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23 May, 2017

हर सिलेंडर से 2 किलो गैस निकाल लेता था एजेंसी वाला, शिकायत पर MODI सरकार ने तुरंत लिया एक्शन

हर सिलेंडर से 2 किलो गैस निकाल लेता था एजेंसी वाला, शिकायत पर MODI सरकार ने तुरंत लिया एक्शन

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Pratapgarh: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सत्ता संभालने के बाद सबसे पहले गैस कालाबाजारी बंद की, फर्जी कनेक्शन ख़त्म किये और आधार नंबर को बैंक खातों से जोड़कर ग्राहकों को सब्सिडी सीधा उनके बैंक खातों में भेजनी शुरू कर दी, मोदी के इस काम से सरकारी सब्सिडी की लूट तो बंद हो गयी लेकिन एजेंसी वालों की लूट बंद नहीं हुई, देखते ही देखते नकली सील बनायी जाने लगी और एजेंसी वालों ने भरे हुए सिलेंडर से गैस चोरी करके उसपर नकली सील लगाना शुरू कर दिया. हालाँकि अब इसका भी पर्दाफाश हो गया है और मोदी सरकार ने एक्शन लेना शुरू कर दिया है.

ग्राहकों को कैसे लूट रहे हैं एजेंसी वाले

मोदी सरकार ने सभी गैस एजेंसी वालों को आदेश दे रखा है कि ग्राहकों को सिलेंडर देने से पहले उसे तौला जाए ताकि किसी भी ग्राहक को कम गैस ना मिले लेकिन एजेंसी वाले ना तो इलेक्ट्रॉनिक काँटा रखते हैं और ना ही ग्राहकों को तौलकर सिलेंडर देते हैं क्योंकि वे पहले से ही गैस निकालकर रखते हैं, अगर ग्राहकों को तौलकर सिलेंडर देंगे या एजेंसी पर इलेक्ट्रॉनिक मशीन रखेंगे तो ग्राहक खुद ही अपना सिलेंडर तौल लेंगे और एजेंसी वालों की चोरी पकड़ ली जाएगी.

अब एजेंसी वालों ने ग्राहकों को लूटने का नया तरीका निकाल लिया है, अगर उनके पास रोजाना 500 सिलेंडर आते हैं तो उसमें से करीब 400 सिलेंडर से 2-2 किलो गैस निकाल लेते हैं और उसपर नकली सील लगा देते हैं. 100 सिलेंडर भरा हुआ रखते हैं. जो ग्राहक जिद करके सिलेंडर तौलने की मांग करते हैं उन्हें पूरा सिलेंडर दिया जाता है, जो ग्राहक बिना तौले ही सिलेंडर ले लेते हैं उन्हें 2 किलो कम वाला सिलेंडर दे दिया जाता है.

अब मान लो कोई ग्राहक 2 किलो कम गैस वाला सिलेंडर लेकर अपने घर गया और वहां पर उसका वजन किया और 2 किलो गैस कम निकली. अब मान लो ग्राहक वापस गैस एजेंसी पर आता है और हल्ला करता है तो एजेंसी वाले उसे ही डांटकर कहते हैं कि आपने तौलकर सिलेंडर क्यों नहीं लिया. जब ग्राहक ज्यादा ही हल्ला करता है तो एजेंसी वाले उसे भरा हुआ सिलेंडर देकर वापस भेज देते हैं, ये लोग चोरी खुद करते हैं और ग्राहकों को ही गलत ठहराने की कोशिश करते हैं. वैसे बहुत कम लोग हैं जो घर जाकर सिलेंडर तौलते हैं और बहुत कम लोग हैं तो घर से सिलेंडर लेकर वापस आते हैं. ऐसे लोग अपना गुस्सा सरकार पर निकालते हैं. 

शिकायत पर मोदी सरकार तुरंत लेती है एक्शन

इसमें कुछ गलती ग्राहकों की है क्योंकि लोग सिलेंडर का वजह नहीं करते, सबसे पहले तो ग्राहकों को गैस तौलकर लेनी चाहिए, गैस खरीदने पर एजेंसी वालों ने पर्ची लेनी चाहिए, कभी कभी घर आकर गैस को तौलना चाहिए, अगर गैस कम निकले तो पर्ची के पीछे एक शिकायत नंबर लिखा होता है, उसपर फोन करके शिकायत करनी चाहिए. मोदी सरकार शिकायत के बाद तुरंत एक्शन लेती है और चोर एजेंसी को सील कर देती है.

हाल ही में हमने एक गैस एजेंसी Siddhi Vinayak Indane Service, Antu-Babuganj Road, Pratapgarh, UP. द्वारा गैस चोरी का पर्दाफाश कर दिया और मोदी सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय में शिकायत कर दी, मोदी सरकार ने गैस एजेंसी पर तुरंत एक्शन किया और उसकी सप्लाई रोक दी है, अब एजेंसी वाले शिकायत करने वाले ग्राहकों के हाथ पैर जोड़ रहे हैं और अपनी शिकायत वापस लेने को कह रहे हैं लेकिन ग्राहकों ने गैस एजेंसी को सबक सिखाने का मन बना लिया है क्योंकि गैस चोरी एक एजेंसी पर नहीं बल्कि 90 फ़ीसदी एजेंसी वाले कर रहे हैं, जब तक इन लोगों को सबक नहीं सिखाया जाएगा, ये गरीब ग्राहकों को लूटते रहेंगे.

कैसे करें चोर गैस एजेंसियों की शिकायत
  • अगर हो सके तो पुलिस में FIR करें, 
  • पुलिस शिकायत ना सुनें और अगर जिलाधिकारी इमानदार हो तो उससे शिकायत करें
  • @MoPNG_eSeva या @dpradhanbjp पर ट्वीट करें और पूरी शिकायत लिख भेजें
  • जिस कंपनी की गैस हो उसकी वेबसाइट पर जाएँ और Distributer की शिकायत करें
  • आपकी गैस कॉपी पर शिकायत नंबर लिखा होता है, उसपर शिकायत करें
  • सिलेंडर रिफिल के बाद एक पर्ची मिलती है, उसके पीछे एक नंबर लिखा होता है, उसपर फोन करें और शिकायत कर दें
उपरोक्त कोई भी तरीके से गैस एजेंसी वालों की शिकायत की जा सकती है, अगर आपके नजदीक की पुलिस इमानदार होगी तो वही एजेंसी वालों पर छापा मारकर एक्शन ले लेगी, अगर पुलिस शिकायत ना सुनें तो ऑनलाइन या फोन करके अपनी शिकायत करें. 
मायावती से बोले श्रीकांत शर्मा, जातिवाद की राजनीति करके लोगों को आपस में लड़ाना गन्दी बात है

मायावती से बोले श्रीकांत शर्मा, जातिवाद की राजनीति करके लोगों को आपस में लड़ाना गन्दी बात है

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New Delhi: आज उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री और बीजेपी नेता श्रीकांत शर्मा ने बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा है कि वे जातिवाद की राजनीति करने से बाज आयें, लोगों को आपस में लड़ाना बंद करें और योगी आदित्यनाथ सरकार के शान्ति के प्रयासों में आग ना लगाएं,

शर्मा ने कहा कि मायावती ने अब तक दलितों के नाम पर बहुत राजनीति की है, वे सत्ता पाने के लिए दलितों का इस्तेमाल करती हैं लेकिन जब सत्ता में आती हैं तो दलितों को भूल जाती हैं.

उन्होंने कहा कि सहारनपुर में दो ग्रुपों के बीच झड़प के बाद हमारी सरकार शान्ति का प्रयास कर रही है तो मायावती फिर से आग लगाने के लिए सहारनपुर पहुँच गयीं, हमारे शान्ति के प्रयास उन्हें हजम नहीं हो रहे हैं, वे चाहती हैं कि लड़ाई जारी रहे, दंगे जारी रहें इसीलिए उन्होंने सहारनपुर का दौरा किया है और आग लगाने की कोशिश की है.

उन्होंने मायावती को सलाह देते हुए कहा कि अब जातिवाद ना फैलाएं, राज्य में शान्ति स्थापित होने दें, जातियों में भेदभाव करना बंद करें.

जानकारी के लिए बता दें कि सहारनपुर में कुछ दिन पहले ठाकुरों और दलितों के बीच झड़प हुई थी जिसमें एक युवक की मौत हो गयी थी जबकि कई घायल हुए थे, इस घटना से मायावती को एक बार फिर से दलित राजनीतिकरने का मौका मिल गया है. आज उन्होंने घटनास्थल का दौरा किया और दलितों से मुलाक़ात की.

21 May, 2017

प्रतापगढ़ के District Magistrate Sharad Kumar Singh कर रहे हैं योगी के आदेश का खुलेआम उल्लंघन

प्रतापगढ़ के District Magistrate Sharad Kumar Singh कर रहे हैं योगी के आदेश का खुलेआम उल्लंघन

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Pratapgarh: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए सबसे बड़ा खतरा उनके ही नौकरशाह हैं, उत्तर प्रदेश में अभी भी करीब 80 फ़ीसदी अधिकारियों को भ्रष्टाचार की अदात है, खा खा कर इन लोगों को इतनी चर्बी चढ़ गयी है कि आसानी से उनकी अदात जाने वाली नहीं है.

आप खुद सोचिये, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दे रखा है कि सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक अपने दफ्तर में अपनी कुर्सी पर मौजूद रहें, वे किसी भी वक्त उन्हें फोन कर सकते हैं, लेकिन अभी भी कई जिलाधिकारी पुराने जमाने में ही जी रहे हैं और उन्हीं में से एक हैं प्रतापगढ़ के जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह.

शरद कुमार सिंह खुलेआम मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं, ये सिर्फ 2 घंटे ऑफिस में बैठते हैं, जनता से सिर्फ दो घंटे मिलते हैं, उसके बाद अपने आवास पर आराम फरमाते हैं. लगता है कि या तो इनके सर पर किसी बड़े नेता का हाथ है या इन्हें चर्बी चढ़ी हुई है तभी तो ये योगी के आदेश का उल्लंघन कर रहे हैं.

इनकी दबंगई देखिये, इन्होने अपने ऑफिस के बाहर भी लिख रखा है कि ये सिर्फ दो घंटे जनता से मिलेंगे, सिर्फ 9-11 बजे तक ही ऑफिस में रहेंगे, सिर्फ दो घंटे में ये इतने थक जाते हैं कि अपने आवास पर विश्राम करते हैं. वाह DM थी, बहुत बढ़िया. तभी तो प्रतापगढ़ जिले की ये हालत है, जब ऐसे अधिकारियों के जिम्मे पर जिला कर दिया जाएगा तो यही हाल होगा, हर जगह लूट हो रही है, हर जगह भ्रष्टाचार हो रहा है, कभी कभी तो इनके दफ्तर के ही कर्मचारी खुलेआम घूस मांगते हैं.

कल एक पीड़ित धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय गैस एजेंसी के खिलाफ गैस चोरी की शिकायत लेकर आये तो DM अपनी सीट से गायब थे और अपने आपास पर आराम फरमा रहे थे, पीड़ित ने अपनी शिकायत दफ्तर में जमा करा दी तो कर्मचारी ने कहा कि अगर साहब को मौका मिलेगा तो देखेंगे, अगर घूस दे दो तो जल्दी काम हो जाएगा, पीड़ित ने घूस नहीं दिया और गैस चोरी का शिकायत पत्र वहीँ छोड़ दिया, अब देखना है कि गैस एजेंसी के खिलाफ एक्शन होता है या नहीं.
योगीराज में अब हेलमेट नहीं पहनेंगे तो नहीं मिलेगा पेट्रोल, कल लखनऊ से शुरुआत

योगीराज में अब हेलमेट नहीं पहनेंगे तो नहीं मिलेगा पेट्रोल, कल लखनऊ से शुरुआत

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Lucknow: उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने एक बड़ा फैसला करते हुए हेलमेट ना पहनने वालों को पेट्रोल देने से मना कर दिया है, फिलहाल कल से लखनऊ से इसकी शुरुआत हो रही है, अगर प्रयोग सफल रहा तो पूरे राज्य में इसे लागू किया जाएगा.

जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, वहां पर ट्रैफिक नियमों की सबसे ज्यादा अनदेखी होती है, योगी सरकार चाहती है कि सभी लोग सड़क पर वाहन दौड़ाते समय हेलमेट पहनकर रखें, इसीलिए सरकार ने फैसला किया है कि हेलमेट ना पहनने वालों को पेट्रोल ही नहीं दिया जाएगा.

योगी सरकार का ये फैसला बहुत बढ़िया है, अब देखना यह है कि इसका कुछ असर पड़ता है या नहीं, लोग हेलमेट पहनना शुरू करते हैं या नहीं और सड़क दुर्घटना में कमीं आती है या नहीं.
सावधान, मोदीराज में गैस चोरी करने के लिए एजेंसी मालिकों ने ढूंढा नया उपाय, हमने किया पर्दाफाश

सावधान, मोदीराज में गैस चोरी करने के लिए एजेंसी मालिकों ने ढूंढा नया उपाय, हमने किया पर्दाफाश

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New Delhi: तीन साल पहले देश में जब मोदी सरकार बनी थी तो उन्होंने तत्काल कदम उठाते हुए गैस की कालाबाजारी और सरकारी सब्सिडी की अवैध लूट को बंद करवाकर जनता को बहुत बड़ी राहत दी थी लेकिन अब एजेंसी मालिकों ने जनता को लूटने का नया तरीका खोज लिया है, इस तरीके से एजेंसी मालिक सीधा जनता को ही लूट रहे हैं, पहले वे सरकार को लूटकर गरीबों को मिलने वाली सब्सिडी खुद खा जाते थे लेकिन जब से सरकार ने आधार कार्ड को बैंक खातों से जोड़कर बैंक में सब्सिडी के पैसे डालने शुरू कर दिए, एजेंसी मालिकों की लूट बंद हो गयी.

मोदी सरकार ने काम तो जबरजस्त किया लेकिन अब एजेंसी मालिकों ने सरकार की बजाय जनता को ही लूटना शुरू कर दिया है, हर सिलेंडर में 2 किलो गैस निकालकर नकली सील लगा दिया जाता है, देहात एरिया में 80 फ़ीसदी एजेंसी मालिक ग्राहकों को तौलकर भरा हुआ सिलेंडर नहीं देते क्योंकि सिलेंडर से पहले ही गैस चोरी करके गैस निकाल ली जाती है और नकली सील लगा दिया जाता है या कहीं से सील को मैनेज किया जा रहा है. ग्राहक कम गैस वाला सिलेंडर लेकर घर जाते हैं, हर आदमी के घर में तौलने की मशीन नहीं होती इसलिए लोगों को पता ही नहीं चलता कि उन्हें गैस कम मिली है, नतीजा यह होता है कि जो सिलेंडर 1 महीनें में ख़त्म होना चाहिए वह सिलेंडर केवल 22-25 दिन में ख़त्म हो जाता है और लोग अपनी पत्नियों को बुरा भला कहते हैं.

हाल ही में हमनें गैस चुराने वाली एजेंसी का पर्दाफाश किया है, उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले के अंतू-बाबूगंज रोड पर Siddhi Vinayak Indane Service नामक एक गैस एजेंसी है. यह एजेंसी रवींद्र सिंह की है जिसके सर पर बीजेपी नेताओं का हाथ है. बगल में ही अंतू थाना है लेकिन एजेंसी मालिक को ना थाने का डर है और ना ही पुलिस का क्योंकि पुलिसवाले 2 मिनट में बिक जाते हैं या उन्हें बीजेपी नेताओं का फोन आ जाता है.

हमारे सामने एक ग्राहक सिलेंडर लेकर घर आया और उसका वजन किया तो 2.5 किलोग्राम गैस कम निकली, ग्राहक ने एजेंसी पर बात की तो एजेंसी वाले ने कहा कि आप दूसरा सिलेंडर ले जाओ, ग्राहक से सोचा कि उसे तो गैस पूरी मिल जाएगी लेकिन एजेंसी मालिक ऐसे ही जनता को लूटता रहेगा. इसके बाद ग्राहक ने पुलिस में शिकायत की, पुलिस वाले ग्राहक के साथ एजेंसी पर गए और उनके कांटे से गैस तौला तो गैस वाकई में 2.5 किलोग्राम कम थी. इसके बाद पुलिस ने एजेंसी मालिक को बुलवाया. एजेंसी मालिक ने बीजेपी नेता से पुलिस वाले को फोन करवाया तो पुलिस वाला ढीला पड़ गया और ग्राहक से एजेंसी मालिक को एक मौका देने की मांग की, ग्राहक भी मान गया और शिकायत वापस ले ली.

ग्राहक ने शिकायत भले ही वापस ले ली लेकिन देखते ही देखते यह बात गाँव में फैसले लगी, कई लोग गैस लेकर आये और घर पर तौला तो सबकी गैस कम निकलने लगी. धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय नामक एक ग्राहक ने भी गैस ली और उसे घर आकर तौला तो 2.1 किलो गैस कम निकली. हैरानी इस बात की थी कि सभी सिलेंडरों पर सील लगी होने के बावजूद भी गैस कम थी इसका मतलब है कि एजेंसी मालिकों के पास नकली सील है और ये लोग असली सील खोलकर गैस निकाल लेते हैं और उसके बाद नकली सील लगा देते हैं, ग्राहक सोचता है कि सील लगा है तो गैस भी पूरी होगी, एजेंसी वाले ना तो खुद गैस तौलकर देते हैं और ना ही इलेक्ट्रॉनिक काँटा रखते हैं, जब ग्राहक तौलने की मांग करता है तो उसे डपट दिया जाता है.

धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने Siddhi Vinayak Indane Service गैस एजेंसी को सबक सिखाने का मन बनाया और सिलेंडर के साथ पुलिस थाने जा पहुंचे लेकिन पुलिस को एजेंसी मालिक ने पहले ही खर्च दे दिया था इसलिए अंतु थाने के दरोगा हरपाल सिंह यादव ने शिकायत सुनने से ही इंकार कर दिया जबकि एक दिन पहले दूसरे ग्राहक की शिकायत पर पुलिस वाले एजेंसी पर गए थे, इस बार दरोगा ने शिकायत ही नहीं सुनी क्योंकि एजेंसी मालिक ने उन्हें खर्चा दे दिया था, दरोगा ने धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय को जिला पूर्ती अधिकारी (District Supply Inspector) के पास भेजा. ये अधिकारी जिला मुख्यलाय में बैठते थे जो कि एजेंसी से करीब 25 किलोमीटर दूर है.

ग्राहक भरी गर्मी में सिलेंडर के साथ जिला पूर्ती अधिकारी के दफ्तर पहुंचा लेकिन वहां पर अधिकारी मिले ही नहीं, योगी सरकार ने सभी अधिकारियों को दफ्तर में मौजूद रहने का आदेश दिया है लेकिन अधिकारी साहब अपने आवास पर आराम फरमा रहे थे. वहां के कर्मचारियों ने धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय को DM के पास भेजा.

इसके बाद धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय जिलाधिकारी शरद कुमार सिंह के दफ्तर आये लेकिन वे भी अपनी सीट पर नदारद थे और अपने आवास पर आराम फरमा रहे थे, आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिया है कि सुबह 9 से शाम 6 बजे तक दफ्तर में मौजूद रहें लेकिन प्रतापगढ़ के DM शरद कुमार सिंह ने साफ़ साफ़ बोर्ड लगा रखा है कि वे सिर्फ 9-11 यानी सिर्फ 2 घंटे ही दफ्तर में मौजूद रहेंगे, उसके बाद ये अपने आवास पर आराम फरमाते हैं. देखिये -
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फिलहाल धर्मेन्द्र कुमार पाण्डेय ने अपनी शिकायत DM कार्यालय में दे दी है, अब देखना है कि एजेंसी मालिक पर एक्शन लिया जाता है या DM भी घूसपानी लेकर बैठ जाते हैं क्योंकि DM साहब घूसखोरी के लिए मशहूर हैं.

अगर एजेंसी मालिक पर कार्यवाही हुई तो कई बड़े खुलासे होंगे क्योंकि सरकार को पता चलेगा कि नकली सील कौन बना रहा है, कहीं यह गोरखधंधा सभी एजेंसी मालिक तो नहीं कर रहे हैं क्योंकि जिस तरफ से चिप लगाकर पेट्रोल पम्प वाले पेट्रोल चोरी कर रहे थे, हो सकता है कि सभी गैस एजेंसी मालिक नकली सील लगाकर सिलेंडर से गैस चोरी कर रहे हों, अगर यह बात साबित हो गयी तो इसे देश के साथ धोखा माना जाएगा.
देखिये: गैस चोरी का सबूत (VIDEO)

19 May, 2017

दुल्हे का अपहरण करने वाली गर्लफ्रेंड बोली 'वह मेरे साथ रातभर रहा, सुबह अपने आप चला गया'

दुल्हे का अपहरण करने वाली गर्लफ्रेंड बोली 'वह मेरे साथ रातभर रहा, सुबह अपने आप चला गया'

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बांदा: हमीरपुर के भवानी गाँव में गर्लफ्रेंड द्वारा दुल्हे को किडनैप करने वाली घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर लिया है, पहली खबर के अनुसार गर्लफ्रेंड ने मंडप ने रिवाल्वर की नोंक पर दुल्हे को किडनैप किया और उसे उसकी ही स्कॉर्पियो गाडी में लेकर भाग गयी, पुलिस ने इस घटना के बाद दूल्हे को हर गली, हर घर में छान मारा लेकिन कहीं नहीं मिला, उसके बाद पुलिस ने दुल्हे को एक बार उसके ही घर में खोजने गयी तो वह वहां पर सोता हुआ मिला.

बांदा जिले की मौदहा थाने की पुलिस ने वीरवार को सुबह करीब 4 पर दुल्हे को उसके मोहनपुरवा गाँव स्थित घर से उठा लिया जबकि बन्योटा मोहल्ले से दुल्हे को किडनैप करने वाली लड़की को बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिया था.

जब दुल्हे की किडनैपर बांदा साहू से पूछताछ की गयी तो उसनें बताया कि दुल्हे को किसी ने किडनैप नहीं किया था और ना ही उसपर रिवाल्वर ताना था, दूल्हा खुद उसके साथ गया था और रातभर उसके साथ ही रहा, सुबह उठकर वह अपने आप घर चला गया. दोनों की पहले कोर्ट मैरिज हो चुकी है और लड़के के घर वाले जबरजस्ती उसकी शादी कर रहे थे.

18 May, 2017

लचर कानून व्यवस्था से नाराज होकर CM योगी आदित्यनाथ ने 67 IPS अफसरों का किया ट्रांसफर

लचर कानून व्यवस्था से नाराज होकर CM योगी आदित्यनाथ ने 67 IPS अफसरों का किया ट्रांसफर

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Lucknow : उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के आने के बाद पुलिस अफसरों ने सुधरने का दिखावा तो किया था लेकिन एक महीना बीतते ही ज्यादातर अफसर फिर से अपने पुराने रास्ते पर आ गए और अपराधियों में पुलिस का खौफ फिर से ख़त्म हो गया, देखते ही देखते अपराधों की संख्या में वृद्धि हो गयी, कई रेप के मामले सामने और लूट, डकैती और मर्डर की एक के बाद एक घटनाएँ होने लगीं, बढे अपराध की वजह से विपक्ष को योगी सरकार के खिलाफ बोलने का मौका मिल गया और सभी पार्टियों ने कानून व्यावस्था पर हमला शुरू कर दिया.

योगी सरकार ने विपक्ष को हमलावर देखकर पुलिस अफसरों की ड्यूटी में फिर से फेरबदल किया है, कल योगी सरकार ने 67 IPS अफसरों का ट्रांसफर कर दिया. अब तक योगी सरकार ने करीबी 200 IPS अफसरों का ट्रांसफर किया है लेकिन कानून व्यवस्था में ना तो कोई सुधार आया और ना ही अपराधियों में पुलिस का खौफ नजर आया है. योगी सरकार के सामने कानून व्यवस्था में सुधार ही सबसे बड़ी चुनौती है.

मुख्यमंत्री योगी ने कहा है कि कानून व्यवस्था से कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा और अपराध पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे.

प्रदेश की लचर कानून व्यवस्था को मुद्दा बनाकर सोमवार को विधानसभा सत्र के पहले दिन विपक्षियों ने जबरजस्त हंगामा किया था और स्पीकर के ऊपर कागज की गेंदें फेंकी थी, यही नहीं सभी विपक्षी विधायक अपनी मेजों पर खड़े होकर योगी सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे.

17 May, 2017

लखनऊ में गेस्ट हाउस के पास IAS अफसर की संदिग्ध लाश मिलने से सनसनी

लखनऊ में गेस्ट हाउस के पास IAS अफसर की संदिग्ध लाश मिलने से सनसनी

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लखनऊ : आज उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक सनसनीखेज खबर आयी है, जानकारी के अनुसार लखनऊ के मीराबाई गेस्ट हाउस के पास आज कर्नाटक कैडर के एक IAS अफसर अनुराग तिवारी की लाश संदिग्ध हालत में मिली, इस खबर के बाद पूरे शहर में सनसनी मच गयी क्योंकि IAS अफसर की लाश मिलना अपने आप में बड़ी खबर है.

बताया जा रहा है कि अनुराग तिवारी सुबह किसी काम से गेस्ट हाउस से बाहर निकले थे, कुछ देर बार पुलिस उनकी लाश मिलने की खबर मिली जिसके बाद पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को अपने कब्जे में ले लिया. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.

खबर के अनुसार अनुराग तिवारी मूल रूप से उत्तर प्रदेश के ही बहराइच के रहने वाले थे, 2007 बैच में उनका IAS कैडर में सिलेक्शन हुआ और उन्हें कर्नाटक में सिविल सप्लाई डिपार्टमेंट में तैनात किया गया था, वे कुछ दिन पहले यूपी आये थे, उनके परिवार में भी टेंशन चल रही थी इसलिए पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है.

16 May, 2017

एजेंसी वाले देते हैं कम गैस, ग्राहक गालियाँ देते हैं मोदी, योगी और घरवालियों को: पढ़ें क्यों?

एजेंसी वाले देते हैं कम गैस, ग्राहक गालियाँ देते हैं मोदी, योगी और घरवालियों को: पढ़ें क्यों?

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Pratapgarh: भारत सरकार ने सभी गैस एजेंसियों को आदेश दे रखा है कि ग्राहकों को गैस सिलेंडर देते समय उसे तौल कर दें ताकि किसी भी ग्राहक को कम गैस ना मिले साथ ही गैस चोरी को भी रोका जा सके, शहरों में कुछ गैस एजेंसियां भारत सरकार के इस आदेश का पालन भी कर रही हैं लेकिन गाँवों में बहुत बुरा हाल है, वहां पर लगभग सभी ग्राहकों को कम गैस दी जा रही है, ग्राहकों को गैस देने से पहले उसमें दो ढाई किलो गैस निकाल ली जाती है और उनपर डुप्लीकेट सील लगा दिया जाता है या सील को ऊपर से सरका कर निकाल लिया जाता है और गैस निकालने के बाद वापस ऊपर से लगा दिया जाता है ताकि ग्राहकों को लगे कि सिलेंडर सीलबंद है और पूरा भरा हुआ है लेकिन ऐसा होता नहीं है.

आज प्रतापगढ़ जिले में बाबूगंज-अंतू स्थित सिद्धि विनायक इंडेन सर्विस (Siddhi Vinayak Indane Service) एजेंसी द्वारा गैस चोरी का पर्दाफाश किया गया.

एक ग्राहक जब गैस लेने पहुंचा तो उसे सीलबंद सिलेंडर दिया गया लेकिन दूसरे कर्मचारी ने लीकेज चेक करने के लिए सील खोल दिया और उसे बिना सील वाला सिलेंडर घर ले जाने के लिए दे दिया, यह एजेंसी वाला अपने पास इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन नहीं रखता, कांटे वाली तराजू रखता है और जब कोई गरीब ग्राहक सिलेंडर तौलने के लिए कहता है तो यहाँ के कर्मचारी उसपर रौब झाड़ते हैं और कभी कभी उन्हें डांट भी देते हैं, मतलब अपनी दबंगई दिखाते हैं जिसकी वजह से लोग सिलेंडर को तौलकर देने को कहने से डरते हैं.

आज ग्राहक जीतेन्द्र सिंह गैस लेकर घर आया और घर पर इलेक्ट्रॉनिक वेटिंग मशीन से सिलेंडर तौला तो सिलेंडर 2.3 किलोग्राम कम निकला, खाली सिलेंडर 16.3 किलो का होता है जबकि उसमें 14.2 किलो गैस भरी होती है, सिलेंडर का पूरा भार 30.5 किलो होना चाहिए था लेकिन उसका भार केवल 28.2 किलो था.

ग्राहक ने बताया कि मेरे साथ कई बार ऐसा होता आया है, मेरा सिलेंडर जल्दी ख़त्म हो जाता है, मुझे पता नहीं था कि गैस एजेंसी वाला ही चोरी करता है, मैं इसके लिए कभी मोदी को गलत बोलता था, कभी योगी को गलत बोलता था और कभी अपनी पत्नी को गलत बोलता था कि तुमने सिलेंडर को जल्दी ख़त्म कर दिया, मैं पता नहीं क्या क्या बोलता था लेकिन अब पता चला कि गैस एजेंसी वाला ही चोर है.

इसके बाद ग्राहक जीतेन्द्र को पता चला कि उसका पडोसी शिवबहादुर गुप्ता भी आज ही सिलेंडर लाया है, उसनें शिवबहादुर को ये बात बतायी तो उसका भी सिलेंडर तौला गया, हैरानी की बात ये कि उसकी भी गैस 1.5 किलो कम थी. देखें VIDEO.

अब आप इनकी दबंगई की कहानी सुनिए, ग्राहक ने गैस चोरी के लिए एजेंसी के खिलाफ अंतू थाने में शिकायत की, एक पुलिस अफसर ग्राहक के साथ एजेंसी में गया, वहां पर सिलेंडर तौला गया तो कम निकला, दूसरे भरे हुए और सीलबंद सिलेंडर तौले गए तो उनमें पूरी गैस भरी थी. जब एजेंसी वाले की चोरी पकड़ी गयी तो उसनें कहा कि आपको तौलकर गैस लेनी चाहिए थे, अब आप खुद सोचिये, पहले तौलने की मांग करने वालों को डांटते हैं, उसके बाद ये सभी सिलेंडरों में से गैस की चोरी करते हैं, जब चोरी पकड़ी जाती है तो कहते हैं कि आप तौलकर लिया करो, मतलब जो ग्राहक तौलकर सिलेंडर नहीं लेगा ये लोग उसे कम गैस वाला सिलेंडर दे देंगे, अब सवाल यह उठता है कि ये लोग खुद ही कबूल कर रहे हैं कि जो ग्राहक तौलकर सिलेंडर नहीं लेंगे उन्हें कम गैस दी जाएगी, मतलब उन्हें लूट लिया जाएगा.

आपको दिखाते हैं, ग्राहक ने पुलिस में शिकायत भी दी है लेकिन गैस एजेंसी के मालिक ने बीजेपी नेताओं से बात करके पुलिस अफसरों पर राजनीति दबाव डलवाया जिसकी वजह से पुलिस अफसर ने ग्राहक से कहा कि एजेंसी वाले को एक और मौका दो, अगर आपके फिर से कम गैस दे तो मुझे बताना.

अब यहाँ पर यह समझने लायक है कि गैस चोरी के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्राहक को तो पूरी गैस मिलेगी लेकिन अन्य गरीब ग्राहकों का क्या होगा, उन्हें तो ऐसे ही लूटा जाता रहेगा क्योंकि गाँव में ज्यादातर लोग गरीब होते हैं और हर आदमी की हिम्मत नहीं होती कि एजेंसी मालिक के खिलाफ थाने में शिकायत कर सके, उसने अपनी और अपने परिवार की जान की फिक्र होती है क्योंकि ज्यादातर एजेंसी वाले गुंडे माफिया होते हैं या माफियनों से सम्बन्ध बनाकर रखते हैं और शिकायत करने वाले ग्राहक को सबक सिखाने का प्रयास जरूर करते हैं.

यहाँ पर योगी और मोदी सरकार की इज्जत का सवाल है क्योंकि गरीब ग्राहक चाहते हैं कि सरकार खुद छापा मारकर गैस चोरी कर रही एजेंसियों पर कार्यवाही करें, अगर ग्राहक को गैस कम मिलेगी तो वह इसके लिए मोदी और योगी सरकार को जिम्मेदार ठहरायेगा और उन्हें ही गालियाँ देगा क्योंकि भ्रष्टाचार, कालाबाजारी और गैस चोरी बंद करने का दावा ये लोग करते हैं. अब देखना है कि योगी और योगी सरकार इस एजेंसी मालिक के ऊपर कार्यवाही करके गैस चोरी को रोक पाती है या नहीं.

15 May, 2017

ऐसा धुंवाधार नागिन डांस आपने कभी नहीं देखा होगा: VIDEO

ऐसा धुंवाधार नागिन डांस आपने कभी नहीं देखा होगा: VIDEO

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प्रतापगढ़: शादी विवाह के अवसर पर बारातियों को आपने नाचते गाते जरूर देखा होगा, हर बारात में नागिन डांस जरूर होता है लेकिन कभी कभी कुछ लोग ऐसा नागिन डांस करते हैं जिसे देखकर लोग दांतों तले उंगलियाँ दबाने पर मजबूर हो जाते हैं और लोग डांस देखने में खो जाते हैं.

हाल ही में उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में एक शादी में नागिन डांस हुआ जिसे देखकर आप को काफी मजा आएगा, दोनों युवाओं ने ऐसा धूलतोड़ नागिन डांस किया कि उनके कपड़े धुल में सन गए. आप भी देखिये यह VIDEO.

14 May, 2017

देशभक्त संगठन है RSS लेकिन कुछ लोग बताते हैं साम्प्रदाईक, दम है तो बहस करें: योगी आदित्यनाथ

देशभक्त संगठन है RSS लेकिन कुछ लोग बताते हैं साम्प्रदाईक, दम है तो बहस करें: योगी आदित्यनाथ

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Lucknow: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज आरएसएस की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि देशभक्त संगठन को कुछ लोग साम्प्रदाईक बताकर भ्रम फैलाने की कोशिश करते हैं जो सही नहीं है. उन्होंने कहा कि आज साम्प्रदाईकता पर बहस की जरूरत है, बहस के बाद ही तय होना चाहिए कि कौन साम्प्रदाईक है और कौन मानवतावादी.

योगी आदित्यनाथ आज अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर लखनऊ के रमाबाई मैदान में होने वाले समारोह को लेकर आयोजित कार्यक्रम में बोल रहे थे, उन्होंने कहा कि आरएसएस समाज को जोड़ने का काम करता है, कुछ लोग समाज को जोड़ने वाले आरएसएस को साम्प्रदाईक बता देते हैं लेकिन समाज को तोड़ने वालों की सोच रखने वालों या ऐसे लोगों का समर्थन करने वालों को मानवतावादी बता देते हैं. हम ऐसे लोगों से चर्चा के लिए तैयार हैं, चर्चा होनी चाहिए, लोगों के बिचारों के आधार पर ही तय होना चाहिए कि कौन साम्प्रदाईक है और कौन मानवतावादी.

उन्होंने कहा कि औरंगजेब और मोहम्मद गोरी घोर सम्प्रदाईक थे, ये लोग भारत को बर्बाद करने का सपना देख रहे थे, आज जो लोग उन्हें समर्थन करते हैं, उनके गुण गाते हैं, ऐसे लोगों को क्या बोला जाना चाहिए.

आरएसएस है देशभक्त संगठन: योगी

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आरएसएस हिन्दुस्तानियों में राष्ट्रभाव पैदा करने का काम करता है, समाज को एक करने का काम करता है लेकिन इस देश का दुर्भाग्य है कि उसे साम्प्रदाईक बताया जाता है लेकिन समाज को तोड़ने वालों एवं देश के टुकड़े टुकड़े करने की सोच रखने वालों को मानवतावादी बताया जाता है.
योगी आदित्यनाथ ने किया एक और बड़ा ऐलान, जानकार गर्व करेगा हर असली हिन्दुस्तानी: पढ़ें

योगी आदित्यनाथ ने किया एक और बड़ा ऐलान, जानकार गर्व करेगा हर असली हिन्दुस्तानी: पढ़ें

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Lucknow: उत्तर प्रदेश के धाकड़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक और बड़ी घोषणा कर दी है जिसे सुनकर हर असली हिन्दुस्तानी गर्व करेगा जबकि नकली हिन्दुस्तानी को बहुत जलन होगी. योगी ने कहा है कि वे अगले वर्ष से यूपी के स्कूलों में राजा सुहेलदेव की जीवनी शामिल कर रहे हैं जिनके बारे में पढ़कर हमारे छात्र अपना इरिहास जानेंगे और उससे सीखकर आने वाले खतरे से निपट सकेंगे.

कौन हैं राजा सुहेलदेव


राजा सुहेलदेव 11वीं सदी के सम्राट थे जिन्होंने कई हिन्दू राजाओं को इकठ्ठा करके मुस्लिम लुटेरों और हमलावरों को सबक सिखाया था, योगी का मानना है कि अगर हिंदुस्तान के लोग राजा सुहेलदेव के इतिहास से कुछ नहीं सीखेंगे तो हमारा नुकसान होगा, इसलिए हमें ऐसे राजाओं के बारे में स्कूलों में पाठ्यक्रम जोड़ना पड़ेगा और अगले साल से हम ऐसा कर रहे हैं.

योगी ने पूर्व सरकारों पर आरोप लगाया कि उन्होंने रजा सुहेलदेव के इतिहास को जानबूझकर दबाने की कोशिश की, साजिश के तहत उनके नाम को इतिहास से हटाया गया, उन सभी साजिशकर्ताओं को बेनकाब करने की जरूरत है.

लाखन पासी का नाम भी जोड़ा जाएगा स्लेबस में


योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सुहेलदेव के अलावा लाखन पासी का नाम भी स्लेबस में जोड़ा जाएगा, उनके नाम से ही लखनऊ का नाम रखा गया है लेकिन ये बात बहुत कम लोगों को ही पता है.

11 May, 2017

नसीमुद्दीन सिद्दीकी से बोलीं मायावती ‘मुसलमानों ने हमें वोट नहीं दिया, गद्दार हैं ये लोग'

नसीमुद्दीन सिद्दीकी से बोलीं मायावती ‘मुसलमानों ने हमें वोट नहीं दिया, गद्दार हैं ये लोग'

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लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी से निकाले गए नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने मायावती पर बड़ा आरोप लगाते हुए कहा है कि जब से मायावती उत्तर प्रदेश चुनाव हारी हैं तब से वे मुसलामानों को गद्दार और दाढ़ी वालों को कुत्ता बता रही हैं.

नसीमुद्दीन ने कुछ महीने पहले की बात बताते हुए कहा - नोटबंदी के बाद मायावती ने मुझे दिल्ली बुलाया और मुझसे 50 करोड़ रुपये कैश की मांग की,  मायावती ने कहा कि कोई प्रॉपर्टी बेच दो लेकिन मुझे 50 करोड़ कैश दो, मैंने कहा कि नोटबंदी के बाद इतना कैश मिलना मुश्किल है तो उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता, कहीं से भी लाओ, बेटे, पत्नी के नाम की प्रॉपर्टी बेच दो लेकिन कैश दो.

इसके बाद मैं अपने भाइयों के पास गया, दोस्त और रिश्तेदारों के पास गया और उनसे पैसे मांगे, मैंने पार्टी के भी लोगों से कहा कि मेरी प्रॉपर्टी बिकवा दो.

नसीमुद्दीन ने बताया कि उत्तर प्रदेश में हार के बाद मायावती ने एक दिन मुझे दिल्ली बुलाया, मेरे साथ मेरा बेटा अफजल भी था, उन्होंने मुझसे पूछा कि मुसलमानों ने हमें वोट क्यों नहीं दिया तो मैंने उनसे कहा कि हमें मुसलमानों के वोट मिले लेकिन सपा और कांग्रेस में गठबंधन के बाद अधिकतर मुसलमान उन्हें मजबूत देखकर उनके साथ चले गए, यह सुनकर मायावती गुस्से से लाल पीली हो गयीं और मुसलमानों को गद्दार बोलने लगीं.

मायावती ने कहा कि ये सही नहीं है, मुसलमान हमें पहले भी वोट नहीं देते थे और अब भी नहीं दे रहे हैं, ये लोग तो गद्दार हैं, जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने एक्शन लेने की धमकी दी.

मायावती ने कहा कि हमने 1993 में सपा के साथ गठबंधन किया तो मुसलामानों का वोट नहीं मिला, हमने 1996 में कांग्रेस के साथ गठबंधन किया तो मुसलमानों का वोट नहीं मिला, इसलिए आप गलत बोल रहे हो और मुझे गुमराह करने की कोशिश कर रहे हो. इसके बाद मायावती ने मुझे उल्टा सीधा बोलना शुरू कर दिया.

नसीमुद्दीन ने कहा कि उनकी आदत है कि जब हारती हैं तो मुसलमानों को उल्टा सीधा बोलने लगती हैं, उन्होंने पहले भी ऐसा बोला था लेकिन जब मैनें समझाया तो उन्होंने कहा कि आगे से नहीं बोलूंगी, मैंने कहा ठीक है कोई बात नहीं, लेकिन इस बार भी उन्होंने मुसलमानों को उल्टा सीधा बोलना शुरू कर दिया और मुसलमानों को गद्दार बताया तो मुझे सहन नहीं हुआ, यहाँ तक कि उन्होंने दाढ़ी वालों को कहा कि - ये कुत्ते मेरे पास आते थे.

नसीमुद्दीन ने कहा कि बहन जी, डाढ़ी वालों को कुत्ता बोलना मेरे मजहब का अपमान है तो उन्होंने मेरे ऊपर एक्शन लेने की धमकी दी. मैंने कहा कि आप एक्शन ले लीजिये लेकिन मुसलमानों को गद्दार मत बोलिए.

10 May, 2017

गुजरात से कोई जवान क्यों शहीद नहीं होता, UP में ही क्यों आती हैं जवानों की लाशें: अखिलेश यादव

गुजरात से कोई जवान क्यों शहीद नहीं होता, UP में ही क्यों आती हैं जवानों की लाशें: अखिलेश यादव

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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव सत्ता से बेदखल होने के बाद इतने बौखला गए हैं कि कुछ भी बोले जा रहे हैं, आज उन्होंने शहीदों की शहादत पर ही सवाल उठाते हुए कहा है कि आखिर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और साउथ इंडिया के ही जवान सीमा पर क्यों शहीद होते हैं, गुजरात का कोई जवान क्यों नहीं शहीद होता है.

अखिलेश यादव के कहने का मतलब ये है कि केंद्र सरकार शायद जान बूझकर यूपी के जवानों को शहीद करवाती है जबकि गुजरात के किसी भी जवान को शहीद नहीं करवाती है, मतलब अखिलेश यादव बहुत खतरनाक राजनीति खेलने की कोशिश कर रहे हैं या उनका दिमाग खराब हो गया है.

दरअसल अखिलेश यादव बहुत खतरनाक राजनीति खेलने की कोशिश कर रहे हैं, वे चाहते हैं कि सेना के जवानों के मन में यह भ्रम पैदा हो जाए कि मोदी सरकार सीमा पर जान बूझकर हमें तैनात करती है ताकि हम शहीद हो जाएं जबकि गुजरात के जवानों को बचाकर रहती है इसलिए हम तो शहीद हो जाते हैं जबकि गुजरात के जवान बचे रहते हैं.

गुजरात के जवानों के शहीद होने की खबर दो कारणों से नहीं आती है, पहला कारण तो यह है कि उत्तर प्रदेश की तुलना में गुजरात की जनसँख्या बहुत कम है इसलिए वहां से उत्तर प्रदेश की तुलना में कम जवान सेना में भर्ती होते हैं. जब सेना में कम जवान भर्ती होते हैं तो कम शहीद भी होते हैं.

दूसरा कारण यह है कि अखिलेश यादव और मायवती की सरकारों ने उत्तर प्रदेश को इतना बर्बाद कर दिया कि जवानों के लिए रोजगार के साधन ही नहीं विकसित किये इसलिए युवाओं के पास पहला विकल्प सेना में जाने का होता है इसलिए उत्तर प्रदेश से अधिक जवान सेना में भर्ती होते हैं वहीँ गुजरात में रोजगार के कई साधन हैं, विकास है, सेना में जाने के बजाय तो IT में जाते हैं, मैनेजमेंट में जाते हैं, प्राइवेट जॉब करते हैं, मतलब रोजगार के कई साधन हैं जिसकी वजह से वे सेना में कम जाते हैं. ये वजह हैं कि गुजरात से जवानों के शहीद होने की खबर कम आती है लेकिन अखिलेश यादव को कौन समझाए.

09 May, 2017

बिना सच्चाई जाने मीडिया ने ईमानदार और जनप्रिय BJP विधायक को किया बदनाम, पढ़ें मामले की सच्चाई

बिना सच्चाई जाने मीडिया ने ईमानदार और जनप्रिय BJP विधायक को किया बदनाम, पढ़ें मामले की सच्चाई

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गोरखपुर: मीडिया अपनी TRP बढ़ाने के लिए किसी भी हद तक गिरने के लिए तैयार रहती है, बिना सच्चाई जाने किसी को भी बदनाम कर सकती है, किसी की भी छवि खराब कर सकती है क्योंकि ज्यादातर मीडिया को केवल पैसे कमाने से मतलब रहता है, कल गोरखपुर से एक खबर आयी कि BJP विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल ने एक महिला IPS पुलिस अधिकारी चारु निगम को इतना डांटा कि उनकी आँखों में आंसू आ गए और वे रोने लगीं.

मीडिया का दोगलापन देखिये कि विधायक ने महिला IPS को डांटा ये तो सभी ने दिखाया लेकिन महिला IPS चारु निगम ने गर्भवती महिला और 80 साल के बुजुर्ग को पीटा यह बात किसी ने नहीं दिखाई, लगभग सभी मीडिया चैनलों ने केवल महिला IPS के आंसू दिखाए और बीजेपी विधायक को गुंडा बताया.

क्या है मामले की सच्चाई

दरअसल यह पुलिस की घूसखोरी और भ्रष्टाचार का मामला है. आपको बता दें कि कुछ दिनों पहले गोरखपुर के चिलुआताल थाना क्षेत्र के कोइलहवा गांव में शराब की तीन नई दुकानें खोली गई थी जिसका आसपास के ग्रामीणों और खासकर महिलाओं ने विरोध किया था, घटना की जानकारी मिलने के बाद क्षेत्र के बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल मौके पर पहुंचे थे और SDM और आबकारी विभाग से बातचीत करके शराब की दुकानों को बंद करवा दिया था.

बीजेपी विधायक ने शराब की दुकानें बंद करवा दीं लेकिन कुछ दिनों बाद अचानक फिर से दुकानें खुल गयीं तो पता चला कि पुलिसवालों ने शराब वालों से घूस लेकर दुकानें खुलवाई हैं और इस घूसखोरी में स्थानीय IPS चारू निगम भी शामिल थीं यह बात ग्रामीणों ने खुद बतायी.

जब स्थानीय लोगों को पता चला का पुलिसवालों ने घूस लेकर फिर से दुकानें खुलवा दी हैं तो महिलाओं ने रोड जाम करके विरोध करना शुरू कर दिया जिसमें बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे शामिल थे, इसके बाद महिला IPS चारु निगम वहां पर आयीं और उन्होंने रोड खुलवाने के लिए बल प्रयोग किया, उन्होंने इंसानियत को शर्मशार करते हुए एक बुजुर्ग और गर्भवती महिला को खुद पीटा जिसके बाद महिलाओं ने उनपर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए.

जब बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल को बता चला कि चारु निगम ने गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को पीटा है तो वे गुस्से से लाल हो गए, उसके बाद वे मौके पर आये और SDM और आबकारी विभाग के अधिकारियों को बुलाकर उनसे बात करने लगे, वे SDM से बात कर ही रहे थे कि चारू निगम बीच में कूद पड़ीं, इसके बाद बीजेपी विधायक ने उन्हें डांटते हुए कहा कि सारी समस्या की जड़ तुम हो क्योंकि घूस लेकर शराब की दुकानें तुमने खुलवाई हैं और अब बुजुर्गों, बच्चों और महिलाओं को पीट रही हो.

ऐसा नहीं है कि घूसकाण्ड में सिर्फ चारु निगम शामिल रही हों, हो सकता है कि कुछ हिस्सा SDM को भी पहुंचा हो क्योंकि शराब की दुकानें बंद होने के बाद उन्हें घूस लेकर फिर से खुलवा देना अपने आप में बड़ी बात थी, हो सकता है कि SDM भी इसमें शामिल रहे हों, जब SDM ने देखा कि विधायक चारु निगम पर ज्यादा ही गर्म हो रहे हैं तो उन्होंने घटना का VIDEO बनवा दिया और चारु निगम के बचाव में आ गए, इसके बाद चारु निगम रुमाल से अपना मुंह पोंछने लगीं तो मीडिया ने गलत दिखा दिया कि वो रो रही हैं.

इस घटना के बारे में जब महिलाओं से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि शराब की दुकानों पर बदमाश लोग बैठे रहते थे और महिलाओं को छेड़ते थे, हमपर बुरी नजर डालते थे इसलिए हम लोग शराब की दुकानें बंद करवाना चाहती थीं लेकिन पुलिस वालों ने पैसा लेकर फिर से दुकानें खुलवा दीं.

अब आप बताइये, शराब की दुकानों पर महिलाओं को गलत नजरों से देखा जाता था, उन्होंने बीजेपी विधायक से कहकर दुकानों को बंद करवाया, उसके बाद पुलिस वालों ने शराब वालों ने पैसा लेकर फिर से दुकानें खुलवा दीं, इसके बाद महिलाओं ने पुलिस वालों से नाराज होकर रोड जाम किया लेकिन पुलिस ने उन्हें पीट दिया. उसके बाद बीजेपी विधायक ने उस पुलिस वाली को डांट दिया जिसमें गर्भवती महिला और बुजुर्ग को पीटा था, उन्हें पीटने के बजाय चारु निगम शराब की दुकानें बंद करवा सकती थीं और गाँव वालों को समझा सकती थीं लेकिन उन्होने ऐसा नहीं किया क्योंकि इसके बाद उन्हें घूस नहीं मिलता, अब समझ लीजिये कि किसकी गलती है.
2012 में अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाना मेरी बहुत बड़ी गलती थी, कुपूत निकला मेरा बेटा: मुलायम सिंह

2012 में अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाना मेरी बहुत बड़ी गलती थी, कुपूत निकला मेरा बेटा: मुलायम सिंह

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मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह ने अपने बेटे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला है और उन्हें कुपूत बता दिया है, उन्होएँ कहा कि 2012 में मैंने अपने बेटे अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाकर सबसे बड़ी गलती की थी क्योंकि उन्होंने उस कांग्रेस के साथ गठबंधन किया जिसनें मेरी जिन्दगी बर्बाद करके के लिए पूरी ताकत लगा दी थी.

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने मेरी जिन्दगी बर्बाद करके का कोई मौका नहीं गंवाया, कांग्रेस पार्टी ने की उनपर कई केस लगाए और उन्हें जेल भेजने की पूरी कोशिश की और अखिलेश ने 2017 विधानसभा चुनाव में उसी पार्टी के साथ गठबंधन कर लिया.

मुलायम सिंह एक पब्लिक मीटिंग में भाषण दे रहे थे, उन्होंने कहा कि मुझे 2012 में अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री नहीं बनाना चाहिए था और खुद मुख्यमंत्री पद संभालना चाहिए था, अगर मैं स्वयं मुख्यमंत्री बना होता तो 2017 का विधानसभा चुनाव भारी बहुमत से जीतता, समाजवादी पार्टी ने अपनी गलतियों से यह चुनाव हारा है.

मुलायम सिंह ने कहा कि अखिलेश ने चुनाव से पहले लगातार उनका अपमान किया जिसे हमारे वोटर समझ गए, लोगों ने सोचा कि जो बेटा अपने बाप का नहीं हुआ वो किसी और का क्या होगा, अखिलेश ने मेटा जितना अपमान किया उतना अपमान जिन्दगी में किसी ने नहीं किया, अगर मैंने उसे मुख्यमंत्री ना बनाया होता तो आज उत्तर प्रदेश में फिर से हमारी सरकार बन जाती.

08 May, 2017

BJP विधायक ने डांट डांट कर महिला IPS को रुला दिया, योगी ने जो कहा था उसका विल्कुल उल्टा किया

BJP विधायक ने डांट डांट कर महिला IPS को रुला दिया, योगी ने जो कहा था उसका विल्कुल उल्टा किया

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गोरखपुर: गोरखपुर के एक बीजेपी विधायक ने योगी आदित्यनाथ का कहना नहीं माना और पब्लिक के सामने एक महिला IPS को इतना डांटा कि वह रोने लगीं, जानकारी के लिए बता दें कि योगी आदित्यनाथ ने अपने विधायकों और मंत्रियों को आदेश दिया है कि पुलिस अफसरों की कार्यवाही के बीच में ना आयें, पुलिस वालों को परेशान ना करें और गुंडागर्दी ना दिखाएं लेकिन बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल उनका कहना नहीं माने और पब्लिक के सामने गोरखपुर की महिला IPS चारु निगम को जमकर डांटा जिसकी वजह से वह रोने लगीं.

जानकारी के अनुसार गोरखपुर में चिलुआताल थाना क्षेत्र के गांव कोइलहवां में महिलाओं ने शराब के ठेकों के खिलाफ प्रदर्शन किया था, उन्होने रोड जाम कर दिया जिसकी वजह से जनता को परेशानी होने लगी, इसके बाद चारु निगम अपने दल बल के साथ पहुंची और महिलाओं को रोड से हटाने का प्रयास किया. 

जब चारु निगम महिलाओं और बच्चों को सड़क से हटा रही थीं तो महिलाओं ने उनपर पथराव कर दिया, उन्हें भी कुछ पत्थर लगे, जिसके बाद पुलिस वालों ने उन्हें जबरजस्ती सड़क से हटाया.

इसके बाद गोरखपुर के बीजेपी विधायक राधा मोहन दास अग्रवाल गुस्से में वहां पहुंचे और उन्होंने IPS अफसर चारु निगम को जमकर फटकार लगा दी, उन्होने चारु निगम से नहीं पूछा कि आपको कहाँ चोट लगी, उन्होंने आते ही उन्हें इतना डांटा कि वह रोने लगीं और रूमाल से अपने आंसू पोंछने लगीं.

यहाँ पर सवाल यह है कि अगर बीजेपी विधायक को जनता की इतनी ही फिक्र है तो अपने इलाकों में ठेके बंद क्यों नहीं करवा देते, पहले तो ठेके खुलवाकर जनता को धरना देने के लिए मजबूर करते हैं और जब पुलिस जनता को धरना देने से रोकती है तो जनता पत्थरबाजी करती है, उसके बाद बीजेपी नेताओं को जनता की बड़ी फिक्र हो जाती है.

06 May, 2017

अखिलेश उड़ाते रहे मोदी के स्वच्छता अभियान की हंसी, UP के सभी शहर हो गए महागंदा, काम नहीं बोला

अखिलेश उड़ाते रहे मोदी के स्वच्छता अभियान की हंसी, UP के सभी शहर हो गए महागंदा, काम नहीं बोला

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लखनऊ : वर्ष 2017 की शुरुआत में भारत सरकार ने पूरे देश का स्वच्छता सर्वेक्षण करवाया जिसमें 434 शहरों को उनकी स्वच्छता के अनुसार रैंकिंग दी गयी, आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश देश का सबसे बड़ा राज्य होने के बावजूद भी स्वच्छता सर्वे में इसका कोई भी शहर ना तो टॉप 10 में जगह बना सका और ना ही टॉप 25 में जगह बना सका, केवल मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी की टॉप 50 में जगह बना सका, बाकी सब शहर केवल गंदगी के मामले में टॉप पर रहे. आपको जानकर आश्चर्य होगा कि लखनऊ उत्तर प्रदेश की राजनधानी के अलावा नवाबों की नगरी भी कहा जाता है लेकिन सफाई में उसका स्थान भी 434 में से 269 है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब यह सर्वे कराया गया था तो उस समय उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव की सरकार थी और उन्होने काम बोलता है का विज्ञापन चला रखा था, जब उनके काम की परीक्षा हुई तो उनका काम नहीं बोला और सभी शहर गन्दगी के मामले में अव्वल रहे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि जब उत्त्तर प्रदेश में योगी सरकार आयी और उन्होने सभी सरकारी अफसरों और पुलिस अधिकारियों के हाथों में झाडू पकड़ाई और हप्ते में एक दिन उन्हें अपने दफ्तर की खुद सफाई करने का आदेश दिया और पुलिस वालों ने झाडू लगाना शुरू किया तो अखिलेश यादव ने उनकी हंसी उड़ाई थी, उन्होंने कहा था कि अगर उन्हें पता होता कि पुलिस अफसर इतनी अच्छी झाडू लगाते हैं तो वे उनसे बहुत झाडू लगवाते.

हम टॉप 25 शहरों की लिस्ट दिखा रहे हैं, आप खुद देखिये, इसमें उत्तर प्रदेश के एक भी शहर नहीं हैं.
खैर जो हुआ सो हुआ, अखिलेश यादव ने काम नहीं किया तो उत्तर प्रदेश की जनता से उनकी सरकार को उखाड़ कर फेंक भी दिया, कल जैसे ही सर्वे के नतीजे आये और उत्तर प्रदेश के शहरों ने गन्दगी का रिकॉर्ड बनाया, योगी सरकार तुरंत ही एक्शन में आ गयी, आज योगी ने खुद अपने हाथों में झाडू उठा ली और सफाई अभियान शुरू कर दिया, योगी ने कहा कि ये परीक्षा पिछली सरकार के समय हुई थी और उसमें पूर्व सरकार पूरी तरफ से फेल रही, अब हम उत्तर प्रदेश को साफ़ सुथरा बनायेंगे और अगले साल स्वच्छता सर्वे में उत्तर प्रदेश का रिजल्ट बदल देंगे. हम 100 दिनों में अपना रिपोर्ट कार्ड देंगे.
अखिलेश बोले, उस दिन मुलायम ने मोदी के कान में कहा था 'अखिलेश मेरा बेटा है, बचकर रहना वरना'..

अखिलेश बोले, उस दिन मुलायम ने मोदी के कान में कहा था 'अखिलेश मेरा बेटा है, बचकर रहना वरना'..

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Lucknow, 21 मार्च: आज उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भी बता दिया कि 20 मार्च को योगी आदित्यनाथ के शपथग्रहण समारोह के दिन मुलायम सिंह ने मोदी के कान में क्या कहा था, अखिलेश यादव से कल मीडिया ने यही सवाल पूछा तो अखिलेश ने जवाब दिया 'उस दिन मुलायम सिंह ने मोदी के कान में कहा था कि अखिलेश मेरा बेटा है, उससे बचकर रहना'.

अखिलेश के इतना कहते ही सभा में उपस्थित सपाई ठहाके मारकर हंसने लगे, जाहिर था कि अखिलेश यादव ने मस्त जोक मारा था, कल प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने राज्य की बीजेपी सरकार पर जमकर निशाना साधा.

जानकारी के लिए बता दें कि 20 मार्च को उत्तर प्रदेश की बीजेपी सरकार का शपथग्रहण समारोह था जिसमें अखिलेश और मुलायम सिंह भी शामिल हुए थे, दोनों लोग मोदी से गर्मजोशी के साथ मिले थे और उसके बाद मुलायम सिंह ने मोदी के कान में कुछ कहा था तो आज तक रहस्य बना हुआ है.
अब कश्मीर के देशद्रोही पत्थरबाजों को देशभक्त पत्थरबाज देंगे जवाब, 7 मई से शुरू होगी जंग

अब कश्मीर के देशद्रोही पत्थरबाजों को देशभक्त पत्थरबाज देंगे जवाब, 7 मई से शुरू होगी जंग

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PHOTO CREDIT ANI VIDEO
कानपुर : अब कश्मीर के पत्थरबाजों को पत्थर से ही जवाब दिया जाएगा, कानपुर में साधुओं के एक संगठन 'जनसेना' ने स्थानीय नागरिकों को पत्थर चलाने की ट्रेनिंग दी है और उन्हें अपने साथ लेकर कश्मीर जा रहे हैं, ये लोग कश्मीर के पत्थरबाजों को पत्थर मारकर उन्हें उनकी ही भाषा में जवाब देंगे.

साधुओं का कहना है कि कश्मीर के पत्थरबाजों से निपटने के लिए उन पर भी पत्थर बरसना चाहिए, जब उनके ऊपर पत्थर बरसेंगे और उसकी चोट से वे घायल होंगे तब उन्हें पता चलेगा कि पत्थरबाजी का परिणाम क्या होता है, इसीलिए हम स्थानीय लोगों को पत्थर मारने की ट्रेनिंग देकर इन्हें कश्मीर ले जाएंगे और पत्थरबाजों को उनकी ही भाषा में जवाब देंगे.

आज एक VIDEO भी आया है जिसमें कानपुर के स्थानीया लोग पत्थरबाजों के पुतलों पर पत्थरबाजी कर रहे हैं और पकिस्तान मुर्दाबाद के नारे भी लगा रहे हैं, खबर के अनुसार पत्थरबाजों का ये ग्रुप 7 मई को कश्मीर रवाना होगा और उन्हें उनकी ही भाषा में जवाब देगा. देखें VIDEO.