणवत्ता का पता लगाने के लिए एक जांच का आदेश दिया गया है। इसके अलावा हमने आहार विशषज्ञों की टीम भी तैनात की है जो सीमाओं के पास स्थित सुरक्षा बलों की चौकियों का दौरा करेंगे।"

उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे अपलोड किए गए वीडियो को मुद्दा नहीं बनाएं, क्योंकि उसकी सत्यता प्रमाणित होना अभी बाकी है।

उन्होंने कहा, "हमें आरंभिक रपट मिली है, लेकिन हम इसका खुलासा तभी कर सकते हैं, जब सरकार को अंतिम रपट मिल जाएगी।"
मोदी पर फर्जी आरोप लगाने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने मारा करारा तमाचा, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं

मोदी पर फर्जी आरोप लगाने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने मारा करारा तमाचा, उनके खिलाफ कोई सबूत नहीं

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नई दिल्ली, 11 जनवरी: प्रधानमंत्री मोदी पर झूठे भ्रष्टाचार के आरोप लगाने वालों को सुप्रीम कोर्ट ने आज करारा तमाचा जड़ा है, सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि सहारा बिरला घूसकाण्ड में मोदी के खिलाफ कोई भी सबूत नहीं हैं और जितने भी सबूत पेश किये गए हैं वे एक तरफ से फर्जी हैं इसलिए उनके खिलाफ SIT जांच नहीं की जा सकती। 

आपको बता दें कि राहुल गाँधी, केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी पर घूस लेने के आरोप लगाए थे और वकील प्रशांत भूषण ने उनकी तरह से कोर्ट में मोदी के खिलाफ याचिका दायर की थी और जांच के लिए SIT के गठन की मांग की थी लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मांग को ख़ारिज कर दिया। 

सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को उस याचिका को खारिज कर दिया जिसमें कहा गया था कि इस आरोप की जांच होनी चाहिए कि गुजरात का मुख्यमंत्री रहने के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिड़ला और सहारा समूह से रिश्वत ली थी। गैरसरकारी संस्था कॉमन कॉज की याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति अरुण मिश्रा और न्यायमूर्ति अमिताव रॉय की खंडपीठ ने कहा कि एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर दाखिल याचिका में प्रधानमंत्री व अन्य राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों के खिलाफ जो सबूत दिए गए हैं, वे स्वीकार्य नहीं हैं। 

अदालत ने कहा, "अगर हम बिना ठोस साक्ष्य के प्रस्तुत सामग्री के आधार पर जांच का आदेश देते हैं, तो संवैधानिक पदाधिकारियों का काम करना मुश्किल हो जाएगा, जो लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं होगा।"

अदालत ने कहा, "जिस स्थिति में इन दस्तावेजों को एकत्र किया गया है और अदालत में प्रस्तुत किया गया है, उस पर हमारी राय है कि यह समुचित जांच के आदेश जारी करने लायक नहीं है।"
प्रकाश सिंह बादल बोले, विरोधियों को हार दिखने लगी तो मुझपर जूता फेंकवाने लगे

प्रकाश सिंह बादल बोले, विरोधियों को हार दिखने लगी तो मुझपर जूता फेंकवाने लगे

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चंडीगढ़, 11 जनवरी: पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल पर बुधवार को लांबी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र के एक गांव में एक व्यक्ति ने जूता फेंक दिया। यह उनके चश्मे से टकराया। यह घटना चंडीगढ़ से करीब 250 किमी दूर रत्ताखेरा गांव में हुई, जब 89 वर्षीय मुख्यमंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्र लांबी में एक जनसभा को संबोधित कर रहे थे।

बादल के सुरक्षा कर्मचारियों ने गुरबचन सिंह नाम के व्यक्ति को पकड़ लिया और पूछताछ के लिए पुलिस के हवाले कर दिया।

पुलिस ने पाया कि जूता फेंकने वाला अबोहर और फाजिल्का के पास के झुर्ड खेड़ा गांव से है। वह कट्टरपंथी सिख नेता अमरीक सिंह अजनाला का करीबी है।

यह पता चला है कि सिंह हाल में गुरु ग्रंथ साहिब के अपवित्र किए जाने के मामले में दोषियों को पंजाब सरकार और पुलिस द्वारा नहीं पकड़े जाने से नाराज था।

जेड प्लस सुरक्षा से लैस बादल ने घटना के बाद भी अपना कार्यक्रम जारी रखा।

इस घटना के बाद बादल ने मीडिया से कहा, "मेरे निर्वाचन क्षेत्र से बाहर के एक व्यक्ति द्वारा जूता फेंकने की घटना से साफ हो गया है कि हमारे विरोधी खेल हार चुके है। वह एक शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव से भागना चाहते हैं। इससे स्पष्ट सबूत मिलता है कि हमारे विरोधियों ने इन चुनावों में हार स्वीकार कर ली है और अब इस तरह की विघटनकारी रणनीति का सहारा ले रहे हैं।"

बादल ने कहा कि जिस व्यक्ति ने उनके ऊपर जूता फेंका वह उनके लांबी निर्वाचन क्षेत्र से नहीं है।

मुख्यमंत्री ने कहा, "अपने लंबे जीवन में मैंने अपने राजनीतिक विरोधियों द्वारा समर्थित बड़ी चुनौतियों का सामना किया है। लेकिन, मेरा अपने लोगों में हमेशा विश्वास रहा है।"