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Aug 20, 2017

तो इस वजह से मुजफ्फरनगर में पलट गयी ट्रेन, पढ़ें किसकी गलती

तो इस वजह से मुजफ्फरनगर में पलट गयी ट्रेन, पढ़ें किसकी गलती

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मुजफ्फरनगर में कलिंग-उत्कल ट्रेन के पलटने का खुलासा हो चुका है, इस हादसे में अब तक करीब 23 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि 75 से भी अधिक लोग गंभीर हालत में भर्ती हैं, कुछ लोगों का कहना है कि मृतकों का आंकड़ा 50 पार जा सकता है क्योंकि अभी भी कई लोगों को ट्रेन काटकर निकाला जा रहा है.

पहले इस घटना को आतंकी कनेक्शन माना जा रहा था लेकिन यूपी के गृह विभाग के प्रधान सचिव ने इसमें आतंकियों का हाथ होने से इनकार किया है. उन्होंने कहा कि रेलवे पटरी पर मरम्मत का काम चल रहा था जिसकी सूचना देने पर ड्राईवर ने इमरजेंसी ब्रेक लगाई, ट्रेन स्पीड में होने की वजह से पलट गयी और 6 डिब्बे पटरी से उतर गए.

खबर आ रही है कि पटरी पर रिपेयर वर्क होने की जानकारी ड्राईवर को नहीं थी, जब उसे इस बारे में सूचना दी गयी तो बहुत देर हो चुकी थी, उसनें ट्रेन रोकने के लिए इमरजेंसी ब्रेक लगाई जिसकी वजह से ट्रेन पटरी से उतर गयी और इतना बड़ा हादसा हो गया. 

इससे पहले योगी सरकार ने इस घटना की जांच ATS के हाथों में सौंपने का मन बना लिया था लेकिन अब हादसे के कारणों का पता चल गया है तो सरकार को अलग दृष्टिकोण से इस मामले की जांच करनी होगी क्योंकि अब यह यह पता करना है कि ड्राईवर को रिपेयर वर्क के बारे में क्यों नहीं बताया गया, आखिर इतनी बड़ी लापरवाही के लिए कौन कौन जिम्मेदार है.
IAS सूर्य प्रताप सिंह ने किया खुलासा, योगी सरकार ने अखिलेश को दबाव में नहीं छोड़ा बल्कि... पढ़ें

IAS सूर्य प्रताप सिंह ने किया खुलासा, योगी सरकार ने अखिलेश को दबाव में नहीं छोड़ा बल्कि... पढ़ें

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उत्तर प्रदेश के पूर्व IAS सूर्य प्रताप सिंह ने आज एक बड़ा खुलासा किया है. उन्होंने बताया है कि योगी सरकार ने दो दिन पहले जब उन्नाव में अखिलेश यादव को गिरफ्तार किया था तो उन्हें किसी दबाव में नहीं छोड़ा था बल्कि अखिलेश यादव ने खुद को छुडवाने के लिए डेढ़ लाख रुपये की जमानत राशि जमा की थी. अखिलेश यादव पर धारा 144 का उल्लंघन करने के तहत FIR दर्ज हुई थी और उन पर प्रदेश की शांति भंग करने आ आरोप लगा था. उन्होने बताया कि अखिलेश यादव आज भी प्रदेश की शांति भंग करने के आरोपी हैं और जमानत पर रिहा हैं. उनके खिलाफ CRPC की धारा 106/116 के तहत मामला दर्ज है और वह इस वक्त अभियुक्त हैं.

सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार गुंडागर्दी और दलाली की वजह से ही सत्ता से बाहर हुई थी और अभी भी ये इसी रास्ते पर चल रहे हैं, अगर यही हाल रहा तो समाजवादी पार्टी भविष्य में कभी भी सत्ता का मुंह नहीं देख पाएगी.

सूर्य प्रताप सिंह ने यह भी बताया कि कुछ दिनों पहले उन्हें जान से मारने की धमकी देने वाला सपाई नेता MLC संतोष यादव अब पुलिस के सामने हाथ पैर जोड़ रहा है और अपनी गलती के लिए माफी मांग रहा था. लगता है कि अब उसे योगी सरकार की हवा+लात दिखने लगी है. कल पत्रकारों के सामने संतोष यादव कह रहा था कि मेरा फोन किसी कार्यकर्त्ता ने चुराकर सूर्य प्रताप सिंह को धमकी दी थी. सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि उन्होंने तो संतोष यादव को दबंग समझा था लेकिन ये तो चूहा निकला.

Aug 19, 2017

‘कलिंग उत्कल एक्सप्रेस’ ट्रेन हादसे को देखकर CM YOGI का भी दहल उठा दिल, पढ़ें क्या कहा?

‘कलिंग उत्कल एक्सप्रेस’ ट्रेन हादसे को देखकर CM YOGI का भी दहल उठा दिल, पढ़ें क्या कहा?

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उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में ट्रेन हादसे की खबर सुनकर राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी दुखी हो उठे हैं. उन्होंने हादसे पर दुःख जताया है साथ ही मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की है, इस हादसे में कम से कम 10 लोगों की मौत हुई है जबकि 45 से अधिक लोग घायल हैं लेकिन योगी आदित्यनाथ ने अभी मृतकों का कोई आंकड़ा नहीं बताया.

योगी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि मुजफरनगर में एक ट्रेन हादसा हुआ है जिसमें हताहतों की संख्या का पता नहीं चल पाया है, हमने मौके पर पुलिस और प्रशासन को राहत कार्यों के लिए तुरंत भेज दिया है. हमने अपनी सरकार के दो मंत्रियों सतीश महाना और सुरेश राणा को भी घटनास्थल पर भेज दिया है साथ ही हम लोगों ने युद्ध स्तर पर राहत और बचाव कार्य करने का आदेश दिया है.

योगी ने कहा कि पूरी घटना दुखद है, इस दुर्घटना में जितने भी यात्री हताहत हुए हैं या गंभीर रूप से घायल हैं उनके परिजनों के प्रति मेरी पूरी संवेदना है. प्रदेश सरकार हर संभव उनका सहयोग करेगी. हम लोग रेल मंत्रालय से बराबर टच में हैं और जो भी सहायता की जरूरत पड़ेगी हम लोग करेंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि मुजफ्फरनगर के खतौली रेलवे स्टेशन के पास कलिंग उत्कल एक्सप्रेस के 6 डिब्बे पटरी से उतर गए हैं, कई डिब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए. एक डिब्बा एक घर में घुस गया. इस हादसे में 10 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है जबकि कम से कम 45 घायल हैं. सरकार ने मृतकों को 3.5 लाख जबकि घायलों को 50 हजार मुआवजे का ऐलान किया गया है.
गोरखपुर कांड पर राहुल गाँधी बोले, मोदीजी ये है आपने न्यू इंडिया की हकीकत, ऐसे काम नहीं चलेगा

गोरखपुर कांड पर राहुल गाँधी बोले, मोदीजी ये है आपने न्यू इंडिया की हकीकत, ऐसे काम नहीं चलेगा

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कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी ने आज Encephalitis बीमारी से पीड़ित गोरखपुर जिले का दौरा किया और हाल ही में BRD हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमीं से मृत बच्चों के परिजनों से मुलाक़ात की. मुलाकात के बाद राहुल गाँधी ने मीडिया को संबोधित किया और मोदी-योगी सरकार पर जोरदार हमला बोला.

राहुल गाँधी ने कहा कि यह हादसा केवल उत्तर प्रदेश में नहीं हुआ है बल्कि यह राष्ट्रीय आपदा है, यह घटना देश में हेल्थकेयर की असलियत दिखाती है. ऐसे काम नहीं चलेगा. मोदी जी न्यू इंडिया की बात करते हैं, हमें ऐसा न्यू इंडिया नहीं चाहिए. हमें ऐसा न्यू इंडिया चाहिए जिसमें गरीबों के बच्चों को अस्पताल में अच्छा इलाज मिले और वे ख़ुशी ख़ुशी अपने घर जाएं.

राहुल गाँधी ने कहा कि मैंने पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को बता दिया था कि इस हॉस्पिटल में सुविधाओं का अभाव है, मैंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी उचित एक्शन लेने की सलाह दी थी लेकिन ऐसा लगता है कि सरकार ने कोई एक्शन नहीं लिया. उन्होंने कहा कि यह हादसा अपने आप नहीं हुआ है बल्कि सरकार की वजह से हुआ है. इस अस्पताल को पैसे की जरूरत थी, ऑक्सीजन की कमीं की वजह से इतने बच्चों की मौत हो गयी, योगी आदित्यनाथ एक्शन लेने के बजाय घटना को छुपाना चाहते हैं.
UP के मुजफ्फरनगर में दिल दहलाने वाला ट्रेन हादसा, घर में घुसी ट्रेन, कई डिब्बे एक दूसरे के ऊपर

UP के मुजफ्फरनगर में दिल दहलाने वाला ट्रेन हादसा, घर में घुसी ट्रेन, कई डिब्बे एक दूसरे के ऊपर

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 उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में दिल दहलाने वाला ट्रेन हादसा हुआ है जिसमें कम से कम 5 डिब्बे एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए हैं और ट्रेन पटरी से उतरकर एक घर में घुस गयी. अब तक इस हादसे में कम से कम 6 लोगों की मौत की खबर आ गयी है लेकिन अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. इस हादसे में कम से कम 25 लोग घायल हैं जिन्हें हॉस्पिटल में भेजा जा रहा है.

यात्रियों को बचाने के लिए आस पास के लोगों की भीड़ इकठ्ठा हो गयी है, सभी घायलों को मुजफ्फरनगर सिविल अस्पताल में भेजा जा रहा है. राज्य सरकार ने तुरंत राहत और बचाव टीम को मौके पर रवाना कर दिया है और घायलों को ट्रेन के डिब्बे काटकर निकाला जा रहा है.

प्रारंभिक सूचना के अनुसार यह घटना आज शाम को 5.50 मिनट पर हुई. यह हादसा पुरी-हरिद्वार के बीच चलने वाली उल्कल एक्सप्रेस ट्रेन में हुआ है जिसके पांच डिब्बे पटरी से उतरकर एक दूसरे के ऊपर चढ़ गए जबकि एक डिब्बा घर में घुस गया.

यह भी खबर आ रही है कि जिले के DM और कई सरकारी डॉक्टर दुर्घटनास्थल पर पहुँच गए हैं. यही नहीं DGP लॉ एंड आर्डर भी दुर्घटनास्थल पर पहुँच रहे हैं.

UP पुलिस ने हादसे की जानकारी के लिए DM मुजफ्फरनगर का मोबाइल नंबर जारी किया है (9454417572) जिस पर फोन करके जानकारी ली जा सकती है, इसके अलावा RPF का भी फोन नंबर (01312437160) जारी किया गया है. इस नंबर पर भी फोन करके सहायता ली जा सकती है.
 युवराज और शाहजादे पर योगी ने बोला जोरदार अटैक: पढ़ें क्या कहा

युवराज और शाहजादे पर योगी ने बोला जोरदार अटैक: पढ़ें क्या कहा

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गोरखपुर कांड पर विपक्षी पार्टियों को योगी सरकार के खिलाफ बड़ा मुद्दा मिल गया है क्योंकि गोरखपुर योगी का संसदीय क्षेत्र भी है उसके बावजूद भी बाबा रामदास मेडिकल कॉलेज में भ्रष्टाचार की वजह से करीब 20 बच्चों की जान चली गयी. अब विपक्षी पार्टियों ने गोरखपुर को राजनीति का अड्डा बना लिया है और सभी बड़े नेता अस्पताल में मृतक बच्चों के परिजनों से मिलकर योगी के घाव पर मिर्ची डाल रहे हैं.

आज राहुल गाँधी भी गोरखपुर में राजनीति करने पहुँच गए हैं तो योगी को गुस्सा आ गया है, आज उन्होंने राहुल गाँधी को दिल्ली का युवराज कहकर और अखिलेश को शाहजादा बोलकर दोनों पर जोरदार अटैक किया है. उन्होंने कहा कि हमें युवराज और शाहजादे को गोरखपुर को पिकनिक स्पॉट नहीं बनाने देना चाहिए.

योगी ने कहा कि शाहजादा लखनऊ में बैठते हैं और युवराज दिल्ली में बैठते हैं लेकिन ये लोग साफ़-सफाई का महत्व नहीं समझते. हमें इन्हें गोरखपुर को पिकनिक स्पॉट नहीं बनाने देना है. योगी ने गोरखपुर के अंधियारी बाग़ क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करते हुए यह बात कही.

योगी ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि दोनों से अपने स्वार्थ के लिए संस्थाओं को तबाह कर दिया और भ्रष्टाचार को फलने फूलने दिया. इन्होने यूपी में 12-15 साल तक राज किया लेकिन जनता को को उनका हक नहीं मिल सका, सब कुछ भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साफ़-सफाई में कमी और गन्दगी की वजह से ही गोरखपुर क्षेत्र में Encephalitis बीमारी से बच्चों की मौत हो रही है. आज से योगी ने गोरखपुर में सफाई अभियान शुरू कर दिया है, योगी क्षेत्र की जनता को साफ़-सफाई के प्रति जागरूक करेंगे और Encephalitis बीमारी को जड़ से मिटाएंगे. 
प्रतापगढ़ के DM ने CM योगी के आदेश का किया उल्लंघन, खबर लिखने वाले पत्रकार को दी धमकी: पढ़ें

प्रतापगढ़ के DM ने CM योगी के आदेश का किया उल्लंघन, खबर लिखने वाले पत्रकार को दी धमकी: पढ़ें

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Pratapgarh: उत्तर प्रदेश में भले ही सरकार बदल गयी हो लेकिन बड़े बाबू लोग अभी भी बदलने को तैयार नहीं हैं, पूर्व सरकारों में इन बाबूओं की दबंगई इतनी बढ़ गयी थी कि इनके खिलाफ लिखने वाले पत्रकारों को धमकाया जाता था, पत्रकरों के पीछे गुंडे लगा दिए जाते थे. अब योगी सरकार में भी कुछ बाबू ऐसा ही कर रहे हैं.

ऐसे ही एक बाबू हैं प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आने के बाद सभी जिलाधिकारियों को दफ्तर में बैठकर जनता की समस्याएँ सुनने का आदेश दिया था साथ ही यह भी कहा था कि हप्ते में एक दो दिन बाहर भी निकलें और क्षेत्र की समस्याओं और जनता की पीड़ा का अनुभव भी करें.

लेकिन प्रतापगढ़ के DM शरद कुमार सिंह नहीं सुधरे और सिर्फ दो घंटे ही दफ्तर में बैठते हैं बाकी का समय अपने आवास पर रहते हैं, उन्होंने अपने ऑफिस में बोर्ड भी लगवाया है जिसमें सिर्फ दो घंटे 9-11 बही ही जनता की समस्याएँ सुनने का समय लिखा है. जब हमने उनके ऑफिस के बाहर पहुंचकर तस्वीर खींची और उनके नाम की खबर बनाई तो अब वे हमें धमकी दे रहे हैं और एड्रेस पूछ रहे हैं ताकि अपने गुंडों को भेजकर प्रताड़ित कर सकें.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को प्रतापगढ़ जाकर खुद देखना चाहिए कि जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह के शासन में कितना भ्रष्टाचार, कितना दुराचार और गन्दगी फैली है. हर अधिकारी भ्रष्ट है, हर कोई घूस मांग रहा है, हम उनके पास गैस एजेंसी द्वारा गैस चोरी की शिकायत लेकर गए थे लेकिन वे ना तो दफ्तर में मिले और ना ही शिकायत पर कोई एक्शन लिया उल्टा धमकी और दे दी. उनका कहना है कि वे हमारे खिलाफ प्रेस काउंसिल में शिकायत कर देंगे. यही नहीं उन्होंने यह भी कहा कि आपके नाम से प्रतापगढ़ में कई लोग ब्लैकमैलिंग कर रहे हैं, मतलब वे हम पर व्लैकमैलिंग का आरोप भी लगाने वाले हैं, वो तो गनीमत है कि हम फरीदाबाद में रहते हैं वरना वे अपनी पॉवर का इस्तेमाल करके हमारी आवाज दबाने की भी कोशिश करते और हो सकता है कि हमारे परिवार के पीछे गुंडे भी लगा देते जैसा कि उत्तर प्रदेश में पहले से होता रहा है और कई पत्रकारों को जान से मार दिया गया है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले पर तुरंत एक्शन लेना चाहिए, पहले तो उन्हें खुद प्रतापगढ़ जिले में जाकर जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह के काम का सर्वे करना चाहिए और उसके बाद एक पत्रकार को धमकाने का जवाब मानना चाहिए. भारत में अभिव्यक्ति की आजादी है और पत्रकारों को लोकतंत्र का चौथा स्तम्भ कहा जाता है और चौथे स्तम्भ को इसलिए धमकाया जा रहा है क्योंकि पत्रकार ने जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह की पोल खोली है.

Aug 18, 2017

राजस्थान पर मेहरबान हुए PM MODI, करेंगे सबसे बड़े नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन

राजस्थान पर मेहरबान हुए PM MODI, करेंगे सबसे बड़े नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट का उद्घाटन

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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राजस्थान पर मेहरबान हो गए हैं. वह राजस्थान को अब तक का सबसे बड़ा गिफ्ट दे रहे हैं. 29 अगस्त को वे राजस्थान के उदयपुर में अब तक के सबसे बड़े नेशनल हाईवे प्रोजेक्ट की आधारशिला रखने वाले हैं. इस प्रोजेक्ट में 15000 करोड़ रुपये की लागत से 873 किलोमीटर लम्बाई के 13 नेशनल हाईवे बनेंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि राजस्थान में अगले वर्ष चुनाव होने वाले हैं ऐसे में यह तोहफा बीजेपी के लिए फायदेमंद साबित हो सकता है क्योंकि यह मोदी सरकार का किसी राज्य में एक साथ सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 29 अगस्त को उदयपुर का दौरा करेंगे और प्रोजेक्ट का उद्घाटन करेंगे.

इस प्रोजेक्ट में कोटा में चम्बल नदी पर 6 लेन का केबल ब्रिज, उदयपुर में NH-8 पर 4 लेन का गोमती चौराहा, NH-758 पर 4 लेन का राजासमंद-भीलवाडा भी शामिल हैं.
योगी ने जो काम किया, आज तक कोई भी CM नहीं कर पाया: पढ़ें

योगी ने जो काम किया, आज तक कोई भी CM नहीं कर पाया: पढ़ें

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जो काम कर दिखाया है वो काम आज तक कोई CM नहीं कर सका है. उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य है और इतने बड़े राज्य में जनता दरबार लगाना आसान नहीं है लेकिन योगी आदित्यनाथ हर हप्ते जनता दरबार लगाते हैं और लोगों की समस्याएँ भी सुनते हैं.

आपने देखा होगा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी एक दो बार जनता दरबार लगाया था लेकिन वहां पर ऐसी अराजकता हुई कि आज तक केजरीवाल की दोबारा जनता दरबार लगाने की हिम्मत नहीं हुई, अब केजरीवाल जनता दरबार नहीं लगाते बल्कि एक दो लोगों को बंद कमरे में बुलाकर समस्याएँ जरूर सुनते हैं लेकिन केजरीवाल से मिलने के लिए लोगों को बहुत धक्के खाने पड़ते हैं.

लेकिन योगी के मामले में ऐसा नहीं है. वे एक साथ हजारों लोगों की शिकायतें सुनते हैं और जनता दरबार का बहुत अच्छी तरह से मैनेजमेंट करते हैं. अन्य मुख्यमंत्रियों के जनता दरबार में मुख्यमंत्री कुर्सी पर बैठ जाते हैं और जनता लाइन लगाकर उनके पास जाती है, लोग खड़े होकर उन्हें अपनी समस्याएँ सुनाते हैं लेकिन योगी आदित्यनाथ के मामले में ऐसे नहीं है. योगी आदित्यनाथ लोगों को कुर्सी पर बैठा देते हैं और खुद खड़े होकर सबके पास जाते हैं और उनकी समस्याएँ सुनते हैं.

आज योगी आदित्यनाथ ने सरकारी आवास में जनता दरबार लगाया और लोगों की समस्याएँ सुनीं. योगी जनता की समस्याएँ सुनने के बाद उसे तुरंत सुलझाने का आदेश देते हैं. आज तक ऐसा कोई मामला सामने नहीं आया है जिसमें योगी ने किसी को झूठा दिलासा दिया हो. एक बार उनके सामने शिकायत के बाद वे तुरंत कार्यवाही करते हैं और लोगों के साथ न्याय करते हैं.

Aug 17, 2017

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तोड़ डाली बस: पढ़ें क्यों

समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने तोड़ डाली बस: पढ़ें क्यों

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गुंडागर्दी की वजह से ही उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की हार हुई थी, समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने अभी भी गुंडई छोड़ी नहीं है. आज इलाहबाद में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने लाठी डंडों से एक बस को तोड़-फोड़ दिया और पूरी तरह से छतिग्रस्त कर दिया. इनका कहना था कि योगी सरकार ने हमारे नेता अखिलेश यादव को हिरासत में लिया है इसलिए हम भी सब कुछ तोड़ फोड़ देंगे. इस मौके पर समाजवादी पार्टी के सैकड़ों कार्यकर्त्ता मौजूद थे.

जानकारी के अनुसार अखिलेश यादव औरय्या के सपा नेता प्रदीप यादव से मिलने सा रहे थे, खबर थी कि डिस्ट्रिक्ट पंचायत चुनाव के दौरान झड़प में उन्हें पीटा गया था. अखिलेश को उन्नाव में ही हिरासत में ले लिया गया था. लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया.

बाहर आने पर अखिलेश यादव ने कहा कि बीजेपी वाले हमें अपने कार्यकर्ताओं से मिलने नहीं दे रहे हैं. यह सब केवल जिला पंचायत चुनाव जीतने के लिए किया जा रहा है.
यूपी के लोग योगी के निर्णय से खुश, लोग बोले 'अब UP फिर से बनेगा हिंदुस्तान, शाबाश योगी जी'

यूपी के लोग योगी के निर्णय से खुश, लोग बोले 'अब UP फिर से बनेगा हिंदुस्तान, शाबाश योगी जी'

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लखनऊ: आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक ऐसा बयान दिया है जिसे सुनकर उत्तर प्रेदश के लोग बहुत खुश हैं. लोग योगी को शाबाशी देते हुए कहा रहे हैं कि अब फिर से यूपी हिंदुस्तान बनने के रास्ते पर चल रहा है. अगर योगी ना आते तो अखिलेश सरकार यूपी को पाकिस्तान बना देती क्योंकि अखिलेश सरकार में हिन्दू त्योहारों पर पाबन्दी लगाई जा रही थी और मंदिरों से लाउड-स्पीकर हटाए जा रहे थे. देखिये योगी के ऐलान पर कैसी प्रतिक्रिया दे रहे हैं लोग - 

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश सरकार के उन सभी फरमानों को ख़त्म कर दिया है जिसकी वजह से राज्य के हिन्दू नाराज थे और इसी नाराजगी की वजह से अखिलेश को साफ कर दिया था.

अखिलेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी थानों में कृष्ण जन्माष्ठमी ना मनाने का आदेश दिया था. आज योगी ने अखिलेश के उस फरमान को रद्द करते हुए कहा है कि जब हमारे देश में लोग ईद पर सड़क पर नमाज पढ़ सकते हैं. एयरपोर्ट पर नमाज पढ़ सकते हैं तो हमारे पुलिसकर्मी थानों में कृष्ण जन्माष्टमी क्यों नहीं मना सकते. पुलिस वालों को भी धार्मिक आजादी होनी चाहिए. उन्हें भी ईश्वर में आस्था रखने का हक है. मैं तो यह मानता हूँ जो व्यक्ति जितना अधिक आस्थावान होता है उतना ही अधिक इमानदार होता है.

आपको बता दें कि अखिलेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर पर भी रोक लगा दी. आज योगी ने अखिलेश का वह फरमान भी रद्द करते हुए कहा कि यह कांवड़ यात्रा है कोई शव यात्रा नहीं, अगर लोग डीजे और लाउडस्पीकर नहीं बजाएंगे, नाचेंगे गाएंगे नहीं, ढोल नगाड़े नहीं बजाएंगे तो यह कांवड़ यात्रा नहीं बल्कि शव यात्रा लगेगी. हम पूर्व सरकार का यह फरमान भी कैंसिल करते हैं.
इस देश में सबसे अधिक मुसलमान परेशान हैं, सभी दहशत में जी रहे हैं: शिवपाल यादव

इस देश में सबसे अधिक मुसलमान परेशान हैं, सभी दहशत में जी रहे हैं: शिवपाल यादव

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मुस्लिम तुस्टीकरण की वजह से उत्तर प्रदेश से समाजवादी पार्टी की सरकार का सफाया हुआ था लेकिन सपाई नेता अभी भी सुधरने को तैयार नहीं हैं. आज शिवपाल यादव ने फिर से मुस्लिम कार्ड खेला है और उन्हें परेशान बताया है.

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री और बड़े सपा नेता शिवपाल यादव ने आज बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस समय देश में सबसे अधिक दुखी किसान हैं, व्यापारी हैं और मुसलमान हैं. सारे देश के मुसलमान आज दहशत में हैं.


शिवपाल यादव ने समाजवादी पार्टी में होने के प्रश्न का जवाब देते हुए कहा कि अभी तो हम समाजवादी पार्टी में ही हैं, नेताजी के साथ हैं लेकिन हमने सामाजिक न्याय के लिए समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने का फैसला किया है.

गोरखपुर कांड पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह घटना बहुत दुखद है और भ्रष्टाचार का नतीजा है. इस मामले में कड़ा एक्शन लिया जाना चाहिए.
योगी ने हिन्दुओं को नाराज करने वाले अखिलेश के सभी रुल किये ख़त्म, किया बड़ा ऐलान: पढ़ें

योगी ने हिन्दुओं को नाराज करने वाले अखिलेश के सभी रुल किये ख़त्म, किया बड़ा ऐलान: पढ़ें

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लखनऊ: आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कई धमाकेदार बयाना दिए हैं. वे लखनऊ में प्रेरणा जनसंचार एवं सिद्ध संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने अखिलेश सरकार के उन सभी फरमानों को ख़त्म कर दिया है जिसकी वजह से राज्य के हिन्दू नाराज थे और इसी नाराजगी की वजह से अखिलेश को साफ कर दिया था.

अखिलेश सरकार ने उत्तर प्रदेश के सभी थानों में कृष्ण जन्माष्ठमी ना मनाने का आदेश दिया था. आज योगी ने अखिलेश के उस फरमान को रद्द करते हुए कहा है कि जब हमारे देश में लोग ईद पर सड़क पर नमाज पढ़ सकते हैं. एयरपोर्ट पर नमाज पढ़ सकते हैं तो हमारे पुलिसकर्मी थानों में कृष्ण जन्माष्टमी क्यों नहीं मना सकते. पुलिस वालों को भी धार्मिक आजादी होनी चाहिए. उन्हें भी ईश्वर में आस्था रखने का हक है. मैं तो यह मानता हूँ जो व्यक्ति जितना अधिक आस्थावान होता है उतना ही अधिक इमानदार होता है.

आपको बता दें कि अखिलेश सरकार ने कांवड़ यात्रा के दौरान डीजे और लाउडस्पीकर पर भी रोक लगा दी. आज योगी ने अखिलेश का वह फरमान भी रद्द करते हुए कहा कि यह कांवड़ यात्रा है कोई शव यात्रा नहीं, अगर लोग डीजे और लाउडस्पीकर नहीं बजाएंगे, नाचेंगे गाएंगे नहीं, ढोल नगाड़े नहीं बजाएंगे तो यह कांवड़ यात्रा नहीं बल्कि शव यात्रा लगेगी. हम पूर्व सरकार का यह फरमान भी कैंसिल करते हैं.

Aug 16, 2017

गोरखपुर कांड: हेल्थ मंत्री ने समय से दे दिए थे पैसे फिर भी बिहारी मरीज ने कर दी पुलिस में शिकायत

गोरखपुर कांड: हेल्थ मंत्री ने समय से दे दिए थे पैसे फिर भी बिहारी मरीज ने कर दी पुलिस में शिकायत

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गोरखपुर कांड में अब सब कुछ साफ़ हो गया है. लगभग पता चल चुका है की 65 बच्चों की असमय मौत कैसे हुई, पता चल चुका है कि BRD मेडिकल कॉलेज के प्रिसिपल राजीव मिश्रा, Encephalitis वार्ड के इंचार्ज डॉ कफील खान ने कमीशन के चक्कर में ऑक्सीजन सप्लायर की 66 लाख रुपये की पेमेंट रोक दी थी जिसकी वजह से कंपनी ने ऑक्सीजन रोक दी और बच्चों की मौत हो गयी.

इस मामले में यह भी साफ़ हो चुका है कि योगी सरकार ने कोई लापरवाही नहीं की क्योंकि उन्हें पेमेंट के लिए हॉस्पिटल की तरफ से 4 अगस्त को चिट्ठी मिली थी और उन्होने दूसरे ही दिन यानी 5 अगस्त को हॉस्पिटल के बैंक खाने में 2 करोड़ रुपये भेज दिए थे. पैसे मिलने के बाद भी प्रिंसिपल राजीव मिश्रा ने ऑक्सीजन सप्लायर को पांच दिन तक पैसे जारी नहीं किये और यही वजह 65 बच्चों की मौत का कारण बनी.

अब यह साफ़ हो चुका है कि योगी सरकार में स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह और चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन की तरफ से कोई लापरवाही नहीं हुई थी इसके बावजूद भी कुछ मीडिया की पेड ख़बरों से प्रभावित होकर बिहार के एक व्यक्ति ने स्वास्थय मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह, चिकित्सा शिक्षा मंत्री आशुतोष टंडन और प्रिंसिपल हेल्थ सेक्रेटरी के खिलाफ पुलिस में शिकायत दी है.

बिहार के गोपालगंज के रहने वाले राजभर ने अपने बच्चे को BRD मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त को भर्ती कराया था लेकिन उसकी मौत हो गयी थी. राजभर ने अपने शिकायती पत्र में अपने बच्चे की मौत की वजह ऑक्सीजन सप्लाई बताया है और इसके लिए तीनों लोगों को जिम्मेदार ठहराया गया है. उन्होंने अपनी शिकायत में ना तो डॉ कफील खान का नाम लिखा है और ना ही राजीव मिश्रा का नाम लिखा है. उन्होने यह भी आरोप लगाया है कि उनके बच्चे का बिना पोस्ट-मार्टम किये लाश दे दी गयी.

Aug 15, 2017

सोनिया-राहुल को सांसद बनाकर पछता रहे हैं अमेठी-रायबरेली वाले, लगा रहे ‘लापता’ के पोस्टर: पढ़ें

सोनिया-राहुल को सांसद बनाकर पछता रहे हैं अमेठी-रायबरेली वाले, लगा रहे ‘लापता’ के पोस्टर: पढ़ें

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अमेठी की जनता ने बहुत ही अरमान पालकर राहुल गाँधी को अपना सांसद चुना था इसी तरह से रायबरेली वालों ने सोनिया गाँधी को अपना सांसद चुना था लेकिन दोनों जिलों के लोगों के अरमान टूट गए, अब दोनों जगह के लोग पछता रहे हैं और जनता को उनके गायब होने के पोस्टर लगाने पड़ रहे हैं.

पहले अमेठी की जनता राहुल गाँधी को ढूंढ रही थी, राहुल गाँधी छुट्टी मनाने अपनी नानी के यहाँ इटली तो चले गए लेकिन अमेठी में वे सिर्फ आधे घंटे के लिए जाते हैं और हाथ हिलाकर वापस आ जाते हैं, जब कई महीनों तक वे अपने संसदीय क्षेत्र नहीं गए तो लोगों ने उनके गायब होने के पोस्टर लगा दिए हालाँकि उसके बाद भी राहुल गाँधी अमेठी नहीं गए. अमेठी वालों ने पोस्टर में लिखा था - अमेठी के माननीय सांसद राहुल गाँधी अमेठी से लापता हैं जिसके कारण सांसद द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्य ठप्प हैं. इनके व्यवहार से अमेठी की जनता ठगा महसूस कर रही है, अमेठी में इनकी जानकारी देने वालों को उचित पुरष्कार दिया जाएगा.

अब रायबरेली में सोनिया गाँधी के लापता होने के पोस्टर लगे हैं. पोस्टर में लिखा है - रायबरेली की सांसद सोनिया गाँधी रायबरेली से लापता हैं जिसके कारण सांसद द्वारा कराए जाने वाले विकास कार्य ठप्प हैं. इनके व्यवहार से आम जनता ठगा महसूस कर रही है, रायबरेली में इनकी जानकारी देने वालों को उचित पुरष्कार दिया जाएगा.

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गोरखपुर कांड में चौंकाने वाला खुलासा, सामने आया तीसरा नाम, जो ला सकता है भूचाल: पढ़ें

गोरखपुर कांड में चौंकाने वाला खुलासा, सामने आया तीसरा नाम, जो ला सकता है भूचाल: पढ़ें

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गोरखपुर कांड में एक और आरोपी का खुलासा हुआ है जो आधिकारिक आरोपी तो नहीं है लेकिन परदे के पीछे सारा खेल उसी का है. इस आरोपी का नाम है पूर्णिमा शुक्ला जो मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा की बीवी हैं, राजीव मिश्रा भले ही कॉलेज के प्रिंसिपल और हॉस्पिटल के इंचार्ज हैं लेकिन हॉस्पिटल की चाबी पूर्णिमा शुक्ला के हाथों में रहती थी और पूर्णिमा शुल्क्ला के ऊपर बड़े सपाई नेता का हाथ था. अस्पताल में पूर्णिमा शुक्ला के नाम की इतनी दहशत है कि कोई भी स्टाफ उनके आगे चूं तक नहीं कर सकता. मतलब पूर्णिमा शुक्ला ही राजीव शुक्ला और डॉ कफील अहमद के साथ सबकुछ डील करती थीं.

हादसे में पूर्णिमा शुक्ला का क्या हाथ

अब तो सब कुछ साफ़ हो गया है कि योगी सरकार ने 5 अगस्त को ही हॉस्पिटल के बैंक अकाउंट में पैसे जारी कर दिए थे, इसके अलावा हॉस्पिटल के अकाउंट में 1.86 करोड़ रुपये पहले से ही थे. 2 करोड़ रुपये योगी सरकार ने भेजे तो यह रकम 3.86 करोड़ रुपये से ऊपर हो गयी. अगर राजीव मिश्रा चाहते तो यह पैसे ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली फर्म पुष्पा लिमिटेड को पहले ही दिए जा सकते थे लेकिन ऐसा जान बूझकर नहीं किया गया.

सप्लायर को पैसे ना देने की क्या वजह थी?

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पुष्पा फर्म के ही BRD मेडिकल कॉलेज में 66 लाख रुपये बकाया थे जिसकी वजह से ऑक्सीजन सप्लाई रोकी गयी थी. अस्पताल के भ्रष्टाचारियों ने कंपनी को यह पैसे जान बूझकर नहीं दिए क्योंकि ये लोग कंपनी से पैसे देने के बदले मोटा कमीशन मांग रहे थे, ये कमीशन राजीव मिश्रा, पूर्णिमा शुक्ला और डॉ कफील खान मिलकर खाते थे. अगर ये लोग चाहते तो कंपनी को कम से कम इतना बता देते कि भाई आपके पैसे हमारे पास आ गए हैं, एक दो दिन बिल बनाने में लगेंगे और आपको पैसे पहुँच जाएंगे. आप ऑक्सीजन सप्लाई मत रोकना वरना बच्चे मर जाएंगे. लेकिन ऐसा कुछ नहीं किया गया. ये लोग कमीशन मांगते रहे और उन लोगों ने कमीशन देने से इनकार कर दिया. ना ये मान रहे थे और ना ही वो लोग मान रहे थे, जब इधर के कमीशनखोरों ने अपनी जिद नहीं छोड़ी तो कंपनी वालों ने ऑक्सीजन की सप्लाई रोक दी.

डॉक्टर पूर्णिमा शुक्ला निकली महा कमिशनखोर

डॉ पूर्णिमा शुक्ला के बारे में खबर मिल रही है कि वे अस्पताल के बाहर सभी दुकानों से कमीशन और हप्ता लेती थीं, हर मेडिकल स्टोर से उन्हें कमीशन मिलता था, हर चाय वाला, हर समोसे वाला यहाँ अक की मूंगफली वाला भी उन्हें कमीशन देने को मजबूर था. उनकी इसी कमीशनखोरी ने 65 बच्चों की जान ले ली. 

तीनों मिलकर लूट रहे थे सरकार को

यह भी खबर मिल रही है कि अस्पताल में सरकार फ्री इलाज का दावा करती थी लेकिन ये लोग सरकारी सामानों को बेचकर खा जाते थे और मरीजों को अपने आप से बिस्तर, चद्दर, दस्ताने और अन्य सामान खरीदकर लाना पड़ता था. यही नहीं जहाँ से मरीज ये सब सामान खरीदते थे वहां से भी मैडम को कमीशन मिलता था.

लिक्विड ऑक्सीजन खरीद में भी जमकर कमीशनखोरी

आपको बता दें कि गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में लिक्विड आक्सीजन की उपलब्धता काफी आसान है और सिलेंडर के मुकाबले ये आक्सीजन काफी सस्ती भी होती है. यह भी खुलासा हो रहा है कि लिक्विड आक्सीजन सप्लाई के लिए टेंडर देने में जमकर कमीशनखोरी होती थी, मतलब जो अधिक कमीशन देता था उसे ही टेंडर मिलता था. 

10 अगस्त को तीनों खलनायक गायब थे 

आपको पता चल गया ना कि अस्पताल के खाते में 1.86 करोड़ रुपये पहले से ही मौजूद थे, योगी सरकार ने भी 5 अगस्त को 2 करोड़ रुपये भेज दिए, इस तरह से 5 अगस्त को ही अस्पताल के बैंक खाते में 3.86 करोड़ रुपये हो गए इसके बावजूद भी पुष्पा फर्म को 66 लाख रुपये बकाया राशि नहीं दी गयी क्योंकि कमीशन नहीं मिल रहा था. इन कमीशनखोरों की हरकत तो देखिये, ना तो इन लोगों ने पुष्पा फर्म को पैसे दिए और जब उसनें ऑक्सीजन सप्लाई रोक दी तो तीनों लोग वहां से भाग निकले. 10 जुलाई को ना तो डॉ कफील खान हॉस्पिटल में थे और ना ही डॉ राजीव मिश्रा हॉस्पिटल में थे. सब के सब अपनी जिम्मेदारी से भाग निकले और बच्चे तड़प तड़प कर मर गए. 

होनी चाहिए CBI जांच

अगर इस मामले की CBI जांच हो जाए तो और भी बहुत बड़े खुलासे हो सकते हैं और यह कांड पूरे देश की ऑंखें खोलने का काम कर सकता है. यह भी खुलासा हो सकता है कि इन लोगों ने अब तक कितना सरकारी खजाना लूटा है और कितने बच्चों की जान इनकी वजह से गयी है. यह भी खुलासा हो सकता है कि किस नेता की शह पर ये लोग इतने बड़े बड़े कांड करते थे और किस सपा नेता से इनके सम्बन्ध थे.
लोग बोले, इस डॉक्टर के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया जाय ताकि थर थर कांपें सभी भ्रष्टाचारी और हत्यारे

लोग बोले, इस डॉक्टर के खिलाफ ऐसा एक्शन लिया जाय ताकि थर थर कांपें सभी भ्रष्टाचारी और हत्यारे

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गोरखपुर कांड में डॉ काफ़िल खान की पोल खुलने के बाद सोशल मीडिया पर लोग बहुत नाराज हैं और डॉ कफील खान के खिलाफ कड़े एक्शन की मांग कर रहे हैं. लोगों का कहना है कि डॉ कफील खान पर ऐसा कड़ा एक्शन लिया जाय ताकि सभी भ्रष्टाचारी, लालची और हत्यारे डॉक्टर थर थर कांपें और ऐसा जघन्य अपराध करने की सोचें भी नही.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ कफील खान ही गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज के Encephalitis विभाग के इंचार्ज थे और हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट का काम भी यही संभाल रहे थे क्योंकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा छुट्टी पर चले गए थे. कल जाँच में पता चला कि जब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमीं से बच्चे तड़प तड़प कर मर रहे थे तो डॉ कफील खान अपने प्राइवेट क्लिनिक में बैठे थे. जब बच्चे मरने लगे तो वे दौड़े दौड़े आये और नौकरी जाने के डर से दौड़ भाग करने लगे. वे फटाफट अपने प्राइवेट क्लिनिक से तीन सिलेंडर लाए और मीडिया को पैसे खिलाकर अपली तारीफ में ख़बरें छपवा दिया. मीडिया ने भी पैसे खाकर उन्हें हीरो बना दिया और जी न्यूज़ के बड़े अखबार DNA ने भी उन्हें हीरो बनाते हुए खबर छाप दी. 

आज पता चला कि डॉ कफील खान सरकारी अस्पताल से भी सिलेंडर चुराते थे और उसे अपने प्राइवेट अस्पताल में ले जाते थे. यही नहीं वे BRD मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी के मेंबर थे इसके बावजूद भी उन्होंने ऑक्सीजन की कमीं को हलके में लिया और योगी सरकार को इसकी जानकारी नहीं दी. योगी दो दिन पहले ही BRD हॉस्पिटल पहुंचे थे और उन्होंने समस्याओं की जानकारी मांगी थी लेकिन डॉ कफील खान ने उन्हें इस बारे में नहीं बताया.

कुल मिलाकर डॉ कफील खान ही गोरखपुर कांड के विलेन हैं और दर्जनों बच्चों की हत्या के जिम्मेदार हैं क्योंकि वे जितना समय अपनी प्राइवेट क्लिनिक पर देते हैं अगर उसका आधा समय भी सरकारी अस्पताल के भर्ती बच्चों को देते तो बच्चों की मौत ना होती लेकिन वे तो घटना की रात भी अपनी क्लिनिक पर बैठे थे और सरकारी अस्पताल में भर्ती बच्चों को उनके हाल पर छोड़कर चले गए थे.
गोरखपुर कांड में सुधीर चौधरी ने कर डाली झूठी DNA एनालिसिस, सबसे बड़े विलेन को बना दिया हीरो

गोरखपुर कांड में सुधीर चौधरी ने कर डाली झूठी DNA एनालिसिस, सबसे बड़े विलेन को बना दिया हीरो

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सोशल मीडिया पर करोड़ों देशभक्त लोग जी न्यूज़ को बहुत ही देशभक्त चैनल समझते हैं और उनके पत्रकारों को भी देशभक्त और इमानदार समझते है, ऐसे लोग शायद जी न्यूज़ और DNA को पहले से नहीं जानते, जी न्यूज़ सिर्फ 3 वर्षों से देशभक्त बना है वो भी मोदी सरकार के आने के बाद, ऐसा इसलिए क्योंकि इन्होने देशभक्तों की भावनाओं को समझा, रिसर्च किया और देशभक्ति पर ख़बरें दिखाने लगे ताकि देशभक्त लोग सिर्फ इनका चैनल देखें.

लेकिन गोरखपुर कांड में जी न्यूज़ के पत्रकारों का मिजाज बदला बदला सा है. ये पत्रकार जमकर आलतू-फालतू ख़बरें दिखा रहे हैं और एक तरह से योगी सरकार पर हमलावर हैं. इससे भी बड़ी हैरानी की बात यह थी कि जी न्यूज़ के अखबार DNA की वेबसाइट पर ही डॉ कफील खान को हीरो बताने वाली खबर छपी थी. मतलब DNA वालों ने ही डॉ कफील खान को हीरो बताया था लेकिन डॉ कफील खान तो सबसे बड़े विलेन निकले, हैरानी तो इस बात की है कि सुधीर चौधरी DNA के चीफ संपादक हैं और वे शाम को सबकी DNA भी करते हैं. DNA मतलब डेली न्यूज़ एंड एनालिसिस.

गोरखपुर कांड में इनकी DNA गड़बड़ा गयी और इन्होने अनाप शनाप DNA एनालिसिस कर डाली. इन्होने विलेन को हीरो बता दिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल भी कर दिया. लोगों को सुधीर चौधरी से ये उम्मीद नहीं रही होगी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ कफील खान ही गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज के Encephalitis विभाग के इंचार्ज थे और हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट का काम भी यही संभाल रहे थे क्योंकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा छुट्टी पर चले गए थे. कल जाँच में पता चला कि जब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमीं से बच्चे तड़प तड़प कर मर रहे थे तो डॉ कफील खान अपने प्राइवेट क्लिनिक में बैठे थे. जब बच्चे मरने लगे तो वे दौड़े दौड़े आये और नौकरी जाने के डर से दौड़ भाग करने लगे. वे फटाफट अपने प्राइवेट क्लिनिक से तीन सिलेंडर लाए और मीडिया को पैसे खिलाकर अपली तारीफ में ख़बरें छपवा दिया. मीडिया ने भी पैसे खाकर उन्हें हीरो बना दिया और जी न्यूज़ के बड़े अखबार DNA ने भी उन्हें हीरो बनाते हुए खबर छाप दी. 

आज पता चला कि डॉ कफील खान सरकारी अस्पताल से भी सिलेंडर चुराते थे और उसे अपने प्राइवेट अस्पताल में ले जाते थे. यही नहीं वे BRD मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी के मेंबर थे इसके बावजूद भी उन्होंने ऑक्सीजन की कमीं को हलके में लिया और योगी सरकार को इसकी जानकारी नहीं दी. योगी दो दिन पहले ही BRD हॉस्पिटल पहुंचे थे और उन्होंने समस्याओं की जानकारी मांगी थी लेकिन डॉ कफील खान ने उन्हें इस बारे में नहीं बताया.

Aug 14, 2017

कुमार विश्वास ने भी डॉ कफील खान को ठोंक दिया सलाम, तो कपिल मिश्रा ने उनका बैंड बजा दिया: पढ़ें

कुमार विश्वास ने भी डॉ कफील खान को ठोंक दिया सलाम, तो कपिल मिश्रा ने उनका बैंड बजा दिया: पढ़ें

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कल आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने भी बिकाऊ मीडिया की ख़बरों को सच मानकर गोरखपुर कांड के असली विलेन डॉ कफील खान को सलाम ठोंका था. उन्होने DNA की एक खबर पर विश्वास करके डॉ कफील खान को सलाम ठोंका था. DNA ने अपनी खबर में डॉ कफील खान को गोरखपुर कांड का हीरो बताते हुए कहा था कि डॉ कफील खान ने हीरो बनकर सैकड़ों बच्चों की जान बचा ली. कुमार विश्वास भी DNA की झूठी खबर को सच मान बैठे और डॉक्टर फकील खान को अच्छा सा सलाम ठोंक दिया.

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आज आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली में पूर्व जल मंत्री कपिल मिश्रा ने कुमार विश्वास का बंद बजा दिया. उन्होने कहा कि चंद वोटों की खातिर सलाम बजाने की जल्दी ना करें. पहले सच जानें. कहीं खलनायक हो नायक तो नहीं बना रहे आप.

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आपकी जानकारी के लिए बता दें कि डॉ कफील खान ही गोरखपुर BRD मेडिकल कॉलेज के Encephalitis विभाग के इंचार्ज थे और हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट का काम भी यही संभाल रहे थे क्योंकि मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल राजीव मिश्रा छुट्टी पर चले गए थे. कल जाँच में पता चला कि जब हॉस्पिटल में ऑक्सीजन की कमीं से बच्चे तड़प तड़प कर मर रहे थे तो डॉ कफील खान अपने प्राइवेट क्लिनिक में बैठे थे. जब बच्चे मरने लगे तो वे दौड़े दौड़े आये और नौकरी जाने के डर से दौड़ भाग करने लगे. वे फटाफट अपने प्राइवेट क्लिनिक से तीन सिलेंडर लाए और मीडिया को पैसे खिलाकर अपली तारीफ में ख़बरें छपवा दिया. मीडिया ने भी पैसे खाकर उन्हें हीरो बना दिया और जी न्यूज़ के बड़े अखबार DNA ने भी उन्हें हीरो बनाते हुए खबर छाप दी. 

आज पता चला कि डॉ कफील खान सरकारी अस्पताल से भी सिलेंडर चुराते थे और उसे अपने प्राइवेट अस्पताल में ले जाते थे. यही नहीं वे BRD मेडिकल कॉलेज की खरीद कमेटी के मेंबर थे इसके बावजूद भी उन्होंने ऑक्सीजन की कमीं को हलके में लिया और योगी सरकार को इसकी जानकारी नहीं दी. योगी दो दिन पहले ही BRD हॉस्पिटल पहुंचे थे और उन्होंने समस्याओं की जानकारी मांगी थी लेकिन डॉ कफील खान ने उन्हें इस बारे में नहीं बताया.

ऐसे विलेन को DNA वेबसाइट ने हीरो बना दिया और कुमार विश्वास जैसे लोग भी उनकी बातों में आ गए, लेकिन कपिल मिश्रा ने उनका अच्छे से बैंड बजा दिया.
बिकाऊ मीडिया ने इसे बना दिया था हीरो, अगर खुलासा ना होता तो शायद बना देते भारत रत्न का दावेदार

बिकाऊ मीडिया ने इसे बना दिया था हीरो, अगर खुलासा ना होता तो शायद बना देते भारत रत्न का दावेदार

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देश के बिकाऊ मीडिया की पोल एक बार फिर से खुल गयी हैं क्योंकि बिकाऊ मीडिया ने गोरखपुर कांड के बाद आनन फानन में उसे ही हीरो बना दिया जो इस कांड का विलेन है और जिसकी वजह से दर्जनों बच्चों की जान गयी है. बिकाऊ मीडिया ने पैसे खाकर गोरखपुर कांड के असली विलेन डॉ कफील खान को हीरो बना दिया था, उसके बारे में कहा जा रहा था कि इसनें ही सैकड़ों बच्चों की जान बचाई, इमरजेंसी में सिलेंडर का इंतजाम किया और बच्चों को ऑक्सीजन दी.

अब पता चल रहा है कि डॉ कफील खान सरकारी अस्पताल के ऑक्सीजन के सिलेंडरों को चुराकर उसे अपने निजी अस्पताल में ले जाते थे और वही चोरी के 3 सिलेंडर वह उस दिन वापस लाकर हीरो बन गए. अगर वे सरकारी सिलेंडरों को चुराकर अपने क्लिनिक में ना ले जाते तो अस्पताल में ऑक्सीजन की कमीं ही ना होती और इतने बच्चों की जान ही ना जाती.

अगर डॉ कफील खान की पोल ना खुलती तो बिकाऊ मीडिया ने जिस तरह से उसे हीरो बनाया था, शायद अब तक उसे भारत रत्न का दावेदार भी बना दिया जाता.

गोरखपुर के BRD मेडिकल कॉलेज में 10 अगस्त को सबसे अधिक 23 बच्चों की मौत हुई थी और उसी दिन ऑक्सीजन की सप्लाई रुकी थी, एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसकी वजह से सब कुछ साफ़ हो गया है. डॉ कफील खान जो Encephalitis विभाग के इंचार्ज थे और हॉस्पिटल के सुपरिंटेंडेंट भी वही थे, मतलब पूरा पूरे हॉस्पिटल की जिम्मेदारी उस वक्त उन्हीं के कंधे पर थी क्योंकि प्रिंसिपल राजीव मिश्रा छुट्टी पर थे. डॉ कफील खान उस दिन सरकारी अस्पताल में ड्यूटी देने के बजाय अपने क्लिनिक पर बैठे थे.