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Tuesday, March 28, 2017

आखिरकार बदल ही गया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम: पढ़ें

आखिरकार बदल ही गया उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम: पढ़ें

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लखनऊ, 28 मार्च: अगर आपने ध्यान दिया हो तो शपथ ग्रहण के दिन उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने अपना नाम 'आदित्यनाथ योगी' बताया था हालाँकि लोग उन्हें 'योगी आदित्यनाथ' के नाम से जानते थे, न्यूज़, इन्टरनेट और सोशल मीडिया पर उन्हें 'योगी आदित्यनाथ' के नाम से ही पुकारा जाता था। चूँकि मुख्यमंत्री ने शपथग्रहण में अपना नाम 'आदित्यनाथ योगी' बताया था इसलिए ऑफिस के बाहर नेमप्लेट में भी उनका नाम 'आदित्यनाथ योगी' लिखा गया। 

अब खबर आयी है कि मुख्यमंत्री निवास के बाहर नेमप्लेट में फिर से नाम बदलकर 'योगी आदित्यनाथ' लिख दिया गया है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि सोशल मीडिया और न्यूज़ में उनका नाम 'योगी आदित्यनाथ' ही लिखा जाता है, लोग उन्हें 'योगी आदित्यनाथ' के नाम से ही जानते हैं इसलिए नेमप्लेट में भी 'योगी आदित्यनाथ' लिखा गया है। 
युवक बोला 'योगी जिंदाबाद' तो सपा नेता ने बन्दूक उठाकर मार दी गोली

युवक बोला 'योगी जिंदाबाद' तो सपा नेता ने बन्दूक उठाकर मार दी गोली

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Moradabad, 28 March: उत्तर प्रदेश भारतीय जनता पार्टी की विशाल जीत से समाजवादी पार्टी के नेता बौखलाए हुए हैं, इससे भी अधिक चिढ़ योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाए जाने के बाद हुई है, इसी का नतीजा है कि कल योगी जिंदाबाद का नारा लगाने वाले एक युवक की एक सपा नेता ने गोली मारकर हत्या कर दी।

यह घटना मुरादाबाद मंडल के असमोली थाना क्षेत्र के मढ़न गाँव की है, खबर के अनुसार बीजेपी नेता मोनू सिंह का 17 वर्षीय भाई विनिकेट उर्फ़ नन्हे संडे रात को योगी जिंदाबाद के नारे लगा रहा था, उसी रास्ते से समाजवादी पार्टी की नेता ऊषा सिंह के पति शिशुपाल सिंह गुजर रहे थे, उन्होंने जैसे ही योगी जिंदाबाद का नारा सुना, गुस्से से आग बबूला हो गए और बंदूक उठाकर विनिकेत को गोली मार दी।

गोली मारने के बाद सपा नेता फरार हो गए हैं, पुलिस उनके तलाश कर रही है, पुलिस ने इसे चुनावी रंजिश बताया है, घटना की जांच की जा रही है।
अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर YOGI ने की सर्जिकल स्ट्राइक, एक एक पैसे की जांच करने का दिया आदेश

अखिलेश के ड्रीम प्रोजेक्ट पर YOGI ने की सर्जिकल स्ट्राइक, एक एक पैसे की जांच करने का दिया आदेश

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Lucknow, 28 March: मुलायम सिंह ने मोदी के कान में उस दिन कुछ कहा था जिसके बाद कहा गया था कि मुलायम सिंह ने शायद योगी से अखिलेश यादव को बचाने की पार्थना की थी लेकिन ऐसा लगता है कि योगी ने अखिलेश को सबक सिखाने का मन बना लिया है इसलिए आज योगी ने अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट गोमती रिवरफ्रंट पर अब तक खर्च हुई राशि की जांच का आदेश दे दिया। 

अखिलेश यादव मोदी सरकार की हर योजना की हंसी उड़ाते हैं, हाल ही में उन्होंने योगी सरकार के उस आदेश की भी हंसी उड़ाई थी जिसमें उन्होंने पुलिस वालों को भी दफ्तर की सफाई करने का आदेश दिया था, पुलिस वालों को झाडू लगाते देखकर अखिलेश यादव ने उनका मजाक बनाते हुए कहा कि अगर मुझे भी पता होता कि ये अधिकारी इतनी बढ़िया झाडू लगते हैं तो मैं भी इन लोगों से बहुत झाडू लगवाता। इसके अलावा अखिलेश ने यह भी कहा कि योगी काम के मामले में हमसे बहुत पीछे हैं, हम 2022 में दोबारा आएँगे तो मुख्यमंत्री निवास को गंगाजल से शुद्धिकरण करवाएंगे। 

अखिलेश यादव ने शायद ऐसा बोलकर योगी को नाराज कर दिया इसलिए अखिलेश यादव की अकड़ ठीक करने के लिए योगी ने आज उनके ड्रीम प्रोजेक्ट पर सर्जिकल स्ट्राइक कर दी और जांच का आदेश दे दिया, उन्होंने कहा है कि जनता के पैसों की लूट बर्दास्त नहीं की जाएगी। 

योगी आदित्यनाथ ने रिवर-फ्रंट का जायजा लेने के बाद कहा कि इस परियोजना में 900 करोड़ रुपये खर्च हो गए हैं लेकिन नदी तो अभी भी गन्दी है, नाले का पानी नदी में गिर रहा है, पानी से बदबू आ रहा है, उन्होंने पूछा कि आखिर 900 करोड़ रुपये कहाँ और किस बात के लिए खर्च हुए, उन्होने एक एक पैसे का पता लगाने का आदेश देते हुए कहा कि एक भी पैसे की चोरी पकड़ी गयी तो दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा। 

योगी ने इसके साथ ही यह भी आदेश दिया कि इस परियोजना को नमामि गंगे से जोड़कर गोमती नदी में गिरने वाले सभी गंदे नालों के पानी को बंद किया जाय, डाईफ्रॉम वॉल को कलाकोठी तक बढाया जाए, सभी विभागों के प्रमुख सचिव/ सचिव अपने विभागों से सम्बंधित परियोजनाओं की समीक्षा करें, जनता के एक एक पैसे का हिसाब दें। 

Monday, March 27, 2017

भैंसे के गोस्त के लिए ही सही, पहली बार प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे मुसलमान, दुकानें बंद

भैंसे के गोस्त के लिए ही सही, पहली बार प्रदर्शन के लिए सड़क पर उतरे मुसलमान, दुकानें बंद

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Lucknow, 27 March: ऐसा कम ही देखा गया है कि भारत का मुस्लिक समाज किसी बात के विरोध के लिए कभी सड़क पर उतरा हो, कभी आतंकवाद के विरोध के लिए मुस्लिम समाज सड़क पर नहीं उतरता, कभी तीन तलाक के विरोध के लिए मुस्लिम सड़क पर नहीं उतरता, कभी अशिक्षा के खिलाफ मुस्लिम समाज सड़क पर नहीं उतरना, कभी पिछड़ेपन का विरोध करने के लिए मुसलमान सड़क पर नहीं उतरता, कभी गरीबी का विरोध के लिए मुसलमान सड़क पर नहीं उतरता लेकिन आज मुसलमान सड़क पर उतरा, विरोध भी किया, हड़ताल भी किया लेकिन भैंसे के गोस्त के लिए। 

आज भैंसे के गोस्त के लिए मुर्गे की भी दुकान बंद रही, बकरे के गोस्त की भी दुकान बंद रही, गोस्त बेचने वाली सभी दुकाने बंद रहीं, आज मुसलमान भैंसे के गोस्त की कमी के लिए सड़क पर उतर आये, प्रदर्शन किया, अपनी दुकानें बंद रखीं। 

जानकारी के लिए बता दें कि योगी सरकार ने उत्तर प्रदेश में आते ही अवैध बूचडखानों पर कार्यवाही शुरू कर दी और करीब 400 बूचडखानों को बंद कर दिया, इन बूचडखानों पर रोजाना 15000 भैंसे काटे जाते थे, मुसलमान लोग अधिकतर भैंसे का ही गोस्त खाते हैं लेकिन अवैध बूचडखाने बंद होने से भैंसे के गोस्त की कमी हो गयी है इसलिए मुसलामानों का पेट नहीं भर रहा है, इसके अलावा इस धंधे से जुड़े लाखों लोग बेरोजगार हो गए हैं।

मुसलमानों को भैंसे के गोस्त के लिए सड़क पर उतरते देखकर सोशल मीडिया पर लोग जमकर निशाना साध रहे हैं, कुछ लोगों का कहना है कि मंहगाई, बेरोजगारी, अशिक्षा, आतंकवाद आदि का विरोध करने के लिए आज तक किसी भी मुस्लिम नेता या मुस्लिम संगठन ने आन्दोलन नहीं किया लेकिन जैसे ही अवैध बूचडखानों पर कार्यवाही हुई, भैंसे के गोस्त की कमी हुई सभी लोग सड़क पर उतर आये। 
योगी का फरमान, जनता के बीच में पैदल घूमें पुलिस अधिकारी, डर नहीं उनमें विश्वास पैदा करें

योगी का फरमान, जनता के बीच में पैदल घूमें पुलिस अधिकारी, डर नहीं उनमें विश्वास पैदा करें


Lucknow, 27 March: योगी को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बने केवल 7 दिन हुए हैं लेकिन इस वक्त सिर्फ उत्तर प्रदेश में महसूस हो रहा है कि कोई सरकार है, हरियाणा, दिल्ली, मध्य प्रदेश, बिहार में मंदी चल रही है, कहीं कोई चर्चा नहीं हो रही है, चर्चा हो रही है तो सिर्फ योगी आदित्यनाथ की चर्चा हो रही है क्योंकि वे एक्शन फिल्म के एक्शन हीरो की तरह काम कर रहे हैं। 

योगी आदित्यनाथ की राहें बहुत मुश्किल हैं क्योंकि उत्तर प्रदेश के कानून व्यवस्था बहुत बदनाम थी, पुलिस वालों को गुंडों की तरह देखा जाता था लेकिन सिर्फ दो दिन में उन्होंने झाडू पकड़ लिया और दफ्तर की सफाई करने लगे, पहले गुंडे समझे जाते थे लेकिन अब जनता के नौकर समझे जाते हैं। 

योगी ने कल यूपी के पुलिस अधिकारीयों और सिपाहियों को फरमान सुनाते हुए कहा कि अब आप लोगों को अपनी छवि बदलनी है, जनता आपसे डरनी नहीं चाहिए बल्कि आप लोगों को देखकर उन्हें विश्वास होना चाहिए इसलिए आप हर रोज डेढ़ से दो किलोमीटर पैदल घूमकर जनता में विश्वास पैदा करें। 

अब तक पुलिस वाली गाड़ियों से घुमते थे, जहाँ पहुँच जाते थे वहीँ पर जनता सहम जाती थी, डर जाती थी लेकिन अब शायद जनता पुलिस वालों से डरना छोड़कर उन्हें अपना नौकर समझे क्योंकि पुलिस वाले जनता के ही नौकर हैं लेकिन इनकी इमेज गुंडों की बन गयी थी। 

योगी ने आदेश दे दिया है कि अगर कहीं पर गुनाह होता है तो जिम्मेदारी जिलाधिकारी और पुलिस के बड़े अधिकारियों की बनेगी इसलिए कुर्सी छोड़ों और जनता के बीच जाओ, कानून व्यवस्था का राज स्थापित करो, अब अगर कहीं पर गुनाह हुआ तो जिम्मेदारी बड़े अधिकारीयों पर आएगी और उनके कुर्सी या तो जाएगी या कहीं और ट्रांसफर हो जाएगा। 

योगी ने अपने अधकारियों को राशन माफियाओं, खनन माफियाओं, गो माफियाओं और वन माफियाओं के खिलाफ भी कार्यवाही का आदेश दे दिया है, उन्होने यह भी कहा है किसी जनपद में अगर भूख या बीमारी से किसी व्यक्ति की मौत हुई तो संबंधित जिलाधिकारी एंव सीएमओ दंडित होंगे। 

पिछले साथ दिनों में योगी के एक्शन को देखकर ऐसा लग रहा है कि वे अनिल कपूर की फिल्म नायक देखकर आ गए हैं और नायक की तरह की काम कर रहे हैं और करेंगे भी क्योंकि उनके आगे आगे पीछे कुछ नहीं है, खोने के लिए कुछ नहीं है, उन्हें सिर्फ काम करना है। 
बहुत होशियार हैं मोदी, दिल्ली के बजाय दूसरे शहरों में करा रहे हैं बड़े सम्मलेन, 1 तीर 2 निशाने?

बहुत होशियार हैं मोदी, दिल्ली के बजाय दूसरे शहरों में करा रहे हैं बड़े सम्मलेन, 1 तीर 2 निशाने?

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नई दिल्ली, 26 मार्च: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी इस वक्त एक तीर से दो दो शिकार कर रहे हैं, बड़े बड़े सम्मलेन दिल्ली से बाहर करा रहे हैं ताकि छोटे शहरों का भी विकास हो सके, बड़े बड़े सम्मलेन होने पर सम्मेलन स्थल, उसके आस पास के रोड और अन्य सुविधाओं के लिए करोड़ों रुपये का खर्च आता है, दिल्ली में इस वक्त आम आदमी पार्टी की सरकार है, केजरीवाल से मोदी की बनती नहीं है, अगर बड़े बड़े सम्मलेन दिल्ली में होंगे तो मोदी सरकार को दिल्ली की सड़कें बनाने के लिए केजरीवाल सरकार को पैसा देना पड़ेगा, अरबों खरबों रुपये जब दिल्ली में खर्च होंगे तो कमाई केजरीवाल की होगी, इसका क्रेडिट भी केजरीवाल मार ले जाएंगे इसलिए मोदी दिल्ली में कोई सम्मलेन करवा ही नहीं रहे हैं। 

अब बड़े बड़े सम्मलेन गोवा, चंडीगढ़ और वाराणसी में हो रहे हैं ताकि इन शहरों का विकास हो सके साथ ही टूरिज्म का बढ़ावा हो सके, इसी महीने में G-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह की मीटिंग दिल्ली में होने वाली थी उसे शिफ्ट करके वाराणसी में अरेंज कर दिया गया, अगर दिल्ली में मीटिंग होती तो समेल्लन स्थल और आस पास के रोड बनाने, व्यवस्था खड़ी करने, इंफ्रास्ट्रक्चर खड़ा करने आदि के लिए मोदी सरकार केजरीवाल को पैसे देती, मोदी को इसका क्रेडिट भी नहीं मिलता, अब यही सम्मलेन वाराणसी में होगा तो केंद्र सरकार के पैसे से वाराणसी में रोड बनेंगे, कई अन्य चीजें बनेंगी, साफ़-सफाई होगी, इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण होगा, टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, कई देशों से करीब 100 बड़े बड़े नेता आयेंगे, उनके इंतजाम में वाराणसी में अरबों रुपये खर्च करने पड़ेंगे, वाराणसी को आर्थिक लाभ होगा साथ ही विकास होगा। 

ऐसा करके मोदी एक तीर से तो शिकार कर रहे हैं, पहला तो केजरीवाल को सबक सिखा रहे हैं और दूसरा इस पैसे को दिल्ली में ना खर्च करके छोटे शहरों में खर्च कर रहे हैं और अब इन शहरों का भी विकास करा रहे हैं, आप खुद ही सोच लीजिये, अगर अरबों रुपये दिल्ली में खर्च होते तो दिल्ली यानी केजरीवाल सरकार को लाभ होगा, अगर यही अरबों रुपये वाराणसी में खर्च होंगे तो बीजेपी सरकार और मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी को लाभ होगा। 

28-29 मार्च को वाराणसी में होगी G-20 कार्य समूह की बैठक

जी-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह की दो दिवसीय तीसरी बैठक 28 और 29 मार्च को वाराणसी में आयोजित की जा रही है। वित्त मंत्रालय के बयान में कहा गया है कि जी-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह की बैठक आर्थिक मामले विभाग, वित्त मंत्रालय और भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा संयुक्त रूप से 28 और 29 मार्च को वाराणसी में आयोजित की जा रही है। 

जर्मनी की अध्यक्षता वाले जी-20 कार्य समूह की पहली दो बैठकें पिछले वर्ष दिसम्बर में बर्लिन और इस वर्ष फरवरी में रियाद में आयोजित की गई थी। 

कार्य समूह की 2009 में स्थापना के बाद से यह चौथा अवसर है, जब भारत इस बैठक की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले भारत ने नीमराणा, राजस्थान (2012 में मैक्सिको की अध्यक्षता में), गोवा (2014 में जी-20 आस्ट्रेलिया की अध्यक्षता में) और केरल (2015 में जी-20 तुर्की की अध्यक्षता में) में जी-20 एफडब्ल्यूजी की बैठकों की मेजबानी की थी। 

वाराणसी में होने वाली जी-20 कार्य समूह की बैठक में वर्तमान वैश्विक आर्थिक स्थिति और विकास संबंधी महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करने के लिए इस संगठन के देशों द्वारा अपनाए जाने वाले नीति-विकल्पों पर विचार किया जाएगा। 

इस बैठक में एक महत्वपूर्ण मुद्दा जी-20 की समावेशी विकास कार्यसूची पर विचार करने संबंधी है। इसमें एक फ्रेमवर्क तैयार करने का प्रयास किया जाएगा, जो प्रत्येक राष्ट्र विषयक समावेशी विकास नीतियां तैयार करने में देशों की मदद कर सके।

जी-20 19 देशों और यूरोपीय संघ का समूह है, जो वैश्विक आर्थिक मुद्दों और अन्य महत्वपूर्ण विकास चुनौतियों पर विचार करता है। जी-20 फ्रेमवर्क कार्य समूह जी-20 समूह के बुनियादी कार्य समूहों में से एक है।

Sunday, March 26, 2017

तुलसीदास ने कभी भी अकबर को अपना राजा नहीं माना, उन्होंने भगवान राम को अपना राजा माना: योगी

तुलसीदास ने कभी भी अकबर को अपना राजा नहीं माना, उन्होंने भगवान राम को अपना राजा माना: योगी

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गोरखपुर, 26 मार्च: आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में बाबा गंभीर सिंह की पुण्यतिथि शताब्दी वर्ष के समारोह की अध्यक्षता की, उन्होंने यहाँ पर लोगों को संबोधित किया। योगी ने तुलसीदास को याद करते हुए कहा कि वे भागवान राम के भक्त थे, भारत में अकबर ने कई वर्षों तक उनके समय में राज किया लेकिन उन्होंने कभी भी अकबर को अपना राजा नहीं माना, उन्होंने हमेशा कहा कि मेरे राजा सिर्फ भगवान राम हैं और कोई नहीं।

जानकारी के लिए बता दें कि भगवान राम हिन्दुओं के आराध्य देवता हैं साथ ही प्रेरणादायक हैं, भगवान राम का अस्तित्व मिटाते और उनका नाम लेने से रोकने के लिए बहुत साजिश की गयी, अभी भी बहुत सारे लोग जय श्री राम बोलने से या तो डरते हैं या संकोच करते हैं, कई राजनीतिक पार्टियाँ तो भगवान राम का नाम इसलिए नहीं लेती क्योंकि इससे उन्हें मुस्लिमों का वोट ही नहीं मिलेगा।

लेकिन जब से योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने हैं, लोग दंगे की चोट पर भगवान राम का नाम ले रहे हैं और योगी खुद जय श्रीम राम बोल रहे हैं और वो भी सीना तानकर बोल रहे हैं साथ ही फिर से भगवान राम की लहर पैदा कर रहे हैं। 
तीन-चार दिन गायों से दूर रहे योगी, आज मिलकर खूब किया लाड

तीन-चार दिन गायों से दूर रहे योगी, आज मिलकर खूब किया लाड

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गोरखपुर, 26 मार्च: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इस वक्त अपने संसदीय क्षेत्र गोरखपुर दौरे पर हैं, कल उनका नागरिक अभिनन्दन किया गया था जिसके बाद उन्होंने सभा को संबोधित किया और शाम को गोरखधाम मंदिर में उन्होंने पूजा अर्चना की। 

योगी आदित्यनाथ गायों से बहुत प्रेम करते हैं, मंदिर परिसर में ही गौशाला है जहाँ पर योगी रोजाना सुबह गायों से मिलते हैं और उन्हें अपने हाथों से खाना खिलाते हैं, गौशाला की प्रत्येक गायें भी योगी आदित्यनाथ से बहुत प्रेम करती हैं और गौशाला में योगी के पहुँचते ही खड़ी होकर योगी का अभिवाद करती हैं। 

मुख्यमंत्री बनने के बाद योगी तीन-चार दिनों तक लखनऊ में रहे इसलिए गायों से नहीं मिल पाए, आज सुबह उन्होंने जैसे ही गौशाला में कदम रखा सभी गायें उन्हें देखकर खुश हो गयीं, योगी ने भी गायों को लाड किया, सभी गायों को अपने हाथों से खाना खिलाया। 

जानकारी के अनुसार योगी आदित्यनाथ लखनऊ में मुख्यमंत्री निवास में भी गौशाला बनवाने का फैसला किया है और गायों को वहीँ पर रखने का फैसला किया है ताकि गायों को उनका और उन्हें गायों का प्रेम मिलता रहे। 

योगी आदित्यनाथ ने गायों के प्रेम के चलते ही मुख्यमंत्री बनते ही गौहत्या पर पूर्व रूप से प्रतिबन्ध लगा दिया साथ ही गौतस्कारी पर बैन लगा दिया, गायों की रक्षा के लिए ही पिछले तीन-चार दिनों में 300 से भी अवैध बूचडखाने बंद किये जा चुके हैं। 
जो गऊ माँ का अपमान करेगा, उनकी हत्या करेगा, मैं उसके हाथ-पैर तोड़ दूंगा: विक्रम सिंह

जो गऊ माँ का अपमान करेगा, उनकी हत्या करेगा, मैं उसके हाथ-पैर तोड़ दूंगा: विक्रम सिंह

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Muzzaffarnagar, 26 March: मुजफ्फरनगर से एक बड़ी खबर आयी है, बीजेपी विधायक विक्रम सिंह ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि जो भी व्यक्ति गायों का अपमान करेगा और उनकी हत्या करने की कोशिश करेगा, मैं उसके हाथ पैर तोड़ दूंगा। विक्रम सिंह अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए जोश में आ गए और उन्होंने ये धमाकेदार बयान दे डाला हालाँकि कल ही योगी आदित्यनाथ ने अपने लोगों से अपील करते हुए कहा था कि आप लोग ध्यान रखना, कहीं कुछ ऐसा ना कर देना कि किसी को कहने का मौका मिल जाय, आज विक्रम सिंह ने योगी आदित्यनाथ की बातों को नजरअंदाज करते हुए धमाकेदार बयान दे डाला। जानकारी के लिए बता दें कि किसी भी विधायक या सांसद को कानून अपने हाथ में लेने के अधिकार नहीं है, सजा देने के लिए पुलिस और कानून है। 

खटौली से विधायक हैं विक्रम सिंह

विक्रम सिंह मुजफ्फरनगर जिले की खटौली सीट से बीजेपी विधायक चुने गए हैं, उन्होंने समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी चन्दन सिंह चौहान को करीब 30 हजार वोटों से हराकर चुनाव जीता था।

जानकारी के लिए बता दें कि विक्रम सिंह पर मुजफ्फरनगर दंगों के समय भी भड़काऊ भाषण देने का आरोप लगा था और उन्हें गिरफ्तार भी किया गया था।

जानकारी के लिए बता दें कि योगी सरकार आने के बाद उत्तर प्रदेश में गौतस्कारी और गौहत्या पर पूर्ण रूप से प्रतिबन्ध लग चुका है, पुलिस को गौतस्कारों पर कड़ी कार्यवाही का आदेश दिया गया है उसके बाद भी विक्रम सिंह ने खुद ही हाथ-पैर तोड़ने की बाद कर डाली। 
अखिलेश ने बनवाया 'हज हाउस' तो योगी बनवायेंगे 'मानसरोवर हाउस', हिन्दुओं के लिए किसी ने तो सोचा?

अखिलेश ने बनवाया 'हज हाउस' तो योगी बनवायेंगे 'मानसरोवर हाउस', हिन्दुओं के लिए किसी ने तो सोचा?

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Gorakhpur, 26 March: उत्तर प्रदेश में अखिलेश सरकार पर मुस्लिम तुस्टीकरण के आरोप लगते थे, उन्होंने कुछ वर्ष पहले गाजियाबाद में मुस्लिमों के लिए विशाल हज हाउस बनवाया था लेकिन हिन्दुओं के लिए कभी कुछ नहीं बनवाया, मुस्लिमों के लिए वे कब्रिस्तान बनवाते थे लेकिन हिन्दुओं के लिए ऐसा नहीं किया, मुस्लिमों के कब्रिस्तान में चारदीवारी करवाते थे, इतनी मजबूत दीवार बनवाते थे कि कोई तोड़ ना सके लेकिन उन्होंने कभी भी किसी स्कूल के चारों तरह कोई दिवार नहीं बनवाई और ना ही शमशान बनवाया। 

होना तो यह चाहिए था कि अगर अखिलेश मुस्लिमों के लिए मस्जिद बनवाते तो हिन्दुओं के लिए मंदिर भी बनवाते, मुस्लिमों के लिए हज हाउस बनवाया तो हिन्दुओं के लिए भी अमरनाथ हाउस या कुछ और बनवा देते ताकि किसी को ये ना लगता कि वे केवल एक ख़ास धर्म का तुस्टीकरण कर रहे हैं लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। 

अब उत्तर प्रदेश में योगी सरकार बन गयी है इसलिए हिन्दू मुस्लिम में बैलेंस बनाने के लिए हज हाउस के जैसे ही मानसरोवर हाउस बनवाने की घोषणा की गयी है, यह मानसरोवर हाउस लखनऊ, मेरठ या गाजियाबाद में बनाया जाएगा, अखिलेश ने विशाल हज हाउस गाजियाबाद में बनवाया है तो हो सकता है कि योगी भी वहीं बनवा दें ताकि हिन्दू मुस्लिम आपस में साथ रहें। 

योगी ने इसके अलावा यह भी घोषणा की है कि मानसरोवर की यात्रा करने वाले लोगों को 1 लाख रुपये का अनुदान यानी सहायता राशी भी दी जाएगी, जानकारी के लिए बता दें कि मुस्लिमों को भी हज के लिए 1 लाख रुपये की सब्सिडी दी जाती है। 

उत्तर प्रदेश में पहली ऐसी सरकार आयी है जिसनें हिन्दुओं के लिए कुछ सोचा है, जिस प्रकार से मुस्लिम मक्का में हज करने जाते हैं और सरकार उन्हें 1 लाख की सब्सिडी देती है उसी प्रकार से अब हिन्दू लोग कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा सकेंगे और योगी सरकार उन्हें 1 लाख रुपये की सहायता राशी देगी। 

Saturday, March 25, 2017

अखिलेश वोले 'मुझे नहीं पता था अधिकारी इतना अच्छा झाड़ू लगाते हैं' लोग बोले 'तभी तो बंटाधार हुआ’

अखिलेश वोले 'मुझे नहीं पता था अधिकारी इतना अच्छा झाड़ू लगाते हैं' लोग बोले 'तभी तो बंटाधार हुआ’

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Lucknow, 25 March: आपने कहावत सुनी होगी कि रस्सी जल गयी लेकिन बल नहीं गया, यही हाल अखिलेश यादव का है, उत्तर प्रदेश की जनता ने उन्हें बुरी तरह से सत्ता से उखाड़ फेंका लेकिन अभी भी उन्हें कुछ समझ में नहीं आ रहा है, अभी भी उन्हें नहीं पता चल रहा है कि इतनी बड़ी हार आखिर कैसे हो गयी, जनता ने उनका सूपड़ा साफ़ हो गया। 

पिछले तीन दिनों से उत्तर प्रदेश में योगी सरकार का धमाकेदार एक्शन जारी है, उन्होंने अधिकारी और कर्मचारी में समानता पैदा कर दी है, उन्होने आदेश दे दिया है कि चाहे वो अधिकारी हों या कर्मचारी, शुक्रवार को एक घंटे अपने दफ्तर की सफाई करेंगे और खुद अपने हाथों में झाड़ू उठाकर ये काम करेंगे, योगी के आदेश का पालन भी हुआ, IAS से लेकर पुलिस अधकारी और पुलिस कांस्टेबल, सबने झाडू उठाकर अपने दफ्तर की सफाई की। 

उत्तर प्रदेश की जनता योगी सरकार के इतने धमाकेदार एक्शन से खुश है, लोगों को लग रहा है कि जोपुलिस वाले गुंडागर्दी करने के लिए बदनाम थे, आज सरकार बदलते ही उन्होंने अपने हाथों में झाडू उठा ली है और सफाई की कसम खाकर अपने हाथों में झाडू उठाकर दफ्तरों की सफाई कर रहे हैं, एक अधिकारी और एक कर्मचारी एक ही रूप में दिख रहा है, एक दिन के लिए ही सही लेकिन कर्मचारियों में भेदभाव ख़त्म हो गया है, जनता को यह काम सही लग रहा है, सफाई करना किसी भी सूरत में बुरा नहीं है लेकिन अखिलेश यादव को इसमें भी राजनीति नजर आ गयी। 

अखिलेश ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि अधिकारी इतनी अच्छी झाडू लगा लेते हैं वरना मैं भी उनसे बहुत झाड़ू लगवाता, अखिलेश ने अधिकारियों का मजाक उड़ाने के लिए बात कही थी और उन्होने यह भी इशारा किया था कि हमनें तुम्हें खुला छोड़ रखा था, हमारी सरकार में तुम्हारी मौज थी, हमने तुमसे झाडू नहीं लगवाया और आज तुम लोग झाड़ू लगा रहे हो। विद्रोह पैदा करने के लिए ऐसा कहा गया था लेकिन ट्विटर पर अखिलेश यादव का खूब मजाक बनाया गया, लोगों ने कहा 'अगर तुम्हें ये सब पता होता तो तुम्हारी ऐसी हालत ना होती, समाजवादी पार्टी का बंटाधार ना होता, आप भी देखिये ट्विटर पर क्या लिख रहे हैं लोग - 



योगी आदित्यनाथ ने अपने समर्थकों से कहा, जोश में होश मत खोना, किसी को कहने का मौका मत देना: पढ़ें

योगी आदित्यनाथ ने अपने समर्थकों से कहा, जोश में होश मत खोना, किसी को कहने का मौका मत देना: पढ़ें

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Gorakhpur, 25 March: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज गोरखपुर में नागरिक अभिनन्दन समारोह को संबोधित किया, आज योगी अपने भाषण में गंभीर और संयमी दिखे, आज ऐसा लगा कि उनके कंधे पर 22 करोड़ की जनता की सेवा का बोझ आ गया है. इसलिए योगी आदित्यनाथ ने आज अपने समर्थकों को एक भावुक सन्देश दिया। उन्होंने कहा कि आज मुझे आप लोगों के सहयोग की जरूरत है, आप लोग जोश में होश मत खो देना, कोई ऐसा काम मत कर देना जिससे किसी को कहने का मौका मिल जाए, कानून का राज स्थापित करने में मुझे आपका साथ और सहयोग चाहिए। 

उन्होंने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और पूरे संसदीय बोर्ड हम सबके ऊपर बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है, वह जिम्मेदारी है कि जिस प्रकार से पूरे देश के बीजेपी शासित राज्यों में केंद्र के विकास के रास्ते पर चलकर राज्य को आगे बढाया जा रहा है, लोक कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाया जा रहा है, उसी तरह से उत्तर प्रदेश में भी काम किया जाय और केंद्र की योजनाओं को अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाई जाय क्योंकि उत्तर प्रदेश पिछले 15 वर्षों से उपेक्षित रहा है। 

योगी ने कहा कि यह जिम्मेदारी माननीय प्रधानमंत्री मोदी ने मुझे दी है इसलिए स्वाभाविक रूप से मेरे साथ साथ आप लोगों की भी जिम्मेदारी बढ़ जाती है क्योंकि हमें उन सपनों को साकार करना है जिससे उत्तर प्रदेश की जनता अब तक वंचित थी, विकास से वंचित थी, यहाँ का नौजवान पलायन कर रहा था, माताएं बहनें असुरक्षित थीं, व्यापारी दूसरे स्थानों पर अपना ठौर-ठिकाना ढूँढने को मजबूर हो रहा था, नौजवानों के सामने अपना उज्जवल भविष्य नहीं दिखाई दे रहा था, कई संगठन लगातार अपने मांगे उठाते रहे लेकिन उनकी मांग कभी नहीं सुनी गयी। 

योगी ने कहा कि हमने उत्तर प्रदेश में अपना कार्यक्रम शुरू कर दिया है और कुछ लोग इधर उधर की बातें भी करने लगे हैं लेकिन हम वही काम कर रहे हैं जो हमारे संकल्प्पत्र में लिखा है।

योगी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने जो जिम्मेदारी हम सबको दी है यह सिर्फ पद नहीं है बल्कि एक कर्त्तव्य है और इस कर्त्तव्य की राह में प्रधानमंत्री मोदीजी का नेतृत्व हमारा मार्गदर्शन करेगा। हमारे लिए यह सिर्फ एक मुख्यमंत्री का पद नहीं है जिसपर बैठकर हम अपने अधिकारों का धौंस जमायें, यह हमें कर्तव्यों की राह दिखाता है कि उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता के प्रति हमारा क्या कर्त्तव्य होना चाहिए और उन कर्तव्यों के प्रति हम सबको आग्रही बनाता है।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की सरकार केंद्र में नरेन्द्र मोदी की सरकार की तरह सबका साथ और सबका विकास के फ़ॉर्मूले पर चलेगी, यहाँ पर किसी के साथ ना तो जाति के नाम पर, ना पंथ के नाम पर, ना मजहब के नाम पर भेदभाव किया जाएगा, विकास सबका होगा लेकिन तुस्टीकरण किसी का नहीं होगा।

योगी ने कहा कि हम इस चुनौती से आसानी से निपट लेंगे क्योंकि हमारे साथ केंद्र में नरेन्द्र मोदी जैसा नेतृत्व है, मजबूत संगठन है जो हमारे शासन की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का काम करेगा, क्योंकि मोदीजी की मंशा है कि सभी योजनाओं का लाभ अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचना ही चाहिए।

योगी ने कहा कि हम एक बड़ी योजना के साथ कार्य प्रारंभ करने वाले हैं, आप देखना उत्तर प्रदेश के किसी भी तबके का व्यक्ति अपने आप को कभी उपेक्षित महसूस नहीं करेगा, बंधुओं, मैं आपके बीच में बहुत दिनों से कार्य कर रहा हूँ, हो सकता है कि गोरखपुर और आसपास के जिलों में मेरी उतनी उपस्थिति नहीं हो पाएगी लेकिन मैं आपको कहना चाहता हूँ कि विकास का जो रास्ता प्रधानमंत्री मोदीजी ने गोरखपुर और पूर्वी उत्तर प्रदेश में दिखाया है वह जल्द ही वास्तविकता में जल्द ही बदलता हुआ दिखाई देगा और यहाँ की सभी समस्याओं का समाधान होगा।

योगी ने कहा कि मुझे बताते हुए प्रशंसा हो रही है कि सरकार ने इस दिशा में काम करना शुरू कर दिया है, हम लोगों ने कुछ निर्णय लिए हैं, हो सकता है कि कुछ लोग तमाम तरह की बातें कर रहे हों, लेकिन कोई कोई नया निर्णय नहीं लेंगे, हम वही करेंगे जो बातें बीजेपी ने अपने संकल्पपत्र में कही हैं।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में हमें बहुत सारे कार्य करने हैं, उत्तर प्रदेश में हम लोग जहाँ भी जा रहे हैं लोगों की बहुत समस्याएँ हैं, किसानों की समस्याएँ हैं, नौजवानों की समस्याएँ हैं, महिलाओं की समस्याएँ हैं, सरकारें कैसी चलती हैं उत्तर प्रदेश में बीजेपी चलाकर दिखाएगी, काम करके दिखाएगी, हम बताएंगे कि वास्तव में सरकार का स्वरुप क्या होना चाहिए, जनता के प्रति उसका लगाव कैसा होना चाहिए, आम जन के प्रति उसका लगाव कैसा होना चाहिए, हम इस बात के लिए कृतसंकल्पित हैं।

योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार मुक्त शासन होगा, जनता के प्रति संवेदनशील प्रशासन होगा, गुंडाराज पूरी तरह से समाप्त होगा और अराजकता के लिए इस प्रशासन में कोई जगह नहीं होगी, हमने गोरखपुर में ऐसा करके दिखा दिया है।

योगी ने कहा कि आज जो हालत उत्तर प्रदेश की है वही हालत कभी गोरखपुर की थी, अगर हम किसी से कहते थे कि हम गोरखपुर से हैं तो वह भयभीत हो जाता था, वे सोचते थे कि पता नहीं क्या कर लेगा, लेकिन हम लोगों ने यहाँ पर लम्बा संघर्ष करके इस मिथक को तोडा है, हमें लोकतान्त्रिक तरीके से संघर्ष किया, यहां के मूल्यों और आदर्शों के लिए संघर्ष किया, यहाँ के व्यापारिक, सांकृतिक संगठनों के साथ मिल करके हम लोगों ने गोरखपुर को उस माफियागिरी और उस अराजकता से उभारा है जिसके कारण गोरखपुर बदनाम था।

योगी ने कहा कि हमें उत्तर प्रदेश में बहुत सारे कार्य करने हैं, बहुत सारे कार्यक्रम होने हैं, उन कार्यक्रमों को लेकर हम समय समय पर आपके बीच भी आयेंगे, समय समय पर आपसे सहयोग भी मांगेंगे लेकन आप सबसे मेरा यही अनुरोध होगा, आप कानून के इस राज को स्थापित करने में, भ्रष्टाचार रहित शासन देने में, उत्तर प्रदेश में प्रत्येक नागरिक की सुरक्षा की गारंटी हो, न्याय की गारंटी हो, इस कार्य को मजबूती से पूरा करने में हमें आपका साथ चाहिए।

योगी ने बताया कि मोदी जी चाहते थे कि मैं अब केवल गोरखपुर तक सीमित ना रहूँ, केवल पूर्वी उत्तर प्रदेश में ना रहूँ बल्कि पूरे उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सेवा करूँ, वे चाहते थे कि उत्तर प्रदेश को अराजकता से मुक्त करने की जो टीम बनी है मैं उसका नेतृत्व करूँ। योगी ने कहा कि मोदी का आशीर्वाद, अमित शाह जी का संगठन और आप लोगों का सहयोग मेरी सबसे बड़ी ताकत है।

योगी ने कहा कि मुझे आप लोगों से सिर्फ यही अनुरोध करना है, कानून का राज स्थापित होने में आप सब मेरा साथ दें, आपने पहले भी सहयोग किया है, मैं मानता हूँ कि यह बीजेपी की एक बड़ी विजय है, आप सब लोगों ने मेहनत की है, लेकिन इतना ध्यान रहना चाहिए, कहीं भी जोश में होश खाने की स्थिति आनी नहीं चाहिए, कानून तोड़ने की स्थिति आनी नहीं चाहिए, आपके उत्साह में कहीं ऐसा ना हो कि उन अराजक तत्वों को जो देश और प्रदेश की शांति में खलल डालना चाहते हैं उनको कुछ कहने का अवसर मिले, इस तरह की स्थितियां कहीं भी नहीं आनी चाहिए, यह हम सबकी जिम्मेदारी है।

योगी ने कहा कि यूपी की BJP सरकार ने अनेक कार्यक्रम करने का निर्णय लिया है, आपने देखा होगा कि इस दौरान हमें कुछ कार्यक्रम करने शुरू भी कर दिए हैं, मेरे मुख्यमंत्री बनने के बाद मेरे पास सर्वाधिक फोन मनातों, बहनों और बेटियों की तरफ से आये, वे मुझे बोलती हैं, हम विद्यालय नहीं जा पा रहे हैं, छेड़खानी होती है, हमने विद्यालय छोड़ दिया है, हमने उनसे कहा कि अब बीजेपी की सरकार आ गयी है, हम माताओं बहनों की सुरक्षा के लिए कृत संकल्पित हैं, हमें प्रशासन से कहा है कि ऐसी तत्वों कड़ाई बरती जाय जो मनचले हैं और शोहदे किस्म के हैं, वे नौजवान नहीं हो सकते क्योंकि नौजवानों की दिशा रचनात्मक होती है, समाज और राष्ट्र के प्रति वे अपने कर्तव्यों को समझते हैं, ऐसे लोगों को नौजवानों की श्रेणी में मत रखिये, उन मनचलों और शोहदों पर कड़ाई होनी चाहिए।

योगी ने कहा कि हम लोगों ने महिलाओं की सुरक्षा के लिए एंटी-रोमियो स्क्वायड को उत्तर प्रदेश के अन्दर सक्रीय कर दिया है, मैंने प्रशासन को निर्देश दिया है कि राह चलते नौजवानों को, आपसी सहमति से बातचीत करने वाले युवक और युवतियों को परेशान ना क्या जाए, उनको कत्तई ना छेड़ा जाय लेकिन इस बात का जरूर ध्यान रखा जाय कि भीड़ भाग वाले स्थानों पर या स्कूलों के बाहर अगर कोई भी बालिकाओं के साथ छेड़खानी करता है तो उसके साथ कड़ाई बरती जाय। अगर बालिकों की सुरक्षा नहीं हुई तो वहां का प्रशासन उसके लिए जिम्मेदार होगा, हमें उत्तर प्रदेश के अन्दर एक ऐसी व्यवस्था विकसित करनी है कि कोई भी बालिका रात के 10 बजे भी खुद को सुरक्षित महसूस कर सके। 
CM YOGI ने सुनाई धमाकेदार खुशखबरी, कैलाश मानसरोवर यात्रियों को देंगे 1 लाख रुपये की मदद

CM YOGI ने सुनाई धमाकेदार खुशखबरी, कैलाश मानसरोवर यात्रियों को देंगे 1 लाख रुपये की मदद

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Gorakhpur, 25 March: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आज गोरखपुर में नागरिक अभिनन्दन किया गया जिसके बाद योगी ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि नागरिक अभिनन्दन तो मोदी और अमित शाह का होना चाहिए जिन्होंने मुझे उत्तर प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सेवा करने के लिए भेजा है। 

योगी आदित्यनाथ ने आज सभा में दनदनाता भाषण दिया और उससे भी धमाकेदार खुशखबरी सुना डाली, उन्होंने कहा कि आज आप लोगों के लिए खुशखबरी सुनाने का दिन है क्योंकि हमने फैसला किया है कि स्वास्थय के मापदंड में खरा उतरने के बाद जो भी यात्री कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाएंगे हमारी सरकार उन्हें 1 लाख रुपये का अनुदान यानी सहायता राशि देगी।

जानकारी के लिए बता दें कि भारत में मुस्लिम समुदाय को UAE में हर के लिए जाने पर हर राज्य 1 लाख रुपये की मदद देता है लेकिन आज तक किसी भी सरकार ने हिन्दू तीर्थस्थल पर जाने के लिए कभी भी आर्थिक मदद का ऐलान नहीं किया, ऐसा करने वाले योगी आदित्यनाथ पहले मुख्यमंत्री बने हैं जिन्होंने हिन्दुओं के लिए सोचा है और भेदभाव की खाई पाटने का प्रयास किया है। 
योगी भले ही उम्र में हमसे एक साल बड़े हैं लेकिन काम में हमसे बहुत पीछे हैं: अखिलेश यादव

योगी भले ही उम्र में हमसे एक साल बड़े हैं लेकिन काम में हमसे बहुत पीछे हैं: अखिलेश यादव

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लखनऊ, 25 मार्च: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने नए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान पर चुटकी लेते हुए कहा कि अभी तो योगी सरकार मंत्रियों व अधिकारियों से झाड़ू लगवाने के अलावा कुछ नहीं कर रही है। अखिलेश ने कहा, "हमें नहीं पता था कि अधिकारी इतनी अच्छी तरह से झाड़ू लगाते हैं, पता होता तो उनसे बहुत झाड़ू लगवाई जाती।" 

अखिलेश यादव ने बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि पिछले तीन-चार दिन में योगी ने कुछ नहीं किया, वे कहते हैं कि उम्र में हमसे एक साल बड़े हैं, हम उनसे कहाँ चाहते हैं कि आप उम्र में भले ही हमसे एक साल बड़े हैं लेकिन काम में बहुत पीछे हैं। 

आज अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की हार की समीक्षा के लिए बैठक बुलाई थी। बैठक संपन्न होने के बाद मीडिया से मुखाबित हुए सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने जहां पार्टी की आगे की योजना पर विस्तार से बताया, वहीं सूबे की आदित्यनाथ योगी सरकार के स्वच्छता अभियान, एंटी-रोमियो स्क्वैड और अवैध बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई को लेकर अपने ही अंदाज में तंज कसे।

अखिलेश ने कहा, "हम पहली कैबिनेट बैठक का इंतजार कर रहे हैं।"

उन्होंने मुख्यमंत्री योगी द्वारा लोकसभा में जाकर दिए उम्र वाले बयान पर तंज कसा और कहा कि मुख्यमंत्री उम्र में भले ही मुझसे बड़े हैं, लेकिन काम में अभी बहुत पीछे हैं। 

अवैध बूचड़खानों पर हो रही कार्रवाई को निशाने पर लेते हुए अखिलेश ने कहा, "इस सरकार ने मेरे शेरों को भूखा कर दिया है। हमारे शेर बहुत भूखे हैं, नजदीक मत जाना।" 

उन्होंने कहा कि योगी का एंटी-रोमियो स्क्वैड वाहवाही लूटने के लिए युवाओं को बेवजह परेशान कर रहा है। कानून का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।

सपा अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि योगी शासन में जाति विशेष को ध्यान में रखकर अधिकारियों और कर्मचारियों को स्थानांतरित और निलंबित किया जा रहा है है। यह मुद्दा जब एक आईएएस अफसर हिमांशु कुमार ने ट्वीट कर उठाया, तो उन्हें निलंबित कर दिया गया। योगी सरकार को आलोचना सहने की क्षमता बढ़ानी चाहिए। 

उन्होंने कहा कि एक बार राज्यपाल राम नाईक ने कहा था कि सभी यादव बैठे हैं। संवैधानिक पद संभाल रहे व्यक्ति को क्या ऐसा कहना चाहिए? 

योजनाओं और एंबुलेंस वाहनों से 'समाजवादी' शब्द हटाए जाने पर उन्होंने कहा, "शब्द हटाने से सरकार और कानून नहीं चलता। हम तो श्रवण यात्रा कराने वाले लोग हैं।"

मुख्यमंत्री आवास 5, कालिदास मार्ग के शुद्धिकरण और वहां पूजा-अनुष्ठान कराए जाने पर अखिलेश ने कहा, "मुख्यमंत्री हाउस के शुद्धिकरण से मुझे कोई दिक्कत नहीं है। मुझे वहां रह रहे दो मोर की ज्यादा फिक्र है। जहां कहां से उड़कर आ गए, मैंने उसे पाला। उन मोरों को दाना-पानी मिल रहा है या नहीं, यह चिंता है।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अस्पताल में भर्ती एसिड अटैक पीड़िता से मिलने वह और उनकी पार्टी के लोग भी जाएंगे। 
योगी की हजामत बनाते ही नाई की बदल गयी किस्मत क्योंकि पैसा नहीं उसने सिर्फ आशीर्वाद माँगा था?

योगी की हजामत बनाते ही नाई की बदल गयी किस्मत क्योंकि पैसा नहीं उसने सिर्फ आशीर्वाद माँगा था?

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नई दिल्ली 25 मार्च: आज उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपने संसदीय क्षेत्र गोरखनाथ और मठ में जाने का प्रोग्राम था, योगी को अपनी हजामत बनवाना था, इस वक्त योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री निवास के बजाय VVIP निवास में ही रह रहे हैं, इसलिए योगी की हजामत बनाने के लिए एक लोकल नाई रामानंद को फोन किया गया, रामानंद उस वक्त दुकान खोलकर ही बैठा था और चाय की चुश्कियाँ ले रहा था, फोन आने के बाद वह तुरंत ही VVIP गेस्ट की तरफ बढ़ गया।

रामानदं को भी नहीं पता था कि उसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की हजामत बनाने के लिए बुलाया गया है इसलिए वह अपने साथ सेविंग का पूरा सामान (कंघी, उस्तरा, तौलिया और क्रीम एक छोटे थैले) लेकर पहुँच गया।

रामानादं के गेस्ट हाउस पहुँचते ही सुरक्षाबलों ने उससे सामान ले लिया और खाली हाथ अन्दर भेज दिया, अन्दर जाने के बाद उसे पता चला कि उसे मुख्यमंत्री योगी की हजामत बनानी है, वहां पर सामान पहले से ही मौजूद था, नाई ने वहां पहुँचते ही योगी के पैर छू लिए क्योंकि उसे पता ही नहीं था कि आज उसकी मुख्यमंत्री से मुलाकात होगी और उनकी हजामत बनाने का भी मौका मिलेगा।

आखिरकार उसने डरते डरते उस्तरा थामा और कांपती उँगलियों से योगी की हजामत बना डाली, हजामत बनाने के बाद योगी उसे पैसे देने लगे तो नाई ने पैसे लेने से मना कर दिया, उसनें कहा सर मुझे नहीं पता था कि मुझे आपकी हजामत बनाने के लिए बुलाया गया है, आपसे पैसे कैसे लूँ, आप मुझे अपना आशीर्वाद दे दो, मेरे सर पर एक बार हाथ रख दो, मेरे लिए वही बहुत है। इसके बाद योगी ने उसकी मनोकामना पूर्ण की।

नाई ने गेस्ट हाउस से बाहर निकलते ही अपनी पत्नी को फोन लगाया और उन्हें बताया कि आज तो मैंने मुख्यमंत्री योगी की हजामत बना दी, पत्नी खुश हो गयी, उसने पति से पूछा - आपने योगी जी से क्या माँगा, नाई बोला - मैंने योगी से आशीर्वाद माँगा है, अब आज नहीं तो कल सुदामा की तरह मेरा भी घर खुशियों से भर जाएगा।

नाई का कहना सच हो गया क्योंकि आस पास के इलाके में यह खबर फ़ैल गयी कि रामानंद ने योगी की हजामत बनायी है, उसकी दूकान में सुबह से लाईन लगी है, हर कोई उसके हाथों से हजामत बनाने और उससे बात करने के लिए मारा जा रहा है, मात्र तीन-चार घंटे में रामानद इलाके का हीरो बन गया है।

जानकारी के लिए बता दें कि रामानंद बस्ती के रहने वाले हैं और लखनऊ में  राम तीर्थ मार्ग पर उनकी आदर्श हेयर कटिंग सैलून नाम की एक दुकान है। आज सुबह से ही उनकी दुकान के बाहर लाईन लगी हुई है, पैसों की बरसात हो रही है। योगी का आशीर्वाद उनको लग गया। 
काम बोलता है: 300 बूचड़खाने सील करके रोजाना 15000 गाय-भैंसों की जान बचा रहे हैं योगी आदित्यनाथ

काम बोलता है: 300 बूचड़खाने सील करके रोजाना 15000 गाय-भैंसों की जान बचा रहे हैं योगी आदित्यनाथ

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Lucknow, 25 March: कई टीवी न्यूज़ चैनल इसलिए परेशान हैं कि लखनऊ में भैंसे के गोस्त वाले टुंडे कबाब की दुकान एक दिन के लिए बंद हो गयी और दुकानदार ने मजबूरीवश चिकन और मटन के कबाब बेचने शुरू कर दिए, ऐसे मीडिया चैनल यह नहीं बता रहे हैं कि योगी आदित्यनाथ ने अब तक 300 अवैध बूचडखाने बंद करवाकर रोजाना 15000 गाय-भैंसों की जान बचा रहे हैं। 

एक बूचड़खाने में कम से कम 50 जानवर काटे जाते हैं, अगर साल भर का हिसाब निकालें तो रोजाना के 15000 के हिसाब से योगी एक महीने में 4 लाख 45 हजार गाय-भैंसों की जान बचाएंगे और एक साल में 54 लाख गाय-भैंसों की जान बचाएंगे, मीडिया वाले यह नहीं दिखा रहे हैं कि इससे पर्यावरण को कितना फायदा होगा, प्रदुषण की वजह से लोगों को बीमारियाँ नहीं होंगी, गाय-भैंसों के गोबर की खाद से जल, जंगल और जमीन उपजाऊ और हरे भरे हो जाएंगे, जमीन बंजर होने के बजाय पौष्टिक होती जाएगी।

भारत के जानवर कटते जा रहे हैं, जमीन को जानवरों के गोबर की खाद नहीं मिल पा रही है, जमीन में विदेशी खाद डालने की वजह से जमीन बंजर होती जा रही है और किसान बर्बाद होते जा रहे हैं, अगर हर वर्ष 54 लाख जानवरों की जान बचेगी तो इनके गोबर की खाद से किसानों की जमीनों को कितना फायदा होगा, हमारी जमीन से नाइट्रोजन की मात्रा घटती जा रही है, जमीन में लिए सबसे जरूरी खाद नाइट्रोजन होती है जो सिर्फ जानवरों के मूत्र और गोबर में होती है, जानवरों में भी सबसे अधिक नाइट्रोजन गाय के मूत्र और गोबर में होती है लेकिन हर वर्ष करोड़ों जानवरों को काट दिया जाता है इसलिए धरती को उनके गोबर की खाद और मूत्र का नाइट्रोजन नहीं मिल पाता, इसी वजह से पूरे देश की जमीन बंजर होती जा रही है, उसकी भरपाई के लिए विदेशों से मंहगी खाद खरीदी जाती है लेकिन भी नुकसान होता है।

यह हमारे देश का दुर्भाग्य है कि हमारे देश की मीडिया केवल TRP के लिए काम करती है, अगर किसी घोड़े को एक लट्ठ मारकर कोई लंगड़ा करदे, भरे ही यह गलती से हुआ हो, मीडिया वाले एक महीने तक बवाल मचा देते हैं, हाहाकार करने लगते हैं लेकिन जब कोई मुख्यमंत्री हर वर्ष 54 लाख जानवरों की जान बचाने के लिए बूचडखाने बंद करवा देता है तो मीडिया 'टुंडे कबाब' का रोना रोने लगती है, ऐसे में इनका जानवरों के प्रति प्रेम ख़त्म हो जाता है। वाह री भारत की मीडिया, वाह से भारत के टीवी न्यूज़ चैनल। 
योगी-राज: GangRape पीड़िता के साथ सेल्फी लेना मंहगा पड़ा, तीनों महिला पुलिसकर्मी सस्पेंड

योगी-राज: GangRape पीड़िता के साथ सेल्फी लेना मंहगा पड़ा, तीनों महिला पुलिसकर्मी सस्पेंड

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Lucknow, 25 March: गैंगरेप पीडिता के साथ सेल्फी लेना तीन महिला पुलिस कर्मियों को मंहगा पड़ा है, योगी सरकार ने तीनों महिला पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया है, यह घटना लखनऊ के ट्रामा सेण्टर की है जहाँ पर एक गैंगरेप पीडिता और एसिड अटैक की शिकार युवती भर्ती की गयी है, कल उससे मिलने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी गए थे। 

खबर के अनुसार तीनों महिला पुलिसकर्मी गैंगरेप पीड़िता की सुरक्षा में लगी है, कल उन्होंने गैंगरेप पीडिता के साथ सेल्फी ली थी लेकिन किसी ने उनको ऐसा करते हुए कैमरे में कैद कर लिया और सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जैसे ही इस घटना की खबर प्रशासन को लगी, तुरंत एक्शन लेते हुए तीनों महिला पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया। 

जानकारी के अनुसार गैंगरेप पीडिता रायबरेली जिले की है, कुछ दिन पहले उसके साथ गैंगरेप हुआ था और उसके कुछ दिन बाद उन्हीं बदमाशों ने उसके ऊपर एसिड फेंककर उसके चेहरे को खराब कर दिया था। कल जैसी ही योगी आदित्यनाथ पीडिता से मिलने लखनऊ ट्रामा सेण्टर गए, उसके कुछ ही देर बार गैंगरेप के आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।
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मंदिर में कोई घंटा ना बजा पाए इसलिए 3-4 पुलिसवाले खड़ा करते थे अखिलेश, इसलिए हुआ पत्ता साफ़: पढ़ें

मंदिर में कोई घंटा ना बजा पाए इसलिए 3-4 पुलिसवाले खड़ा करते थे अखिलेश, इसलिए हुआ पत्ता साफ़: पढ़ें

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Lucknow, 25 March: अभी भी कुछ लोगों को समझ में नहीं आ रहा है कि बीजेपी को उत्तर प्रदेश में 325 सीटें कैसे मिल गयीं, सपा-बसपा और कांग्रेस का इतनी बुरी तरह से पत्ता कैसे साफ़ हो गया, बीजेपी को उम्मीद से अधिक सीटें कैसे मिल गयीं और इतना बड़ा चमत्कार कैसे हो गया। 

यह बात कोई भी मीडिया कहते हुए संकोच करेगा लेकिन हम साफ़ साफ़ बता रहे हैं कि आखिर बीजेपी की इतनी बड़ी जीत का कारण क्या था, बीजेपी की जीत का कारण था समाजवादी पार्टी सरकार द्वारा हिन्दुओं से भेदभाव, हर उस जगह पर हिन्दुओं से भेदभाव किया जाता था जहाँ पर मुस्लिम बस्तियां रहती थीं, हिन्दुओं को भजन गाने से रोका जाता था, घंटा बताने से रोका जाता था, मंदिरों से लाउडस्पीकर उतरवा दिया जाता था। हिन्दुओं से ना न सिर्फ मंदिर, मस्जिद और दरगाहों में भेदभाव किया गया, बल्कि श्मशान और कब्रिस्तान के नाम पर भी हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई गई।

आपकी जानकारी के लिए बता दें की यूपी के बुंदेलखंड में ललितपुर जिले में हनुमान जी का एक मंदिर है। पूरे जिले में ये हनुमानजी का सबसे बड़ा मंदिर है। यहां हर मंगलवार को 50 हजार के करीब लोग दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन पिछले कुछ वर्षों से इस मंदिर में 3 से 4 पुलिसवालों की ड्यूटी लगती थी ताकि मंदिर में आने वाला कोई भक्त घंटा न बजा सके। इसलिए ताकि मंदिर की कुछ दूरी पर बने एक मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले मुसलमानों को खलल न पड़े। ये पुलिसवाले दिन भर घंटे के नीचे खड़े रहते थे और इसे बजाने की कोशिश करने वालों को भगाते रहते थे। ललितपुर जिला बीएसपी का गढ़ माना जाता है। बीजेपी यहां से कभी नहीं जीती। लेकिन इस बार जिले में बीजेपी के सारे उम्मीदवार हजारों वोट के अंतर से जीते हैं। दरअसल ये कहानी सिर्फ ललितपुर के हनुमान मंदिर की ही नहीं है। पूरे उत्तर प्रदेश में बीते 5 साल में हिंदू धर्म की आस्था के केंद्रों के साथ कुछ इसी तरह का बर्ताव किया जाता रहा। कुछ मामले लोगों के कारण सामने आए, लेकिन ज्यादातर मामलों में लोगों ने चुपचाप रहना ही पसंद किया।

मंदिरों में लाउडस्पीकर उतारे गए
अखिलेश सरकार के दौरान पूरे उत्तर प्रदेश में जगह-जगह मंदिरों में लगे लाउडस्पीकर प्रशासन उतरवाता रहा। कई जगह तो लाउडस्पीकर जब्त भी कर लिए गए। ऐसा आम तौर पर उन मंदिरों में किया जाता था, जिनके आसपास कोई मुस्लिम आबादी रहती हो। जबकि एक भी मस्जिद पर लगे लाउडस्पीकर को नहीं हटाया गया। मस्जिदों के लाउडस्पीकर से दिन में पांच बार पूरी आवाज में अजान पढ़ी जाती थी। उन इलाकों में भी जहां मुश्किल से 2-3 घर मुसलमानों के थे। अखिलेश सरकार की तरफ से पुलिस को ये खुला आदेश था कि मंदिरों में लाउडस्पीकर नहीं बजने चाहिए ताकि मुसलमानों को दिक्कत न हो।

हिंदुओं के साथ भेदभाव के बावजूद अखिलेश यादव अपनी जीत को लेकर इतने आश्वस्त थे कि उन्होंने होली से 8 दिन पहले एक आदेश जारी किया था कि अगर होली के दौरान अगर कहीं पर भी मस्जिद की दिवार पर एक भी बूंद रंग लग गया तो उसकी पुताई सरकारी खर्च पर करवाई जाएगी। ऐसे सरकारी आदेशों का भी यूपी में बीजेपी की जोरदार कामयाबी के पीछे बड़ा हाथ रहा है। (सोशल मीडिया पर मिली इनफार्मेशन पर आधारित)

Friday, March 24, 2017

ट्विटर पर चला जागरूकता अभियान, सरकार बदल चुकी है, अब बिजली के तारों पर कपडे ना सुखाएं: पढ़ें

ट्विटर पर चला जागरूकता अभियान, सरकार बदल चुकी है, अब बिजली के तारों पर कपडे ना सुखाएं: पढ़ें

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Lucknow, 24 March: उत्तर प्रदेश में बिजली की किल्लत की वजह से समाजवादी पार्टी की सरकार की फजीहत होती रहती थी, कभी कभी तो कुछ इलाकों में एक हप्ते बिजली रहती थी और एक हप्ते काट दी जाती थी इसलिए एक हप्ते तक लोग बिजली के तारों पर कपडे सुखाते थे, इस बात के लिए अखिलेश सरकार की बहुत हंसी उड़ाई जाती थी। 

अब उत्तर प्रदेश में सरकार बदल चुकी है तो लोगों से ट्विटर पर जागरूकता अभियान चलाया है, लोगों का जनता को सन्देश है कि अब उत्तर प्रदेश में सरकार बदल चुकी है इसलिए बिजली के तारों पर कपडे ना सुखाएं वरना कपड़ों के साथ साथ आप भी लटक जाओगे। 

वैसे जानकारी के लिए बता दें कि अब सच में यूपी में बिजली पहले की अपेक्षा अधिक आ रही है, पहले गाँवों में 8 घंटे बिजली आती थी तो अब कम से कम 14-16 घंटे आ रही है इसलिए लोग टीवी पर योगी का एक्शन देखकर खुश भी हो रहे हैं, उत्तर प्रदेश के लोगों ने बताया कि चुनाव से पहले उनके गाँव में बिजली देनी शुरू कर दी गयी थी लेकिन जैसे ही चुनाव ख़त्म हुए बिजली कटनी शुरू हो गयी, लेकिन जब से योगी सरकार बनी है तब से बिजली अधिक मिल रही है और आशा है कि अगले एक-दो वर्षों में 24 घंटे बिजली मिलने लगेगी।

देखिये उत्तर प्रदेश के लोगों की जागरूकता बढाने के लिए ट्विटर पर लोग क्या क्या सन्देश दे रहे हैं - 
बड़ा दम है YOGI में, संभाल रहे हैं 37 मंत्रालय, केजरीवाल के पास एक भी मंत्रालय नहीं, निठल्ले हैं

बड़ा दम है YOGI में, संभाल रहे हैं 37 मंत्रालय, केजरीवाल के पास एक भी मंत्रालय नहीं, निठल्ले हैं

difference-between-yogi-adityanath-and-arvind-kejriwal-as-cm

Lucknow, 24 March: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बड़े हिम्मत वाले हैं क्योंकि उन्होंने उत्तर प्रदेश सरकार में अपने पास 37 मंत्रालय रखे हैं मतलब वे 37 मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभालेंगे वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपने पास एक भी मंत्रालय नहीं रखा है, मतलब दिल्ली सरकार में उनके कन्धों पर कोई जिम्मेदारी नहीं है, अगर उनकी सरकार में कुछ गलत होगा तो केजरीवाल साफ़ साफ़ यह कहकर बाख जाएंगे कि मेरे पास तो कोई मंत्रालय ही नही है। आप खुद देखिये -
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फोटो में दिख रहा है, अरविन्द केजरीवाल के पास कोई मत्रालय नही है

अब आप उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का पोर्टफोलियो देखिये, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास 37 मंत्रालय रखे हैं जिसमें - गृह, आवास एवं शहरी नियोजन, राजस्व, खाद्य एवं रसद, नागरिक आपूर्ति, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन, अर्थ एवं संख्या, भूतत्व एवं खनिकर्म, बाढ़ नियंत्रण, कर निबंधन, कारागार, सामान्य प्रशासन, सचिवालय प्रशासन, गोपन, सर्तकता, नियुक्ति, कार्मिक, सूचना, निर्वाचन, संस्थागत वित्त, नियोजन, राज्य सम्पत्ति, नगर भूमि, उत्तर प्रदेश पुनर्गठन समन्वय, प्रशासनिक सुधार, कार्यक्रम कार्यान्वयन, राष्ट्रीय एकीकरण, अवस्थापना, समन्वय, भाषा, वाह्य सहायतित परियोजना, अभाव, सहायता एवं पुनर्वास, लोक सेवा प्रबंधन, किराया नियंत्रण, उपभोक्ता संरक्षण, बाट माप शामिल है। देखिये फोटो
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योगी आदित्यनाथ के मंत्रालयों की लिस्ट
आपने देखा होगा चाहे प्रधानमंत्री हो या किसी राज्य के मुख्यमंत्री, वे अपने पास सभी महत्वपूर्ण मंत्रालय रखते हैं, प्रधानमंत्री मोदी के पास भी सबसे अधिक मंत्रालय हैं, इसके अलावा सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों का भी आप प्रोफाइल देखें तो उनके पास सबसे अधिक मंत्रालय होते हैं लेकिन सिर्फ अरविन्द केजरीवाल ही ऐसे मुख्यमंत्री हैं जिनके पास कोई मंत्रालय नहीं है।