Showing posts with label Sports. Show all posts
Showing posts with label Sports. Show all posts

Monday, January 16, 2017

विस्फोटक शतक जमकर भारत के पांचवे विस्फोटक बल्लेबाज बने केदार जाधव

विस्फोटक शतक जमकर भारत के पांचवे विस्फोटक बल्लेबाज बने केदार जाधव

kedar-jadhav-hit-century-in-65-balls-included-in-blaster-batsman

पुणे, 15 जनवरी: भारत ने रविवार को महाराष्ट्र क्रिकेट संघ स्टेडियम में खेले गए पहले मैच में मेहमान इंग्लैंड द्वारा दिए गए 351 रनों के लक्ष्य को हासिल कर तीन विकेट से यह मैच अपने नाम किया। इस जीत में अहम भूमिका नए कप्तान विराट कोहली (122) और केदार जाधव (120) ने निभाई। एक समय जब टीम अपने चार विकेट महज 63 रनों पर ही गंवा बैठी थी तभी इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 200 रनों की साझेदारी कर टीम की जीत तय कर दी थी। 

जाधव ने इस मैच में अपना दूसरा शतक लगाया और साथ ही वह भारत की तरफ से सबसे तेज शतक लगाने वाले पांचवें बल्लेबाज बन गए हैं। जाधव ने 36वें ओवर की पांचवीं गेंद पर चौका मारकर अपना शतक पूरा किया। उन्होंने इसके लिए 65 गेंदें खेलीं। इसके साथ ही वह भारत की तरफ से सबसे तेज अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में पांचवें स्थान पर आ गए हैं। 

इस मैच में जाधव के साथ साझेदारी करने वाले कोहली ने दो बार जाधव से तेज शतक बनाया है। उन्होंने आस्ट्रेलिया के खिलाफ जयपुर में 2013 में 52 गेंदों में और फिर आस्ट्रेलिया के खिलाफ नागुपर में ही 61 गेंदों में शतक लगाया था। 

पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग 60 गेंदों में सैंकड़ा जड़ चुके हैं। उन्होंने 2009 में हेमिल्टन में न्यूजीलैंड के खिलाफ यह कारनामा किया था। भारत के पूर्व कप्तान मोहम्मद अजहरुद्दीन ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ 1988 में बड़ौदा में 62 गेंदों में शतक लगाया था। 

मौजूदा टीम का हिस्सा युवराज सिंह भी जाधव से तेज शतक लगा चुके हैं। युवराज ने 2008 में राजकोट में इंग्लैंड के खिलाफ ही 64 गेंदों में शतक पूरा किया था। 

जाधव रविवार को इस सूची में शामिल होने वाले पांचवें बल्लेबाज बने। जाधव ने इस मैच में 76 गेंदों में 12 चौके और चार छक्के लगाए। 

Sunday, January 15, 2017

63 पर 4 विकेट गिरने के बावजूद भी विराट कोहली ने 351 रनों का पीछा करके जीता मैच, ठोंका 27वां शतक

63 पर 4 विकेट गिरने के बावजूद भी विराट कोहली ने 351 रनों का पीछा करके जीता मैच, ठोंका 27वां शतक

pune-india-win-first-one-day-to-england-virat-kohli-chase-350-run

पुणे, 15 जनवरी: भारत की एकदिवसीय टीम के नए कप्तान विराट कोहली ने कहा है कि हम विपक्षी टीम को बताना चाहते थे कि 63 रनों पर चार विकेट खोने के बाद भी हम मैच से बाहर नहीं हुए हैं। 

भारत ने रविवार को इंग्लैंड द्वारा दिए गए 351 रनों के लक्ष्य को हासिल करते हुए मैच तीन विकेट से जीतने में सफल रहा। 

कोहली ने 105 गेंदों में 122 रनों और केदार जाधव ने 76 गेंदों में 120 रनों की पारी खेल भारत को जीत दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन दोनों ने पांचवें विकेट के लिए 200 रनों की साझेदारी की। 

मैच के बाद कोहली ने कहा, "हम एक-एक रन लेकर मैच नहीं जीत सकते थे। हमें अपने विपक्षी को बताना था कि हमें भरोसा है कि हम जीत सकते हैं।"

उन्होंने जाधव की भी प्रशंसा की और कहा, " 350 रनों का पीछा करते हुए हमने 63 रनों पर चार विकेट खो दिए थे तब हमें एक अच्छी साझेदारी की जरूरत थी।"

कोहली ने कहा, "केदार ने शानदार पारी खेली। न्यूजीलैंड श्रृंखला के दौरान हमने उनकी काबिलियत देखी थी। आज नंबर छह पर आकर ऐसी पारी खेलना आसान नहीं था।"

जाधव ने अपनी पारी का श्रेय कोहली को दिया है। 

जाधव ने कहा, "अपने घरेलू दर्शकों के सामने अपने देश के लिए मैच जीतना शानदार अहसास है।"

उन्होंने कहा, "मैं ऐसा अपने कप्तान के कारण खेल सका। उन्होंने देश के लिए ऐसा कई बार किया है और मैंने कई बार ऐसे मौके गंवाए हैं। इसलिए आज मेरे पास रन बनाने का मौका था और विराट को दूसरे छोर पर देखने का भी।"

Saturday, January 14, 2017

Fixing वाले अजहर बनना चाहते थे HCA अध्यक्ष, नामांकन रद्द

Fixing वाले अजहर बनना चाहते थे HCA अध्यक्ष, नामांकन रद्द

Azharuddin-nomination-cancelled-for-hca-president-election

हैदराबाद, 14 जनवरी: भारतीय टीम के पूर्व कप्तान मोहम्मद अहजरूद्दीन की क्रिकेट प्रशासक बनने की मुहिम को उस समय तगड़ा झटका लगा जब निर्वाचन अधिकारी ने शनिवार को हैदराबाद क्रिकेट संघ (एचसीए) अध्यक्ष पद के लिए उनका नामांकन खारिज कर दिया। निर्वाचन अधिकारी के. राजीव रेड्डी ने कहा कि मैच फिक्सिंग मामले में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) द्वारा प्रतिबंधित किए जाने के कारण अजहर इस चुनाव में उम्मीदवार नहीं हो सकते।

अजहर ने हालांकि कहा कि निर्वाचन अधिकारी ने उनका नामांकन खारिज करने के कारणों के खुलासा नहीं किया और इसी कारण उन्हें लिखित में कारणों का उल्लेख मांगा है।

अजहर ने कहा, मैं निराश हूं। यहां अजीब तरह की राजनीति चल रही है।

अजहर ने निर्वाचन अधिकारी के इस फैसले को चुनौती देने के लिए अदालत का रुख करने का फैसला किया है। अगले सप्ताह वह इस मामले को लेकर अदालत जाएंगे।

अजहर ने कहा कि ऐसे में जबकि अदालत ने उन पर लगे प्रतिबंध को खारिज कर दिया है, उन्हें चुनावों लड़ने से नहीं रोका जा सकता।

यह याद दिलाए जाने के बाद कि बोर्ड ने आधाकारिक तौर पर उन पर से प्रतिबंध नहीं हटाया है, अजहर ने कहा कि बोर्ड ने अदालत के फैसले को चुनौती नहीं दी थी। 

अजहर ने कहा, "मैं बीसीसीआई का सम्मान करता हू्ं, लेकिन यह चीजें मेरे नियंत्रण से बाहर हैं। मैंने बुरा समय देखा है, लेकिन मैं किसी को दोष नहीं देना चाहता।"

अजहर ने कहा कि इस पद के लिए चुनाव लड़ने का उनका इकलौता मकसद सिर्फ खेल के विकास में अपना ज्यादा से ज्यादा योगदान देना था। 

अजहर का नामांकन खारिज होने के बाद पूर्व सांसद जी.विवेक और पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी एम.एल जयसिम्हा के बेटे विद्युत जयसिम्हा एचसीए के अध्यक्ष बनने की दौड़ में हैं। 

एचसीए के चुनाव 17 जनवरी को होने हैं। 

अजहर ने विवेक के नामांकन खारिज ने होने पर भी आश्चर्य जताया क्योंकि विवेक तेलंगाना सरकार में सलाहकार हैं और कैबिनेट मंत्री का दर्जा उन्हें प्राप्त है। 

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक सरकारी कर्मचारी चुनाव नहीं लड़ सकते। 

अजहर के साथ इस मौके पर एचसीए के पूर्व अध्यक्ष अरशद अयूब और एचसीए के सचिव जॉन मनोज भी थे। इन दोनों ने भी अजहर के नामांकन खारिज होने के फैसले पर नाराजगी जताई है। 

उन्होंने इस फैसले को अदालत के आदेश की अवहेलना बताया है। उनका कहना है कि अदालत ने अपने फैसले में कहा था कि चुनाव के परिणाम 18 जनवरी से पहले नहीं घोषित किए जाएंगे। 

लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने के सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए अयूब ने एचसीए का अध्यक्ष पद छोड़ दिया था। 

निचली अदालत ने एचसीए को 17 जनवरी को चुनाव कराने का आदेश दिया था। कुछ अधिकारियों ने निचली अदालत के इस फैसले को हैदराबाद उच्च न्यायालय में यह कहते हुए चुनौती दी थी कि यह चुनाव लोढ़ा समिति और सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के बिना नहीं कराए जा सकते। 

11 जनवरी को उच्च न्यायालय ने चुनावों पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था। हालांकि अदालत ने कहा था कि चुनाव के नतीजे अगले आदेश तक नहीं घोषित किए जाएंगे। 

Wednesday, January 11, 2017

अब कप्तान नहीं रहे धोनी इसलिए ज्यादा छक्के मारेंगे: युवराज सिंह

अब कप्तान नहीं रहे धोनी इसलिए ज्यादा छक्के मारेंगे: युवराज सिंह

yuvraj-singh-told-mahendra-singh-dhoni-will-now-hit-more-sixes

New Delhi, 11 January: युवराज सिंह ने महेंद्र सिंह धोनी की तारीफ करते हुए कहा है कि अब वे कप्तान नाहे रहे इसलिए अधिक छक्के मारेंगे। धोनी ने भी कहा कि अगर उनकी पसंदीदा जगह पर बॉल डाली गयी तो वे जरूर छक्के मारेंगे।

युवराज सिंह और महेंद्र सिंह ने एक VIDEO वाली सेल्फी रिलीज की है, इस विडियो में धोनी और युवराज एक दूसरे से बात करते हैं, युवराज कहते हैं कि आप मेरे सबसे पसंदीदा कप्तान रहे हैं, आपके साथ खेलते हुए हमें 3 बार विश्व चैंपियन बनने का मौका मिला।

महेंद्र सिंह ने भी कहा कि मुझे भी पवेलियन में बैठकर आपके द्वारा लगाए गए 6 गेंदों पर 6 छक्के देखने के मौके मिले। उसके बाद युवराज ने कहा कि मुझे आपसे कुछ पूछना है, अब आप कप्तान तो रहे नहीं, अब तो आप अधिक छक्के मारेंगे, धोनी ने कहा कि जरूर मारूंगा।

Well done @msdhoni on your career as captain ! 3 major wins 2 w cups 🏏☝🏼⭐️⭐️⭐️ time to unleash the old dhoni👊🏽 pic.twitter.com/7WXdre9qJU

Monday, January 9, 2017

सौरभ गांगुली को मिली जान से मारने की धमकी

सौरभ गांगुली को मिली जान से मारने की धमकी

sourav-ganguly-received-death-threats

कोलकाता, 9 जनवरी: भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान सौरभ गांगुली ने सोमवार को बताया कि उन्हें किसी अज्ञात स्रोत से जान से मारने की धमकी मिली है। बंगाल क्रिकेट संघ (सीएबी) के अध्यक्ष गांगुली ने बताया, "कुछ दिनों पहले मुझे धमकी भरा पत्र मिला था। मैंने पुलिस को इसकी सूचना दे दी है।"

गांगुली 19 जनवरी को पश्चिम बंगाल के मिदनापुर जिले में स्थित विद्यासागर विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में शरीक होने वाले हैं।

पत्र में धमकी देते हुए गांगुली को इस कार्यक्रम से दूर रहने के लिए कहा गया है।

Saturday, January 7, 2017

धौनी ने कई बार मुझे टीम से बाहर होने से बचाया: कोहली

धौनी ने कई बार मुझे टीम से बाहर होने से बचाया: कोहली

virat-kohli-revealed-mahendra-singh-dhoni-maintain-him-in-team

नई दिल्ली, 7 जनवरी: भारतीय एकदिवसीय और टी-20 टीम के नए कप्तान विराट कोहली ने अपने पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धौनी की तरीफ करते हुए शनिवार को कहा कि धौनी ने उन्हें कई बार टीम से बाहर होने से बचाया। धौनी ने बुधवार को सभी को हैरान करते हुए एकदिवसीय और टी-20 टीम की कप्तानी से इस्तीफा दे दिया।

दौनी के इस्तीफा देने के बाद टेस्ट टीम के कप्तान कोहली को टी-20 और एकदिवसीय टीमों की कप्तानी भी सौंप दी गई।

कोहली ने कहा है कि करियर के शुरुआती दौर में धौनी ने उनका साथ दिया और उनकी काबिलियत पर भरोसा जताया।

बीसीसीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर शनिवार को कोहली के हवाले से कहा गया है, "उन्होंने मुझे शुरुआती दौर में मार्गदर्शन दिया और मुझे मौके भी प्रदान किए। उन्होंने मुझे एक खिलाड़ी के तौर पर निखरने के लिए अच्छा खासा समय दिया। कई बार उन्होंने मुझे टीम से बाहर होने से भी बचाया और इसलिए हमारे बीच एक दूसरे के प्रति सम्मान है।"

कोहली ने कहा, "जाहिर सी बात है, उनकी कमी पूरी करना मुश्किल है। जब भी आप एम. एस. धौनी के बारे में सोचते हैं तो पहला शब्द कप्तान जहन में आता है।"

उन्होंने कहा, "आप धौनी को किसी और रूप में सोच भी नहीं सकते। मेरे लिए वह हमेशा मेरे कप्तान रहेंगे क्योंकि मैंने अपना करियर उन्हीं की कप्तानी में शुरू किया था।"

कोहली ने धौनी को लेकर अपनी रणनीति भी जाहिर की है। कोहली चाहते हैं कि धौनी ऊपरी क्रम में अपनी शैली में बल्लेबाजी करें।

उन्होंने कहा, "मैं जानता हूं कि वह किस तरह के इंसान हैं। अगर मैं उनसे कहूंगा कि आप कहां बल्लेबाजी करना चाहते हैं तो वो कहेंगे की जहां तुम मुझे बल्लेबाजी पर भेजना चाहते हो, लेकिन मैं उन्हें ऊपरी क्रम में बल्लेबाजी करते हुए देखना चाहता हूं।"

नए कप्तान ने कहा, "मैं चाहता हूं कि वह अपने खेल का आनंद लें। अगर वह ऐसा करते हैं और अपने शुरुआती करियर की तरह बल्लेबाजी करते हैं तो टीम को मजबूती मिलेगी।"

धौनी ने दिसंबर, 2014 में टेस्ट से अचानक संन्यास की घोषणा कर दी थी। धौनी के बाद कोहली तभी से टेस्ट टीम की कमान संभाल रहे हैं। उनके कप्तान रहते टीम ने लगातार पांच श्रृंखलाएं अपने नाम कीं और दोबारा टेस्ट में शीर्ष दर्जा हासिल किया।

कोहली का कहना है कि वह आगे रहकर टीम का नेतृत्व करने में विश्वास करते हैं।

उन्होंने कहा, "अतिरिक्त जिम्मेदारी मिलने से मैंने हमेशा सोचा है कि आपके पास किसी भी पल आराम करने का मौका नहीं है।"

कोहली ने कहा, "इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) में भी 60-70 के पार जा कर अपना विकेट खोना आसान था, लेकिन इसके बाद मैंने जब कप्तानी संभाली तो मुझे अहसास हुआ कि मुझे उदाहरण पेश करने हैं और मुझे अपनी टीम से अच्छा प्रदर्शन करने के लिए कहने से पहले खुद करना है।"

भारत को इंग्लैंड के खिलाफ तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 मैचों की श्रृंखला खेलनी है जिसका पहला एकदिवसीय मैच 15 जनवरी को पुणे में खेला जाएगा। 

Wednesday, January 4, 2017

धोनी ने वनडे और टी-20 में टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी, एक खिलाडी के तौर पर खेलते रहेंगे

धोनी ने वनडे और टी-20 में टीम इंडिया की कप्तानी छोड़ी, एक खिलाडी के तौर पर खेलते रहेंगे

mahendra-singh-dhoni-leave-captaincy-one-day-and-t-20-cricket

मुंबई, 4 जनवरी: भारतीय क्रिकेट को दुनिया का सिरमौर बनाने वाले दुनिया के सफलतम कप्तानों में शुमार महेंद्र सिंह धौनी ने बुधवार को एकदिवसीय और टी-20 टीमों की कप्तानी से भी हटने की घोषणा कर दी। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने बुधवार को एक बयान जारी कर इसकी घोषणा की।

धौनी इंग्लैंड के खिलाफ आगामी एकदिवसीय और टी-20 श्रृंखलाओं में टीम की कमान नहीं संभालेंगे, हालांकि वह टीम में चयन के लिए उपलब्ध रहेंगे।

बीसीसीआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राहुल जौहरी ने एक बयान में कहा है, "सभी क्रिकेट प्रशंसकों और बीसीसीआई की तरफ से मैं महेंद्र सिंह धौनी का भारतीय क्रिकेट को दिए उनके शानदार योगदान के लिए शुक्रिया अदा करता हूं। उनकी कप्तानी में भारत ने क्रिकेट में नई ऊंचाईयों को छुआ।"

धौनी भारत के इकलौते ऐसे कप्तान हैं जिन्होंने आईसीसी के सभी आयोजनों में टीम को जीत दिलाई है। धौनी की कप्तानी में भारत ने 2007 में टी-20 विश्व कप और 2011 में 50 ओवरों के विश्व कप का खिताब हासिल कर इतिहास रचा, और 2013 में चैम्पियंस ट्रॉफी पर भी कब्जा जमाया।

धौनी की अगुआई में भारत पहली बार टेस्ट में नंबर-1 की कुर्सी पर बैठा।

बीसीसीआई ने एक वक्तव्य जारी कर धौनी के हवाले से कहा, "दौनी ने बीसीसीआई को सूचित किया है कि वह एकदिवसीय और टी-20 टीमों की कप्तानी से हटना चाहते हैं। हालांकि वह इंग्लैंड के खिलाफ आगामी एकदिवसीय और टी-20 श्रृंखलाओं के लिए उपलब्ध रहेंगे और सीनियर चयन समिति को इससे अवगत करा दिया गया है।"

बीसीसीआई की सीनियर चयन समिति इंग्लैंड के खिलाफ आगामी श्रृंखला के लिए टीम का चयन करने के लिए शुक्रवार को बैठक करने वाली है।

एकदिवसीय में धौनी ने कुल 199 मैचों में टीम का नेतृत्व किया। दुनिया के सर्वश्रेष्ठ फिनिशर माने जाने वाले धौनी ने टीम को कप्तान रहते कुल 110 मैचों में जीत दिलाई जबकि 74 मुकाबलों में उन्हें हार मिली। चार मुकाबले टाई और 11 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकला। कप्तान रहते हुए एक बल्लेबाज के तौर पर भी धौनी कामयाब रहे। उन्होंने कप्तान रहते एकदिवसीय में 54 का औसत और 86 के स्ट्राइक रेट से 6,683 रन बनाए।

वह विश्व क्रिकेट में सबसे ज्यादा एकदिवसीय मैचों में कप्तानी करने में तीसरे नंबर पर आते हैं। उनसे ज्यादा आस्ट्रेलिया के रिकी पोंटिंग और न्यूजीलैंड के स्टीफन फ्लेमिंग ने एकदिवसीय मैचों में कप्तानी की है।

धौनी को क्रिकेट इतिहास में करिश्माई कप्तान भी कहा जाता है। क्रिकेट के मैदान पर उन्होंने कई बार ऐसे जोखिम उठाए जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

धौनी को पहली बार कप्तान की जिम्मेदारी 2007 में दी गई थी। उनकी पहली परिक्षा ही काफी मुश्किल थी। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पहली बार टी-20 विश्व कप कराने का फैसला किया। धौनी ने इस विश्व कप से अपनी कप्तानी की शुरुआत की और भारत को विजेता बनाकर स्वदेश लौटे।

टी-20 विश्व कप के बाद ही उन्हें एकदिवसीय टीम की कमान भी सौंपी गई।

उन्होंने 72 टी-20 मैचों में टीम की कमान संभाली और 41 जीत टीम को दिलाई और 28 हारों का सामना किया। एक मैच टाई और दो मैचों का परिणाम नहीं निकला। वह टी-20 में सबसे ज्यादा मैचों में कप्तानी करने वाले खिलाड़ी हैं। टी-20 में कप्तान रहते उन्होंने 122.60 के स्ट्राइक रेट से 1112 रन बनाए। टी-20 में वह बिना अर्धशतक लगाने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज भी हैं। टी-20 में उनका सर्वोच्च स्कोर नाबाद 48 है।

पांच साल बाद उन्होंने भारत को एक बार फिर विश्व विजेता बनाया। भारत, श्रीलंका और बांग्लादेश की संयुक्त मेजबानी में खेले गए 50 ओवरों के विश्व कप में भारत ने धौनी के कप्तान रहते ही जीत हासिल की। भारत ने 28 साल बाद इस विश्व कप पर कब्जा जमाया था। 2015 में हुए विश्व कप में धौनी भारत को सेमीफाइनल तक ले गए।

धौनी की कप्तानी में ही भारत ने अब तक खेले गए छह टी-20 विश्व कप में हिस्सा लिया और धौनी की कप्तानी में भारत दो बार विश्व कप के फाइनल तक पहुंचा। एक बार टीम विजेता बनी तो 2014 में उपविजेता। 2014 के फाइनल में उसे श्रीलंका ने मात दी।

पिछले साल भारत की मेजबानी में हुए टी-20 विश्व कप में भी भारत ने सेमीफाइनल में जगह बनाई, जहां उसे वेस्टइंडीज के हाथों हार का सामना करना पड़ा।

धौनी ने कप्तानी में अपनी सफलता इंडियन सुपर लीग (आईपीएल) में भी जारी रखी। उन्होंने इस समय निलंबित चल रही चेन्नई सुपर किंग्स को दो बार आईपीएल का विजेता बनाया जबकि चार बार उपविजेता बनी। चेन्नई ने धौनी के कप्तान रहते हर साल आईपीएल के सेमीफाइनल में जगह बनाई।

धौनी ने दिसंबर, 2014 में टेस्ट से संन्यास ले लिया था। धौनी ने 60 टेस्ट मैचों में टीम की कमान संभाली जिसमें 27 में उन्हें जीत और 18 में हार मिली जबकि 11 मैच ड्रॉ रहे। 

Monday, January 2, 2017

सुप्रीम कोर्ट से अब नहीं लड़ेंगे अनुराग ठाकुर, बोले, अब अपने रिटायर जजों से ही चलवा लो BCCI

सुप्रीम कोर्ट से अब नहीं लड़ेंगे अनुराग ठाकुर, बोले, अब अपने रिटायर जजों से ही चलवा लो BCCI

anurag-thakur-said-supreme-court-judges-should-head-bcci

नई दिल्ली, 2 जनवरी: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को लोढ़ा समिति की अनुशंसाओं को लागू करने पर अड़ियल रुख अपनाए हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय शिर्के को बाहर का रास्ता दिखा दिया। प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी. एस. ठाकुर, न्यायमूर्ति ए. एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी. वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने दोनों शीर्ष अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाते हुए उनके खिलाफ एक नोटिस भी जारी किया, जिसमें उनसे पूछा गया है कि उन पर झूठी गवाही देने और अदालत की अवमानना का मुकदमा क्यों न चलाया जाए?

अदालत ने यह भी कहा कि माफी न मांगने पर अनुराग को जेल भी जाना पड़ सकता है।

अदालत का फैसला आने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद अनुराग ने कहा, "भारत में पूरी दुनिया की अपेक्षा कहीं अधिक प्रभावशाली खिलाड़ी हैं। मेरे लिए यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी। यह लड़ाई खेल संगठन को स्वायत्तता दिलाने की है। मैं किसी भी अन्य नागरिक की तरह सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करता हूं।"

लेकिन, उन्होंने देश की शीर्ष अदालत के न्यायाधीशों पर निशाना साधा। ट्विटर पर पोस्ट किए अपने वीडियो संदेश में उन्होंने कहा, "सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को लगता है कि सेवानिवृत्त हो चुके न्यायाधीशों के मार्गदर्शन में बीसीसीआई बेहतर काम कर सकता है। मैं उन्हें अपनी शुभकामनाएं देता हूं। मुझे पूरा विश्वास है कि उनके मार्गदर्शन में भारतीय क्रिकेट का भला होगा।"

अनुराग ने कहा, "बीसीसीआई देश में सबसे व्यवस्थित खेल संघ है। भारत के पास सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट अवसंरचना है और बीसीसीआई की मदद से राज्य क्रिकेट संघ इनकी बहुत अच्छी तरह देखरेख कर रहे हैं।"

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) से बीसीसीआई में नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) की नियुक्ति को बोर्ड के कामकाज में सरकारी हस्ताक्षेप के तौर पर पेश करने वाली सिफारिशी चिट्ठी मांगने को लेकर 'झूठी गवाही' देने के बाद से ही अदालत अनुराग और शिर्के से नाराज थी।

पीठ ने अंतरिम व्यवस्था के तहत बीसीसीआई के वरिष्ठतम उपाध्यक्ष को बोर्ड का अध्यक्ष और संयुक्त सचिव को बोर्ड का सचिव नियुक्त किया है।

सर्वोच्च न्यायालय ने एमिकस क्यूरी गोपाल सुब्रमण्यम और जाने-माने वकील फली नरीमन को उन लोगों के नाम सुझाने के लिए कहा है, जो एक प्रशासक के नेतृत्व में काम करने वाली समिति में शामिल हों। यह समिति बीसीसीआई के संचालन का कामकाज देखेगी।

शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। इसी दिन बीसीसीआई अंतरिम बोर्ड की घोषणा होगी। न्यायालय ने कहा कि वह उसी दिन प्रशासक की नियुक्ति का आदेश भी जारी करेगा।

अदालत ने यह भी कहा कि लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर अड़ियल रुख रखने वाले बीसीसीआई के अधिकारियों और बोर्ड से संबद्ध राज्य क्रिकेट संघों के अधिकारियों को अपना पद छोड़ना होगा।

सर्वोच्च न्यायालय ने बीसीसीआई और इससे संबद्ध राज्य संघों के अधिकारियों को लोढ़ा समिति की सिफारिशों को मानने के संबंध में प्रतिबद्धता देने को भी कहा।

अनुराग के साथ सचिव पद से हटाए गए शिर्के ने कहा, "मेरे पास कहने के लिए कुछ नहीं है। बीसीसीआई में मेरा काम खत्म हो गया है। अगर सर्वोच्च न्यायालय ने मुझे हटने के लिए कहा है, तो ठीक है। आशा है कि नया प्रबंधन बोर्ड का संचालन सही तरीके से करेगा। बोर्ड की स्थिति पर अब और अधिक आंच नहीं आएगी।"

सर्वोच्च न्यायालय के फैसले का स्वागत करते हुए न्यायमूर्ति लोढ़ा ने कहा, "इन सिफारिशों को लागू करने का फैसला 18 जुलाई को सुनाया गया था। बीसीसीआई इस फैसले को लागू करने के लिए बाध्य थी, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया। इसलिए, ऐसे परिणामों का सामना करना पड़ रहा है।"

उन्होंने कहा, "सिफारिशों को लागू किया जाना चाहिए था, लेकिन अब यह हो गया। समिति ने सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष तीन रिपोर्ट पेश की। इसके बावजूद सिफारिशों को लागू नहीं किया गया।"

बीसीसीआई के पूर्व कोषाध्यक्ष किशोर रूंगटा ने कहा, "यह लोढ़ा समिति की सिफारिशों को नहीं मानने का नतीजा है।"

बीसीसीआई के कामकाज की लगातार आलोचना करते रहने वाले भारत के पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी ने कहा, "मुझे उम्मीद है कि भारतीय क्रिकेट सही रास्ते पर लौट आएगा। मैं इस फैसले से संतुष्ट हूं।"

डीडीसीए मामले की जांच करने वाले न्यायमूर्ति मुकुल मुद्गल ने भी इस फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा, "ठाकुर और शिर्के को सर्वोच्च न्यायालय के फैसले को नहीं मानने का परिणाम भुगतना पड़ा है।"
जब तक BCCI में कांग्रेसी थे तो सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नहीं किया, BJP वाले आये तो उन्हें हटा दिया

जब तक BCCI में कांग्रेसी थे तो सुप्रीम कोर्ट ने कुछ नहीं किया, BJP वाले आये तो उन्हें हटा दिया

why-supreme-court-sacked-anurag-thakur-from-bcci-president

नई दिल्ली, 2 जनवरी: अनुराग ठाकुर बीजेपी के दिग्गज देना माने जाते हैं और वे जब से BCCI के सचिव बने उन्होंने BCCI की सफाई शुरू कर दी, उन्होंने सबसे भ्रष्ट BCCI अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को पूरी तरह से साफ कर दिया और उन्हें ICC चेयरमैन पद से भी हटवा दिया, उन्होंने धीरे धीरे कांग्रेसी नेताओं को BCCI से साफ़ कर दिया, इससे पहले शरद पवार, एन श्रीनिवासन जैसे कांग्रेसी नेताओं ने BCCI पर कब्ज़ा जमा रखा था लेकिन तब तक ना तो कोई लोढ़ा कमेटी बनी और ना ही सुप्रीम कोर्ट ने किसी को बाहर निकाला लेकिन जैसे ही बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर BCCI के अध्यक्ष बने, सुप्रीम कोर्ट नींद से जाग उठा और हाथ धोकर अनुराग ठाकुर के पीछे पड़ गया और उनके साथ साथ BCCI सचिव अजय शिर्के को पद से हटा दिया।

अब सवाल यह उठता है कि क्या अनुराग ठाकुर ने BCCI को केवल तीन-चार महीने में ही लूट लिया? क्या BCCI में भ्रष्टाचार अनुराग ठाकुर ने ही फैलाया? कांग्रेस के समय लोढ़ा कमेटी इतनी एक्टिव क्यों नहीं हुई? सुप्रीम कोर्ट ने कभी कांग्रेस नेताओं को पद से क्यों नहीं हटाया?

खैर बात कुछ भी हो लेकिन अनुराग ठाकुर ने कहा है कि सर्वोच्च न्यायालय से उनकी यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी और क्रिकेट के प्रति उनकी प्रतिबद्धता उसी तरह बनी रहेगी। उल्लेखनीय है कि सर्वोच्च न्यायालय ने क्रिकेट प्रशासन में सुधार के लिए शीर्ष अदालत द्वारा गठित लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने में उनकी असफलता के कारण अनुराग और बोर्ड के सचिव अजय शिर्के को बर्खास्त कर दिया।

अदालत का फैसला आने के बाद अनुराग ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा की है, जिसमें उन्होंने कहा है कि बीसीसीआई देश का सबसे व्यवस्थित खेल संगठन है और क्रिकेट को स्वायत्तता दिलाने की लड़ाई लड़ रहे थे।

अनुराग ने कहा, "मुझे भारतीय क्रिकेट की सेवा करने का सम्मान मिला। इतने वर्षो में भारतीय क्रिकेट प्रशासन और प्रदर्शन के तौर पर अपने सर्वश्रेष्ठ दौर में पहुंची। बीसीसीआई देश में सबसे व्यवस्थित खेल संघ है, जिसमें सभी प्रक्रियाएं परिभाषित हैं। भारत के पास सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट अवसंरचना है और बीसीसीआई की मदद से राज्य क्रिकेट संघों इनकी बहुत अच्छी तरह देखरेख कर रहे हैं।"

भाजपा नेता अनुराग ने कहा, "भारत में पूरी दुनिया की अपेक्षा कहीं अधिक प्रभावशाली खिलाड़ी हैं। मेरे लिए यह व्यक्तिगत लड़ाई नहीं थी। यह लड़ाई खेल संगठन को स्वायत्तता दिलाने की थी। मैं किसी भी अन्य नागरिक की तरह सर्वोच्च न्यायालय का सम्मान करता हूं।"

उन्होंने आगे कहा, "सर्वोच्च न्यायालय को लगता है कि बीसीसीआई सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के अधीन बेहतर काम कर सकती है, तो उन्हें मेरी शुभकामनाएं हैं। मुझे पूरा विश्वास है कि भारतीय क्रिकेट उनके मार्गदर्शन में भी अच्छा करेगा।"

बीसीसीआई के दोनों शीर्ष अधिकारियों को बाहर का रास्ता दिखाते हुए शीर्ष अदालत ने उनके खिलाफ एक नोटिस भी जारी किया है, जिसमें उनसे पूछा गया है कि इन पर झूठी गवाही और अदालत की अवमानना का मुकदमा क्यों न चलाया जाए?

सर्वोच्च न्यायालय ने एमिकस क्यूरी गोपाल सुब्रमण्यम और जाने-माने वकील फली नरीमन को उन लोगों के नाम सुझाने के लिए कहा है, जो एक प्रबंधक के नेतृत्व में काम करने वाली समिति में शामिल हों। यह समिति बीसीसीआई के संचालन का कामकाज देखेगी।

शीर्ष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 19 जनवरी की तिथि निर्धारित की है। इसी दिन बीसीसीआई अंतरिम बोर्ड की घोषणा होगी। न्यायालय ने कहा कि वह उसी दिन प्रबंधक की नियुक्ति का आदेश भी जारी करेगा।
सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग को BCCI अध्यक्ष पद से हटा दिया

सुप्रीम कोर्ट ने अनुराग को BCCI अध्यक्ष पद से हटा दिया

supreme-court-dismissed-anurag-thakur-from-bcci-president-post

नई दिल्ली, 2 जनवरी: सर्वोच्च न्यायालय ने लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर सालभर से ज्यादा समय से चल रहे मामले में सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुनाते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और सचिव अजय सिर्के को पद से हटा दिया। देश की शीर्ष अदालत ने पिछली सुनवाई में ही अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने को लेकर अड़ियल रुख अपनाए बीसीसीआई के खिलाफ तीखे तेवर अपनाते हुए सर्वोच्च न्यायालय ने ठाकुर को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया है। उनसे पूछा गया है कि उनके खिलाफ अदालत की अवमानना का मामला क्यों न चलाया जाए?

गौरतलब है कि क्रिकेट प्रशासन ने सुधार के लिए सर्वोच्च न्यायालय द्वारा गठित लोढ़ा समिति की कुछ सिफारिशों को अपनाने को लेकर बीसीसीआई अड़ियल रुख अपनाए हुए था। इनमें अधिकारियों की उम्र, कार्यकाल, एक राज्य एक वोट जैसी सिफारिशें शामिल हैं।

Wednesday, December 28, 2016

भ्रष्टाचार के आरोपी 'अभय चौटाला और कलमाड़ी' को बना दिया गया IOA का मानद अध्यक्ष, सरकार हैरान

भ्रष्टाचार के आरोपी 'अभय चौटाला और कलमाड़ी' को बना दिया गया IOA का मानद अध्यक्ष, सरकार हैरान

corruption-charged-abhey-chautala-suresh-kalmadi-ioa-h-president

नई दिल्ली, 28 दिसम्बर: राष्ट्रमंडल खेल-2010 में भ्रष्टाचार के आरोपी सुरेश कलमाड़ी और भंग हो चुकी भारतीय एमैच्योर मुक्केबाजी महासंघ (IABF) के अध्यक्ष रह चुके अभय सिंह चौटाला को मंगलवार को सर्वसम्मति से भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) का आजीवन मानद अध्यक्ष चुन लिया गया। यह फैसला आईओए की वार्षिक आम बैठक में लिया गया।

हालांकि खेल मंत्रालय ने कलमाड़ी और चौटाला की नियुक्तियों पर हैरानी जताई है। खेल मंत्री विजय गोयल ने कहा है कि कलमाड़ी और चौटाला को अजीवन मानद अध्यक्ष बनाए जाने से सरकार हैरान है।

कलमाड़ी पर दिल्ली में 2010 में हुए राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार के आरोप हैं। वह इस मामले में नौ महीने की सजा भी काट चुके हैं। चौटाला का भी आईओए में पुराना कार्यकाल विवादों भरा रहा था।

गोयल ने कहा, "हम आईओए द्वारा सुरेश कलमाड़ी और अभय चौटाला को अजीवन मानद अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले से हैरान हैं। यह बिल्कुल भी मान्य नहीं है क्योंकि दोनों पर भ्रष्टचार और आपाराधिक मामले दर्ज हैं।"

उन्होंने कहा, "अभय चौटाला और ललित भनोट के कारण ही अंतर्राष्ट्रीय ओलम्पिक समिति (IOC) ने भारतीय ओलम्पिक संघ (IOA) को निलंबित भी कर दिया था। वह निलंबन तभी हटा था जब इन दोनों को प्रबंधन से हटाया गया था।"

Thursday, December 22, 2016

रविचंद्रन अश्विन का बजा दुनिया में डंका, चुने गए साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी

रविचंद्रन अश्विन का बजा दुनिया में डंका, चुने गए साल के सर्वश्रेष्ठ क्रिकेट खिलाड़ी

avichandran-ashwin-selected-best-cricketer-of-the-icc-year-2017

दुबई, 22 दिसम्बर: भारत के ऑफ स्पिन गेंदबाज रविचंद्रन अश्विन को गुरुवार को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना। इसके साथ भारतीय टेस्ट टीम के कप्तान विराट कोहली को आईसीसी की इस साल की एकदिवसीय टीम का कप्तान चुना गया। 

आईसीसी की साल की टेस्ट टीम में अश्विन एकमात्र भारतीय हैं। उन्हें साल का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट क्रिकेट खिलाड़ी भी चुना गया है। बल्लेबाज रोहित शर्मा और हरफनमौला रवींद्र जडेजा को एकदिवसीय टीम में जगह मिली है। 

साल के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को दी जाने वाली गार्फिल्ड सोबर्स ट्रॉफी को जीतने वाले अश्विन भारत के तीसरे और दुनिया के कुल 12वें खिलाड़ी हैं। 

उनसे पहले राहुल द्रविड़ (2004) और सचिन तेंदुलकर (2010) ने भारत की तरफ से यह ट्रॉफी अपने नाम की थी। इंग्लैंड के पूर्व हरफनमौला खिलाड़ी एंड्रयू फ्लिनटाफ और दक्षिण अफ्रीका के हरफनमौला खिलाड़ी जैक्स कालिस को 2005 में संयुक्त रूप से यह पुरस्कार मिला था।

आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पोंटिंग को 2006 और 2007, वेस्टइंडीज के शिवनारायण चंद्रपॉल को 2008 में, आस्ट्रेलिया के मिशेल जॉनसन को 2009 और 2014 में, इंग्लैंड के जॉनाथन ट्रॉट को 2011 में, श्रीलंका के कुमार संगाकारा को 2012 में, आस्ट्रेलिया के माइकल क्लार्क को 2013 में और आस्ट्रेलिया के मौजूदा कप्तान स्टीव स्मिथ को 2015 में यह खिताब मिला था। 

अश्विन एक साल में आईसीसी के दो खिताब जीतने वाले भारत के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे पहले द्रविड़ ने 2004 में दो खिताब जीते थे।

अश्विन के अलावा कैलिस (2005), पोंटिंग (2006), संगाकारा (2012), क्लार्क (2013), जॉनसन (2014) और स्मिथ (2015) ने एक साल में आईसीसी के दो खिताब अपने नाम किए थे। 

इन पुरस्कारों के लिए वोटिंग का समय 14 सितंबर 2015 से 20 सितंबर 2016 तक का था। 

चेन्नई के अश्विन ने इस साल आठ टेस्ट मैच खेले और 48 विकेट लिए। इसके साथ उन्होंने 336 रन भी बनाए। उन्होंने 19 टी-20 मैचों में 27 विकेट भी अपने नाम किए। 

उन्होंने 2015 का अंत भी टेस्ट क्रिकेट में नंबर एक गेंदबाज के तौर पर किया था और इस साल भी उन्होंने दो बार यह स्थान हासिल किया। 

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने अश्विन को इस उपलब्धि पर बधाई दी है।

ठाकुर ने ट्वीट किया, " आईसीसी का साल का सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुने जाने पर बधाई हो अश्विन। उम्मीद है यह अवार्ड आपको और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित करेगा।"

आईसीसी के एक बयान के मुताबिक, अश्विन ने कहा, "इस खिताब का मिलना मेरे लिए गर्व की बात है। सचिन तेंदुलरकर और राहुल द्रविड़ के नक्शेकदम पर चलना मेरे लिए शानदार अनुभूति है। आईसीसी का सर्वश्रेष्ठ टेस्ट खिलाड़ी चुने जाने ने इसे और बेहतर बना दिया है।"

उन्होंने कहा, "इस शानदार उपलिब्ध के लिए शुक्रिया अदा करने के लिए काफी लोग हैं। मेरे पिछले कुछ साल अच्छे रहे हैं लेकिन यह साल खास है। इस साल में सबसे अच्छी बात मैंने जिस तरह गेंदबाजी और बल्लेबाजी की, वह रही है।"

उन्होंने कहा, "मैं इस पुरस्कार को अपने परिवार को समर्पित करता हूं। मैं आईसीसी का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं और सबसे महत्वपूर्ण मैं अपनी टीम के साथियों को धन्यवाद कहना चाहता हूं। मैं अपनी टीम के सहयोगी स्टाफ का भी शुक्रिया अदा करना चाहता हूं। जब से महेन्द्र सिंह धौनी ने (टेस्ट से) संन्यास लिया है, तब से हमने अपनी टीम में काफी बदलाव किया है। एक युवा कप्तान ने टीम की जिम्मेदारी संभाली, हम सही रास्ते पर आ गए और अब हमारे पास नए खिलाड़ियों का समूह है।"

पाकिस्तान क्रिकेट टीम के कप्तान मिस्बाह-उल-हक को आईसीसी 'स्पिरिट ऑफ क्रिकेट' का पुरस्कार मिला और वह इस पुरस्कार को जीतने वाले पाकिस्तान के पहले खिलाड़ी बन गए हैं। 

दक्षिण अफ्रीका के सलामी बल्लेबाज क्विटन डी कॉक को आईसीसी ने साल का सर्वश्रेष्ठ एकदिवसीय खिलाड़ी चुना।

अफगानिस्तान के मोहम्मद शाहजाद को आईसीसी ने अपने एसोसिएट/ संबद्ध सदस्यों में सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी चुना, वहीं वेस्टइंडीज के हरफनमौला खिलाड़ी कार्लोस ब्राथवेट को साल के सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय टी-20 प्रदर्शन का पुरस्कार मिला है। 

बांग्लादेश के तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को साल का सर्वश्रेष्ठ उभरता क्रिकेट खिलाड़ी चुना गया। 

दिग्गज क्रिकेट खिलाड़ी राहुल द्रविड़, गैरी क्रिस्टन और कुमार संगाकारा ने आईसीसी की टेस्ट और एकदिवसीय टीम का चयन किया। टीम का चयन 14 सितंबर 2015 से 20 सितंबर 2016 तक के बीच खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर किया गया है।

इंग्लैंड के एलिएस्टर कुक को आईसीसी की टेस्ट टीम का कप्तान चुना गया। इसमें इंग्लैंड के चार क्रिकेट खिलाड़ी, आस्ट्रेलिया के तीन तथा न्यूजीलैंड, भारत, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका के एक-एक क्रिकेट खिलाड़ी का नाम शामिल है। 

ऐसा तीसरी बार हुआ है जब कुक को आईसीसी टेस्ट टीम का कप्तान चुना गया है। जबकि बीते नौ साल में यह आठवीं बार है जब दक्षिण अफ्रीका के तेज गेंदबाज डेल स्टेन को टेस्ट टीम में चुना गया है।

टेस्ट टीम : डेविड वॉर्नर (आस्ट्रेलिया), कुक (इंग्लैंड, कप्तान), केन विलियम्सन (न्यूजीलैंड), जोए रूट (इंग्लैंड), एडम वोग्स (आस्ट्रेलिया), जॉनी बेयरस्टो (इंग्लैंड, विकेटकीपर), बेन स्टोक्स (इंग्लैंड), आर. अश्विन (भारत), रंगना हेराथ (श्रीलंका), मिशेल स्टार्क (आस्ट्रेलिया), डेल स्टेन (दक्षिण अफ्रीका), स्टीव स्मिथ (आस्ट्रेलिया)।

एकदिवसीय टीम में आस्ट्रेलिया, भारत, दक्षिण अफ्रीका के तीन-तीन खिलाड़ी और इंग्लैंड तथा वेस्टइंडीज के एक-एक खिलाड़ी शामिल हैं। इस टीम में 2010 के बाद से अब्राहम डिविलियर्स को लगातार छठी बार चुना गया है। 

एकदिवसीय टीम : डेविड वॉर्नर (आस्ट्रेलिया), क्विटंन डी कॉक (दक्षिण अफ्रीका, विकेटकीपर), रोहित शर्मा (भारत), विराट कोहली (भारत, कप्तान), अब्राहम डिविलियर्स (दक्षिण अफ्रीका), जोस बटलर (इंग्लैंड), मिचेल मार्श (आस्ट्रेलिया), रवींद्र जडेजा (भारत), मिशेल स्टार्क (आस्ट्रेलिया), कागिसो रबादा (दक्षिण अफ्रीका), सुनील नरेन (वेस्टइंडीज) और इमरान ताहिर (दक्षिण अफ्रीका)।

Sunday, December 18, 2016

पेशेवर मुक्केबाजी में विजेंदर ने चेका को किया चित

पेशेवर मुक्केबाजी में विजेंदर ने चेका को किया चित

vijender-defeat-cheka-in-heavyweight-profesional-boxing

नई दिल्ली, 17 दिसंबर: भारतीय पेशेवर मुक्केबाज विजेंदर सिंह ने पेशेवर मुक्कबाजी में अपराजित रहने का रिकार्ड कायम रखते हुए विश्व मुक्केबाजी संगठन (डब्ल्यूबीओ) एशिया पैसिफिक सुपर मिडिलवेट का खिताब कायम रखा है। उन्होंने शनिवार को खचाखच भरे त्यागराज स्टेडियम में खुद से कहीं अनुभवी मुक्केबाज तंजानिया के फ्रांसिस चेका को तीसरे राउंड में ही तकनीकी आधार पर नॉकआउट कर लगातार आठवीं जीत दर्ज की।

मुकाबले के बाद विजेंदर ने कहा, "मुझे नहीं लगा था कि यह इतना आसान मुकाबला होगा। चेका ने जिस तरह मीडिया में बयान दिए थे, मुझे लगा था कि पता नहीं क्या करेगा। लेकिन दूसरे राउंड में जो हुआ, मुझे लगने लगा था कि मैं उसे आसानी से हरा दूंगा।"

विजेंदर ने कहा, "मुझे चेका ने दांत काटने की कोशिश भी की, लेकिन मैं बच गया। मैं उनकी मजे लेकर पिटाई करना चाहता था और मैंने यही किया।"

विजेंदर ने इसी साल जुलाई में आस्ट्रेलिया के कैरी होप को इसी स्टेडियम में मात देते हुए यह खिताब हासिल किया था। 2015 में पेशेवर मुक्केबाजी में कदम रखने वाले विजेंदर ने इस मुकाबले को मिलाकर कुल आठ मुकाबले खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है।

इस खिताब को बचाने के लिए उनका सामना अनुभवी मुक्केबाज चेका से था। चेका इस मुकाबले में 43 मुकाबलों का अनुभव लेकर विजेंदर के सामने उतरे थे, लेकिन विजेंदर ने अपने शानदार खेल से उन्हें एकतरफा मुकाबले में मात दी।

दोनों खिलाड़ियों ने मुकाबले की शुरुआत संयम के साथ की और विपक्षी के गलत मूव का इंतजार किया। लेकिन पहले राउंड के बाद विजेंदर ने आक्रामक रुख अख्तियार कर लिया और दूसरे राउंड में अपने विपक्षी पर हावी रहे। चेका उनके पंचों का बचाव भी नहीं कर पा रहे थे।

तीसरे राउंड में विजेंदर समझ गए थे कि उन्हें कैसे चेका को मात देनी है और तकनीकी रूप से दक्ष विजेंदर ने इस राउंड की शुरुआत में ही अपने सटीक पंचों से चेका को बैकफुट पर धकेल दिया और नॉकआउट कर खिताब अपने पास ही रखा।

अन्य मुकाबलों में भारत के राजेश कुमार ने 61 किलोग्राम भारवर्ग में युगांडा के मुबाराका सेगुया को 2-1 से मात दी। दीपक तंवर ने पेशेवर मुक्केबाजी में अपने अपराजित रिकार्ड कायम रखते हुए लगातार चौथी जीत दर्ज की। उन्होंने 67 किलोग्राम भारवर्ग में इंडोनेशिया के सुत्रियोनो को तकनीकी आधार पर नॉकआउट कर मुकाबला जीता।

धर्मेद्र ग्रेवाल ने 91 किलोग्राम भारवर्ग में युगांडा के अबासी क्योबे को 3-0 से मात दी। भारत के कुलदीप धांडा ने भी अपना जीत का सिलसिला कायम रखा और 61 किलोग्राम भारवर्ग में इंडोनेशिया के इया रोजटोन को 3-0 से मात दी।

हालांकि भारत के परदीप खारकेरा को 67 किलोग्राम भारवर्ग में हार का सामना करना पड़ा। उन्हें आस्ट्रेलिया के स्कॉट एडवर्डस ने 3-0 से मात दी।

Sunday, December 11, 2016

जयंत ने नौवें क्रम पर खेलते हुए शतक लगाकर रचा इतिहास

जयंत ने नौवें क्रम पर खेलते हुए शतक लगाकर रचा इतिहास

jayant-yadav-hit-century-created-history-playing-on-9th-place

मुंबई, 11 दिसम्बर: हरियाणा के प्रतिभाशाली खिलाड़ी जयंत यादव नौवें क्रम पर खेलते हुए भारत के लिए टेस्ट शतक लगाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए हैं। इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में जारी चौथे टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को जयंत ने यह कारनामा किया। उन्होंने अपनी पारी में कुल 104 रन बनाए। उन्होंने 204 गेंदों पर 15 चौके जड़े। 

टेस्ट करियर में जयंत का यह पहला शतक है। उन्होंने अभी तक कुल दो टेस्ट मैच खेले हैं। 

जयंत से पहले भारत के लिए फारुख इंजीनियर ने 27 फरवरी, 1965 को न्यूजीलैंड के खिलाफ चेन्नई में नौवें क्रम में खेलते हुए 90 रन बनाए थे। इंजीनियर 10 रनों से इतिहास रचने से चूक गए थे। 

इसके बाद हालांकि, 27 नवम्बर, 1996 को अनिल कुंबले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में इस क्रम पर खेलते हुए भारत के लिए पहला शतक बनाने के करीब पहुंचते दिखे थे, लेकिन दुर्भाग्य से वह 88 रन पर आउट हो गए। 

इसके अलावा, जयंत ने इंग्लैंड के खिलाफ चौथे टेस्ट मैच में भारत की पहली पारी में कोहली के साथ 241 रनों की साझेदारी की। भारत के लिए आठवें विकेट के लिए अब तक की सबसे बड़ी साझेदारी है। 

इससे पहले यह रिकॉर्ड मोहम्मद अजहरुद्दीन और अनिल कुंबले के नाम था। 20 साल पहले दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ कोलकाता में दोनों के बीच आठवें विकेट के लिए 161 रनों की साझेदारी हुई थी। 

जयंत ने नौंवे क्रम पर शतक लगाने के साथ ही भारत को उन देशों की सूची में शामिल कर दिया है, जिनके बल्लेबाजों ने इस क्रम पर खेलते हुए शतक लगाए हैं। 

इस सूची में भारत छठे स्थान पर है। आस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, न्यूजीलैंड और दक्षिण अफ्रीका के बल्लेबाजों ने नौंवे क्रम पर चार शतक लगाए हैं जबकि बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने इसी क्रम पर दो शतक जड़े हैं। पाकिस्तान इस सूची में सातवें स्थान पर है। उसके नाम एक शतक है। 
मुंबई टेस्ट: भारत ने बनाए 631 रन, कोहली ने जड़ा दोहरा शतक

मुंबई टेस्ट: भारत ने बनाए 631 रन, कोहली ने जड़ा दोहरा शतक

virat-kohli-double-century-india-631-run-lead-231-run-from-england

मुंबई, 11 दिसम्बर: भारतीय क्रिकेट टीम ने कप्तान विराट कोहली (235) के दोहरे शतक, मुरली विजय (136) और जयंत यादव (104) की ओर से खेली गई शतकीय पारियों की बदौलत इंग्लैंड के खिलाफ वानखेड़े स्टेडियम में जारी चौथे टेस्ट मैच के चौथे दिन रविवार को अपनी पहली पारी में सभी विकेट गंवाकर 631 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया है। इंग्लैंड की ओर से पहली पारी में बनाए गए 400 रनों के आधार पर भारत ने 231 रनों की बढ़त हासिल कर ली है। 

भारत ने तीसरे दिन शनिवार को सात विकेट के नुकसान पर 451 रन बनाए थे। कोहली एक दिन पहले 147 और जयंत 30 रनों पर नाबाद लौटे थे। इसके बाद भारत ने पहले सत्र में बिना कोई विकेट गंवाए कोहली और जयंत की बेहतरीन साझेदारी के दम पर 597 रन बनाए थे। 

दूसरे सत्र में जयंत ने अपना शतक पूरा किया, लेकिन 605 रनों के कुल योग पर आदिल राशिद ने उन्हें आउट कर पवेलियन भेजा। कोहली और जयंत के बीच आठवें विकेट के लिए 241 रनों की साझेदारी हुई। जयंत ने 204 गेंदों में 15 चौके लगाए। 

भारत का नौंवा विकेट 615 के कुल योग पर गिरा। उन्होंने अपनी पारी में 340 गेंदों का सामना कर 25 चौके और एक छक्का लगाया। इसके साथ ही कोहली ने एक और रिकॉर्ड अपने नाम किया है। वह एक साल में तीन दोहरा शतक लगाने वाले पहले भारतीय और विश्व के पांचवें खिलाड़ी बन गए हैं। 

इसके बाद भुवनेश्वर कुमार ने 9 और उमेश यादव ने नाबाद सात रन बनाए। भुवनेश्वर के आउट होने के साथ ही भारतीय टीम की पारी 631 रनों पर सिमट गई। 

कोहली टेस्ट में सर्वोच्च स्कोर करने वाले भारतीय कप्तान बन गए हैं। उनसे पहले यह रिकॉर्ड महेंद्र सिंह धौनी के नाम था। धौनी ने आस्ट्रेलिया के खिलाफ 22 फरवरी, 2013 में 224 रन बनाए थे।

इंग्लैंड के लिए आदिल राशिद ने सबसे अधिक चार विकेट लिए जबकि मोइन अली तथा जोए रूट को दो-दो सफलता हासिल हुई, वहीं को दो और क्रिस वोक्स और जैक बॉल एक-एक विकेट लेने में सफल रहे। 

Saturday, December 10, 2016

लोढ़ा समिति और BCCI मामले पर सुनवाई फिर टली

लोढ़ा समिति और BCCI मामले पर सुनवाई फिर टली

lodha-committee-bcci-hearing-adjourns-again-in-supreme-court

नई दिल्ली, 9 दिसंबर: सर्वोच्च न्यायालय ने सोमवार को न्यायमूर्ति लोढ़ा समिति की याचिका पर सुनवाई को शुक्रवार को लगातार दूसरी बार टाल दिया है। अब इस मामले पर सुनवाई 14 दिसंबर को होगी। वेबसाइट ईएसपीएनक्रिकइंफो के मुताबिक, एक अन्य मामले की सुनवाई देर तक चलने के कारण इस मामले की सुनवाई को टाल दिया गया। 

न्यायमूर्ति ए.एम. खानविलकर और न्यायमूर्ति डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने लोढ़ा पैनल द्वारा दायर तीसरे यथास्थिति रिपोर्ट पर पांच दिसंबर को होने वाली सुनवाई को मुख्य न्यायमूर्ति टी.एस. ठाकुर के अस्वस्थ रहने के कारण टाला था, जो इस पीठ के अध्यक्ष हैं। 

सर्वोच्च अदालत ने लोढ़ा समिति पर अंतिम सुनवाई 21 अक्टूबर को की थी। तब अदालत ने बीसीसीआई के राज्य संघों को तब तक फंड न देने को कहा था, जब तक वह समिति की सिफारिशों को लागू नहीं करते। 

Wednesday, December 7, 2016

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI को पैसे निकालने की इजाजत दी

सुप्रीम कोर्ट ने BCCI को पैसे निकालने की इजाजत दी

supreme-court-allow-bcci-to-withdraw-money-for-india-england-series

नई दिल्ली, 7 दिसम्बर: सर्वोच्च न्यायालय ने बुधवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) को मुंबई और चेन्नई में इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले दो टेस्ट मैचों और तीन एकदिवसीय व तीन टी ट्वेंटी मैचों के लिए कुल 2.83 करोड़ रुपये अपने खाते में से खर्च करने की इजाजत दे दी। अदालत ने इन दो टेस्ट मैचों के लिए बोर्ड को 1.33 करोड़ रुपये खर्च करने के लिए सहमति दे दी है। 

इसके अलावा अदालत ने बीसीसीआई को अगले साल इंग्लैंड के खिलाफ होने वाली तीन एकदिवसीय और तीन टी-20 मैचों की श्रृंखला के लिए 25 लाख रुपये प्रत्येक मैच (कुल 1.5 करोड़) खर्च करने की मंजूरी भी दे दी है। 

प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी.एस.ठाकुर, न्यायमूर्ति ए.एम.खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी.वाई.चंद्रचूड़ ने बीसीसीआई से राजकोट, विशाखापट्नम और मोहली में हुए टेस्ट मैचों के साथ-साथ मुंबई और चेन्नई में होने वाले टेस्ट मैचों में खर्च का हिसाब मांगा। 

बीसीसीसीआई ने अदालत से तीन एकदिवसीय मैचों और तीन टी-20 मैचों की श्रृंखला के लिए 3.79 करोड़ रुपये की मांग की थी। लेकिन, अदालत ने उसे एकदिवसीय और टी-20 श्रृंखला के लिए 25 लाख रुपये प्रति मैच और मुंबई तथा चेन्नई में होने वाले टेस्ट मैच के लिए 1.33 करोड़ रुपये खर्च करने की मंजूरी दी। 

लोढ़ा समिति की तरफ से दलील दे रहे वरिष्ठ वकील गोपाल शंकरनारायणन ने बीसीसीआई की अपील की मुखालफत नहीं की लेकिन उन्होंने अदालत से कहा कि बीसीसीआई मैचों का आयोजन उन राज्य संघों के मैदानों पर करा रहा है जो लोढ़ा समिति की सिफारिशों को लागू करने से मना कर रहे हैं। 

गोपाल ने अदालत से कहा, "यह वे राज्य हैं जिन्होंने आपके आदेशों को नहीं माना है। लेकिन, मैचों का आयोजन फिर भी इन्हीं के मैदानों पर किया जा रहा है।"

प्रधान न्यायाधीश ठाकुर ने बीसीसीआई से आय-व्यय की जानकरी मांगते हुए कहा, "हम जानना चाहते हैं कि कितना पैसा खर्च हुआ है और बीसीसीआई को कितने पैसे मिले हैं।"

उन्होंने कहा, "आप अपनी आय से ज्यादा खर्च कर रहे हैं। हर टेस्ट मैच के लिए बैलेंस शीट होती है।" 

न्यायमूर्ति ठाकुर की यह टिप्पणी बीसीसीआई की तरफ से दलील दे रहे वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल द्वारा पेश किए गए कुछ आंकड़ों के बाद आई।

सर्वोच्च न्यायालय ने आठ नवंबर को बीसीसीआई को इंग्लैंड के खिलाफ राजकोट में हुए पहले टेस्ट मैच के लिए 58.66 लाख रुपये खाते से निकलने को मंजूरी दी थी। अदालत ने बोर्ड को तीन दिसंबर तक बाकी मैचों के लिए भी इतनी ही रकम खर्च करने की बात कही थी। 

क्रिकेट प्रशासन में बदलाव के लिए सर्वोच्च अदालत द्वारा गठित लोढ़ा समिति की सिफारिशों के आने के बाद अदालत ने 21 अक्टूबर से बोर्ड के खातों पर रोक लगाई हुई है। समिति का कहना था कि जब तक बीसीसीआई उसकी सिफारिशों को लागू नहीं करता तब तक वह अपने खातों से पैसा नहीं खर्च कर सकेगा। 

समिति ने साफ तौर पर कहा हुआ है कि बोर्ड जब तक उसकी सिफारिशों को लागू नहीं करता तब तक यह रोक जारी रहेगी।

Tuesday, November 29, 2016

मोहाली टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 8 विकेट से रौंदा, 2-0 से आगे

मोहाली टेस्ट में भारत ने इंग्लैंड को 8 विकेट से रौंदा, 2-0 से आगे

mohali-test-india-beat-england-8-wickets-lead-series-from-2-0

मोहाली (पंजाब), 29 नवंबर: भारतीय क्रिकेट टीम ने अपने शानदार हरफनमौला खेल के दम पर पंजाब क्रिकेट संघ (पीसीए) स्टेडियम में खेले गए तीसरे टेस्ट मैच के चौथे दिन मंगलवार को इंग्लैंड को आठ विकेट से हरा दिया। इसी के साथ मेजबानों ने पांच टेस्ट मैचों की श्रृंखला में 2-0 की बढ़त ले ली है। 

भारत ने इंग्लैंड को उसकी दूसरी पारी में 236 रनों पर समेट दिया था, जिसके बाद उसे 103 रनों का लक्ष्य मिला था। मेजबानों ने इस लक्ष्य को 20.2 ओवरो में दो विकेट खोकर हासिल कर जीत दर्ज की। 

भारत को पार्थिव पटेल (नाबाद 67) और कप्तान विराट कोहली (नाबाद 6) ने जीत की दहलीज पर पहुंचाया। पटेल ने मुरली विजय (0) का विकेट सात के कुल स्कोर पर गिर जाने के बाद चेतेश्वर पुजारा (25 ) के साथ दूसरे विकेट के लिए 81 रनों की साझेदारी की। पुजारा को आदिल राशिद ने जोए रूट के हाथों कैच कराया। 

54 गेंदों में 11 चौके और एक छक्का लगाने वाल पटेल ने चौका मार टीम को जीत दिलाई। भारत की पहली पारी में 90 रनों का योगदान देने वाले और इस मैच में कुल चार विकेट लेने वाले रवींद्र जडेजा को मैन ऑफ द मैच चुना गया। 

इंग्लैंड ने तीसरे दिन का खेल खत्म होने तक 78 रनों पर अपने चार विकेट गंवा दिए थे। चौथे दिन अपने सोमवार के स्कोर से आगे खेलने उतरी मेहमान टीम ने दिन के पहले सत्र में अपने तीन विकेट गंवाए। 

गारेथ बैटी (0), जोस बटलर (18) और जोए रूट (78) दिन के पहले सत्र में पवेलियन लौटे। बैटी और बटलर को क्रमश: रवींद्र जडेजा और जयंत यादव ने पवेलियन भेजा। 

एक छोर संभालकर खड़े रूट ने इसके बाद हसीब हमीद (नाबाद 59) के साथ सातवें विकेट के लिए 45 रनों की साझेदारी कर टीम को स्थिरता देने की भरपूर कोशिश की, लेकिन वे इस साझेदारी को पहले सत्र से आगे ले जाने में असफल रहे।

जडेजा ने पहले सत्र की समाप्ति से ठीक पहले 152 के कुल योग पर रूट की संघर्षभरी पारी पर विराम लगाया। रूट का कैच अजिंक्य रहाणे ने लपका। रूट ने 179 गेंदों की धैर्यभरी पारी में छह चौके लगाए। 

आमतौर पर सलामी बल्लेबाजी करने वाले हमीद उंगली में चोट के कारण इस पारी में आठवें नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे। उन्होंने तीन महत्वपूर्ण साझेदारियां कर टीम को बढ़त दिलाने में अहम भूमिका निभाई। 

रूट के बाद उन्होंने दूसरे सत्र में क्रिस वोक्स (30) के साथ आठवें विकेट के लिए 43 रनों की साझेदारी की। लेकिन मोहम्मद समी ने 195 के स्कोर पर वोक्स आउट कर इस साझेदारी को तोड़ा। 

वोक्स के जाने के बाद समी ने आदिल राशीद को भी बिना खाता खोले पवेलियन लौटाया। जेम्स एंडरसन (5) के रूप में इंग्लैंड का आखिरी विकेट गिरा। वह रन आउट हुए। नाबाद रहने वाले हमीद ने 156 गेंदें खेलीं और छह चौके एवं एक छक्का लगाया और एंडरसन के साथ दसवें विकेट के लिए 41 रनों की साझेदारी की। 

भारत की तरफ से रविचन्द्रन अश्विन ने तीन विकेट लिए। जडेजा, जयंत यादव और समी को दो-दो विकेट मिले। 

इंग्लैंड ने पहली पारी में जॉनी बेयर्सटो (89) और बटलर (43) की बदौलत मात्र 283 रन बनाए थे। इंग्लैंड की पारी को सस्ते में समेटने में भारतीय गेंदबाजों का संयुक्त प्रयास था।

मोहम्मद समी ने सर्वाधिक तीन, जबकि उमेश यादव, जयंत और जडेजा ने दो-दो विकेट लिए थे। अश्विन को एक विकेट मिला था।

इसके बाद भारत ने निचले क्रम पर जडेजा (90), अश्विन (72) और जयंत (55) के शानदार अर्धशतकों की बदौलत पहली पारी में 417 रन बनाए और इंग्लैंड पर 134 रनों की बढ़त हासिल की।

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ, जबकि सातवें क्रम से नीचे के तीन-तीन बल्लेबाजों ने अर्धशतक लगाए। इससे पहले आठ वर्ष के लंबे अंतराल के बाद टेस्ट टीम में वापसी करने वाले पार्थिव पटेल (42), चेतेश्वर पुजारा और कप्तान विराट कोहली (62) ने भी अहम पारियां खेलीं।

Monday, November 21, 2016

भारत ने पहले टेस्ट में इंग्लैंड को पटना, 1-0 से बनायी बढ़त

भारत ने पहले टेस्ट में इंग्लैंड को पटना, 1-0 से बनायी बढ़त

india-win-first-test-from-england-in-visakhapatnam

विशाखापट्नम, 21 नवंबर: भारत ने डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी एसीए-वीसीए क्रिकेट स्टेडियम में हुए दूसरे टेस्ट मैच के पांचवें दिन सोमवार को इंग्लैंड को 246 रनों के बड़े अंतर से हराकर पांच मैचों सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। चौथे दिन की समाप्ति तक मेहमान टीम ने 405 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए 87 रनों पर दो विकेट गंवा दिए थे। पांचवें दिन के पहले सत्र में उसने पांच विकेट गंवाए और फिर दूसरे सत्र में बाकी के तीन विकेट गंवा दिए।

मेहमान टीम 97.3 ओवरों का सामना करते हुए 158 रन ही बना सकी। उसकी ओर से जॉनी बेयर्सटो 34 रनों पर नाबाद लौटे। भारत की कसी गेंदबाजी के आगे इंग्लिश टीम के सात बल्लेबाज दहाई तक नहीं पहुंच सके।

भारत की ओर से रविचंद्रन अश्विन और जयंत यादव ने तीन-तीन सफलता हासिल की जबकि रवींद्र जडेजा और मोहम्मद समी को दो-दो सफलता मिली।

भोजनकाल तक जॉनी बेयरस्टो 23 रन बनाकर क्रीज पर जमे हुए थे। उनके साथ क्रीज पर नाबाद मौजूद जफर अंसारी ने खाता नहीं खोला था। भोजनकाल के बाद अंसारी खाता खोले बगैर अश्विन का शिकार हुए जबकि स्टुअर्ट ब्रॉड (5) तथा जिमी एंडरसन (0) को यादव ने चलता किया।

कप्तान एलिस्टर कुक (54) के विकेट गिरने के साथ चौथे दिन का खेल समाप्त हो गया था। दो विकेट पर 83 रन के स्कोर से आगे खेलने उतरी इंग्लैंड के लिए रविवार को नाबाद लौटे जोए रूट (25) के साथ बेन डकेट पारी को आगे बढ़ाने उतरे।

डकेट ने धैयपूर्वक खेलना शुरू किया हालांकि 16 गेंदों का सामना करने के बाद बगैर खाता खोले वह रविचंद्रन अश्विन का शिकार हुए। इसके बाद बेन स्टोक्स (2) और मोइन अली (6) के विकेट भी जल्दी जल्दी गिर गए।

रूट भी 107 गेंदों की अपनी संघर्षभरी पारी को और आगे नहीं ले जा सके और मोहम्मद समी की गेंद पर पगबाधा करार दिए गए। कुक और रूट के अलावा हसीब हमीद ने 25 रनों का योगदान दिया।

भारत ने कोहली (81), अजिंक्य रहाणे (26) और जयंत यादव (नाबाद 27) की बदौलत दूसरी पारी में 204 रन बनाते हुए इंग्लैंड के सामने चौथी पारी में 405 रनों की चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा।

इससे पहले भारत ने मैन ऑफ द मैच चुने गए कप्तान कोहली (167) और चेतेश्वर पुजारा (119) की बदौलत पहली पारी में 455 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया था, जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी महज 255 रनों पर सिमट गई। इंग्लैंड की पहली पारी समेटने में रविचंद्रन अश्विन का विशेष योगदान रहा।

अश्विन ने इंग्लैंड के पांच बल्लेबाजों को चलता किया। अश्विन ने इससे पहले बल्ले से भी अहम योगदान देते हुए 58 रनों की अर्धशतकीय पारी खेली थी।

Sunday, November 20, 2016

बैडमिंटन: सिंधु चीनी खिलाडी को पटककर जीता चीन ओपन का खिताब

बैडमिंटन: सिंधु चीनी खिलाडी को पटककर जीता चीन ओपन का खिताब

pv-sindhu-win-china-open-badminton-tournament

फूझोउ (चीन), 20 नवंबर: ओलम्पिक रजत पदक विजेता भारत की अग्रणी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी सिंधु ने रविवार को चीन ओपन सुपर सीरीज प्रीमियर बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया है। सिंधु ने महिला एकल वर्ग के फाइनल मुकाबले में उलटफेर करते हुए विश्व की नौंवीं वरीयता प्राप्त चीन की सुन यू को मात देकर खिताब हासिल किया।

11वीं विश्व वरीतया प्राप्त सिंधु ने एक घंटे नौ मिनट तक चले इस संघर्षपूर्ण मुकाबले में सुन यू को 21-11, 17-21, 21-11 से मात दी।

इस जीत के साथ ही सिंधु ने अपने करियर का पहला सुपर सीरीज प्रीमियर खिताब जीत लिया।

सिंधु और सुन के बीच यह छठा मुकाबला था, जिसमें सिंधु ने जीत-हार का आंकड़ा 3-3 से बराबर कर लिया।