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Tuesday, March 21, 2017

कांग्रेस के साथ आज हुई बहुत नाइंसाफी, पहले ही जले-भुने बैठे थे, YOGI ने डाल दी घाव पर मिर्ची

कांग्रेस के साथ आज हुई बहुत नाइंसाफी, पहले ही जले-भुने बैठे थे, YOGI ने डाल दी घाव पर मिर्ची

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नई दिल्ली, 21 मार्च: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों के साथ जो किया उसकी उम्मीद कांग्रेस को तो कत्तई नहीं रही होगी, कांग्रेस ने सोचा होगा कि योगी आदित्यनाथ अभी अभी मुख्यमंत्री बने हैं, थैंक्यू, धन्यवाद, टाटा और बाय बाय कहकर निकल जाएंगे लेकिन योगी आदित्यनाथ तो कुछ और ही सोचकर आये थे। 

एक तरह से कहें तो योगी के मुख्यमंत्री बनने के बाद कांग्रेसी जले भुने बैठे थे, कांग्रेस को बहुत बड़ा घाव लगा था और आज उसी घाव पर योगी आदित्यनाथ ने मिर्ची डाल दी, कांग्रेस को ऐसी मिर्ची लगी कि उनके नेता मल्लिकार्जुन खडगे अपनी सीट से उठ खड़े हुए और योगी से बोले - आपको कुर्सी मिली है तो आप उस कुर्सी की गरिमा का ख्याल रखें और आगे बढ़ें'।  मल्लिकार्जुन खडगे की बातें सुनकर ऐसा लगा कि उनके घाव अब तक नहीं सूखे हैं। 

हुआ यह कि योगी आदित्यनाथ ने पहले तो सदन में मोदी की महिमा का बखान कर दिया और उसके बाद बोला कि हमें मिला विशाल जनादेश हमारे विरोधियों को करारा तमाचा है क्योंकि इनके पास विकास का कोई मॉडल नहीं है, उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने यूपी सरकार को ढाई साल में ढाई लाख रुपये दिए लेकिन ये लोग सिर्फ 78 हजार करोड़ रुपये ही खर्च कर सके, जनता ने इसी बात पर नाराज होकर हमें जनादेश दिया है और इन्हें तमाचा मारा है। 

इसके बाद योगी ने कहा कि आप मेरी उम्र देखिये, मैं राहुल से एक साल छोटा हूँ और अखिलेश से एक साल बड़ा हूँ, उम्र के हिसाब से मैं इन दोनों की जोड़ी के बीच में आ गया जो आप लोगों की विफलता का एक बड़ा कारण है। 

योगी की बात सुनते ही खडगे अपनी सीट से उठ खड़े हुए और कहा - ये क्या बोल रहे हैं आप, राहुल से एक साल छोटे हैं, अखिलेश से एक साल बड़े हैं, उनके दोनों के बीच में आप आ गए, अगर आप एक बार अधिकार में आये हैं, यूपी के मुख्यमंत्री बने हैं, मैं आपको बधाई देता हूँ लेकिन आप इस स्टैण्डर्ड को बनाए रखो, अगर आप मुख्यमंत्री बनकर उस कुर्सी पर बैठे हो तो उसकी गरिमा का ख्याल रखकर आगे चलो। (देखें VIDEO)

Saturday, February 25, 2017

मोदी ने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देकर एकता का ऐसा पाठ पढ़ाया, तड़ातड़ बजी तालियाँ: पढ़ें

मोदी ने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देकर एकता का ऐसा पाठ पढ़ाया, तड़ातड़ बजी तालियाँ: पढ़ें

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कोयम्बटूर: प्रधानमंत्री मोदी रैलियों में अपने भाषण से लोगों को तालियाँ बजाने के लिए मजबूर तो कर ही देते हैं लेकिन ज्ञान और समागम समारोहों में भी मोदी अपनी बातों से लोगों का मन मोह लेते हैं और उन्हें तालियाँ बजाने के लिए मजबूर कर देते हैं, कल उन्होंने तमिलनाडु के कोयम्बतूर में आदियोगी द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि के कार्यक्रम में भगवान शिव की 112 फीट प्रतिमा का अनावरण करके ऐसा भाषण दिया कि लोग तालियाँ बजाने के लिए मजबूर हो गए और मोदी का लोहा मान गए। स्वयं सद्गुरु जेवी ने मोदी को एक योगी बताया। 

मोदी ने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देकर भारत को एकता का पाठ पढाया। उन्होंने कहा कि भारत में वाराणसी से लेकर केदारनाथ तक और गुजरात के सोमनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक शिव ही शिव हैं, हर जगह शिव हैं जो हम भारतीयों को एक करके रखते हैं और मेरी किस्मत ऐसी है कि मैं गुजरात में यानी सोमनाथ की धरती पर जन्मा और संसद बनकर विश्वनाथ की धरती यानी काशी पहुँच गया। 

मोदी ने भगवान शिव का बखान करते हुए कहा, देव तो कई हैं लेकिन महादेव सिर्फ एक हैं और मंत्र तो कई हैं लेकिन शिव से जुड़ा महामृत्युंजय मंत्र सिर्फ एक है। 

उन्होंने कहा भारत एक विविधता वाला देश है उसके बाद भी हम एक होकर रहते हैं और ये हमने भगवान शिव से सीखा है क्योंकि भगवान शिव के गले में सर्प रहता है और उनके पुत्र गणेश मूस की सवारी करते हैं, इसके अलवा उनके दूसरे बेटे कार्तिक भी मोर की सवारी करते हैं। सर्प और मूस एक दूसरे के दुश्मन हैं क्योंकि सर्प मूस को खा जाता है वहीँ मोर और सर्प भी एक दूसरे के दुश्मन हैं क्योंकि मोर सर्प को खा जाता है, ये सब एक दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन एक साथ रहते हैं, इसी तरह हमरे देश में कई राज्य हैं, बोली और भाषा अलग अलग है लेकिन हम अपनी विविधता का सम्मान करते हुए एक साथ रहते हैं।

मोदी ने कहा कि भारत देवों की धरती है, हम भले ही अलग अलग राज्यों में रहते हैं और अलग अलग भाषा बोलते हैं लेकिन जब हम भगवान शिव का ध्यान करते हैं तो हमारे मन में विशाल हिमालय के कैलाश का दृश्य सामने आता है वही पार्वती जी के स्मरण से महासागरों से घिरे कन्याकुमारी की कल्पना सामने आती है और दोनों को एक साथ देखने से प्रकृति की अनुभूति होती है, इसके अलावा हमें यह भी अहसास होता है कि कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक भारत एक है। 

मोदी ने कहा - इसके अलावा जब हम देवी देवताओं का स्मरण करते हैं तो किसी न किसी पशु,पक्षी या वृक्ष का ख्याल आता है, यह प्रकृति के साथ हमारे दृटिकोण को दर्शाता है। 

मोदी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में नारी को श्रेष्ठतम स्थान प्राप्त है, शास्त्र कहते है नारी तू नारायणी यानी नारी तो स्वयं नारायणी है, महिलाओं के लिए कोई शर्त नहीं है लेकिन  पुरुषों के लिए दिव्यता प्राप्त करने या नारायण बनने के लिए परिश्रम करने की शर्त है। 

मोदी ने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रन्थ, हमारे शास्त्र हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को अथाह ज्ञान प्रदान कर सकते हैं लेकिन कुछ लोग प्राचीन शब्द जुड़ा होने के कारण उस ज्ञान को ठुकरा देते हैं या उसे ग्रहण करने में अपनी तौहीन समझते हैं जो मानवता के लिए सही नहीं है। 

मोदी ने यह बातें इस तरह से और इतने विश्वास के साथ बतायीं कि लोग तालियाँ बजाने के लिए मजबूर हो गए और लोगों में जोश आ गया। मोदी ने एक बार फिर से अपने ज्ञान की प्रतिभा का परिचय करा दिया। देखें VIDEO. 

Friday, February 24, 2017

शिवभक्ति में डूबा तमिलनाडु, PM MODI ने आदियोगी भगवान शिव की 11 फीट आकृति का किया अनावरण

शिवभक्ति में डूबा तमिलनाडु, PM MODI ने आदियोगी भगवान शिव की 11 फीट आकृति का किया अनावरण

कोयम्बतूर: प्रधानमंत्री मोदी ने आज तमिलनाडु के कोयम्बतूर में आदियोगी भगवान शिव की 112 फीट आकृति का अनावरण किया और देवी देवताओं के दर्शन करके प्रोग्राम को संबोधित किया। पीएम मोदी यहाँ पर सद्गुरु जेवी और ईशा फाउंडेशन के आमत्रण पर पहुंचे थे, प्रोग्राम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के अलावा कई अन्य बड़े नेता भी मौजूद थे। यह कार्यक्रम महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित किया गया था और इसमें यह बताने की कोशिश की गयी कि भगवान शिव सबसे पहले योगी थे और योग में ही सभी बीमारियों का निवारण और ख़ुशी समाहित है। 

मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योग की जरूरत और उत्पत्ति पर प्रकाश, उन्होने बताया कि योग करने से कैसे एकता की भावना पैदा होती है और तनाव को दूर करके खुश कैसे रहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि योग अच्छे स्वास्थय के लिए पासपोर्ट का काम करता है। योगा रोग मुक्ति के अलावा भोग मुक्ति का भी साधन है। यह मानव के कल्याण का साधन है।

मोदी ने महाशिवरात्रि के बारे में बोलते हुए कहा वैसे तो कई त्यौहार हैं लेकिन इस अकेले त्यौहार में महा जुड़ा हुआ है, इसके अलावा भारत में कई देव हैं लेकिन महादेव केवल एक हैं, इसके आलावा कई मंत्र हैं लेकिन एक मंत्र भगवान शिव से जुड़ा हुआ है जिसे महामृत्युंजय मंत्र कहा जाता है। यह भगवान शिव की महिमा है।

मोदी ने कहा कि मेरा गृह राज्य गुजरात है जिसे सोमनाथ की धरती कहा जाता है, मैं इस वक्त काशी का सांसद हूँ जिसे विश्वनाथ की धरती कहा जाता है, इसके अलवा केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम और काशी से लेकर कोयम्बतूर तक हर जगह शिव विद्यमान हैं और आज यह मूर्ति जिसका अनावरण हो रहा है यह सबको शिवमय होने की प्रेरणा देती रहेगी।

इस अवसर पर बोलते हुए सद्गुरु जेवी ने कहा कि आज इंसान एक दूसरे से इसलिए लड़ रहा है क्योंकि एक इंसान किसी को भगवान मनाता है और दूसरा किसी और को गॉड मानता है, आज इश्वर के लिए लोग मार काट मचा रहे हैं लेकिन योग ही एक ऐसा माध्यम है जो हमें एकता सिखाता है इसलिए हमें आदियोगी शिवा के रास्ते पर चलकर योगा को दुनिया भर में पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि आदियोगी की यह मूर्ति केवल 8 महीने में बनकर तैयार हुई है और इसे प्रधानमंत्री मोदी के हाथों से इसलिए अनावरण किया है क्योंकि ये स्वयं योगी हैं और पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में करोड़ों लोगों को योग करवा चुके हैं। 

Saturday, February 18, 2017

पलनीस्वामी ने हासिल किया विश्वासमत, खुश होकर बोले AIADMK नेता 'गद्दारों की हो गयी हार'

पलनीस्वामी ने हासिल किया विश्वासमत, खुश होकर बोले AIADMK नेता 'गद्दारों की हो गयी हार'

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चेन्नई, 18 फरवरी: तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ई.के.पलनीस्वामी ने शनिवार को राज्य विधानसभा में विश्वास मत हासिल कर लिया। पलनीस्वामी ने गुरुवार को मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्हें 122 मत मिले, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम के खेमे में शामिल 11 विधायकों ने विश्वास मत के खिलाफ मतदान किया। फिलहाल अब पलनीस्वामी को कोई खतरा नहीं है और वे मुख्यमंत्री पद पर बने रहेंगे। 

विश्वासमत हासिल करने के बाद शशिकला खेमे के AIADMK नेताओं ने खुशियाँ बनायी, मिठाइयाँ बांटी। उनोने कहा कि आज "गद्दारों की हार हुई है।"

जानकारी के लिए बता दें कि तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री पलनीस्वामी ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की महासचिव वी.के.शशिकला खेमे के हैं उनके खिलाफ पन्नीरसेलवम खेमा है

इससे पहले DMK और पन्नीरसेल्वम के समर्थक विधायकों ने गुप्त मतदान की मांग की जिसे नामंजूर किया गया, इसके बाद विधानसभा में जमकर तोड़फोड़ हुई और कुर्सियां फेंकी गयी, इसके बाद DMK के 88 विधायकों को विधानसभा अध्यक्ष पी.धनपाल ने सदन से बाहर निकालने का आदेश दिया, जिसके बाद मतदान कराया गया। कांग्रेस ने भी इसके विरोध में सदन से बहिर्गमन किया।

शशिकला के नेतृत्व वाले एआईएडीएमके खेमा को 123 विधायकों का समर्थन प्राप्त था, जिनमें अध्यक्ष भी शामिल हैं। वहीं एआईएडीएमके के पन्नीरसेल्वम गुट को 11 विधायकों का समर्थन प्राप्त है।

विपक्षी डीएमके के पास 89, कांग्रेस के पास आठ, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के पास एक सदस्य हैं, जबकि एक सीट खाली है।

विधानसभा में कुल 234 सीटें हैं, जिनमें से एक खाली है।

Friday, February 17, 2017

पलनीस्वामी ने ली तमिल नाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ

पलनीस्वामी ने ली तमिल नाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ

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चेन्नई, 16 फरवरी: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की महासचिव वी.के. शशिकला के विश्वासपात्र ई.पलनीस्वामी द्वारा गुरुवार को तमिल नाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के साथ ही राज्य में सत्ता को लेकर चल रहे संघर्ष का पटाक्षेप हो गया। 

सरकार गठन करने का न्योता देने के कुछ घंटों बाद राज्यपाल सी. विद्यासागर राव ने राजभवन में पलनीस्वामी और उनके मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। 

सबसे पहले पलनीस्वामी (63) ने तमिल भाषा में शपथ ली। उनके बाद उनके मंत्रिमंडल के 30 मंत्रियों ने शपथ ली। मुख्यमंत्री को 15 दिनों के अंदर विधानसभा में बहुमत साबित करना होगा। 

विधानसभा की बैठक हालांकि शनिवार को आहूत की गई है और शशिकला खेमे ने कहा है कि 234 सदस्यीय सदन में उसके पास कम से कम 117 विधायकों का समर्थन है। 

एक विधायक वी.एन.वीरूगई रवि ने कहा, "हमारे पास 125 विधायकों का समर्थन है और हम बहुमत साबित कर देंगे।"

पलनीस्वामी ने अति महत्वपूर्ण वित्त मंत्रालय को अपने पास रखा है। ओ.पन्नीरसेल्वम की सरकार में भी यह मंत्रालय उन्हीं के पास था।

पेशे से किसान पलनीस्वामी ने अपने पास लोक निर्माण, राजमार्ग एवं छोटे बंदरगाह विभाग भी अपने पास ही रखे हैं। पन्नीरसेल्वम की सरकार में ये विभाग भी उन्हीं के पास थे।

Thursday, February 16, 2017

पलनीसामी होंगे तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री, जल्द लेंगे शपथ

पलनीसामी होंगे तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री, जल्द लेंगे शपथ

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चेन्नई, 16 फरवरी: ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के विधायक दल के नेता ई.पलनीसामी गुरुवार शाम को तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे। पलनीसामी को राज्यपाल सी.विद्यासागर राव ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है।

पलनीसामी को वी.के.शशिकला का समर्थन प्राप्त है। शशिकला, फिलहाल आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद बेंगलुरू जेल में बंद हैं।

राज भवन की ओर से जारी बयान के मुताबिक, राज्यपाल ने पलनीसामी को गुरुवार शाम को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के लिए आमंत्रित किया है।

आय से अधिक संपत्ति के मामले में शशिकला को जेल के बाद पलनीसामी को पार्टी के विधायक दल का नेता चुना गया था।

राज्यपाल कार्यालय के मुताबिक, पलनीसामी को 15 दिनों के भीतर विधानसभा में बहुमत सिद्ध करना होगा।

इस खबर से गोल्डन बे रिसॉर्ट में जश्न का माहौल है। इसी रिजॉर्ट में शशिकला के समर्थित पार्टी के विधायक छिपे हुए हैं।

पलनीसामी समर्थित विधायकों ने बुधवार रात को दावा किया कि उन्हें 135 पार्टी विधायकों में से 124 का समर्थन प्राप्त है।

एआईएडीएमके सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल द्वारा पलनीसामी को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के आमंत्रित करने की खबर के बाद पन्नीरसेल्वम के समर्थकों की आनन-फानन में बैठक हुई।

Wednesday, February 15, 2017

बुरे कर्मों की सजा काटने जेल पहुंची शशिकला, मोमबत्ती बनाकर रोजाना कमाएंगी 50 रूपये: पढ़ें

बुरे कर्मों की सजा काटने जेल पहुंची शशिकला, मोमबत्ती बनाकर रोजाना कमाएंगी 50 रूपये: पढ़ें

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बेंगलुरु, 15 फरवरी: भ्रष्टाचार करके आय से अधिक संपत्ति रखने की दोषी शशिकला का दाम दाम दंड भेद के जरिये तमिल नाडु का मुख्यमंत्री बनने का सपना पूरा नहीं हो सका, मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने से पहले ही वे जेल पहुँच गयीं, अब वे चार वर्षों तक अपने बुरे कर्मों यानी भ्रष्टाचार की सजा कटेंगी, हालाँकि उन्होंने पहले ही 6 महीने की सजा काट ली है इसलिए अब उन्हें दो साल ही जेल में रहना पड़ेगा लेकिन उसके बाद वे 6 साल तक चुनाव नहीं लड़ सकतीं। 

आज शशिकला को बेंगुलुरु के केंद्रीय कारागार पहुंचने के तुरंत बाद महिला सेल में बंद कर दिया गया। 59 वर्ष की शशिकला के लिए एक अच्छी बात हुई है कि उन्हें चक्की नहीं पीसना पड़ेगा बल्कि उन्हें मोमबत्ती बनाने का काम दिया जाएगा और उन्हें रोजाना 50 रुपये की दिहाड़ी भी मिलेगी, बुरी खबर ये है कि उन्हें कभी छुट्टी नहीं मिलेगी मतलब उन्हें रोज मोमबत्तियां बनानी ही पड़ेगी। 

आय से अधिक संपत्ति मामले में कर्नाटक की एक निचली अदालत द्वारा शशिकला को दोषी ठहराने के फैसले को सर्वोच्च न्यायालय द्वारा बरकरार रखने के एक दिन बाद शशिकला ने जेल में स्थापित निचली अदालत में अपने दो रिश्तेदारों एलावारसी तथा वी.एन.सुधाकरण के साथ समर्पण कर दिया।

मामले में एलावारसी तथा सुधाकरण भी दोषी ठहराए जा चुके हैं, जिन्हें जयललिता व शशिकला के साथ ही सितंबर 2014 में चार साल जेल की सजा सुनाई गई थी।

निचली अदालत द्वारा दोषी ठहराने के फैसले के बाद चारों को 27 सितंबर, 2014 को इसी जेल में तीन सप्ताह तक रखा गया था। उन्हें बाद में कर्नाटक उच्च न्यायालय से जमानत मिल गई थी।

Tuesday, February 14, 2017

शशिकला भ्रष्टाचार में दोषी करार, चूर हुआ मुख्यमंत्री बनने का सपना, भेजी जाएंगी जेल

शशिकला भ्रष्टाचार में दोषी करार, चूर हुआ मुख्यमंत्री बनने का सपना, भेजी जाएंगी जेल

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नई दिल्ली, 14 फरवरी: सर्वोच्च न्यायालय ने आय से अधिक संपत्ति मामले में ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) की महासचिव शशिकला को दोषी करार दिया है और चार साल की सजा सुनाई है जिसके बाद उनके तमिलनाडु का मुख्यमंत्री बनने के सपना टूट गया है।

तमिलनाडु के कार्यकारी मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम के बागी होने के बाद एआईएडीएमके दो गुटों में बंट गया है। एक की कमान पन्नीरसेल्वम तो दूसरे की कमान शशिकला संभाल रही थीं और हर कीमत पर मुख्यमंत्री बनना चाहती थीं लेकिन आज उनके सपने पर सुप्रीम कोर्ट ने पानी फेर दिया।

जयललिता की मौत के बाद शशिकला किसी भी कीमत पर मुख्यमंत्री बनना चाहती हैं, इसलिए उन्होंने पन्नीरसेल्वम पर पद छोड़ने का दबाव बनाया लेकिन जब पन्नीरसेल्वम की अंतरात्मा जाग गयी और उन्होंने विद्रोह कर लिया तो शशिकला ने सभी विधायकों को एक होटल में बंद कर दिया, इसके बाद एक एक करके AIADMK के नेताओं की अंतरात्मा जाग रही है और पन्नीरसेल्वम का समर्थन बढ़ता जा रहा है। 

आज सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए कह दिया कि शशिकला आय से अधिक संपत्ति मामले में दोषी हैं, उन्होने भ्रष्टाचार किया है, लूट की है। अब एक अपराधी का मुख्यमंत्री बनना मुश्किल है क्योंकि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया है। शशिकला को अदालत ने सरेंडर करने का आदेश दिया है और हो सकता है कि एक दो दिन में उन्हें जेल भेज दिया और उन्हें चार साल जेल में चक्के पीसनी पड़े, इसलिए सही कहते हैं..लालच बुरी बला। 

Thursday, February 9, 2017

पन्नीरसेल्वम के लिए खुशखबरी, AIADMK के एक और बड़े नेता की जागी अंतरात्मा, शशिकला का साथ छोड़ा

पन्नीरसेल्वम के लिए खुशखबरी, AIADMK के एक और बड़े नेता की जागी अंतरात्मा, शशिकला का साथ छोड़ा

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चेन्नई, 9 फरवरी: तमिलनाडु में सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) में मची आंतरिक कलह के बीच कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम को गुरुवार को एक बड़ी सफलता मिली, जब पार्टी के शीर्ष नेता उनसे आ मिले। एआईएडीएमके के प्रेसीडियम चेयरमैन ई.मधुसूदनन गुरुवार को पन्नीरसेल्वम के साथ आ खड़े हुए और उन्होंने कहा कि यह फैसला उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज पर लिया।

इसे एआईएडीएमके में पार्टी महासचिव वी.के. शशिकला के गुट के लिए झटके की तरह देखा जा रहा है। उन्होंने पूर्व में कभी शशिकला को पार्टी नेतृत्व सौंपे जाने की वकालत की थी।

पन्नीसेल्वम ने अपने साथ आने के लिए मधुसूदनन की पहल का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अन्य नेता व विधायक भी अंतरात्मा की आवाज पर उनका साथ देंगे।

Wednesday, February 8, 2017

पन्नीरसेल्वम ने कहा, अब नहीं दूंगा इस्तीफ़ा, शशिकला ने कहा धोखेबाज

पन्नीरसेल्वम ने कहा, अब नहीं दूंगा इस्तीफ़ा, शशिकला ने कहा धोखेबाज

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चेन्नई, 8 फरवरी: तमिलनाडु में जारी राजनीतिक गहमागहमी के बीच बुधवार को ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) में आंतरिक कलह चरम पर पहुंच गई। कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने जहां पद न छोड़ने का संकल्प लिया, वहीं एआईएडीएमके की महासिचव वी. के. शशिकला ने पन्नीरसेल्वम पर विपक्षी द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) की मदद से पार्टी में फूट डालने का आरोप लगाया।

इस बीच, कांग्रेस ने 'राज्य में राजनीतिक अस्थिरता लाने के लिए' केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कांग्रेस का कहना है कि केंद्र सरकार राज्य में एआईएडीएमके सरकार को गिराने के लिए राज्यपाल विद्यासागर राव का इस्तेमाल कर रही है।

शशिकला ने एक दिन पहले अपने खिलाफ बगावती तेवर अपनाने वाले पन्नीरसेल्वम को 'विश्वासघाती' करार दिया है।

पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक समिति गठित की जाएगी, जो जयललिता के निधन की जांच करेगी। उन्होंने कहा कि जयललिता के निधन की परिस्थितियों को लेकर अनेक सवाल उठ रहे हैं।

सरकार बनाने के लिए फिर से दावेदारी पेश करने के सवाल पर पन्नीरसेल्वम ने कहा, "थोड़ा इंतजार कीजिए और देखिए क्या होता है।"

एआईएडीएमके के दोनों ही धड़े बहुमत के अपने पक्ष में होने का दावा कर रहे हैं। तमिलनाडु में उपजे इस राजनीतिक संकट के समाधान में राज्यपाल विद्यासागर राव की भूमिका अहम मानी जा रही है। ऐसा भी हो सकता है कि वह राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का फैसला करें।

सूत्रों ने अनुसार, शशिकला के समर्थक विधायकों को किसी गोपनीय जगह पहुंचा दिया गया है।

मंगलवार को बगावती तेवर अपनाने वाले पन्नीरसेल्वम को बुधवार को एआईएडीएमके के कोषाध्यक्ष के पद से हटा दिया गया। पन्नीरसेल्वम ने मंगलवार को कहा था कि उन्हें मुख्यमंत्री इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया था। उन्होंने धमकी मिलने की बात भी कही।

पार्टी मुख्यालय पर पार्टी विधायकों को संबोधित करते हुए शशिकला ने कहा पन्नीरसेल्वम ने डीएमके के साथ मिलकर सत्ताधारी दल को कमजोर करने का 'कायरतापूर्ण' कार्य किया है।

लंबे समय तक जयललिता की करीबी रहीं शशिकला ने कहा कि वह 'विश्वासघात बर्दाश्त नहीं' करेंगी।

शशिकला ने कहा, "कोई भी इस बात को नहीं मानेगा कि मैंने उन्हें (पन्नीरसेल्वम) मुख्यमंत्री पद से हटने के लिए मजबूर किया। न तो लोग और न ही (एअईएडीएमके)के कैडर।"

शशिकला ने राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत जे. जयललिता का जिक्र करते हुए कहा, "मैंने अम्मा के साथ रहते हुए पिछले 33 वर्षो में कई विश्वासघातों का सामना किया।"

उन्होंने कहा, "पिछले 33 सालों में अम्मा मेरी भगवान रहीं। इस दौरान कई उतार-चढ़ाव देखे। मैंने उन सभी को पार किया और हम इस बार भी उबर जाएंगे.. मैं अम्मा के नाम की शपथ लेती हूं।"

शशिकला ने पन्नीरसेल्वम के खिलाफ आक्रामक लहजा अपनाते हुए कहा कि एआईएडीएमके के 'शत्रु' एक-एक कर सामने आ रहे हैं, 'पर सभी हार जाएंगे।'

उन्होंने कहा, "कुछ लोग हमें बांटने की कोशिश कर रहे हैं.. एआईएडीएमके नहीं टूटेगी, न ही मैं टूटूंगी।"

एआईएडीएमके के एक पूर्व सांसद के.सी. पलनिस्वामी ने बुधवार को कहा कि निर्वाचन आयोग को तमिलनाडु की असाधारण राजनीतिक स्थिति पर विचार करना चाहिए और शशिकला की कानूनी हैसियत पर जल्द फैसला लेना चाहिए।

पलनिस्वामी ने आईएएनएस से कहा, "मैंने मद्रास उच्च न्यायालय में एआईएडीएमके की अंतरिम महासचिव के रूप में शशिकला के चुनाव के खिलाफ अपनी शिकायत पर निर्वाचन आयोग को निर्देश देने की मांग को लेकर एक अर्जी दी है।"

पन्नीरसेल्वम ने कोषाध्यक्ष पद से हटाए जाने के बाद कहा कि अंतरिम महासचिव उन्हें पार्टी में किसी पद से हटा नहीं सकतीं।

उन्होंने कहा कि पार्टी हित को ध्यान में रखते हुए शशिकला को अस्थायी तौर पर पार्टी का अंतरिम महासचिव चुना गया। स्थायी महसाचिव का चयन पार्टी के सभी सदस्य मिलकर करेंगे।

पन्नीरसेल्वम ने जयललिता की भतीजी और शशिकला की धुर विरोधी दीपा जयकुमार द्वारा उनसे हाथ मिलाने के प्रति समर्थन भी व्यक्त किया।

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, "एआईएडीएमके कांग्रेस की भी राजनीतिक विरोधी पार्टी है, लेकिन जनादेश को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। कोई भी राज्यपाल को कठपुतली की तरह इस्तेमाल कर राज्य सरकार को नहीं गिरा सकता।"
नए नोटों पर दो चीजों का AIADMK सांसद ने किया विरोध: पढ़ें क्यों

नए नोटों पर दो चीजों का AIADMK सांसद ने किया विरोध: पढ़ें क्यों

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नई दिल्ली, 8 फरवरी: 500 और 2000 रुपये के नए नोटों पर देवनागरी अंकों का प्रयोग 'संविधान का उल्लंघन' है और 'बेहद निंदनीय' है। एडीएमके के सांसद तिरुचि शिवा ने ये बातें राज्यसभा में बुधवार को कही। प्रश्नकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए शिवा ने कहा कि मुद्रा पर देवनागरी लिपि का प्रयोग सरकार द्वारा किसी एक भाषा या भाषिक समूह को तवज्जो देना दिखता है, जिससे अन्य अलग-थलग महसूस कर सकते हैं। 

उन्होंने नई मुद्रा पर स्वच्छ भारत के लोगो के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई कहा कि सरकार नोटों के माध्यम से अपनी योजनाओं का प्रचार नहीं कर सकती। 

शिवा ने कहा, "नए नोटों पर हिन्दी लिपि और यह संविधान के अनुच्छेद 343(1) का उल्लंघन है, जिसके तहत केंद्र सरकार आधिकारिक उद्देश्यों के लिए भारतीय अंकों के अंतर्राष्ट्रीय रूप का ही प्रयोग करेगी।"

हालांकि 1960 में राष्ट्रपति के एक आदेश में कहा गया है कि केंद्रीय मंत्रालयों के हिन्दी प्रकाशनों में देवनागरी अंकों के प्रयोग के लेकर एकसमान बुनियादी नीति अपनाई जानी चाहिए। शिवा ने कहा कि "नोट कोई केंद्रीय मंत्रालय का हिन्दी प्रकाशन नहीं है और न हीं वे केवल एक वर्ग की जरूरतों को पूरा करते हैं।"

उन्होंने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 343(3) के अनुसार कानून के तहत संसद देवनागरी अंकों के प्रयोग का फैसला कर सकती है, लेकिन ऐसा नहीं किया गया। 

शिवा ने कहा, "अगर सभी नोटों पर देवनागरी अंकों का प्रयोग किया जाता है तो ऐसा केवल संसद से कानून को पारित करके ही किया जा सकता है। लेकिन ऐसा किया गया।"

उन्होंने कहा कि विभिन्नता से भरपूर देश में सरकार का यह फैसला दिखाता है कि वह "एक खास भाषा.. हिन्दी बोलने वाले समूहों को प्राथमिकता देती है।" जबकि नोटों को देश के सभी भाषाई समूह और वर्गो के प्रयोग के लिए बनाया गया है। 

उन्होंने कहा, "इससे वो लोग और समूह पृथक हो सकते हैं जो सरकार के प्राथमिकता वाले समूह का हिस्सा नहीं हैं।"

शिवा ने इसके अलावा सरकार द्वारा नोटों पर स्वच्छ भारत के लोगों के प्रयोग को 'बेहूदा' बताया और कहा कि सरकारी योजनाओं का इस तरीके से प्रचार नहीं हो सकता। 
जयललिता खुद मरीं या किसी ने मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्हें मार डाला, पन्नीरसेल्वम कराएंगे जांच

जयललिता खुद मरीं या किसी ने मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्हें मार डाला, पन्नीरसेल्वम कराएंगे जांच

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चेन्नई, 8 फरवरी: तमिलनाडु से बड़ी खबर आ रही है, अब इस बात की जांच कराई जाएगी कि जयललिता खुद मरीं थीं या किसी ने पार्टी पर कब्ज़ा करने और खुद मुख्यमंत्री बनने के लिए उन्हें मार डाला और उन्हें दो महीने तक अस्पताल में भर्ती किये रखा। जिस प्रकार से शशिकला ने पार्टी पर कब्ज़ा किया है और बिना कोई चुनाव जीते खुद मुख्यमंत्री बनने की इक्षा जाहिर की है उसे देखकर कुछ भी कहा जा सकता है। 

तमिलनाडु में जारी राजनीतिक संकट के बीच राज्य के कार्यवाहक मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को घोषणा की कि दिवंगत पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की मौत की जांच कराई जाएगी। 

ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमे) की महासचिव वी. के. शशिकला के खिलाफ मंगलवार देर शाम मोर्चा खोलने वाले पन्नीरसेल्वम ने बुधवार को इसकी घोषणा की।

उन्होंने कहा कि जयललिता की मौत की जांच के लिए सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के नेतृत्व में जांच आयोग का गठन किया जाएगा।

उन्होंने मंगलवार देर शाम एक नाटकीय घटनाक्रम में पत्रकारों से कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने इसके लिए शशिकला और पार्टी के कुछ अन्य वरिष्ठ नेताओं पर आरोप लगाए और उन्हें 'अवसरवादी' करार दिया।

इससे पहले विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पी. एच. पांडियान ने जयललिता को अस्पताल में भर्ती किए जाने की परिस्थितियों की जांच कराए जाने की मांग की थी।

पांडियान ने अपने आवास पर राज्यसभा के पूर्व सदस्य बेटे मनोज पांडियान के साथ एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया था। 

मनोज पांडियान ने कहा, "जब मैं और 'तुगलक' के संपादक चो रामास्वामी जया टीवी के निर्देशक थे तब जयललिता ने हमसे अपना भय व्यक्त करते हुए कहा था कि उन्हें आशंका है कि यह गुट उन्हें जहर देकर मार सकता है।"

Tuesday, February 7, 2017

अम्मा की आत्मा की प्रेरणा से TN के पूर्व CM पनीरसेल्वम ने शशिकला के बारे में किया बड़ा खुलासा

अम्मा की आत्मा की प्रेरणा से TN के पूर्व CM पनीरसेल्वम ने शशिकला के बारे में किया बड़ा खुलासा

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चेन्नई, 7 फरवरी: तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम की महासचिव वी. के. शशिकला के खिलाफ मंगलवार को मोर्चा खोल दिया। पन्नीरसेल्वम ने देर शाम पत्रकारों से कहा कि उन्हें मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के लिए मजबूर किया गया। पन्नीरसेल्वम ने यह भी कहा कि शशिकला पार्टी पर कब्ज़ा करना चाहती हैं।

अगर पन्नीरसेल्वम की बात सच है तो अब इस शक पर लोगों का पक्का यकीन हो सकता है कि जयललिता के साथ जरूर कुछ ना कुछ हुआ था, उनकी जान ऐसे ही नहीं गयी थी, हो सकता है कि शशिकला ने पार्टी पर कब्ज़ा करने और खुद मुख्यमंत्री बनने के लिए उनके साथ कोई साजिश की हो और यह भी हो सकता है कि शशिकला के पीछे कोई बड़ी ताकत हो, यह भी हो सकता है कि शशिकला के जरिये कोई विदेशी या आतंकी ताकत तमिलनाडु पर कब्ज़ा करना चाहती है वरना किसी की औकात नहीं है कि तमिलनाडु के लोगों को यह भी ना पता चले कि जयललिता की मौत किस वजह से हुई, उन्हें क्या बीमारी थी, यही नहीं पिछली 60 दिनों से किसी को भी जयललिता से मिलने नहीं दिया गया यहाँ तक कि उनकी भतीजी  दीपा जयकुमार को भी गेट से ही भगा दिया गया। 

मंगलवार को इससे पहले, विधानसभा के पूर्व अध्यक्ष पी. एच. पांडियान और पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की भतीजी दीपा जयकुमार ने भी शशिकला को मुख्यमंत्री बनाए जाने को लेकर विरोध व्यक्त किया।

पांडियान ने जहां जयललिता को अस्पतला में भर्ती किए जाने की परिस्थितियों पर जांच बिठाए जाने की मांग की, वहीं जयकुमार ने कहा कि राज्य की जनता शशिकला को मुख्यमंत्री बनाए जाने के खिलाफ है।

देर शाम होते-होते घटनाक्रम में नाटकीय बदलाव देखने को मिले और मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम दिवंगत जयललिता की समाधि पर पहुंचे, जहां वह देर तक बैठे रहे।

पन्नीरसेल्वम मारीना बीच पर स्थित जयललिता के समाधि स्थल पहुंचे और समाधि के ठीक सामने फर्श पर ही बैठ गए। पन्नीरसेल्वम वहां करीब आधे घंटे तक आंखें मूंदे ध्यानमग्न अवस्था में बैठे रहे।

समाधि स्थल पर बड़ी संख्या में पन्नीरसेल्वम के समर्थक और अन्ना द्रमुक के कार्यकर्ता एकत्रित हो गए थे। साफ तौर पर दुखी नजर आ रहे पन्नीरसेल्वम जब ध्यान से उठे तो उनकी आंखें नम थीं।

हालांकि पार्टी अधिकारी पन्नीरसेल्वम के इस कदम से हैरान हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता के निधन के बाद दोबारा मुख्यमंत्री बने पन्नीरसेल्वम ने शशिकला के राज्य का अगला मुख्यमंत्री बनने की राह खोलते हुए बीते रविवार को पद से इस्तीफा दे दिया है।

शशिकला ने जहां कहा था कि पन्नीरसेल्वम खुद चाहते थे कि शशिकला पार्टी प्रमुख और मुख्यमंत्री पद संभालें, वहीं पन्नीरसेल्वम ने पूरे समय मामले पर चुप्पी साधे रखी।

इससे पहले पांडियान ने अपने आवास पर बेटे मनोज पांडियान के साथ एक पत्रकार वार्ता को संबोधित किया। मनोज राज्यसभा सांसद हैं।

मनोज पांडियान ने कहा, "जब मैं और तुगलक के संपादक चो रामास्वामी जया टीवी के निर्देशक थे तो जयललिता ने हमसे अपना भय व्यक्त करते हुए कहा था कि उन्हें आशंका है कि यह गुट उन्हें जहर देकर मार सकता है।"

गौरतलब है कि जयललिता के निधन के बाद उनकी नजदीकी शशिकला को पार्टी महासचिव नियुक्त किया गया और मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम के इस्तीफा देने के साथ उनका मुख्यमंत्री बनना तय माना जा रहा है।

Sunday, February 5, 2017

तमिलनाडु को दो महीने के अन्दर मिला तीसरा मुख्यमंत्री, शशिकला होंगी अगली CM

तमिलनाडु को दो महीने के अन्दर मिला तीसरा मुख्यमंत्री, शशिकला होंगी अगली CM

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चेन्नई, 5 फरवरी: तमिलनाडु को पिछले दो महीने में तीसरा मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है, पूर्व मुख्यमंत्री जयललिता का निधन 5 दिसम्बर को हुआ था, उसके बाद पनीरसेल्वम को 2 महीने के लिए दिखावे का मुख्यमंत्री बनाया गया, आज दबाव में उन्होंने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया जिसके बाद शशिकला को विधायक दल का नेता चुना गया, अब शशिकला ही तमिलनाडु की मुख्यमंत्री होंगी।

शशिकला राज्य की तीसरी महिला मुख्यमंत्री होंगी। शशिकला (59) ने विधायकों को संबोधित करते हुए कहा कि मौजूदा मुख्यमंत्री ओ.पन्नीरसेल्वम ने उनसे सरकार का नेतृत्व करने का आग्रह किया।

उन्होंने कहा कि पन्नीरसेल्वम ने ही उनसे पहले एआईएडीएमके प्रमुख बनने का आग्रह किया था।

जयललिता के दिसंबर में निधन के बाद पन्नीरसेल्वम ने मुख्यमंत्री पद संभाला था।शशिकला ने स्पष्ट किया कि तमिलनाडु सरकार जयललिता के पद्चिह्नों पर चलेगी।

Saturday, January 28, 2017

तमिलनाडु बंदरगाह पर 2 मालवाहक जहाजों में टक्कर

तमिलनाडु बंदरगाह पर 2 मालवाहक जहाजों में टक्कर

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चेन्नई, 28 जनवरी: तमिलनाडु के कामराजार बंदरगाह पर शनिवार तड़के दो मालवाहक जहाज टकरा गए। कामराजार पोर्ट के अधिकारियों ने एक बयान में कहा कि टक्कर तड़के चार बजे द्रवित पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) ले जा रहे एम.टी. बीडब्ल्यू मैपल और पेट्रोलियम ऑयल ल्यूब्रिकेंट्स (पीओएल) से भरे एम. टी. डॉन कांचीपुरम के बीच हुई।

एलपीजी से लदा जहाज यहां से जा रहा था, जबकि दूसरा जहाज यहां पहुंच रहा था।

बयान के मुताबिक, "पर्यावरण को तेल प्रदूषण जैसा कोई नुकसान नहीं हुआ है। इसमें किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। दोनों जहाजों को सुरक्षित बचा लिया गया है। जाहजों को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है।"

उन्होंने कहा, "सभी शीर्ष अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। हालात नियंत्रण में हैं। दुर्घटना के कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए गए हैं। बाकी जहाजों का संचालन सामान्य रूप से हो रहा है।"

बंदरगाह के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक एम. ए. भास्कराचार ने आईएएनएस को बताया कि उन्हें इस घटना के बारे में कोई अतिरिक्त जानकारी नहीं है।

बंदरगाह के एक अधिकारी ने बताया कि एम.टी. डॉन कांचीपुरम से माल उतारा जाएगा।

एक तटरक्षक हेलीकाप्टर को क्षेत्र में निगरानी के लिए लगाया गया है।

Monday, January 23, 2017

जल्लीकट्टू नहीं अगर बैन लगाना है तो ‘हलाल मीट’ पर लगाओ, पशुओं की हत्या रोको: सुब्रमनियम स्वामी

जल्लीकट्टू नहीं अगर बैन लगाना है तो ‘हलाल मीट’ पर लगाओ, पशुओं की हत्या रोको: सुब्रमनियम स्वामी

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Chennai, 23 January: सुब्रमनियम स्वामी ने आज जल्लीकट्टू का समर्थन करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में जानवरों के साथ कोई क्रूरता नहीं की जाती और आज तक किसी भी बैल की जान नहीं गयी है।

स्वामी ने कहा कि अगर जल्लीकट्टू को जानवरों के साथ क्रूरता बताया जा रहा है तो हलाल मीट को भी बैन करना चाहिए क्योंकि उसमें जानवरों की हत्या की जाती है। उन्होंने PETA संस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि इस संस्था में विदेशी भरे पड़े हैं जो जानवरों को खाते हैं और हमारी संस्कृति विल्कुल भी नहीं समझते। जल्लीकट्टू में पशुओं के साथ कोई क्रूरता नहीं होती उल्टा इससे पशुओं की नश्ल बढ़िया करने पर जोर दिया जाता है।

आज चेन्नई के मरीना बीच पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिडंत हो गयी जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पिटाई कर दी और उन्हें घसीटकर बीच से भगा दिया, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वालों को धमकी देते हुए कहा कि अगर उन्हें भगाया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे लेकिन पुलिस ने उनकी के नहीं सुनी और उन्हें भगा दिया। 

पुलिस के इस कदम का बीजेपी सांसद से स्वागत किया, उन्होंने पुलिस के कदम को सही बताते हुए कहा कि पुलिस ने विल्कुल सही किया है। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें मान ली हैं तो अब प्रदर्शन करने और हिंसा करने की जरूरत क्या है, कल जल्लीकट्टू पर अध्यादेश पास किया गया और आज तमिल नाडु सरकार इसे बिल का रूप दे रही है इसके बाद भी प्रदर्शन किया जा रहा है। 

बीजेपी ने यह भी कहा कि इस प्रदर्शन के पहले आयोजनकर्ता जो तमिल सिंगर भी हैं उन्होंने प्रदर्शन ख़त्म करने की अपील की है, उन्होंने यह भी कहा है कि अब एंटी नेशनल लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं जो सही नहीं है। जानबूझकर राज्य में हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही है।
चेन्नई में पुलिस ने जल्लीकट्टू पर प्रदर्शनकारियों को पीटा, सुब्रमनियम स्वामी बोले ‘सही किया’

चेन्नई में पुलिस ने जल्लीकट्टू पर प्रदर्शनकारियों को पीटा, सुब्रमनियम स्वामी बोले ‘सही किया’

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Chennai, 23 January: आज चेन्नई के मरीना बीच पर पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच भिडंत हो गयी जिसके बाद पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की पिटाई कर दी और उन्हें घसीटकर बीच से भगा दिया, प्रदर्शनकारियों ने पुलिस वालों को धमकी देते हुए कहा कि अगर उन्हें भगाया गया तो वे आत्महत्या कर लेंगे लेकिन पुलिस ने उनकी के नहीं सुनी और उन्हें भगा दिया। 

पुलिस के इस कदम का बीजेपी सांसद से स्वागत किया, उन्होंने पुलिस के कदम को सही बताते हुए कहा कि पुलिस ने विल्कुल सही किया है। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार और केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारियों की सभी मांगें मान ली हैं तो अब प्रदर्शन करने और हिंसा करने की जरूरत क्या है, कल जल्लीकट्टू पर अध्यादेश पास किया गया और आज तमिल नाडु सरकार इसे बिल का रूप दे रही है इसके बाद भी प्रदर्शन किया जा रहा है। 

बीजेपी ने यह भी कहा कि इस प्रदर्शन के पहले आयोजनकर्ता जो तमिल सिंगर भी हैं उन्होंने प्रदर्शन ख़त्म करने की अपील की है, उन्होंने यह भी कहा है कि अब एंटी नेशनल लोग भी प्रदर्शन में शामिल हो गए हैं जो सही नहीं है। जानबूझकर राज्य में हिंसा फैलाने की कोशिश की जा रही है।

स्वामी ने जल्लीकट्टू का समर्थन करते हुए कहा कि इस कार्यक्रम में जानवरों के साथ कोई क्रूरता नहीं की जाती और आज तक किसी भी बैल की जान नहीं गयी है।

स्वामी ने कहा कि अगर जल्लीकट्टू को जानवरों के साथ क्रूरता बताया जा रहा है तो हलाला मीट को भी बैन करना चाहिए क्योंकि उसमें जानवरों की हत्या की जाती है। उन्होंने PETA संस्था पर हमला बोलते हुए कहा कि इस संस्था में विदेशी भरे पड़े हैं जो जानवरों को खाते हैं और हमारी संस्कृति विल्कुल भी नहीं समझते। जल्लीकट्टू में पशुओं के साथ कोई क्रूरता नहीं होती उल्टा इससे पशुओं की नश्ल बढ़िया करने पर जोर दिया जाता है। 

Friday, January 20, 2017

जल्लीकट्टू पर हिन्दुओं का प्रदर्शन देखकर ओवैसी ने ‘यूनिफार्म सिविल कोड’ पर चल दी कुटिल चाल

जल्लीकट्टू पर हिन्दुओं का प्रदर्शन देखकर ओवैसी ने ‘यूनिफार्म सिविल कोड’ पर चल दी कुटिल चाल

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नई दिल्ली, 20 जनवरी: ऑल इंडिया मजिलस ए इतेहदुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार को कहा कि तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध के खिलाफ जारी प्रदर्शन हिंदुत्ववादी ताकतों के लिए एक सबक है। ओवैसी ने एक ट्वीट में कहा, "जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध के खिलाफ जारी प्रदर्शन हिंदुत्ववादी ताकतों के लिए सबक है।"

उन्होंने राज्य में इस परंपरागत खेल पर प्रतिबंध के खिलाफ जारी प्रदर्शन को समान नागरिक संहिता से जोड़ा और कहा कि इसे लोगों पर थोपा नहीं जा सकता।

उन्होंने लिखा, "इस राष्ट्र में एक संस्कृति नहीं है, हम सभी उत्सवों को मनाते हैं।"

उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने साल 2014 में बैलों को काबू करने के पारंपरिक खेल जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध लगा दिया था। इस प्रतिबंध को हटाने के लिए तमिलनाडु ने शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया। इसके बाद से राज्य में हजारों लोग जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

यह बयान देने के पीछे ओवैसी की मंशा है कि अगर अगर देश में यूनिफार्म सिविल कोड लाया गया तो मुस्लिम भी इसी तरह से प्रदर्शन कर सकते हैं जिस प्रकार से तमिल हिन्दू जल्लीकट्टू पर प्रतिबन्ध के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं। एक तरह से यह भी कह सकते हैं कि ओवैसी ने एडवांस में  यूनिफार्म सिविल कोड के मुद्दे पर कुटिल चाल चली है। 

ओवैसी को पता है कि जिस तरह से मोदी सरकार ने तीन तलाक का विरोध शुरू किया है और सुप्रीम कोर्ट पर शरियत कानून को ख़त्म करने का मन बना रहा है, ऐसे में यूनिफार्म सिविल कोड लाया जा सकता है। ओवैसी ने मोदी सरकार और सुप्रीम कोर्ट को इशारों इशारों में चेतावनी दिया है कि अगर देश में यूनिफार्म सिविल कोड लाया गया तो इस देश के मुस्लिम भी बड़ा प्रदर्शन करेंगे इसलिए हिन्दुत्ववादी ताकतें इससे सबक लेते हुए यूनिफार्म सिविल कोड की बात करना छोड़ दें। 
PM MODI का मिला साथ, जल्लीकट्टू के समर्थन में अध्यादेश लाएगी तमिल नाडु सरकार: पन्नीरसेल्वम

PM MODI का मिला साथ, जल्लीकट्टू के समर्थन में अध्यादेश लाएगी तमिल नाडु सरकार: पन्नीरसेल्वम

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नई दिल्ली, 20 जनवरी: तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के समर्थन में जारी व्यापक विरोध-प्रदर्शन के बीच राज्य के मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने शुक्रवार को कहा कि उनकी सरकार बैल को काबू करने के इस परंपरागत खेल को मंजूरी देने के लिए अध्यादेश लाएगी। यहां संवाददाताओं से बातचीत में पन्नीरसेल्वम ने कहा कि उन्होंने इस बारे में संविधान विशेषज्ञों से विस्तृत विचार-विमर्श किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पशु क्रूरता रोकथाम अधिनियम के कुछ प्रावधानों में संशोधन करेगी।

संशोधन का मसौदा गुरुवार को तैयार किया गया और इसे शुक्रवार सुबह केंद्र सरकार के पास भेजा गया।

अध्यादेश राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इसे तमिलनाडु के राज्यपाल सी. विद्यासागर राव को भेजा जाएगा।

मुख्यमंत्री ने तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे लोगों से अपना आंदोलन समाप्त करने की अपील की है।

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री का यह बयान गुरुवार को यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उनकी मुलाकात के बाद आया है। उन्होंने प्रधानमंत्री से राज्य के इस परंपरागत खेल को मंजूरी देने के लिए अध्यादेश लाने का अनुरोध किया था, प्रधानमंत्री मोदी ने उनका हर संभव साथ देने की बात की लेकिन इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय में लंबित होने का हवाला दिया। मोदी ने शायद उन्हें अध्यादेश के जरिये इस समस्या का समाधान करने का सुझाव दिया। 

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के आयोजन पर सर्वोच्च न्यायालय ने मई 2014 में प्रतिबंध लगा दिया था। इसके बाद से ही लोग केंद्र सरकार से जल्लीकट्टू के आयोजन की अनुमति के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

राज्य में जल्लीकट्टू के समर्थन में प्रदर्शन की शुरुआत सोमवार को हुई थी, जिसके बाद कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। इसके बाद विरोध-प्रदर्शन और भड़क गया। मरीना बीच पर हजारों की तादाद में युवक-युवतियां शुक्रवार को भी प्रदर्शन जारी रखे हुए हैं।

लोग जल्लीकट्टू पर प्रतिबंध को तमिलनाडु की संस्कृति का अपमान बता रहे हैं। इसके लिए पशु अधिकार संगठन पीपुल फॉर एथिकल ट्रीटमेंट ऑफ एनिमल्स (पेटा) भी उनके निशाने पर हैं।

Wednesday, January 18, 2017

जल्लीकट्टू के समर्थन में उतरीं अभिनेत्री नयनतारा

जल्लीकट्टू के समर्थन में उतरीं अभिनेत्री नयनतारा

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चेन्नई, 18 जनवरी: दक्षिण भारतीय फिल्म अभिनेत्री नयनतारा भी बुधवार को सांड़ को काबू में करने के प्राचीन और लोकप्रिय खेल जल्लीकट्ट पर प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे युवाओं के समर्थन में उतर आईं हैं। तमिल फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शुमार नयनतारा ने बुधवार को कहा, "युवाओं की ताकत एक बार फिर साबित हो चुकी है। तमिलनाडु में जल्लीकट्ट के समर्थन में जो हो रहा है, वैसा इतिहास में पहले कभी नहीं हुआ। यह देखते हुए मुझे इस राज्य का हिस्सा होने पर गर्व है।"

सर्वोच्च न्यायालय ने 2014 में जल्लीकट्ट के आयोजन पर प्रतिबंध लगा दिया था।

मूल रूप से मलयाली नयनतारा ने कहा, "भावनाओं और गर्व के साथ, मैं एक तमिल हूं। इस राज्य ने मुझे एक स्थान और सम्मान दिया है और इस भावनात्मक पड़ाव पर मैं बाहरी ताकतों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों, जिन्हें जल्लीकट्ट की पूरी अवधारणा के बारे में सही जानकारी नहीं है, के खिलाफ आवाज उठाने के लिए उनके (युवाओं) साथ खड़ी हूं।"

हजारों युवा चेन्नई और मदुरै में जल्लीकट्टू पर लगी रोक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं।

नयनतारा ने कहा, "एक आम नागरिक के तौर पर मैं इन युवाओं के साथ हूं, जिन्होंने अपनी जीत हासिल करने के लिए प्राकृतिक और अप्राकृतिक परिस्थितियों का सामना किया है। मैं कामना करती हूं कि उनके प्रयास जल्लीकट्ट को वापस ला पाएं, जो तमिलनाडु की सांस्कृतिक पहचान है।"

नयनतारा से पूर्व रजनीकांत, कमल हासन, सूर्या और सिंबू जैसे कई अन्य दिग्गज कलाकार भी जल्लीकट्ट के प्रति समर्थन जता चुके हैं।