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Tuesday, January 17, 2017

‘कमजोर समाजवादी पार्टी’ ने ‘कुंठित कांग्रेस’ ने मिलाया हाथ इसलिए नहीं बनेगी बात: शाहनवाज हुसैन

‘कमजोर समाजवादी पार्टी’ ने ‘कुंठित कांग्रेस’ ने मिलाया हाथ इसलिए नहीं बनेगी बात: शाहनवाज हुसैन

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New Delhi, 17 January: उत्तर प्रदेश में बीजेपी की मजबूत स्थिति को देखते हुए समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने आपस में गठबंधन बनाने का फैसला किया है ताकि बीजेपी को चुनावों में हरा सकें और अखिलेश अपनी कुर्सी बचा सकें। गठबंधन पर बात बन चुकी है लेकिन अभी तक सीटों का बंटवारा नहीं हुआ है। 

बीजेपी नेता शाहनवाज हुसैन ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कांग्रेस पहले ही बर्बाद हो चुकी है, हर जगह से समाप्त होती जा रही है, समाजवादी पार्टी खुद को ही कमजोर मानती है वरना गठबंधन की जरूरत ही नहीं पड़ती। उन्होंने कहा कि एक कुंठित और एक कमजोर पार्टी के गठबंधन से कोई बात नहीं बनेगी क्योंकि जनता इनकी मंशा को समझ रही है। 

उन्होंने कहा कि दो कमजोर पार्टियां कभी भी मजबूत गठबंधन नहीं बना पातीं वह भी जब सामने बीजेपी है। उन्होंने कहा कि इस वक्त उत्तर प्रदेश में बीजेपी की जो आंधी चल रही है उसके सामने कोई भी गठबंधन नहीं टिक सकता। 

उन्होंने कहा कि अखिलेश और मुलायम सिंह ने आपस में नौटंकी करके विकास के मुद्दे पर से जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश की है लेकिन जनता चुनावों में अखिलेश की असफलता पर ही मुहर लगाएगी। जनता अब गुंडाराज और भ्रष्टाचार की सरकार को बर्दास्त करने वाली नहीं है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पहले शीला दीक्षित को दिल्ली से मुख्यमंत्री उम्मीदवार बनाकर लाई और अब समाजवादी पार्टी के साथ मिल गयी, अब सवाल यह उठता है कि अब वे शीला दीक्षित को मुख्यमंत्री कैसे बनायेंगे, अब तो उन्हें 100 से अधिक सीटें भी लड़ने के लिए नहीं मिलेंगी। यह दर्शाता है कि कांग्रेस के पास कोई रणनीति नहीं है, उसे पता ही नहीं है कि क्या करना है। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब खँडहर हो चुकी है इसलिए उनके पास अकेले लड़ने की ताकत ही नहीं बची है। 
बीजेपी की आंधी से इतना डर गए हैं कि लालू यादव ने ‘UP चुनाव’ को बताया ‘देश का चुनाव’

बीजेपी की आंधी से इतना डर गए हैं कि लालू यादव ने ‘UP चुनाव’ को बताया ‘देश का चुनाव’

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Patna, 17 January: वैसे तो सभी विरोधी नेता उत्तर प्रदेश में मोदी और बीजेपी लहर से इनकार करते हैं लेकिन वे अन्दर ही अन्दर घबराएं हुए हैं, उनके अन्दर खलबली मची हुई है, लालू प्रसाद भले ही बिहार के नेता हैं लेकिन मुलायम सिंह के समधी होने के नाते वे भी उत्तर प्रदेश के चुनावों में नजर रखे हुए हैं, वे बीजेपी लहर से इस कदर घबरा गए हैं कि अनाप शनाप बयान दे रहे हैं। 

कल उन्होने कहा कि अखिलेश को साइकिल मिल गयी और बीजेपी वाले हाथ मलते रह गए, सच्चाई यह थी कि मुलायम सिंह को साइकल नहीं मिली और हाथ भी वही मल रहे हैं, अखिलेश सिंह के खिलाफ मुलायम सिंह चुनाव आयोग गए थे ना कि बीजेपी वाले। 

लालू यादव यहीं पर नहीं रुके, उन्होंने मुलायम सिंह यादव से अपील करते हुए कहा कि वे अखिलेश यादव को अपने आशीर्वाद दें क्योंकि यह देश का चुनाव हो रहा है ना कि सिर्फ यूपी का। अब आप ही बताइये क्या यह देश का चुनाव है, चुनाव तो उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के लिए हो रहा है। 

लालू यादव को धरती खिसकती दिख रही है, इस वक्त उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनावों से भी तेज मोदी लहर है, देश में कहीं भी चुनाव हों, बीजेपी की जीत हो रही है, नोटबंदी के कदम के समर्थन के रूप में जनता बीजेपी को वोट दे रही है। लालू को पता है कि अगर बीजेपी ने उत्तर प्रदेश जीत लिया तो समझो पूरा देश जीत लिया। इसीलिए वे कह रहे हैं यह यूपी का नहीं देश का चुनाव है। 
BJP से पराजय के डर से आपस में गठबंधन बनायेंगे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस

BJP से पराजय के डर से आपस में गठबंधन बनायेंगे समाजवादी पार्टी और कांग्रेस


नई दिल्ली, 17 जनवरी: ऐसा लगता है कि समाजवादी पार्टी के मालिक अखिलेश यादव को यूपी चुनावों में अपने हार दिख रही है इसलिए उन्होंने अपनी कुर्सी बचाने के लिए कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ने का फैसला किया है, गठबंधन की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अब केवल सीटों के बंटवारे पर बात चल रही है।

कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को कहा कि वह उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी (सपा) के साथ गठबंधन करेगी। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने संवाददाताओं से कहा, "उत्तर प्रदेश में अगली सरकार कांग्रेस, समाजवादी पार्टी का गठबंधन ही बनाएगा।"

आजाद ने कहा कि गठबंधन के महत्वपूर्ण पहुलओं विशेष रूप से सीटों के बंटवारे को लेकर विचार चल रहा है।

हालांकि, उन्होंने बिहार की तरह महागठबंधन के गठन की संभावना पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
लालू यादव ने मुलायम को भी बता दिया भाजपाई: पढ़ें

लालू यादव ने मुलायम को भी बता दिया भाजपाई: पढ़ें

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Patna, 17 January: लालू यादव ने कल मुलायम सिंह को भी भाजपाई बता दिया। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने साइकिल चुनाव निशान अखिलेश को दे दिया और भाजपाई हाथ मलते रह गए। अब आप ही सोचिये, अखिलेश के खिलाफ चुनाव आयोग बीजेपी वाले गए थे या मुलायम सिंह गए थे। आपका उत्तर होगा - मुलायम सिंह गए थे। अगर अखिलेश के खिलाफ मुलायम सिंह चुनाव आयोग गए थे तो हार किसे मिली। अगर हार मुलायम सिंह को मिली तो बीजेपी वाले कैसे हाथ मलते रह गए। हाथ मलते रह गए मुलायम सिंह। 

जाहिर है कि लालू यादव जैसे नेता बीजेपी की हवा से इस कदर बौखलाये हुए हैं कि कुछ भी बोल देते हैं, झगडा हो रहा है पिता और पुत्र में लेकिन लालू यादव इसे बीजेपी की हार बता रहे हैं। 

अगर लालू यादव की बात पर भरोसा करें तो मुलायम सिंह, शिवपाल यादव और अमर सिंह भाजपाई हैं क्योंकि यही लोग अखिलेश के खिलाफ चुनाव आयोग गए थे, इन्हीं लोगों को साइकिल से हाथ धोना पड़ा और यही लोग हाथ मलते रह गए। 
मुलायम हुए बेकार, अखिलेश साईकिल के असली हकदार: ममता बनर्जी

मुलायम हुए बेकार, अखिलेश साईकिल के असली हकदार: ममता बनर्जी

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कोलकाता, 17 जनवरी: अब सभी नेताओं के लिए मुलायम सिंह बेकार हो चुके हैं, एक समय था कि समाजवादी पार्टी में मुलायम सिंह की तूती बोलती थी लेकिन अब वे किसी के लिए भी मायने नहीं रखते, उन्होंने अपने बेटे अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव आयोग में साइकिल चुनाव चिन्ह के लिए याचिका डाली थी लेकिन उन्हें हार मिली, साइकिल अखिलेश झटक ले गए। 

मुलायम की हार के बाद उनके साथ भारत का कोई भी नेता खड़ा नहीं हुआ है, सभी लोग अखिलेश को ही साइकिल का असली हकदार बता रहे हैं जबकि असलियत यह है कि उन्होंने अपने पिता से जबरन राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद छीना है। 

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को बधाई दी और कहा कि वह समाजवादी पार्टी के चुनाव चिह्न 'साइकिल' के वास्तविक हकदार थे। गौरतलब है कि प्रत्याशियों के चयन को लेकर चल रहे अंतर्कलह के चलते सपा में दो गुट बंट चुके हैं। एक गुट मुख्यमंत्री अखिलेश के पक्ष में है तो दूसरा गुट उनके पिता और पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के पक्ष में।

दोनों गुटों के बीच पार्टी के चुनाव चिह्न 'साइकिल' को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया था, जिसे निर्वाचन आयोग ने सोमवार को खत्म कर दिया।

निर्वाचन आयोग ने अखिलेश को सपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वीकार किया और चुनाव चिह्न 'साइकिल' पर भी अखिलेश गुट का अधिकार स्वीकार किया।

ममता ने इसी घटनाक्रम पर सोमवार को ट्वीट किया, "सपा का चुनाव चिह्न पाने पर अखिलेश को बधाई। आप इसके हकदार थे।"

उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव में एक महीने से भी कम समय रह गया है। 11 फरवरी से शुरू होने वाला आगामी विधानसभा चुनाव सात चरणों में आठ मार्च को खत्म होगा।
UP में तलाशी के दौरान पुलिस ने पकडे 5 करोड़ रुपये

UP में तलाशी के दौरान पुलिस ने पकडे 5 करोड़ रुपये

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हमीरपुर, 17 जनवरी: उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में वाहनों की चेकिंग के दौरान पुलिस ने 4 करोड़ 97 लाख रुपये बरामद किए है। पुलिस ने नए नोटों की गड्डियों को कब्जे में लेकर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है और मामले की जानकारी आयकर विभाग को दी है। बताया जा रहा है कि करोड़ों की नकदी इलाहाबाद बैंक के मंडलीय कार्यालय की है, जिसे मौदहा, बांदा व महोबा में बैंक के ब्रांचों में भेजा जा रहा था। इस कार्रवाई से बैंक के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।

इलाहाबाद बैंक हमीरपुर की मेन ब्रांच से 2.73 करोड़ रुपये महिंद्रा जीप नंबर यूपी.78डीयू-7983 में बक्सों में रखा गया था। इस जीप में चालक के अलावा बैंककर्मी व एक सुरक्षा गार्ड भी बैठा था। गाड़ी हमीरपुर स्थित रानी लक्ष्मीबाई तिराहे की ओर चली थी, तभी सदर कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक पीके सिंह टीम के साथ इस जीप की चेकिंग की तो करोड़ों रुपये देखकर उनके होश उड़ गए। 

कैश सहित जीप को कोतवाली लाया गया और कैश से भरे दोनों बक्से कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। सीओ सदर योगेश कुमार भी मौके पर पहुंच गए हैं। 

उन्होंने आयकर विभाग को मामले की जानकारी देकर उनके अफसर को बुलाया है। उधर, सुमेरपुर पुलिस ने कानपुर से सुमेरपुर जा रही इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की गाड़ी क्रमांक यूपी.32जीडी-9777 की चेकिंग की। चेकिंग में 2.24 करोड़ की नकदी बरामद कर इसकी जांच पड़ताल शुरू कर दी है।

बैंक मैनेजर पी.के. सिंह ने कहा कि कैश बैंक का है। विधानसभा चुनाव को लेकर पुलिस व स्टेटिक मैजिस्ट्रेट की चेकिंग में पांच सौ व दो हजार रुपये की नई करेंसी बरामद हुई है। 

हमीरपुर के सीओ योगेश कुमार ने बताया कि स्टेटिक मैजिस्ट्रेट ने पुलिस के साथ चेकिंग में नई करेंसी के 2.73 करोड़ कैश बरामद किया है। सुमेरपुर कस्बे में भी 2.24 करोड़ रुपये कैश चेकिंग के दौरान गाड़ी से बरामद किए गए हैं। दोनों मामले की जांच कराई जा रही है। 

सीओ ने कहा कि दोनों स्थानों पर बरामद कैश की जांच के लिए आयकर विभाग को जानकारी दे दी गई है। 

इलाहाबाद बैंक के एजीएम एसएस गुप्ता ने कहा, "यह पैसा पुलिस के पिता का नहीं है जिसे कब्जे में ले लिया है। बंैक का कैश है।"

उनका कहना है कि बैंकों को यह पैसा भिजवाया जा रहा था। यदि इसी तरह से पुलिस और टीम परेशान करेगी तो कल से महोबा, बांदा व हमीरपुर की ब्रांच बंद हो जाएंगी।

Monday, January 16, 2017

अखिलेश को साइकिल मिल गयी, भाजपा हाथ मलती रह गई: लालू यादव

अखिलेश को साइकिल मिल गयी, भाजपा हाथ मलती रह गई: लालू यादव

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पटना, 16 जनवरी: उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी (सपा) में चल रही अंदरूनी कलह के बीच सोमवार को निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव चिह्न् 'साइकिल' का फैसला मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के पक्ष में फैसला सुनाए जाने के बाद राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद बहुत खुश नजर आए, उन्होंने अखिलेश को बधाई देते हुए कहा कि 'भाजपाई हाथ मलते रह गए।' पूर्व केंद्रीय मंत्री लालू ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तंज कसते हुए ट्वीट किया, "नेता जी की बनाई हुई पार्टी है। नेता जी अपना आशीर्वाद अखिलेश को देंगे। भाजपाई हाथ मलते रह गए।"

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने सपा को एकजुट बताते हुए लिखा, "ये उत्तर प्रदेश का नहीं, देश का चुनाव है। अब उत्तर प्रदेश में फासीवादी और फिरकापरस्त ताकतों की हार पूर्णत: निश्चित है। बधाई! समाजवादी पार्टी एकजुट है, सब पहले जैसा है।"

लालू ने इशारों-इशारों में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा की ओर से अखिलेश को मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बताते हुए एक और ट्वीट किया, "अखिलेश के नेतृत्व में विकासशील, प्रगतिशील, धर्मनिरपेक्ष एवं न्यायप्रिय सरकार बननी तय है। सब एकजुट हैं। हमसब मिलकर सांप्रदायिक ताकतों को हराएंगे।"

उल्लेखनीय है कि लालू सपा में पिता-पुत्र के बीच चल रहे कलह को खत्म कराने के लिए लगातार प्रयासरत रहे हैं। लालू और मुलायम रिश्तेदार भी हैं। 
मुलायम सिंह के लिए बुरी खबर, साइकिल की जंग में अखिलेश ने जीती बाजी, पिता से छीनी साइकिल

मुलायम सिंह के लिए बुरी खबर, साइकिल की जंग में अखिलेश ने जीती बाजी, पिता से छीनी साइकिल

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Lucknow, 16 January: अखिलेश यादव के लिए खुशखबरी है जबकि मुलायम सिंह को चुनाव आयोग ने झटका दिया है। साइकिल की जंग में अखिलेश ने बारी मारते हुए समाजवादी पार्टी का चुनाव चिन्ह अपने नाम कर लिया है। मुलायम सिंह अपने बेटे से हार गए हैं।

साइकिल चुनाव चिन्ह मिलने से विधानसभा चुनावों में अखिलेश को फायदा होगा क्योंकि अब वे अपना रास्ता खुद तय करेंगे और उन्हें अपने पिता या चाचा का कोई डर नहीं रहेगा, उन्होंने अपने पिता को पहले से ही राष्ट्रीय अध्यक्ष के पद से हटा दिया है, अब उनके सामने शिवपाल सिंह की कोई औकात नहीं है।

अखिलेश को साइकिल चुनाव चिन्ह मिलने के बाद राम गोपाल यादव ने चुनाव आयोग का शुक्रिया अदा किया, उन्होने साथ खड़े रहने के लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं का भी धन्यवाद अदा किया। 
ट्रेन के आगे कूदकर प्रेमी युगल ने की खुदकुशी

ट्रेन के आगे कूदकर प्रेमी युगल ने की खुदकुशी

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बरेली, 15 जनवरी: उत्तर प्रदेश के जनपद बरेली में प्रेमी युगल द्वारा ट्रेन से कटकर खुदकुशी किए जाने का मामला सामने आया है। अभी तक दोनों प्रमियों की शिनाख्त नहीं हो सकी है।

जानकारी के मुताबिक फरीदपुर के टिसुआ रेलवे स्टेशन के पास शनिवार देर रात लोगों ने एक प्रेमी युगल को रेलवे स्टेशन के पास घूमते देखा। कुछ देर बाद दोनों अचानक सामने से आ रही ट्रेन के आगे कूद गए। दोनों की चीखें सुनकर लोग उस ओर दौड़े जहां दोनों के शव पड़े थे।

इस लोगों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर फरीदपुर पुलिस पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में ले लिया। काफी देर तक उनकी पहचान की कोशिश की गई लेकिन शिनाख्त नहीं हो सकी।

पुलिस का कहना है कि प्रेमी युगल इलाके के रहने वाले हो सकते हैं। उनकी पहचान के लिए लापता युवक और युवतियों के बारे में जिले के सभी थाने से जानकारी जुटाई आ रही है।

Saturday, January 14, 2017

अंतिम समय में एक हो जाएंगे पिता-पुत्र और UP वालों से कहेंगे ‘उल्लू बनाया बड़ा मजा आया’

अंतिम समय में एक हो जाएंगे पिता-पुत्र और UP वालों से कहेंगे ‘उल्लू बनाया बड़ा मजा आया’

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Lucknow, 14 January: आप सोच रहे होंगे कि अखिलेश यादव और मुलायम सिंह यादव के रिश्ते ठीक नहीं हैं, दोनों अलग अलग हो जाएंगे, दो पार्टियाँ बन जाएंगी, अखिलेश ने पिता को धोखा दे दिया, राम गोपाल ने गद्दारी की, शिवपाल और अखिलेश की नहीं बन रही है। अंत में आप देखना सभी एक हो जाएंगे और अपने मन में उत्तर प्रदेश वालों से यही कहेंगे कि 'उल्लू बनाया बड़ा मजा आया'। 

यह नौटंकी उत्तर प्रदेश की जनता का ध्यान भटकाने के लिए और अखिलेश यादव को सुपर पॉवर दिखाने के लिए की जा रही है ताकि यूपी की जनता विकास के मुद्दे को भूल जाए और अखिलेश यादव को केवल एक युवा मुख्यमंत्री के रूप में सोचे, समाजवादी पार्टी के पास एक होने के अलावा कोई चारा नहीं है। इन्हें पता है कि अगर दो पार्टियाँ बनेंगी तो इनकी पक्की हार होगी। 

ये लोग इस युद्ध को अंतिम समय तक खींचना चाहते हैं ताकि यूपी की जनता को कुछ और सोचने का मौका ही ना मिले, बिजली, पानी, शिक्षा, बेरोजगारी आदि मुद्दों को भूल जाए और सिर्फ समाजवादी पार्टी के बारे में सोचे। 

इस वक्त चुनाव आयोग के पास इस युद्ध को बंद कराने के सिर्फ तीन रास्ते हैं -

पहला रास्ता: अखिलेश को मिले साइकिल
दूसरा रास्ता: मुलायम को मिले साइकिल 
तीसरा रास्ता:  फ्रीज किया साइकिल का सिंबल 

अगर चुनाव आयोग पहला रास्ता अपनाता है और अखिलेश को साइकिल देता है तो मुलायम सिंह बेटे के आगे झुक जाएंगे और कहेंगे 'अगर यूपी की जनता अखिलेश के साथ है तो मुझे कोई आपत्ति नहीं है, इससे पहले भी वे कह चुके हैं कि मुझमे और अखिलेश में कोई विवाद नहीं है। 

अगर चुनाव आयोग मुलायम को साइकिल देता है तो अखिलेश अपने पिता के आगे झुक जाएंगे और कहेंगे, पिताजी जैसा कहेंगे मै तो वही करूँगा। वे खुद को आज्ञाकारी पुत्र दिखाने की कोशिश करेंगे ताकि जनता में यह सन्देश जाए कि अखिलेश तो बड़ा आज्ञाकारी पुत्र है। 

अगर चुनाव आयोग साईकिल सिम्बल को फ्रीज करने का रास्ता अपनाता है तो दोनों लोग एक हो जाएंगे और कहेंगे, पार्टी की भलाई के लिए हम एक हो रहे हैं। अगर ये लोग ऐसा नहीं करेंगे तो दोनों को अलग अलग पार्टी बनानी पड़ेगी और दोनों लोग चुनाव हार जाएंगे, इसका लाभ बीजेपी को मिलेगा। 

जब तक इन लोगों की नौटंकी समाप्त होगी, चुनाव की तारीख नजदीक आ जाएगी, इनका एक तरह से प्रचार हो रहा है, जनता अखिलेश और मुलायम के बीच उलझी है, मीडिया वाले पैसे खाकर जनता के मुंह से अखिलेश के बारे में कुछ अच्छा बुलवा रहे हैं ताकि जनता अखिलेश के बारे में अच्छा सन्देश जाए। इस वक्त समाजवादी पार्टी की सबसे बड़ी कोशिश है कि बीजेपी को मीडिया से दूर रखा जाए और पूरा फोकस समाजवादी पार्टी पर रहे ताकि जनता बीजेपी को वोट देने के बारे में सोचे ही ना। 

Friday, January 13, 2017

चुनाव चिन्ह साइकिल पर फैसला सुरक्षित, घोषणा सोमवार को

चुनाव चिन्ह साइकिल पर फैसला सुरक्षित, घोषणा सोमवार को

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नई दिल्ली, 13 जनवरी: निर्वाचन आयोग ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी के चुनाव चिन्ह 'साइकिल' को आवंटित करने पर अपना फैसला सुरक्षित रखा। उम्मीद है कि वह अपना निर्णय सोमवार को सुनाएगा। समाजवादी पार्टी के प्रमुख मुलायम सिंह यादव की वकील गौरी नौलांकर ने आयोग में सुनवाई के बाद आईएएनएस से कहा, "आयोग ने अपना फैसला आज (शुक्रवार को) सुरक्षित रख लिया। वह पार्टी के चुनाव चिन्ह के बारे में सोमवार को निर्णय सुनाएगा।"

उन्होंने कहा, "आयोग ने कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।"

शुक्रवार को हुई सुनवाई की संक्षिप्त जानकारी देते हुए अधिवक्ता गौरी ने कहा, "मुलायम जी ने कहा कि शुरुआत से ही वह पार्टी के वैधानिक अध्यक्ष हैं, इसलिए कोई भी व्यक्ति अवैधानिक रूप से सम्मेलन बुलाकर उन्हें उनके पद से नहीं हटा सकता है।"

गौरी के अनुसार, मुलायम ने आयोग से कहा कि पार्टी के संविधान के मुताबिक वह उसके पदस्थ अध्यक्ष हैं। 

अधिवक्ता ने कहा कि मुलायम के पुत्र और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी से कहा कि यह अखिलेश की पार्टी की है।

आयोग में सुनवाई के बाद सिब्बल ने भी संवाददाताओं से कहा कि आयोग ने दोनों गुटों की बातें सुनीं और किसी एक पक्ष को चुनाव चिन्ह देने को लेकर फैसला सुरक्षित रख लिया।

उधर, मुख्यमंत्री के वकील सुमन राघव ने आईएएनएस से कहा, "मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी के समक्ष हमारे अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने हमारा पक्ष प्रस्तुत किया है। उन्होंने आयोग को सूचित किया कि पार्टी के अधिकांश सांसद और विधायक अखिलेश के साथ हैं, इसलिए साइकिल चुनाव चिन्ह हमलोगों को मिलना चाहिए।"

राघव ने कहा, "हम आश्वस्त हैं कि निर्णय हमारे पक्ष में होगा।"

सुनवाई के लिए हालांकि मुख्यमंत्री यहां नहीं आए थे, लेकिन उनके सिपहसलार रामगोपाल यादव, नरेश अग्रवाल, किरणमय नंदा और नीरज शेखर उपस्थित थे।

मुलायम के साथ उनके भाई शिवपाल यादव, आशु मलिक और संजय सेठ थे।

निर्वाचन आयोग में शुक्रवार को सुनवाई करीब चार घंटे तक चली।
चुनाव आयोग ने साक्षी महाराज से कहा, आपका जवाब संतोशजनक नहीं है, आखिरी चेतावनी दे रहे हैं

चुनाव आयोग ने साक्षी महाराज से कहा, आपका जवाब संतोशजनक नहीं है, आखिरी चेतावनी दे रहे हैं

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नई दिल्ली, 12 जनवरी: निर्वाचन आयोग ने गुरुवार को भाजपा सांसद साक्षी महाराज के उस विवादास्पद बयान की निंदा की, जिसमें उन्होंने भारत की तेजी से बढ़ रही जनसंख्या के लिए 'मुसलमानों' को दोषी ठहराया था। आयोग ने कहा कि भाजपा सांसद ने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किया है और उत्तर प्रदेश के सांसद की इस दलील को खारिज कर दिया कि उन्होंने बयान सार्वजनिक या चुनावी सभा में नहीं दिया, इसलिए यह चुनाव आचार संहिता के दायरे में नहीं आता है।

चुनाव आयोग ने कहा, "आयोग ने आपके जवाब पर विचार किया और यह संतोषजनक नहीं है। धर्म के आधार पर चुनाव के संबंध में समाज के विभिन्न वर्गो के बीच शत्रुता को बढ़ावा देने के प्रभाव वाला कोई भी बयान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन है।"

साक्षी महाराज की निंदा करते हुए आयोग ने आगे आचार संहिता का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी।

मेरठ में संतों की एक सभा को संबोधित करते हुए भारतीय जनता पार्टी के नेता ने परोक्ष रूप से मुसलमानों को जनसंख्या वृद्धि के लिए जिम्मेदार ठहराया।

उन्होंने 6 जनवरी को अपने संबोधन में कहा था, "जनसंख्या तेजी से बढ़ रही है और इसलिए देश की समस्याएं भी बढ़ रही हैं, लेकिन हिंदू इसके लिए जिम्मेदार नहीं हैं। इसके लिए वे जिम्मेदार हैं, जो चार पत्नी और 40 बच्चे की बात करते हैं।"

निर्वाचन आयोग द्वारा नोटिस जारी होने के बाद मेरठ पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया।

उत्तर प्रदेश में उन्नाव के लोकसभा सदस्य ने कई बार अपनी टिप्पणियों का बचाव किया है। उन्होंने यह दावा किया कि उन्होंने किसी भी धार्मिक समुदाय का नाम नहीं लिया था।

Wednesday, January 11, 2017

मुलायम सिंह ने राम गोपाल यादव के बारे मे किया खुलासा

मुलायम सिंह ने राम गोपाल यादव के बारे मे किया खुलासा

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लखनऊ , 11 जनवरी: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव ने बुधवार को एक बार फिर रामगोपाल यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा के इशारे पर वह सपा को तोड़ने में लगे हुए हैं। मुलायम ने यह भी कहा कि पिछले कुछ दिनों में रामगोपाल भाजपा के वरिष्ठ नेताओं से कई बार मिल चुके हैं। लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुलायम ने ये बातें कहीं। उन्होंने कहा कि बड़े संघर्षो के साथ उन्होंने पार्टी को खड़ा किया है और वह नहीं चाहते हैं कि पार्टी टूट जाए।

सपा प्रमुख ने कहा, "मैं नही चाहता हूं कि पार्टी टूट जाए, लेकिन कुछ लोग भाजपा से मिलकर पार्टी को तोड़ने में लगे हुए हैं। पार्टी बनाने के लिए हमने काफी लाठियां खाई हैं। इसे टूटने नहीं देंगे।"

सपा अध्यक्ष ने कहा, "मेरे पास जो कुछ था हमने दे दिया। अब मेरे पास क्या बचा है? मैं बस इतना ही कह सकता हूं कि न तो पार्टी का नाम बदलेगा और न ही सिंबल।"

उन्होंने कहा कि बेटा, बहू के इशारे पर रामगोपाल यह सब कर रहे हैं। वह भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष से चार बार मिल चुके हैं।

Tuesday, January 10, 2017

अपने मुख्यमंत्री बेटे को फुद्दू समझते हैं मुलायम सिंह, बोले, उसे बहका दिया है कुछ लोगों ने

अपने मुख्यमंत्री बेटे को फुद्दू समझते हैं मुलायम सिंह, बोले, उसे बहका दिया है कुछ लोगों ने

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नई दिल्ली, 9 जनवरी: समाजवादी पार्टी (सपा) के कुर्सी से बदखल किये गए मुलायम सिंह अभी भी सत्ता हथियाने वाले अपने बेटे अखिलेश यादव को फुद्दू समझते हैं, उन्होंने कहा है कि उनके बेटे अखिलेश यादव यानी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के बीच कोई मतभेद नहीं है उसे तो कुछ लोगों ने बहका दिया है। अब आप बताइये पांच साल तक देश के सबसे बड़े राज्य उत्तर प्रदेश में सरकार चलाने वाले अखिलेश यादव को कौन बहका सकता है, अगर अखिलेश चाहते तो मुलायम सिंह को जबरजस्ती कुर्सी से हटाकर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने से मना कर देते। 

मुलायम सिंह ने अपने  चुनाव चिह्न् 'साइकिल' पर दावे को लेकर पार्टी के दोनों गुटों के दावों के बीच 'दरार' की बात स्वीकार कर ली। निर्वाचन आयोग द्वारा सपा के चुनाव चिह्न् साइकिल को लेकर 'दावों' पर जल्द फैसला लेने की बात कहने के बाद मुलायम की यह टिप्पणी सामने आई है।

एक सप्ताह के भीतर लगातार दूसरी बार मुलायम सिंह ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी से मुलाकात की और 'साइकिल' पर अपना दावा जताने के साथ ही अपने चचेरे भाई राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव पर पार्टी में झगड़ा लगाने का आरोप लगाया।

मुख्य निर्वाचन आयुक्त नसीम जैदी से मुलाकात के बाद मुलायम ने रामगोपाल यादव की ओर स्पष्ट तौर पर इशारा करते हुए संवाददाताओं से कहा कि सिर्फ 'एक शख्स' पार्टी में समस्याएं पैदा कर रहा है। 

उन्होंने कहा, "कोई है, जो मेरे बेटे (अखिलेश) को बहका रखा है। मैंने उससे रविवार रात और आज (सोमवार) सुबह भी बात की है। मेरे और मेरे बेटे के बीच कोई विवाद नहीं है।"

मुलायम ने कहा, "पार्टी में थोड़ा बहुत विवाद है, ज्यादा नहीं। इसके लिए सिर्फ एक शख्स जिम्मेदार है। लेकिन, मेरे लखनऊ पहुंचने पर मामले को जल्द सुलझा लिया जाएगा।"

मुलायम सिंह ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर राज्यसभा सदस्य रामगोपाल यादव को सपा से निष्कासित किए जाने की सूचना दी है।

पार्टी के ज्ञात सूत्रों ने कहा है कि जैदी से मुलाकात के वक्त मुलायम ने जोर दिया कि एक जनवरी को हुए अधिवेशन के दौरान उन्हें अध्यक्ष पद से हटाया जाना 'अवैध' है।

पार्टी के चुनाव चिह्न् 'साइकिल' पर अपना दावा ठोकने आए मुलायम ने जैदी से लगभग 40 मिनट तक बातचीत की। उनके साथ उनके भाई शिवपाल यादव व वरिष्ठ नेता अमर सिंह भी थे।

सोमवार को बाद में अखिलेश गुट से रामगोपाल यादव भी निर्वाचन आयोग के दफ्तर पहुंचे और पार्टी के चुनाव चिह्न् पर जल्द फैसले का आग्रह किया।

रामगोपाल ने बाद में कहा, "हमने उनसे चुनाव चिह्न् पर जल्द से जल्द फैसला लेने के लिए कहा है, क्योंकि 17 जनवरी से नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी।"

उन्होंने मुलायम के उस बयान पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके व अखिलेश के बीच कोई मतभेद नहीं है। 

इससे पहले, अखिलेश यादव की तरफ से एक वकील देवेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पार्टी के चुनाव चिह्न् पर मुलायम ने रामगोपाल द्वारा दाखिल जवाब को स्वीकार करने से एक बार फिर इनकार कर दिया।

उपाध्याय ने संवाददाताओं से कहा, "निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि उनके समक्ष जवाब दाखिल करने से पहले हम उसकी एक प्रति मुलायम सिंह यादव को दें। मैंने उन्हें प्रति देने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने उसे लेने से इनकार कर दिया।"

Monday, January 9, 2017

बिजनोर में महला का फंदे से लटका मिला शव, देखें VIDEO

बिजनोर में महला का फंदे से लटका मिला शव, देखें VIDEO

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Bijnor, 9 January: थाना क्षेत्र मंडावर के ग्राम सुखनपुर लाल में 36 वर्षीय महिला चीनू फंदे से लटका हुआ शव मिला है, जिसकी खबर से इलाके में सनसनी फ़ैल गयी, महिला के पति की डेढ़ वर्ष पूर्व मृत्यु हो गयी थी।

जानकारी के अनुसार पति की मृत्यु के बाद वह अपने दो बच्चों के साथ अपनी ससुराल सुखनपुर लाल में ही रहती थी। आत्हत्या की सुचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँच गयी तथा शव को कब्ज़े में लेकर पंचनामा भरके पोस्मार्टम के लिए बिजनौर ज़िला अस्पताल भेजा। 

पुलिस ने चीनू के परिजनों व इलाके के लोगो से पूछताछ कर मामले की जांच शुरू करदी है लेकिन अभी तक पुलिस को आत्महत्या के कारणों का कोई अहम सुराग हासिल नही हुआ है।

पुलिस अधिकारियो का कहना है कि जांच शुरू कर दी गयी है जल्द ही मामले की सही स्थिति का पता लगा लिया जायेगा।

समाजवादी पार्टी की नौंटकी में एक ही खलनायक, जल्द होगा समस्या का समाधान: मुलायम सिंह

समाजवादी पार्टी की नौंटकी में एक ही खलनायक, जल्द होगा समस्या का समाधान: मुलायम सिंह

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New Delhi, 9 January: समाजवादी पार्टी की नौटंकी अभी ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है, आज मुलायम सिंह यादव अपने साथियों अमर सिंह और शिवपाल यादव के साथ चुनाव आयोग पहुंचे और चुनाव चिन्ह साइकिल पर अपना दावा पेश किया, उन्होंने राम गोपाल यादव द्वारा पेश किये गए दस्तावेजों को फर्जी बताया।

चुनाव आयोग में अपना पक्ष रखने के बाद मुलायम सिंह ने मीडिया के प्रश्नों का जवाब दिया, उन्होंने कहा कि मुझसे और अखिलेश यादव के बीच कोई खटास नहीं है, वो तो मेरा बेटा है, इस नौटंकी में एक ही खलनायक है, और उसी की वजह से समस्याएँ हो रही हैं, जल्द ही यह मसला सुलझा लिया जाएगा। मुलायम सिंह ने इशारों इशारों में जिसे खलनायक बताया था वे राम गोपाल यादव हैं जिन्होंने सपा का राष्ट्रीय अधिवेशन बुलाकर अखिलेश यादव को राष्ट्रीय अध्यक्ष बना दिया था। 

मुलायम सिंह के जाने के बाद राम गोपाल यादव और नरेश अग्रवाल भी चुनाव आयोग पहुँच चुके हैं और मुलायम सिंह के दस्तावेजों की काट प्रस्तुत करेंगे। ऐसा लगता है कि यह नौटकी अभी कुछ दिन और खिंचेगी। 
UP में ना चुनाव लड़ेंगे और ना ही BJP को जीतने देंगे केजरीवाल, पूरी ताकत से करेंगे दुष्प्रचार

UP में ना चुनाव लड़ेंगे और ना ही BJP को जीतने देंगे केजरीवाल, पूरी ताकत से करेंगे दुष्प्रचार

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New Delhi, 9 January: इस वक्त केजरीवाल बीजेपी या मोदी को किसी भी कीमत पर देखना नहीं चाहते, केजरीवाल मोदी और बीजेपी के इतने पक्के विरोधी बन गए हैं कि उत्तर प्रदेश में खुद चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन बीजेपी को रोकने के लिए पूरी ताकत लगा देंगे और रैलियां करके बीजेपी के खिलाफ प्रचार करेंगे। 

उत्तर प्रदेश में सबसे बाद में चुनाव होगा, आप पंजाब और गोवा में चुनाव लड़ रही है, दोनों जगह पहले चुनाव समाप्त हो जाएगा इसलिए केजरीवाल के पास उत्तर प्रदेश में बीजेपी के खिलाफ प्रचार करने के लिए काफी समय रहेगा, दिल्ली में तो उनके पास कोई काम नहीं है क्योंकि दिल्ली को उन्होंने राम भरोसे छोड़ दिया है इसलिए वे अपना समय उत्तर प्रदेश में लगायेंगे और बीजेपी को रोकने की कोशिश करेंगे। 

आप प्रवक्ता वैभव माहेश्वरी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में भाजपा के खिलाफ आप का अभियान पहले से ही चल रहा है। पंजाब और गोवा में चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आप के सभी स्टार प्रचारक और नेता उत्तर प्रदेश पर ध्यान केन्द्रित करेंगे।

उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नेताओं का कार्यक्रम तय किया जाएगा। वैसे सभी नेता भाजपा के खिलाफ प्रचार करेंगे और जनता को भाजपा के सही चेहरे से अवगत कराएंगे और बताएंगे कि यदि उत्तर प्रदेश में भाजपा आयी तो क्या कुछ हो सकता है।

माहेश्वरी ने कहा कि भाजपा नोटबंदी को मुख्य मुद्दा बनाकर चुनाव लड़ रही है। आप ने इसे अब तक का सबसे बड़ा घोटाला बताया है। उन्होंने कहा कि भाजपा के खिलाफ प्रचार को इस रूप में देखा जा सकता है कि ये एक नयी तरह की राजनीति है, जहां एक पार्टी अपनी उर्जा और धन चुनाव में लगाएगी, उस चुनाव में, जिसमें उसे कुछ नहीं मिलने वाला है।

आप हालांकि उत्तर प्रदेश में चुनाव नहीं लड रही है लेकिन पंजाब और गोवा विधानसभा चुनाव में उसने प्रत्याशी उतारे हैं।

Sunday, January 8, 2017

अखिलेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों से नाराज, कई गांवों के किसान करेंगे चुनावों का बहिष्कार

अखिलेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों से नाराज, कई गांवों के किसान करेंगे चुनावों का बहिष्कार

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गाजियाबाद, 7 जनवरी: प्रदेश सरकार की भूमि अधिग्रहण नीतियों के खिलाफ मंडोला गांव में धरने पर बैठे आधा दर्जन गांव के किसानों ने विधानसभा चुनाव का बहिष्कार करने की घोषणा की है।

दरअसल, छह गांव में मंडोला, नानू, पंचलोक, नवादा, अगरौला और मकसूदाबाद बामला के किसान बीते दो दिसंबर से भूमि अधिग्रहण नीति के खिलाफ मंडोला गांव में धरने पर बैठे हैं। किसानों का आरोप है कि आवास विकास परिषद ने किसानों को ठगा है। किसानों की मांग है कि उन्हें पूर्ण अधिकार के साथ उनकी 50 प्रतिशत भूमि वापस दी जाए।

किसानों की मांग है कि दिए गए मुआवजे को शेष भूमि में समायोजित किया जाए। साथ ही उन्हें वापस मिलने वाली भूमि में 30 प्रतिशत मिश्रित भू-उपयोगी और 70 प्रतिशत कृषि उपयोगी हो। वहीं आवास विकास परिषद को मिली भूमि की विक्रय दर निर्धारित कर 60 प्रतिशत किसानों को दिया जाए।

किसानों का आरोप है कि पिछले एक माह के दौरान उनके द्वारा दिए गए ज्ञापन पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। किसान कल्याण समिति के अध्यक्ष महेंद्र त्यागी ने बताया सभी छह गांवों के लोगों की पंचायत में तय किया है कि 11 फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही इन गांवों का कोई भी परिवार वोट नहीं डालेगा।
सीमा यादव ने कहा, डकैतों को पालते हैं शिवपाल यादव

सीमा यादव ने कहा, डकैतों को पालते हैं शिवपाल यादव

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कानपुर, 07 जनवरी 2017: समाजवादी पार्टी में अखिलेश और मुलायम गुटों के नेताओं की ओर से चल रही जुबानी जंग बीच पूर्व दस्यु सुंदरी सीमा यादव ने भी अपनी जुबान खोलते हुए मुलायम गुट के अहम नेता शिवपाल सिंह यादव पर कई आरोप जड़े।

उन्होंने कहा कि शिवपाल सिंह यादव डकैतों को पालते रहे हैं। डकैत चंदन यादव के सिर पर शिवपाल का हाथ था, इसी वजह से पुलिस उस पर हाथ नहीं डालती थी।

कभी बीहड़ में रहने वाली दस्यु सुंदरी ने कहा कि वह कानपुर देहात के सिकंदरा विधानसभा क्षेत्र से निर्दलीय चुनाव लड़ना चाहती हैं। लेकिन शिवपाल के गुर्गे उनके कार्यालय पर पथराव कर रहे हैं और जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। इसी वजह से डीएम और एसपी से परमिशन और सुरक्षा की गुहार लगाने के लिए आई थीं। 

सीमा ने कहा, "7 साल मैंने बीहड़ में जिंदगी बिताई है और 7 साल जेल में। अब राजनीति कर समाज सेवा करना चाहती हूं। लेकिन शिवपाल नहीं चाहते हैं कि मैं चुनाव लड़ूं।" 

सीमा ने कहा कि बीहड़ की जिंदगी अत्याचार की जिंदगी थी। आत्मसमर्पण करने के बाद उन्होंने जिंदगी के सात साल जेल काटे। जेल से बरी होने के बाद राजनीति में आने की योजना बनाई, ताकि इज्जत से जी सकें। 

Saturday, January 7, 2017

BJP को फायदा पहुंचाने के लिए बुलाया गया है संसद का बजट सत्र, इसे रोक देना चाहिए: मायावती

BJP को फायदा पहुंचाने के लिए बुलाया गया है संसद का बजट सत्र, इसे रोक देना चाहिए: मायावती

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लखनऊ, 7 जनवरी: बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने शनिवार को पार्टी की बैठक में केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले 31 जनवरी को संसद का बजट सत्र चुनाव में भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए बुलाया गया है।

उन्होंने कहा कि बजट सत्र अमूमन फरवरी-मार्च में बुलाया जाता रहा है, लेकिन मोदी सरकार बजट में लोक-लुभावन घोषणाएं कर भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहती है। निर्वाचन आयोग को बजट सत्र रुकवाना चाहिए, वरना आदर्श चुनाव आचार संहिता का कोई मायने नहीं रह जाएगा।

मायावती चुनावी तैयारियों की समीक्षा बैठक में पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के सभी वरिष्ठ पदाधिकारियों व प्रदेश की सभी 403 विधानसभा सीटों के पार्टी उम्मीदवारों को संबोधित कर रही थीं।

माया ने कहा, "नोटबंदी का खामियाजा भुगतने के डर से भाजपा के नेता किस्म-किस्म की बयानबाजी व तरह-तरह के हथकंडे अपनाने का प्रयास कर रहे हैं। इसी के तहत संसद का बजट सत्र विधानसभा चुनाव के समय आहूत कर लिया गया है, ताकि बजट में कुछ लोक-लुभावन घोषणाएं करके खासकर उत्तर प्रदेश की जनता को बहकाया जा सके, हमें बहुत सावधान रहने की जरूरत है।"

उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के पारिवारिक कलह व घमासान से प्रदेश की आमजनता को मुक्ति दिलाना जरूरी है। सपा के दोनों ही गुटों को मालूम है कि वे सत्ता में नहीं आने वाले हैं और इसीलिए यहां ऑक्सीजन पर चल रही कांग्रेस पार्टी से किसी भी प्रकार का समझौता करने पर आतुर है, जिसके बारे में भी आमजनता को जागरूक व सावधान करते रहने की जरूरत है।