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Saturday, February 25, 2017

मोदी ने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देकर एकता का ऐसा पाठ पढ़ाया, तड़ातड़ बजी तालियाँ: पढ़ें

मोदी ने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देकर एकता का ऐसा पाठ पढ़ाया, तड़ातड़ बजी तालियाँ: पढ़ें

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कोयम्बटूर: प्रधानमंत्री मोदी रैलियों में अपने भाषण से लोगों को तालियाँ बजाने के लिए मजबूर तो कर ही देते हैं लेकिन ज्ञान और समागम समारोहों में भी मोदी अपनी बातों से लोगों का मन मोह लेते हैं और उन्हें तालियाँ बजाने के लिए मजबूर कर देते हैं, कल उन्होंने तमिलनाडु के कोयम्बतूर में आदियोगी द्वारा आयोजित महाशिवरात्रि के कार्यक्रम में भगवान शिव की 112 फीट प्रतिमा का अनावरण करके ऐसा भाषण दिया कि लोग तालियाँ बजाने के लिए मजबूर हो गए और मोदी का लोहा मान गए। स्वयं सद्गुरु जेवी ने मोदी को एक योगी बताया। 

मोदी ने भगवान शिव के परिवार का उदाहरण देकर भारत को एकता का पाठ पढाया। उन्होंने कहा कि भारत में वाराणसी से लेकर केदारनाथ तक और गुजरात के सोमनाथ से लेकर कन्याकुमारी तक शिव ही शिव हैं, हर जगह शिव हैं जो हम भारतीयों को एक करके रखते हैं और मेरी किस्मत ऐसी है कि मैं गुजरात में यानी सोमनाथ की धरती पर जन्मा और संसद बनकर विश्वनाथ की धरती यानी काशी पहुँच गया। 

मोदी ने भगवान शिव का बखान करते हुए कहा, देव तो कई हैं लेकिन महादेव सिर्फ एक हैं और मंत्र तो कई हैं लेकिन शिव से जुड़ा महामृत्युंजय मंत्र सिर्फ एक है। 

उन्होंने कहा भारत एक विविधता वाला देश है उसके बाद भी हम एक होकर रहते हैं और ये हमने भगवान शिव से सीखा है क्योंकि भगवान शिव के गले में सर्प रहता है और उनके पुत्र गणेश मूस की सवारी करते हैं, इसके अलवा उनके दूसरे बेटे कार्तिक भी मोर की सवारी करते हैं। सर्प और मूस एक दूसरे के दुश्मन हैं क्योंकि सर्प मूस को खा जाता है वहीँ मोर और सर्प भी एक दूसरे के दुश्मन हैं क्योंकि मोर सर्प को खा जाता है, ये सब एक दूसरे के दुश्मन हैं लेकिन एक साथ रहते हैं, इसी तरह हमरे देश में कई राज्य हैं, बोली और भाषा अलग अलग है लेकिन हम अपनी विविधता का सम्मान करते हुए एक साथ रहते हैं।

मोदी ने कहा कि भारत देवों की धरती है, हम भले ही अलग अलग राज्यों में रहते हैं और अलग अलग भाषा बोलते हैं लेकिन जब हम भगवान शिव का ध्यान करते हैं तो हमारे मन में विशाल हिमालय के कैलाश का दृश्य सामने आता है वही पार्वती जी के स्मरण से महासागरों से घिरे कन्याकुमारी की कल्पना सामने आती है और दोनों को एक साथ देखने से प्रकृति की अनुभूति होती है, इसके अलावा हमें यह भी अहसास होता है कि कन्याकुमारी से लेकर हिमालय तक भारत एक है। 

मोदी ने कहा - इसके अलावा जब हम देवी देवताओं का स्मरण करते हैं तो किसी न किसी पशु,पक्षी या वृक्ष का ख्याल आता है, यह प्रकृति के साथ हमारे दृटिकोण को दर्शाता है। 

मोदी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में नारी को श्रेष्ठतम स्थान प्राप्त है, शास्त्र कहते है नारी तू नारायणी यानी नारी तो स्वयं नारायणी है, महिलाओं के लिए कोई शर्त नहीं है लेकिन  पुरुषों के लिए दिव्यता प्राप्त करने या नारायण बनने के लिए परिश्रम करने की शर्त है। 

मोदी ने कहा कि हमारे प्राचीन ग्रन्थ, हमारे शास्त्र हमें और हमारी आने वाली पीढ़ियों को अथाह ज्ञान प्रदान कर सकते हैं लेकिन कुछ लोग प्राचीन शब्द जुड़ा होने के कारण उस ज्ञान को ठुकरा देते हैं या उसे ग्रहण करने में अपनी तौहीन समझते हैं जो मानवता के लिए सही नहीं है। 

मोदी ने यह बातें इस तरह से और इतने विश्वास के साथ बतायीं कि लोग तालियाँ बजाने के लिए मजबूर हो गए और लोगों में जोश आ गया। मोदी ने एक बार फिर से अपने ज्ञान की प्रतिभा का परिचय करा दिया। देखें VIDEO. 

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का एक कारनामा बताते हुए आज PM MODI को भी लगा ‘डर’: पढ़ें

उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी का एक कारनामा बताते हुए आज PM MODI को भी लगा ‘डर’: पढ़ें

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गोंडा: आज प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के गोंडा में चुनावी रैली को संबोधित किया, उन्होंने आज समाजवादी पार्टी के एक ऐसे कारनामे के बारे में बताया जिसे बताते हुए उन्हें भी डर लग रहा था, उन्हें भी टेंशन हो रही थी लेकिन मोदी ने सपा के इस कारनामे को बता ही दिया। 

मोदी ने बताया कि एक थोक व्यापार होता है और एक फुटकर व्यापार होता है। मैं देख रहा हूँ कि हिंदुस्तान के हर राज्य की परीक्षाओं में छोटी मोटी चोरी की घटनाएं होती हैं, कहीं कोई विद्यार्थी चोरी करता है, कभी कोई मास्टर जी करते हैं लेकिन गोंडा में तो जत्थाबंद चोरी का व्यापार चलता है, यहाँ पर चोरी करने की नीलामी चलती है, यहाँ पर टेंडर निकलते हैं कि अगर हमारे यहाँ पर परीक्षा का केंद्र लगा दो तो इतना पैसा दे दूंगा और जिस स्कूल वाले को परीक्षा केंद्र मिलता है वह हर विद्यार्थी के माँ-बाप को कहता है कि 3000, 4000, 5000 डेली का लगेगा और नक़ल मिलेगी। 

मोदी ने बताया कि अगर गणित का पेपर है तो इतना, विज्ञान का पेपर है तो इतना। मोदी ने लोगों से पूछा - आप बताइए ये होता है कि नहीं होता है। मोदी ने पूछा - इस चोरी से किसी का भला होता है क्या ? जो चोरी करके निकलता है उसका भला होता है क्या? जिस माँ बाप के हाथ से रूपया जाता है उनका भला होता है क्या? जो माँ-बाप पैसे नहीं दे पाते और उनका होनहार बच्चा पीछे रह जाता है उनका भला हो पाता है क्या?

मोदी ने कहा - ये ठेकेदारी बंद होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए? ये बेईमानी बंद होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए? ये परीक्षा केन्द्रों की नालामी बंद होनी चाहिए या नहीं होनी चाहिए?

मोदी ने कहा कि आज मैं इस विषय पर बोलूं या ना बोलूं, मैं सच बताता हूँ मुझे डर लग रहा था। मैं इसलिए डर रहा था क्योंकि मेरा भाषण टीवी पर पूरे देश के लोग देखते हैं, मैंने सोचा कहीं कुछ लोगों को आइडिया ना मिल जाए कि बेईमानी का ये भी बढ़िया रास्ता है। मुझे ये डर लग रहा था कि कुछ लोग सपा के इस कारोबार को सीख ना लें, इसका मुझे डर लग रहा था। 

मोदी ने कहा कि सपा का ये कारोबार मेरे देश की भावी पीढ़ी को तबाह करने वाला कारोबार है, ये कारोबार बंद होना चाहिए। श्रीमान अखिलेश जी, आपका तो कुनबा इतना बड़ा है कि आप ऑस्ट्रेलिया पढने चले गए, आपने बच्चे भी बड़े बड़े स्कूलों में मंहगी फीस देकर पढ़ रहे हैं लेकिन हमारे गोंडा के बच्चों का क्या भविष्य होगा इस बात की मुझे बड़ी पीड़ा है। मोदी ने कहा कि 'शिक्षा के साथ जो अपराध जुड़ गया है यह आने वाली पीढ़ियों को तबाह करके रख देता है। 

Friday, February 24, 2017

शिवभक्ति में डूबा तमिलनाडु, PM MODI ने आदियोगी भगवान शिव की 11 फीट आकृति का किया अनावरण

शिवभक्ति में डूबा तमिलनाडु, PM MODI ने आदियोगी भगवान शिव की 11 फीट आकृति का किया अनावरण

कोयम्बतूर: प्रधानमंत्री मोदी ने आज तमिलनाडु के कोयम्बतूर में आदियोगी भगवान शिव की 112 फीट आकृति का अनावरण किया और देवी देवताओं के दर्शन करके प्रोग्राम को संबोधित किया। पीएम मोदी यहाँ पर सद्गुरु जेवी और ईशा फाउंडेशन के आमत्रण पर पहुंचे थे, प्रोग्राम में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री पलानीस्वामी के अलावा कई अन्य बड़े नेता भी मौजूद थे। यह कार्यक्रम महाशिवरात्रि के मौके पर आयोजित किया गया था और इसमें यह बताने की कोशिश की गयी कि भगवान शिव सबसे पहले योगी थे और योग में ही सभी बीमारियों का निवारण और ख़ुशी समाहित है। 

मोदी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योग की जरूरत और उत्पत्ति पर प्रकाश, उन्होने बताया कि योग करने से कैसे एकता की भावना पैदा होती है और तनाव को दूर करके खुश कैसे रहा जा सकता है। उन्होंने बताया कि योग अच्छे स्वास्थय के लिए पासपोर्ट का काम करता है। योगा रोग मुक्ति के अलावा भोग मुक्ति का भी साधन है। यह मानव के कल्याण का साधन है।

मोदी ने महाशिवरात्रि के बारे में बोलते हुए कहा वैसे तो कई त्यौहार हैं लेकिन इस अकेले त्यौहार में महा जुड़ा हुआ है, इसके अलावा भारत में कई देव हैं लेकिन महादेव केवल एक हैं, इसके आलावा कई मंत्र हैं लेकिन एक मंत्र भगवान शिव से जुड़ा हुआ है जिसे महामृत्युंजय मंत्र कहा जाता है। यह भगवान शिव की महिमा है।

मोदी ने कहा कि मेरा गृह राज्य गुजरात है जिसे सोमनाथ की धरती कहा जाता है, मैं इस वक्त काशी का सांसद हूँ जिसे विश्वनाथ की धरती कहा जाता है, इसके अलवा केदारनाथ से लेकर रामेश्वरम और काशी से लेकर कोयम्बतूर तक हर जगह शिव विद्यमान हैं और आज यह मूर्ति जिसका अनावरण हो रहा है यह सबको शिवमय होने की प्रेरणा देती रहेगी।

इस अवसर पर बोलते हुए सद्गुरु जेवी ने कहा कि आज इंसान एक दूसरे से इसलिए लड़ रहा है क्योंकि एक इंसान किसी को भगवान मनाता है और दूसरा किसी और को गॉड मानता है, आज इश्वर के लिए लोग मार काट मचा रहे हैं लेकिन योग ही एक ऐसा माध्यम है जो हमें एकता सिखाता है इसलिए हमें आदियोगी शिवा के रास्ते पर चलकर योगा को दुनिया भर में पहुंचाना है।

उन्होंने बताया कि आदियोगी की यह मूर्ति केवल 8 महीने में बनकर तैयार हुई है और इसे प्रधानमंत्री मोदी के हाथों से इसलिए अनावरण किया है क्योंकि ये स्वयं योगी हैं और पिछले दो वर्षों में दुनिया भर में करोड़ों लोगों को योग करवा चुके हैं। 
अमित शाह ने अखिलेश यादव को बता दिया 'UP में अच्छे दिन की तारीख और समय', आप भी पढ़ें

अमित शाह ने अखिलेश यादव को बता दिया 'UP में अच्छे दिन की तारीख और समय', आप भी पढ़ें

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आजमगढ़: भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को उनके अच्छे दिनों के सवाल का जबरजस्त जवाब दिया और उन्हें अच्छे दिन की तारीख और समय भी बता दिया। 

अमित शाह ने कहा कि अखिलेश जी पूछते हैं - मोदीजी बताओ यूपी के अच्छे दिन कब आएँगे। अमति शाह ने लोगों से पूछा - यूपी का मुख्यमंत्री कौन हैं तो लोगों ने कहा अखिलेश। अमित शाह ने कहा कि यूपी में पांच साल से अखिलेश की सरकार है और वे स्वयं मुख्यमंत्री हैं तो अच्छे दिन लाने की जिम्मेदारी किसकी है। लोगों ने कहा - अखिलेश की। 

अमित शाह ने कहा कि - सरकार अखिलेश की है, अच्छे दिन उन्हें लाने चाहिए थे लेकिन वे ला नहीं पाए, अब वे हमें पूछ रहे है लेकिन हम उसका भी जवाब दे देते हैं। 

उन्होंने कहा - अखिलेश जी, कान खोलकर सुन लो मैं बता देता हूँ कब आएँगे उत्तर प्रदेश के अच्छे दिन। 11 मार्च को मतगणना होगी। सुबह 8 बजे मतगणना शुरू होगी, 9 बजे 10 राउंड समाप्त होंगे, 10 बजे 15 राउंड समाप्त होंगे और 12 बजे मतगणना समाप्त होगी, 1 बजे अखिलेश सरकार समाप्त हो जाएगी। 

अमित शाह ने कहा - अखिलेश जी, तारीख और समय लिख लो, 11 मार्च 2017 दोपहर 1 बजे बीजेपी की सरकार बन जाएगी और उत्तर प्रदेश के अच्छे दिन आ जाएंगे। 
भारतीय सैनिकों ने एक महिला घुसपैठिये को ठोंक दिया

भारतीय सैनिकों ने एक महिला घुसपैठिये को ठोंक दिया

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जम्मू, 24 फरवरी: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने पाकिस्तान से जम्मू एवं कश्मीर में घुसैपठ करने वाली एक महिला को मार गिराया। पुलिस अधिकारी के मुताबिक, बीएसएफ के जवानों ने जम्मू क्षेत्र के अखनूर सेक्टर में अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर चाक फगवारी चौकी के पास महिला को मार गिराया।

अधिकारी ने बताया, "घुसपैठिये को लगातार चेतावनी दी गई लेकिन उसने सभी चेतवानियों को नजरअंदाज करते हुए सीमा पार कर ली। इसके बाद जवानों ने घुसपैठ को नाकाम करने के लिए गोलियां चला दीं।"
शीला दीक्षित का बयान सुनाकर अमित शाह ने राहुल गाँधी का बना दिया मजाक, उड़वा दी हंसी: पढ़ें

शीला दीक्षित का बयान सुनाकर अमित शाह ने राहुल गाँधी का बना दिया मजाक, उड़वा दी हंसी: पढ़ें

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आजमगढ़: आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी का बजाक बना दिया और उनकी हंसी उड़वा दी, इसके लिए उन्होंने कांग्रेस की नेता और दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के बयान का सहारा लिया। अमित शाह ने कहा कि आपने सुना होगा, कांग्रेस ने शीला दीक्षित को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री उम्मीदवार घोषित किया था लेकिन अब उन्हें गायब करके सपा के साथ गठबंधन कर लिया।

अमित शाह ने बताया कि आज मैंने शीला दीक्षित का टाइम्स ऑफ़ इंडिया में बयान पढ़ा जिसमें उन्होंने कहा है कि राहुल गाँधी अभी Mature यानी समझदार नहीं हैं, उन्हें समझदार होने में थोड़ा समय दीजिये।

अमति शाह ने कहा - शीला जी, आपकी बात तो पूरा देश जानता है लेकिन वे Mature यानी समझदार नहीं हैं तो आप उन्हें उत्तर प्रदेश में क्यों थोप रही हैं। ये मैं नहीं कह रहा हूँ, ये शीला दीक्षित ने कहा है कि राहुल गाँधी अभी समझदार नहीं हैं। 

अमित शाह ने कहा - ये उत्तर प्रदेश की धरती कोई प्रयोग भूमि है क्या? क्या यहाँ पर सीखने के लिए किसी को भेजना है, अरे उत्तर प्रदेश तो समस्याओं का दरिया है, इन समस्याओं का समाधान करने के लिए कलेजा चाहिए, इन दोनों शहजादों के पास कलेजा नहीं है, ये उत्तर प्रदेश की समस्या का समाधान नहीं कर सकते, उत्तर प्रदेश की समस्या का समाधान नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार ही कर सकती है।

अमित शाह ने कहा कि ये दोनों शहजादे ऐसे हैं, एक से तो उसकी माँ परेशान है और दूसरे से उसका बाप परेशान है और दोनों से पूरा उत्तर प्रदेश परेशान है।
हम रमजान व दिवाली में भेद नहीं करते: अखिलेश यादव

हम रमजान व दिवाली में भेद नहीं करते: अखिलेश यादव

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फैजाबाद, 24 फरवरी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि समाजवादी लोग रमजान और दिवाली में भेद नहीं करते। हम विकास की बात करते हैं और भाजपा वाले श्मशान व कब्रिस्तान की बात कर रहे हैं। फैजाबाद में एक चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए अखिलेश ने कहा कि मोदी गंगा और सरयू नदी की कसम खाकर बताएं कि वाराणसी को 24 घंटे बिजली मिल रही है या नहीं?

अखिलेश ने जनसभा में उड़ी भीड़ से कहा, "हम उप्र में सरकार बनाना चाहते हैं, इसलिए हम आप लोगों से अपील करने आए हैं कि यहां के प्रत्याशी को जिताएं।"

उप्र की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती पर हमला करते हुए अखिलेश ने कहा, "बुआ से सावधान रहना, क्योंकि वह तीन बार भाजपा के साथ मिलकर रक्षाबंधन मना चुकी हैं।"

अखिलेश ने मायावती पर लोकसभा चुनाव में अपना वोट भाजपा को स्थानांतरित करा देने का भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने कहा, "बसपा में बिना पैसे के टिकट नहीं मिलता। उस पार्टी से आप क्या उम्मीद कर सकते हैं?"

कांग्रेस के साथ गठबंधन पर उन्होंने कहा, "अब साइकिल के हैंडल पर हाथ आ गया है तो उप्र में पूर्ण बहुमत की सरकार बनने जा रही है।"
नोटबंदी के बाद बड़ी ताकतें झूठ फैलाने में लगी हैं लेकिन लोग तीसरी आंख से सच देख रहे हैं: MODI

नोटबंदी के बाद बड़ी ताकतें झूठ फैलाने में लगी हैं लेकिन लोग तीसरी आंख से सच देख रहे हैं: MODI

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गोंडा: प्रधानमंत्री मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले में एक बड़ी चुनावी रैली को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद देश की बड़ी बड़ी ताकतें झूठ फैलाने और लोगों को भ्रमित करने में लगी हैं लेकिन हिंदुस्तान के लोग भगवान शिव की तरह तीसरी आँख से सच देख रहे हैं। 

मोदी ने कहा कि हमारे देश के सामान्य व्यक्ति चाहे वो पढ़े लिखें हो या ना हो, स्कूल का दरवाजा झांका हो या ना हो, अखबार पढ़ते हों या ना पढ़ते हों लेकिन भगवान शिव की तरह हिंदुस्तान के लोगों में एक तीसरा नेत्र होता है और उस तीसरे नेत्र से वो भली भाँती परख लेते हैं कि सच क्या है, झूठ क्या है, सही क्या है गलत क्या है, कौन सा रास्ता सही है कौन सा रास्ता है।

मोदी ने कहा कि हमारे देश में झूठ मूठ आरोप लगाने वालों की कमी नहीं है, अनाप शनाप बयानबाजी करने वालों की कमी नहीं है, हर दिन नया झूठ बोलने में माहिर लोगों की कमी नहीं है, झूठ फैलाने का भरपूर प्रयास होता है और अगर उस झूठ को सुनें, रोज चल रही बातों को देखें तो कोई भी इंसान डर जाएगा लेकिन उसके बावजूद भी हमारे देश का गरीब से गरीब इंसान भी सच को भली भाँती पकड़ लेता है। 

मोदी ने कहा कि जब से मैंने भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ कड़े कदम उठाना शुरू किया है और 8 नवम्बर को रात 8 बजे नोटबंदी की तब से बहुत बड़ी ताकत देश को भ्रमित करने के लिए, झूठ फैलाने के लिए जी जान से जुटी हुई है, उनको देश की चिंता कम है, देश की आर्थिक स्थिति की चिंता कम है, नोटबंदी होने से क्या नफ़ा-नुकसान हुआ इसकी भी चिंता कम है, उनको चिंता इस बात की है कि वो बड़े बड़े लोग होने के बावजूद भी बच नहीं पाए। 

मोदी ने बताया कि मायावती और मुलायम सिंह ने तो खुलेआम संसद में कह दिया था कि मोदीजी करना है तो करो लेकिन बीच में 7-8 दिन मौका तो दे दो, कुछ समय तो दे दो। मोदी ने कहा - जिन जिन को परेशानी हुई है, जिन जिन का लुट गया था वे इकठ्ठे हो गए हैं। 

मोदी ने कहा कि आपने पिछले 15 साल में सपा और बसपा दोनों अलग अलग बातें बोलते थे लेकिन नोटबंदी के बाद दोनों एक ही बात बोलने लगे। मोदी को बुरा भला कहने लगे। इन लोगों ने इतना झूठ फैलाया है उसे सुनकर कोई भी डर जाय लेकिन देश की जनता इनकी बातों में नहीं आयी और सच को पकड़ लिया।

मोदी ने बताया कि अभी अभी ओडिशा में चुनाव हुए, वहां बीजेपी को झंडा रखने की भी जगह नहीं मिलती थी लेकिन चुनाव में गरीब लोगों ने बीजेपी को भारी जनसमर्थन दिया और विशाल जीत हुई।

कल महाराष्ट्र के चुनाव के नतीजे आये, कांग्रेस कहीं नजर नहीं आ रही है, पूरी साफ़ हो गयी। चंडीगढ़ में भी कांग्रेस साफ़ हो गयी, गुजरात में पंचायत चुनाव हुए, कर्णाटक के स्थानीय चुनाव हुए, पिछले तीन महीने में जहाँ भी चुनाव हुए, जनता ने तीसरे नेत्र की ताकत से बीजेपी को समर्थन दिया और बीजेपी को विजयी बनाया।
मोदी ने कहा कि अगर ओडिशा के लोग बीजेपी का समर्थन करते हैं, चंडीगढ़ के पढ़े लिखे लोग बीजेपी को समर्थन देते हैं, महाराष्ट्र में बीजेपी के लोग समर्थन देते हैं तो हमारी जिम्मेदारी बढ़ जाती है इसलिए अब हमारे अन्दर काम करने की ताकत बढ़ गयी है इसलिए मैंने भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ मैंने जो लड़ाई छेडी है उससे पीछे हटने वाला नहीं हूँ। देश में 70 वर्षों में जितना भी धन लूटा गया है उसे मैं वापस लाकर गरीबों को दूंगा। 
BMC में शिवसेना ने अपनी हार पर मनाई ख़ुशी, फोड़े पटाखे

BMC में शिवसेना ने अपनी हार पर मनाई ख़ुशी, फोड़े पटाखे

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मुंबई: मुंबई में शिवसेना को भले ही सबसे अधिक सीटें मिली हों लेकिन एक तरह से शिवसेना की हार हुई है क्योंकि इससे पहले 2012 के BMC चुनावों में शिवसेना को 89 सीटें मिली थीं लेकिन 2017 के चुनाव में सिर्फ 84 सीटें मिलीं, मतलब पांच सीटें छिन गयीं और इसे हार ही कहा जाएगा। उदाहरण के लिए अगर आप 100 रुपये किसी चीज में लगाओ और आपको 90 रुपये ही मिलें तो आप उसकी ख़ुशी कभी नहीं मनाओगे, आप ख़ुशी तब मनाओगे जब 100 के 110 मिलें लेकिन यहाँ तो शिवसेना को 89 के बदले 84 सीटें ही मिलीं उसके बाद भी शिवसेना ने ख़ुशी मनाई, मिठाई बांटीं और पटाखे भी फोड़े। 

शिवसेना ने क्यों मनाई अपनी हार की ख़ुशी

शिवसेना ने यह ख़ुशी अनजाने में मनाई क्योंकि शुरुआत में शिवसेना के पक्ष में बहुत तेजी से नतीजे आने शुरू हो गए थे, एक समय जब बीजेपी की केवल 30 सीटें थीं तो शिवसेना 65 पर पहुँच गयी थी, कई शिवसैनिक इसके बाद जोश में आ गए और उन्होंने सोचा कि अब बहुमत आना निश्चित है, कुछ ने तो यह भी कहा कि अब हमें बीजेपी की जरूरत ही नहीं पड़ेगा, छोटे मोटे की बात छोडो, शिवसेना सांसद संजय राउत ने खुद कहा कि उन्हें बीजेपी की जरूरत नहीं पड़ेगी समर्थन देने के लिए और भी पार्टियाँ हैं। 

इसके बाद शिवसैनिकों ने ढोल पीटना शुरू कर दिया, बीजेपी को बुरा भला और घमंडी बोलना शुरू कर दिया, कुछ शिवसैनिक तो बीजेपी को चिढ़ाने के लिए दादर में एक बीजेपी नेता के घर पहुँच गए और उसके घर के बाद ढोल पीटना शुरू कर दिया, वे लोग बीजेपी वालों को चिढ़ाने लगे लेकिन उन्हें पुलिस ने भगा दिया, कई जगह बीजेपी और शिवसैनिकों ने झड़प भी हुई। 

जब शिवसेना 92 पर पहुंची तो बीजेपी की सीटें केवल 65 थे, शिवसेना को लग रहा था कि वह बहुमत के नजदीक पहुँच जाएगी, उन्होने आतिशबाजी शुरू कर दी, मिठाइयाँ बांटनी शुरू कर दी, बधाई सन्देश शुरू हो गए, इसके बाद अचानक अंतिम समय में बीजेपी ने तेज गति से दौड़ लगानी शुरू, बीजेपी की सीटें बढ़ती गयी और शिवसेना की कम होने लगी, देखते ही देखते बीजेपी 82 पर पहुँच गयी और शिवसेना घटकर 84 पर आ गयी। 

शुरुआत में शिवसेना वाले बीजेपी को चिढा रहे थे लेकिन बीजेपी ने ऐसी दौड़ लगाईं कि शिवसेना के करीब पहुँच गयी। फाइनल रिजल्ट में शिवसेना की हार हुई थी क्योंकि 2012 की तुलना में शिवसेना को 5 सीटें कम मिलीं थी वहीँ बीजेपी को 2012 की तुलना में 50 सीटें अधिक मिलीं। 2012 में बीजेपी केवल 32 सीटें जीत पायी थी। 

मतलब शिवसेना ने बहुमत मिलने का सपना देखकर ढोल पीटा, ख़ुशी मनाई, मिठाइयाँ भी बांटी, बीजेपी को चिढाया भी लेकिन अंत में पांच सीटें हार गयी।

इससे राजनीतिक पार्टियों को ये सीख मिलती है कि जब तक फाइनल रिजल्ट ना आ जाए, ना ख़ुशी मनानी चाहिए, ना ढोल पीटने चाहिए और ना ही मिठाई बांटनी चाहिए। ऐसा ही काम बीजेपी ने बिहार में विधानसभा के नतीजे के वक्त किया था, जैसे ही बीजेपी ने अपनी जीत होते देखी पटाखे फोड़ने शुरू कर दिए लेकिन उसके बाद बीजेपी की बुरी तरह से हार हुई थी। 
नोटबंदी का विरोध करने के बाद भी मुंबई में क्यों आगे रही शिवसेना, पढ़कर हैरान रह जाएंगे आप

नोटबंदी का विरोध करने के बाद भी मुंबई में क्यों आगे रही शिवसेना, पढ़कर हैरान रह जाएंगे आप

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मुंबई: आपने देखा होगा कि कांग्रेस हमेशा से ही नोटबंदी का विरोध कर रही है, सभी चुनावों में नोटबंदी को मुद्दा बना रही है, इसका परिणाम यह हो रहा है कि कांग्रेस सभी चुनाव हार रही है, कांग्रेस नोटबंदी का जितना अधिक विरोध करती है उतनी ही बुरी तरह हारती है, अब आप खुद देखिये कल महाराष्ट्र निकाल चुनाव के नतीजे आये तो कांग्रेस हर जगह से साफ हो गयी। 10 निकायों में कांग्रेस का सूपड़ा साफ़ हो गया। 

कांग्रेस की तरह ही शिवसेना ने भी नोटबंदी का विरोध किया था, चुनाव प्रचार में शिवसेना और उसके अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने नोटबंदी को मुख्य मुद्दा बनाया था और मोदी के खिलाफ जमकर जहर उगला था उसके बावजूद भी शिवसेना मुंबई में सबसे अधिक सीटें जीत गयी। आइये बताते हैं कि शिवसेना की जीत के पीछे क्या कारण था। 

सबसे पहले तो जान लीजिये कि शिवसेना एक क्षेत्रीय पार्टी है और राज्यवाद की राजनीति करती है, यानी मराठी मानुष की राजनीति करती है। शिवसेना की जीत का सबसे बड़ा कारण यह था कि उन्हें कट्टर मराठियों का वोट मिला। उदाहरण के लिए थाणे में शिवसेना की जीत इसलिए हुई क्योंकि वहां पर मराठा वोटर सबसे अधिक थे। शिवसेना कुल 131 सीटों वाले ठाणे नगर निगम पर पहले भी शिवसेना का ही कब्ज़ा था और इस बार भी शिवसेना की ही जीत हुई। यहाँ पर बीजेपी को सिर्फ 23 सीटें मिलीं जबकि एनसीपी को 34 सीटें मिलीं। बीजेपी को सबसे कम सीटें मिलता इस बात का सबूत है कि यहाँ पर मराठा पॉलिटिक्स हावी रही और इन लोगों ने नोटबंदी को नहीं देखा। पर महाराष्ट्रियन हिंदुओं की जनसँख्या करीब 80 फ़ीसदी है जबकि 17 फ़ीसदी मुस्लिम हैं। मुस्लिम 17 फ़ीसदी हैं इसलिए तीन सीटें असद्दुदीन की पार्टी AIMIM ने भी जीत लीं। 

अब आइये, मुंबई की बात करते हैं, यहाँ पर सभी धर्मों, सभी जातियों और सभी राज्यों के लोग रहते हैं लेकिन यहं पर महाराष्ट्रियन हिंदुओं यानी मराठा मानुषों की जनसँख्या 42 फ़ीसदी है जबकि गुजराती हिंदुओं की जनसँख्या 19 फ़ीसदी है इसके अलावा 20 फ़ीसदी मुस्लिम हैं।

यहाँ पर मराठा लोगों की जनसँख्या भले ही 42 फ़ीसदी है लेकिन ये लोग बड़े शहर में रहने के कारण कट्टर मराठी या क्षेत्रवादी नहीं हैं, वैसे भी बड़े शहरों में रहने वाले लोग क्षेत्रवाद नहीं देखते हैं। इसलिए यहाँ पर मराठा लोगों ने बीजेपी को भी वोट दिया और शिवसेना को भी वोट दिया। 

शिवसेना के लिए मुम्बई में जीत के सबसे बड़े फैक्टर बनें हार्दिक पटेल जिन्हें शिवसेना ने चुनाव से ठीक पहले गुजरात में शिवसेना का मुख्यमंत्री उम्मीदवार बना दिया जबकि उनकी ना उम्र है और ना ही कोई अनुभव। शिवसेना ने ऐसा करके बहुत बड़ा राजनीतिक गेम खेल दिया। 

हार्दिक पटेल के पीछे शिवसेना का गेम प्लान

हार्दिक पटेल को सोची समझी रणनीति के तहत शिवसेना में लाया गया है, गुजरात में पटेलों की जनसँख्या 15 फ़ीसदी है यानी करीब 1 करोड़। मुम्बई में 19 फ़ीसदी गुजराती आकर बस गए हैं यानी करीब 20 लाख गुजराती रहते हैं जिनमें से करीब 30 फ़ीसदी यानी 6 लाख पटेल हैं। इन्हीं 6 लाख पटेलों का वोट पाने के लिए हार्दिक पटेल को शिवसेना में लाया गया था और इसका लाभ भी मिला। गुजरात के पटेल पिछले कुछ समय से एंटी बीजेपी हो गए हैं और केवल बीजेपी को हारने वालों को वोट दे रहे हैं, मुंबई में भी पटेलों का वोट शिवसेना की जीत के लिए तुरुफ का इक्का साबित हुआ। अगर शिवसेना ने ऐसा ना किया होता तो शायद शिवसेना को मुम्बई में विपक्ष में बैठना पड़ता। 

अगर ऐसा नहीं है तो आप खुद सोचिये, पाटीदार की राजनीति करने वाले हार्दिक पटेल को अचानक शिवसेना में क्यों लाया गया, उन्हें गुजरात में मुख्यमंत्री उम्मीदवार क्यों बनाया गया, जो शिवसेना महाराष्ट्र में कई जगह खाते भी नहीं खोल पाई वो गुजरात में चुनाव कैसे जीत सकती है और हार्दिक पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री कैसे बना सकती है। यह सब केवल मुंबई में पटेलों का वोट लेने के लिए किया गया था और इस फैक्टर ने काम भी किया। 

Thursday, February 23, 2017

AAP के सांसद भगवंत मान बोले, हरियाणा को नहीं देंगे पंजाब का पानी

AAP के सांसद भगवंत मान बोले, हरियाणा को नहीं देंगे पंजाब का पानी

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चंडीगढ़, 23 फरवरी: आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को यहां साफ कहा कि पंजाब से हरियाणा में पानी के प्रवाह की इजाजत नहीं दी जाएगी। पार्टी सांसद भगवंत मान ने आप के पंजाब की सत्ता में आने की उम्मीद जताते हुए एक बयान में कहा कि पंजाब से हरियाणा में पानी का प्रवाह नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि पंजाब के पास फ़ालतू पानी नहीं है।

मान ने कहा, "AAP अपने रुख पर कायम है और नदी जल के मुद्दे को हल करने के लिए सभी जरूरी कानूनी और राजनीतिक कदम उठाएगी।"

पंजाब और हरियाणा के लोगों को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के खतरनाक इरादे के प्रति सावधान करते हुए मान ने कहा कि दोनों दल सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) का मुद्दा राजनीतिक उद्देश्यों से उठा रहे हैं। मान ने कहा कि इनेलो का सतलुज यमुना लिंक की खुदाई का आह्वान राजनीति से प्रेरित था।

मान ने इनेलो से पूछा कि वह शिअद के सत्ता में रहने के दौरान क्यों एसवाईएल नहर की खुदाई को लेकर दस सालों से चुप रही।

उन्होंने कहा, "शिअद सत्ता से बाहर जा रहा है और इनेलो ने अचानक एसवाईएल नहर की खुदाई का फैसला लिया है। यह कदम पंजाब में अगली सरकार के सामने मुश्किल खड़ा करने के लिए है।"

इनेलो ने गुरुवार को पंजाब सीमा पर एसवाईएल नहर खोदने के लिए एक जुलूस की अगुवाई की।
आर्थिक सर्वेक्षण में नीतीश के वित्त मंत्री का दावा, बिहार 10 फ़ीसदी की दर से कर रहा विकास

आर्थिक सर्वेक्षण में नीतीश के वित्त मंत्री का दावा, बिहार 10 फ़ीसदी की दर से कर रहा विकास

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पटना: बिहार विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन गुरुवार को राज्य के वित्तमंत्री अब्दुल बारी सिद्दीकी ने 2016-17 का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया। दावा किया गया कि बिहार तेजी से विकास करने वाले राज्यों में से एक है। विकास की दर 10 प्रतिशत से अधिक है और राज्य की सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की दर 7.6 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय अर्थव्यस्था की यह दर 6.8 प्रतिशत रही है। बिहार विधानसभा में आर्थिक सर्वेक्षण पेश करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में वित्तमंत्री ने दावा किया कि बिहार की अर्थव्यवस्था में निरंतर सुधार हो रहा है। उन्होंने कहा कि चालू वित्तवर्ष में विनिर्माण, विद्युत, गैस एवं जलापूर्ति, व्यापार, होटल, संचार के साथ ही मत्स्य क्षेत्र के जबरदस्त प्रदर्शन की बदौतल विकास की दर 10 प्रतिशत से अधिक रही है।

सिद्दीकी ने बताया कि राज्य में विनिर्माण क्षेत्र की वृद्धि दर जहां 17.7 प्रतिशत रही, वहीं विद्युत, गैस एवं जलापूर्ति की 15.2 प्रतिशत, व्यापार, मरम्मत, होटल एवं रेस्तरां की 14.6 प्रतिशत तथा परिवहन, भंडारण एवं संचार की 12.6 प्रतिशत रही। 

वित्तमंत्री ने बताया, "राज्य का राजस्व अधिशेष 2011-12 के 4,820 करोड़ रुपये से बढ़कर 2015-16 में 12,507 करोड़ रुपये हो गया है। यह अभी तक के सर्वोच्च स्तर है। इसके कारण राज्य सरकार के लिए पूंजीगत व्यय 5,800 करोड़ रुपये से ज्यादा होने का अनुमान लगाया गया है।"

उन्होंने दावा किया कि बिहार में राजस्व में वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि इस वित्तवर्ष में राजस्व प्राप्ति में 17,706 करोड़ रुपये की वृद्धि हुई है, जिसमें 16,659 करोड़ (करीब 94 प्रतिशत) अकेले कर राजस्व के बढ़ने के कारण हुई है। 

वित्तमंत्री ने कहा कि दुग्ध सहकारी समितियों की संख्या में भी वृद्धि दर्ज की गई है। वर्ष 2014-15 में राज्यभर में दुग्ध सहकारी समितियों की कुल संख्या जहां 18.4 हजार थी, वहीं वर्ष 2015-16 में इसकी संख्या बढ़कर 19.5 हजार हो गई। 

इस दौरान राज्य में पुलों और सड़कों के क्षेत्र में भी निवेश बढ़ने का दावा सर्वेक्षण रिपेार्ट में किया गया है। सड़क क्षेत्र में वर्ष 2007-08 में जहां 2,696 करोड़ रुपये का निवेश था वह वर्ष 2016-17 में बढ़कर 7,696 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह राज्य की सड़कों में भी वृद्धि दर्ज की गई है। 

सिद्दीकी 27 फरवरी को बिहार विधानसभा में वित्तवर्ष 2017-18 का राज्य का बजट पेश करेंगे। 

उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष केंद्र सरकार की तर्ज पर बिहार में भी आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया जाता है। 
उद्धव ठाकरे ने कहा था, BJP की औकात नहीं है 40 सीटें जीतने की, बीजेपी ने जीत ली 82, यानी डबल

उद्धव ठाकरे ने कहा था, BJP की औकात नहीं है 40 सीटें जीतने की, बीजेपी ने जीत ली 82, यानी डबल

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मुंबई: आज BMC चुनाव के नतीजे आ गए और सबसे बड़ी खुशखबरी बीजेपी के लिए आयी क्योंकि मुंबई शिवसेना का गढ़ बाना जाता है और BMC में इससे पहले शिवसेना की ही सरकार थी, उसके पास इससे पहले 89 सीटें थीं जो अब घटकर केवल 84 रह गयी हैं, इससे पहले दोनों पार्टियाँ गठबंधन बनाकर चुनाव लडती थीं लेकिन इस बार बीजेपी शिवसेना के बराबर सीटें मांग रही थी तो शिवसेना ने बीजेपी से कहा कि तुम्हारी औकात 40 सीटें भी जीतने की नहीं है और तुम आधी सीटें मांग रहे हो। 

इसके बाद बीजेपी ने अपनी ताकत दिखाने के लिए अकेले दम पर चुनाव लड़ने का फैसला किया क्योंकि शिवसेन उसे केवल 60 सीटें देना चाह रही थी। बीजेपी ने शिवसेना का ऑफर ठुकरा दिया और अकेले चुनाव लड़ा। 

बीजेपी के लिए यह लड़ाई बहुत बड़ी थी क्योंकि इससे पहले उनके पास केवल 32 सीटें थी, BMC में कुल 227 सीटें हैं इसलिए बीजेपी को बाकी 196 सीटों पर उम्मीदवार ढूँढने पड़े, जमीन बिछानी पड़ी, प्रचार करना पड़ा। आज BMC चुनाव के नतीजे आ गए और बीजेपी ने 82 सीटों पर जीत दर्ज कर ली, शिवसेना जिस पार्टी की औकात 40 सीटों की औकात बता रही थी उस पार्टी ने 82 सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखा दी। 
शिवसेना को एक और झटका, अंतिम सीट पर BJP ने लॉटरी में शिवसेना को पटका, बीजेपी पहुंची 82 पर

शिवसेना को एक और झटका, अंतिम सीट पर BJP ने लॉटरी में शिवसेना को पटका, बीजेपी पहुंची 82 पर

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मुंबई: मुंबई शहर के BMC चुनाव के फाइनल नतीजे आ गए हैं, अब तक एक सीट पर मामला अटक गया था क्योंकि शिवसेना और बीजेपी उम्मीदवार दोनों के बराबर वोट थे, वार्ड नंबर 220 की जब पहली बार काउंटिंग हुई तो बीजेपी उम्मीदवार अतुल शाह और शिवसेना उम्मीदवार सुरेन्द्र बगाल्कर के बराबर वोट थे इसके बाद शाम को फिर से काउंटिंग हुई, दोबारा काउंटिंग में भी दोनों के बराबर वोट निकले। 

इसके बाद नगर निगम कमिश्नर की उपस्थिति में लॉटरी निकाली गयी जिसमें बीजेपी उम्मीदवार अतुल शाह ने बाजी मार ली और इस तरह बीजेपी की कुल सीटें 82 पर पहुँच गयी। शिवसेना ने 84 वार्ड पर जीत दर्ज की है और बीजेपी से 2 सीट आगे है। बीजेपी ने दावा किया है कि उसे 4 निर्दलीय पार्षद भी समर्थन दे रहे हैं, अगर ऐसा होता है तो बीजेपी के पास 84 पार्षद हो जाएंगे और बीजेपी BMC में सरकार बनाने का दावा पेश करेगी।
अमर सिंह ने किया खुलासा, सास-ससुर पर जुल्म करती थीं जया बच्चन, इसलिए अमिताभ रहते हैं इनसे अलग

अमर सिंह ने किया खुलासा, सास-ससुर पर जुल्म करती थीं जया बच्चन, इसलिए अमिताभ रहते हैं इनसे अलग

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नई दिल्ली: पूर्व सपा नेता और राज्य सभा सांसद अमर सिंह ने आज समाजवादी पार्टी की राज्य सभा सांसद और अमिताभ बच्चन की पत्नी जया बच्चन के बारे में बड़ा खुलासा किया है, अमर सिंह ने हिंदी अखबार दैनिक भास्कर को दिए गए इंटरव्यू में कई खुलासे किये। 

अमर सिंह ने सबसे पहला खुलासा जया बच्चन के बारे में किया, जया बच्चन समाजवादी पार्टी से राज्य सभा सांसद भी हैं और वे मोदी सरकार की नोटबंदी का विरोध भी करती हैं, यही नहीं वे कांग्रेस और अन्य विरोधी पार्टियों द्वारा आयोजित विरोध प्रदर्शन में भी शामिल हुई थीं और नोटबंदी के विरोध में काली पट्टी भी बांधी थी। 
आज अमर सिंह ने जया बच्चन के चरित्र को उजागर करते हुए कहा कि जया बच्चन ने अपने सास ससुर यानी अमिताभ बच्चन के माता पिता हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के साथ 15 वर्षों तक बुरा बर्ताव करती रहीं, उनका अपमान करती रहीं। अमिताभ बच्चन ने 15 वर्षों तक अपने माता पिता का अपमान होते हुए देखा और उसके बाद जया बच्चन से अलग हो गए। दोनों अलग अलग घर में रहें लगे और आज भी अलग अलग घर में ही रहते हैं। अमिताभ मुंबई के प्रतीक्षा बंगले में रहते हैं लेकिन जया बच्चन दूसरे बंगले जलसा में रहती हैं। 

जानकारी के लिए बता दें कि अमर सिंह अमिताभ बच्चन के करीब 30 वर्षों तक सबसे करीबी दोस्त रहे हैं, हर छोटी छोटी बातों से वाकिफ हैं और वही जया बच्चन को सपा में लेकर आये थे।

अमर सिंह ने बताया कि कुछ लोग मेरे ऊपर आरोप लगाते हैं कि मैंने उन दोनों को अलग किया लेकिन जब मैं उन लोगों के करीब गया तो अमिताभ प्रतीक्षा में रहते थे और जया जलसा में रहती थीं। यह इसलिए क्योंकि जमा बच्चन का व्यवहार हरिवंश राय बच्चन और तेजी बच्चन के लिए बहुत बुरा था, एक तरफ जया अपने सास ससुर का अपमान करती थीं तो अमिताभ बच्चन अपन माता पिता के लिए श्रवण कुमार थे इसलिए वे जया बच्चन के व्यवहार को सहन नहीं कर पाए और उनसे अलग रहने लगे। जब हरिवंश राय और तेजी बच्चन बीमार हो गए तब भी जया बच्चन का व्यवहार नहीं बदला। 
मोदी इतने बड़े पद पर होकर हमें हराने के लिए दौड़ रहे हैं समझो BJP बाजी हार चुकी है: अखिलेश यादव

मोदी इतने बड़े पद पर होकर हमें हराने के लिए दौड़ रहे हैं समझो BJP बाजी हार चुकी है: अखिलेश यादव

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बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर की जनसभा में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि 'प्रधानमंत्री इतने बड़े पद पर बैठे हैं और मुकाबला किससे कर रहे हैं? वह मुकाबला हमसे कर रहे हैं। इसी से समझ लेना चाहिए कि भाजपा यह बाजी हार गई है।'

उन्होंने कहा कि गुमराह करने के मामले में भाजपा से बड़ा दूसरा कोई दल नहीं हो सकता। भाजपा यह बाजी हार चुकी है, इसलिए वह विकास की बात करने के बजाय अन्य मुद्दों की बात कर जनता को गुमराह करने का काम कर रही है।

अखिलेश ने कहा, "हम तो कहते हैं कि हम विकास के मुद्दे पर बहस को तैयार हैं। भाजपा बताए कि उसने तीन वर्षो में क्या किया? और हम भी बताएंगे कि हमने पांच वर्षो में क्या किया? प्रधानमंत्री कहते हैं कि थानों में सपा के दफ्तर चल रहे हैं, लेकिन उनको मालूम ही नहीं है कि उप्र में 100 नं. चालू हो गया है।"

अखिलश ने कहा, "प्रधानमंत्री ने पुलिस कर्मियों को इशारा किया है कि समाजवादियों की मदद कीजिए, क्योंकि उनको मालूम है कि भाजपा यह बाजी हार गई है। शायद भाजपा को यह नहीं पता कि प्रदेश में जितनी पुलिस भर्तियां समाजवादी सरकार ने की हैं, उतनी आज तक किसी ने नहीं की हैं।"

उन्होंने बलरामपुर की जनता से अपील करते हुए कहा, "समाजवादियों के हाथ मजबूत कीजिए और हमारा साथ दीजिए। हम आपके हाथ मजबूत करेंगे।"
मुंबई में कांग्रेस-एनसीपी सूपड़ा साफ़, BJP को 50 सीटों का फायदा, शिवसेना को 5 का नुकसान

मुंबई में कांग्रेस-एनसीपी सूपड़ा साफ़, BJP को 50 सीटों का फायदा, शिवसेना को 5 का नुकसान

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मुंबई: आज मुंबई महानगर पालिका (BMC) के चुनावी नतीजे आ गया हैं और सबसे बुरी खबर कांग्रेस और एनसीपी के लिए है, इस चुनाव में कांग्रेस की बुरी हार हुई है लेकिन एनसीपी का तो सूपड़ा ही साफ़ हो गया है, दोनों पार्टियों ने नोटबंदी को मुख्य मुद्दा बनाया हुआ था लेकिन जनता ने इन्हें ऐसा सबक सिखाया कि चुन चुन कर साफ़ कर दिया, दूसरी तरफ बीजेपी और शिवसेना ने भी अकेले चुनाव लड़ा और दोनों ने बड़ी जीत दर्ज की, 227 वार्ड में बीजेपी ने 81 वार्ड में जीत दर्ज की है जबकि शिवसेना ने 84 वार्ड में जीत दर्ज की है, दोनों ने मिलकर 227 में से 165 वार्ड पर जीत दर्ज की है।

अब तक प्राप्त नतीजों में -
BJP ने जीती - 81 सीटें
शिवसेना ने जीती - 84 सीटें
कांग्रेस ने जीतीं - 31 सीटें
एनसीपी ने जीतीं - 9 सीटें
MNS ने जीतीं - 7 सीटें
अन्य ने जीतीं - 14 सीटें
टोटल सीटें = 227 

सबसे बुरी खबर शरद पवार की पार्टी एनसीपी के लिए है क्योंकि 2012 के चुनाव में उनके पास 14 सीटें थीं लेकिन इस बार केवल 9 पर जीत दर्ज कर पाए, वहीँ कांग्रेस के पास 51 सीटें थीं लेकन इस बार केवल 31 सीटें जीत पाए, कांग्रेस को 20 सीटों का नुकसान हुआ है जबकि एनसीपी को 4 सीटों का नुकसान हुआ है।

इस चुनाव में सबसे अधिक फायदा बीजेपी को हुआ है लेकिन 2012 में उनके पास केवल 32 सीटें थीं लेकिन इस बार उन्हें 81 सीटों पर जीत मिली है मतलब उन्हें सीधा सीधा 49 सीटों पर फायदा हुआ है। वहीँ शिवसेना को पांच सीट का नुकसान हुआ है क्योंकि 2012 में उनके पास कुल 89 सीट थी लेकिन इस बार केवल 84 सीटों पर जीत मिली है।

बीजेपी मुम्बई अध्यक्ष आशीष सेलर का कहना है कि हमने 81 सीटें जीत ली हैं और हमें 4 निर्दलीय पार्षदों ने भी समर्थन दिया है, इस तरह से बीजेपी+ की टोटल सीटें 85 हो गयी हैं जो कि शिवसेना से भी अधिक है। 
BMC Result Live: अंतिम समय में BJP ने लगाईं तेज दौड़, पहुँच गयी शिवसेना के विल्कुल करीब

BMC Result Live: अंतिम समय में BJP ने लगाईं तेज दौड़, पहुँच गयी शिवसेना के विल्कुल करीब

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मुंबई: आज मुंबई महानगर पालिका (BMC) के चुनावी नतीजे आ रहे हैं, सुबह शिवसेना सभी पार्टियों से आगे चल रही थी और ऐसा लग रहा था कि बहुमत का आंकड़ा अकेले पार कर लेगी लेकिन अंतिम समय में बीजेपी ने भाग मिल्खा भाग की तरह ऐसी दौड़ लगाई कि शिवसेना के पास पहुँच गयी है।

अब तक प्राप्त नतीजों में -
BJP ने जीती - 81 सीटें
शिवसेना ने जीती - 84 सीटें
कांग्रेस ने जीतीं - 31 सीटें
एनसीपी ने जीतीं - 9 सीटें
MNS ने जीतीं - 7 सीटें
अन्य ने जीतीं - 14 सीटें
टोटल सीटें = 227 

सुबह 12 बजे तक शिवसेना बीजेपी से लगभग दोगुनी सीटों पर आगे चल रही थी और ऐसा लग रहा था कि बीजेपी केवल 60 सीटों पर अटक जाएगी और शिवसेना अकेले बहुमत प्राप्त कर लेगी लेकिन जैसे जैसी वोटों की गिनती बढ़ी और अंत समय आया तो बीजेपी ने तेज दौड़ लगा दी और शिवसेना के करीब पहुँच गयी। अब बीजेपी शिवसेना से केवल तीन सीटें पीछे है।

बीजेपी मुम्बई अध्यक्ष आशीष सेलर का कहना है कि हमने 81 सीटें जीत ली हैं और हमें 4 निर्दलीय पार्षदों ने भी समर्थन दिया है, इस तरह से बीजेपी+ की टोटल सीटें 85 हो गयी हैं जो कि शिवसेना से भी अधिक है। 
PM MODI बोले, महाराष्ट्र में आज कांग्रेस डूब गयी, अब यूपी में अखिलेश को भी ले डूबेगी सनम

PM MODI बोले, महाराष्ट्र में आज कांग्रेस डूब गयी, अब यूपी में अखिलेश को भी ले डूबेगी सनम

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बहराइच: प्रधानमंत्री मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित किया, मोदी ने महाराष्ट्र निकाय चुनावों की चर्चा करते हुए कहा कि आज महाराष्ट्र में कांग्रेस डूब गयी है और अब यूपी में अखिलेश को भी लेकर डूब जाएगी। 

मोदी ने कहा कि चुनावों में सत्ताधारी पार्टियाँ और मुख्यमंत्री अपने पांच साल के काम का हिसाब देते हैं लेकिन अखिलेश जी अपने किसी काम का हिसाब नहीं दे रहे हैं लेकिन टीवी पर बेशर्म बनाकर कह रहे हैं कि 'काम बोलता है'. इनका काम नहीं बोलता बल्कि कारनामे बोलते हैं, जब आप उत्तर प्रदेश की सड़कों पर गाडी चलाते हैं तो काम नहीं बोलता बल्कि ट्रक के पहिये बोलते हैं। 

मोदी ने कहा कि अखिलेश को उत्तर प्रदश के भविष्य की चिंता नहीं है, अभी कुछ दिन पहले उन्होंने कहा कि हमने दिल बड़ा करके समझौता किया है क्योंकि हमारे परिवार में सभी बड़े लोग हमें हराना चाहते थे। अखिलेश बोलते हैं कि हमने दिल बड़ा करके गठबंधन किया है, अखिलेश जी, आपने दिल बड़ा करके नहीं बल्कि दिल कड़ा करके गठबंधन किया है, मजबूरी में किया है और ये आपको बचा पाएंगे क्या?

मोदी ने कहा कि आज महाराष्ट्र में चुनाव के नतीजे आ रहे हैं और हर जगह कांग्रेस डूब गयी है, अभी दो दिन पहले ओडिशा में चुनाव रिजल्ट आये वहां से भी कांग्रेस साफ़ हो गयी, आज महाराष्ट्र के चुनावी नतीजे आ रहे हैं वहां भी कांग्रेस कहीं नजर नहीं आती है। अखिलेश जी, वो तो डूबे, तुम्हें भी ले डूबे सनम, अब आप बच नहीं सकते, उत्तर प्रदेश की जनता ऐसे अवसरवादी गठबंधन को कभी भी स्वीकार नहीं कर सकती।

मोदी ने कहा कि जो लोग गाँव गाँव यात्राएं निकालकर दो महीने पहले कहते थे '27 साल यूपी बेहाल' अचानक आपने उन्हें गले लगा लिया, आज  '27 साल यूपी बेहाल' कहें वाले और सत्ता ले दौरान यूपी को बेहाल करने वाले एक हो गए। अब कहने वाले और करने वाले मिल गए हैं इसलिए अब उत्तर प्रदेश का क्या हाल होगा इसका आप अंदाजा लगा सकते हैं। 
मोदी बोले: हाँ मैं गधों से प्रेरणा लेता हूँ और 125 करोड़ मालिकों के लिए गधे जैसा काम करता हूँ

मोदी बोले: हाँ मैं गधों से प्रेरणा लेता हूँ और 125 करोड़ मालिकों के लिए गधे जैसा काम करता हूँ

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बहराइच: प्रधानमंत्री मोदी ने आज उत्तर प्रदेश के बहराइच में चुनावी रैली को संबोधित किया, आज मोदी ने अखिलेश यादव के गधे वाले बयान का जवाब दिया, उन्होंने कहा कि राजनीति में सभी नेताओं की आलोचना होती है, अखिलेश जी, आप मोदी पर हमला करो समझ सकता हूँ, बीजेपी पर हमला करो समझ सकता हूँ लेकिन आप तो बेचारे गधे के ऊपर हमला करने लगे, आपको गधों से भी डर लगता है क्या? अरे वो तो आपसे इतना दूर है, आप उससे डरते काहे हो। 

मोदी ने कहा कि मैं हैरान हूँ, आपकी जातिवादी मानसिकता है, ऊंच नीच का भेदभाव करने वाली मानसिकता है लेकिन अब आप पशुओं में भी ऊंच नीच का भाव देखने लग गए, गधा आपको इतना बुरा लगने लग गया, बहुत स्वाभाविक है क्योंकि आपकी सरकार तो तो इतनी तेज है कि अगर किसी की भैंस खो जाय तो पूरी सरकार लग जाती है, यही तो आपकी सरकार की पहचान है। 

मोदी ने कहा - अखिलेश जी, आपको पता नहीं है गधा भी हमें प्रेरणा देता है, अगर दिल दिमाग साफ़ हो तो प्रेरणा ले भी सकते हैं, गधा अपने मालिक के लिए वफादार होता है, गधा अपने मालिक के लिए उतना काम करता है जितना मालिक चाहता है, इसके अलावा गधा सबसे कम खर्चे वाला होता है। 

मोदी ने कहा कि गधा कितना भी बीमार हो, कितना भी खाली पेट हो, कितना ही थका हुआ हो लेकिन अगर मालिक उससे काम लेता है तो सहन करता हुआ भी अपने मालिक का दिया काम पूरा करके रहता है, अखिलेश जी, ये सवा सौ करोड देशवासी मेरे मालिक हैं, वो मुझसे जितना काम लें करता हूँ, बिना छुट्टी लिए करता हूँ, थक जाऊं तो भी करता हूँ, कभी भूखा रहा तो भी करता हूँ क्योंकि गधे से प्रेरणा लेता हूँ और बड़े गर्व से लेता हूँ क्योंकि मैं अपने सवा सौ करोड़ देशवासियों के लिए गधे से भी अधिक मजदूरी करता हूँ और गर्व करता हूँ कि मैं अपने मालिकों के काम आता हूँ। 

मोदी बोले - गधे की पीठ पर चाहे चूना होता, चाहे चीनी हो कभी वह भेद नहीं करता है, चीनी हो तो ज्यादा चलना, चूना हो तो कम चलना, ये गधे का स्वाभाव नहीं होता है, वो तो उन लोगों का होता है जो भ्रष्टाचार में डूबे होते हैं, किस रंग का नोट टेबल पर आता है उसके हिसाब से काम करते हैं लेकिन गधा ऐसा काम नहीं करता है। 

मोदी ने कहा - अखिलेश जी, जिस गुजरात के गधों से आपको इतनी नफरत है लेकिन ये वही गुजरात है जिसने दयानंद सरस्वती को जन्म दिया, ये वही गुजरात है जिसनें महात्मा गाँधी को जन्म दिया था, वही गुजरात है जिसनें सरदार पटेल को जन्म दिया था, वही गुजरात है जिसमें भगवान कृष्ण ने यहाँ से जाकर वहां पर बसना स्वीकार किया था। 

अंत में मोदी ने कहा कि अखिलेश जी, ये देश हमारा है, हर कोना हमारा है, ये नफरत का भाव आपको शोभा नहीं देता है।

मोदी ने कहा कि अखिलेश जी के अज्ञान के बारे में मैं क्या कहूँ, लेकिन अच्छा होता कि जिनको आपने गले लगाया है उनको भी जरा गौर से देखते, उनको भी जरा समझने का प्रयास करते, आपको पता होना चाहिए, जिनको आपने गले लगाया है उनकी जब सरकार थी, जिनके गले लगकर आप लोगों से वोट मांग रहे हो उस UPA सरकार ने 2013 में इन्हीं गुजरात के गधों का डॉक टिकट निकाला था। अखिलेश जी, वो गधा कितना होनहार होगा, वो गधा कितना महत्वपूर्ण होगा, ये अब आपको समझ में आ गया होगा।