Showing posts with label Religion. Show all posts
Showing posts with label Religion. Show all posts

Sep 21, 2017

अभी तो सिर्फ 40000 भारत आये हैं, म्यांमार से 14 लाख रोहिंग्या को भी भारत लाना चाहता है ओवैसी

अभी तो सिर्फ 40000 भारत आये हैं, म्यांमार से 14 लाख रोहिंग्या को भी भारत लाना चाहता है ओवैसी

asaduddin-owaisi-want-to-bring-15-lakh-rohingya-muslims-in-india

रोहिंग्या मुसलमानों के रूप में असदुद्दीन ओवैसी को एक बड़ा वोटबैंक दिखाई पड़ रहा है इसलिए उन्हें भारत में बसाने के लिए ओवैसी बहुत परेशान हैं, अभी तो सिर्फ 40 हजार रोहिंग्या मुस्लिम गैरकानूनी तरीके से भारत आये हैं, म्यांमार से 15 लाख रोहिंग्या और निकलने की तैयारी में हैं, ओवैसी चाहता है कि उन 15 लाख लोगों को भी भारत में बसा दिया जाए, अगर ऐसा होगा तो ओवैसी का वोटबैंक बढ़ जाएगा और हो सकता है कि उसकी नेतागिरी चमक जाए. ओवैसी ने हैदराबाद में भी उनके लिए कैम्प लगाया है.

आपको बता दें कि कल राजनाथ सिंह ने एक कार्यक्रम में बोलते हुए कहा कि रोहिंग्या लोग अवैध अप्रवासी हैं, इनके खिलाफ कोर्ट के फैसले का बाद एक्शन किया जाएगा. ओवैसी को राजनाथ सिंह की बात बुरी लग गयी, उसनें कहा कि रोहिंग्या को अवैध अप्रवासी बताना गलत है क्योंकि ये भी इंसान हैं. ये अपनी जान बचाने के लिए इधर उघर भटक रहे हैं.

ओवैसी ने जम्मू कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ़्ती पर भी हमला बोलते हुए कहा कि वे कहती हैं कि रोहिंग्या आतंकी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं लेकिन क्या उनके पास एक भी सबूत है जिसमें रोहिंग्या ने कोई आतंकी वारदात को अंजाम दिया हो.

ओवैसी ने कहा कि रोहिंग्या लोग होमलेस लोग हैं, वे समस्याओं में जी रहे हैं, हमें उनके साथ इंसानियत दिखानी चाहिए, म्यांमार में 15 लाख रोहिंग्या हैं, उनमें से अधिकतर के पास लीगल पेपर नहीं हैं , उनके पास जीने का कोई अधिकार नहीं है, उन लोगों की मदद भारत को करनी चाहिए. मतलब उन्हें भी भारत में लाकर बसा देना चाहिए.

Sep 19, 2017

सुमित्रा महाजन बोलीं ‘क्या आप रोहिंग्या मुस्लिमों का बोझ उठा सकते हो’ मीडिया की बोलती बंद

सुमित्रा महाजन बोलीं ‘क्या आप रोहिंग्या मुस्लिमों का बोझ उठा सकते हो’ मीडिया की बोलती बंद

sumitra-mahajan-said-india-cannot-wear-burned-of-rohingya-muslims

रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों के मामले पर आज लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन से धमाकेदार बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत रोहिंग्या मुस्लिमों का बोझ नहीं सक सकता, उन्होंने मीडिया से पूछा, आप लोग रोहिंग्या मुस्लिमों के बारे में जानते हो, क्या आप उनका बोझ उठा सकते हैं, उनकी बात सुनकर मीडिया की बोलती बंद हो गयी.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थियों को शरण देने के मामले पर मीडिया ने बवाल मचाया है, आज मीडिया ने सुमित्रा महाजन से भी इस मामले पर सवाल पूछ लिया लेकिन सुमित्रा महाजन ने मीडिया से ही ऐसा सवाल पूछा कि कोई जवाब ही नहीं दे पाया.

आपको बता दें कि भारत में करीब 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान अवैध तरीके से रहते हैं, भारत इन्हें देश से बाहर निकालने की तैयारी कर रहा है क्योंकि इन्होने गैर-कानूनी तरीके से भारत में एंट्री मारी है. विपक्षी दलों के नेता रोहिंग्या को बड़े वोट-बैंक के रूप में देख रहे हैं इसलिए इनका समर्थन कर रहे हैं.
रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन करने वाली BJP नेता को पार्टी से किया गया OUT

रोहिंग्या मुसलमानों का समर्थन करने वाली BJP नेता को पार्टी से किया गया OUT

bjp-leader-benazir-arfan-expelled-for-supprting-rohingya-muslim

केंद्र सरकार ने भी साफ़ कर दिया है कि रोहिंग्या मुस्लिमों के आतंकवादियों से सम्बन्ध हैं, ये लोग आतंकवाद में लिप्त होने की वजह से ही म्यांमार से भगाए गए हैं, इन्हें लश्करे तैयबा, अलकायदा और ISIS जैसे खतरनाक आतंकवादी संगठन ट्रेनिंग दे रहे हैं इसके बाद भी हमारे देश के कुछ नेता इनका समर्थन कर रहे हैं, असम की एक बीजेपी नेता बेनजीर अरफान भी रोहिंग्या मुस्लिमों का समर्थन कर रही हैं, ये असम में उनके कार्यक्रमों में गयी थीं, जैसे ही बीजेपी को इसकी खबर लगी, इन्हें पार्टी से आउट कर दिया गया है.

खबरों के मुताबिक गुवाहाटी के NGO यूनाइटेड माइनॉरिटी पीपुल्स फोरम ने 16 सितम्बर को रोहिंग्या शरणार्थियों के समर्थन में एक कार्यक्रम का आयोजन किया था जिसमें बेनजीर अरफान को भी आमंत्रित किया गया था, इसके अलावा बेनजीर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में भी रोहिंग्या मुस्लिमों का समर्थन किया था और इन्हें मासूम बताते हुए भारत में शरण देने की पैरवी की थी लेकिन इनकी पैरवी भारतीय जनता पार्टी को पसंद नहीं आयी और इन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि बेनजीर खुद को मोदी से प्रभावित बताती हैं, ये तीन तलाक की शिकार रही हैं और मोदी सरकार की तीन तलाक से प्रभावित होकर ही बीजेपी में शामिल हुई थीं लेकिन अब पार्टी से निलंबित होने से नाराज हैं. उन्होंने कहा है कि मैं इसकी शिकायत आलाकमान से करुँगी क्योंकि मुझे जवाब देने का मौका भी नहीं दिया गया.

Sep 17, 2017

रोहिंग्या मुसलमानों के लिए RSS नेता इन्द्रेश कुमार ने दिया सबसे बढ़िया सुझाव, सबको आ रहा पसंद

रोहिंग्या मुसलमानों के लिए RSS नेता इन्द्रेश कुमार ने दिया सबसे बढ़िया सुझाव, सबको आ रहा पसंद

rss-leader-indresh-kumar-best-idea-for-rohingy-muslim-settelement

रोहिंग्या मुसलमानों को लेकर कुछ लोग बहुत परेशान हैं, कई लोग कह रहे हैं कि रोहिंग्या मुसलमानों को भारत में ही बसा देना चाहिए क्योंकि ये इंसान हैं लेकिन सवाल यह है कि जब भारत खुद इतना गरीब हैं, हमारे यहाँ खुद ही करोड़ों लोग गरीबी रेखा से नीचे हैं. हमारे यहाँ लोग भूखों मर रहे हैं, हमारे यहाँ लोगों को रोजगार नहीं मिल रहा है, हमारे यहाँ शिक्षा की बुरी हालत है, इसके अलावा कुछ लोग यह भी कहते हैं कि भारत के मुसलमान डरे हुए हैं, ऐसे में क्या रोहिंग्या मुसलमानों को शरण देना सही है.

रोहिंग्या लोगों के लिए कई लोगों ने सुझाव दिए लेकिन सबसे दमदार सुझाव आरएसएस नेता इन्द्रेश कुमार ने दिया. उनका सुझाव लोगों को बहुत पसंद भी आ रहा है.  उन्होंने कहा कि भारत की जनसँख्या पहले से अधिक है, हमारे यहाँ रहने को घर, खेती के लिए जमीन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की कमीं है, ऐसे में हम अतिरिक्त जनसँख्या का बोझ नहीं सह सकते.

उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिए मुस्लिम देशों को आगे आना चाहिए, आखिर में ये लोग उनके भाई बंधु हैं, जब मुस्लिम देश मुश्किल समय में मुसलमानों के ही काम नहीं आयेंगे तो उन पर लानत है, उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राकृतिक संशाधनों की कमीं है इसलिए रोहिंग्या मुसलमाओं को मुस्लिम देश ले जाएँ और आपस में थोडा थोडा बाँट लें.

rohingya-muslim-news-in-hindi

Sep 15, 2017

RSS नेता इन्द्रेश कुमार बोले, भारत की जनसँख्या अधिक, रोहिंग्या को मुस्लिम देश ले जाएं, बाँट लें

RSS नेता इन्द्रेश कुमार बोले, भारत की जनसँख्या अधिक, रोहिंग्या को मुस्लिम देश ले जाएं, बाँट लें

rss-leader-indresh-kumar-said-india-cant-handle-rohingya-population

रोहिंग्या मुसलमानों को शरण को लेकर आरएसएस नेता इन्द्रेश कुमार ने विल्कुल सधा हुआ बयान दिया है. उन्होंने कहा कि भारत की जनसँख्या पहले से अधिक है, हमारे यहाँ रहने को घर, खेती के लिए जमीन और अन्य प्राकृतिक संसाधनों की कमीं है, ऐसे में हम अतिरिक्त जनसँख्या का बोझ नहीं सह सकते.

उन्होंने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों की मदद के लिए मुस्लिम देशों को आगे आना चाहिए, आखिर में ये लोग उनके भाई बंधु हैं, जब मुस्लिम देश मुश्किल समय में मुसलमानों के ही काम नहीं आयेंगे तो उन पर लानत है, उन्होंने कहा कि भारत के पास प्राकृतिक संशाधनों की कमीं है इसलिए रोहिंग्या मुसलमाओं को मुस्लिम देश ले जाएँ और आपस में थोडा थोडा बाँट लें.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में करीब 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान शरणार्थी शिविरों में रह रहे हैं जबकि लाखों बॉर्डर पर खड़े होकर भारत में घुसने का इन्तजार कर रहे हैं, भारत के लिबरल लोग रोहिंग्या को भारत में शरण देने की वकालत कर रहे हैं जबकि भारत पहले से ही जनसँख्या वृद्धि से परेशान है.

Sep 11, 2017

मुस्लिमों की भीड़ ने पुलिसकर्मी को मारा, कांग्रेस में अगर दम है तो उठाये मोब लिंचिंग का मुद्दा

मुस्लिमों की भीड़ ने पुलिसकर्मी को मारा, कांग्रेस में अगर दम है तो उठाये मोब लिंचिंग का मुद्दा

muslims-mob-lynching-of-police-cop-in-jaipur-for-vehicle-checking

पिछले संसद सत्र में कांग्रेस पार्टी ने मोब लिंचिंग का मुद्दा उठाया था. उनका कहना था कि हिन्दुओं की भीड़ मुस्लिमों को मार दे रही है, कांग्रेस ने जुनैद का मुद्दा उठाया था जिसे बल्लभगढ़ में ट्रेन के अन्दर सीट-विवाद में मार दिया गया था. कल ऐसी ही एक घटना जयपुर में सामने आयी जहाँ पर मुस्लिमों की भीड़ ने एक पुलिसकर्मी को मार डाला और 10 को घायल कर दिया. अब सवाल यह है कि क्या कांग्रेस पार्टी इसे मोब लिंचिंग मानेगी, क्या इसका मामला संसद में उठाएगी. अभी तक इस घटना के खिलाफ किसी भी कांग्रेसी नेता ने अपना मुंह नहीं खोला है. किसी भी नेता ने इस घटना के खिलाफ सख्त कर्यवाही की मांग नहीं की है क्योंकि यहाँ पर मारने वाले मुस्लिम हैं.

मुस्लिमों की भीड़ ने क्यों मारा सिपाही को 

बात सिर्फ इतनी थी कि जयपुर के रामगंज थाना एरिया में पुलिस ने गाड़ियों की चेकिंग के लिए नाका लगाया था. उसी दौरान एक मुस्लिम दिखा तो पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया लेकिन वह भागने लगा. पुलिस ने उसे तुरंत पकड़कर एक दो हाथ लगा दिया और लगाना भी चाहिए क्योंकि पुलिस के रोकने पर उसे रुकना चाहिए, अगर कोई भागता है तो पुलिस को उसपर शक होना लाजमी है.

इसके बाद वह मुस्लिम युवक अपने घर गया और अपने साथ 100-200 मुसलामानों की भीड़ लाया. उन्होंने तुरंत ही रामगंज थाने को चारों तरफ से घेर लिया और पत्थरबाजी कार दी. पुलिस वालों ने जब उन्हें रोकना चाहा तो उन्होने पुलिस वालों को मारना शुरू कर दिया जिसमें 1 पुलिसकर्मी मर गया और 10 घायल हो गए. उन्होंने कई गाड़ियाँ भी जला दीं जिसमें बाद पुलिस ने भीड़ पर फायरिंग की जिसमें मुहम्मद आदिल नाम के एक युवक की मौत हो गयी और कई घायल हो गए. इसके बाद बवाल और मच गया जिसके बाद पुलिस ने कई इलाकों में इन्टरनेट सेवा बंद कर दी और कर्फ्यू लगा दिया. अभी भी जयपुर के कई इलाकों में कर्फ्यू है और स्कूल कॉलेज बंद हैं.

अब यहाँ पर सोचने वाली बात यह है कि क्या पुलिस वाले ने मुस्लिम युवक को चेकिंग के लिए रोककर गलती कर दी. क्या मुस्लिमों की चेकिंग ही नहीं करनी चाहिए वरना ये लोग अपने साथ 100-200 की भीड़ लाकर मार काट मचा देंगे. पुलिस वालों को ही मार डालेंगे. यह अपने आप में सोचने वाली बात है. 

Sep 10, 2017

इस महिला के साथ सऊदी अरब में मालिक करना था जोर-जबरजस्ती, सुषमा स्वराज बचाकर ले आयीं भारत

इस महिला के साथ सऊदी अरब में मालिक करना था जोर-जबरजस्ती, सुषमा स्वराज बचाकर ले आयीं भारत

indian-woman-facing-sexual-harassment-in-riyadh-brought-back-home

सऊदी अरब में एक मुस्लिम महिला के साथ उसका मालिक जोर जबरजस्ती करता था, उसके साथ काफी समय से यौन उत्पीडन और अत्याचार होता था लेकिन जब उसनें विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से गुहार लगाई तो विदेश मंत्री ने उसे बचाकर भारत वापस ले आयीं.

यह महिला हैदराबाद की रहने वाली है. कुछ महीनें पहले ये पैसे कमाने के लालच रियाध चली गयी थी लेकिन वहां पैसे के बजाय इसके साथ इसका मालिक यौन अत्याचार करने लगा, इसके साथ बलात्कार करने लगा. इसको ना खाना मिलता था और ना पानी. इसे कमरे में बंद करके रखा जाता था. एक महीनें पहले इसकी बहन ने विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को इसके साथ हो रहे अत्याचार की सूचना दी. विदेश मंत्रालय तुरंत हरकत में आ गया और आज उसे भारत वापस लाया गया.

महिला का नाम हुमेरा बेगम है. उन्होंने आज बताया कि रियाध में उनका मालिक उन्हें मारता पीटता था. मैं वहां पर बहुत परेशान रहती थी. मुझे पर्याप्त खाना भी नहीं मिलता था. उन्होंने मुझे मेरी बहन से भी बात नहीं करने दिया. जब मैं उन्हें खाना देती थी तो वे लोग मेरा हाथ पकड़ लेते थे और मेरे साथ जबरजस्ती करते थे. मैं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज का शुक्रिया अदा करती हूँ जो मुझे बचाकर वापस ले आयीं.

हुमराह के लालच में गयीं थी रियाध

महिला का कहना है कि मेरे एजेंट ने मुझे कहा था कि वहां पर जाने के बाद मुझे हर महीनें 25000 रुपये की सैलरी मिलेगी साथ ही हुमराह कराने का मौका मिलेगा जो जिन्दगी में सिर्फ एक बार करने को मिलता है. मैं इसी हुमराह के लालच में वहां चली गयी और अपना सत्यानाश करा बैठी.

Sep 4, 2017

आतंकवाद को बिना दया दिखाए कुचल देना चाहिए, हर तरह से ख़त्म कर दो: वेंकैया नायडू

आतंकवाद को बिना दया दिखाए कुचल देना चाहिए, हर तरह से ख़त्म कर दो: वेंकैया नायडू

venkaiah-naidu-told-terrorism-has-no-color-and-religion-news-hindi

उप-राष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने आतंकवाद को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद मानवता का सबसे बड़ा दुश्मन है. उन्होंने कहा कि आतंकवाद का कोई रंग नहीं होता, कोई धर्म नहीं होता, कोई जेंडर नहीं होता लेकिन दुर्भाग्य से कुछ लोग अपने राजनीतिक फायदे के लिए आतंकवाद को धर्म से जोड़ देते हैं. वेंकैया नायडू ने आज हैदराबाद में एक प्रोग्राम के दौरान यह बातें कहीं.

उप-राष्ट्रपति ने कहा कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है. मैं अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील करता हूँ, विशेष रूप से वकीलों और वेशेवर लोगों से अपील करता हूँ कि इस मुद्दे पर ध्यान दें और अपने देशों में आतंकवाद से लड़ने के लिए कानून लाएं.

वेंकैया नायडू ने कहा कि भारत बहुत पहले से आतंकवाद का शिकार रहा है लेकिन दुनिया ने इस पीड़ा का अनुभव कभी नहीं किया लेकिन जब उनके यहाँ आतंकवादी हमले होने लगे, अमेरिका, यूरोप और हर जगह आतंकवादी हमले होने लगे तब उन्हें पीड़ा का अनुभव हुआ. मैं कहता हूँ कि आतंकवाद मानवता का दुश्मन है इसलिए इसे बिना दया दिखाए कुचल देना चाहिए, आतंकवाद को हर तरह से कुचलना चाहिए, इसे कानूनी रूप से, राजनीतिक रूप से और प्रशासनिक रूप से ख़त्म कर देना चाहिए, साथ ही लोगों को आतंकवाद के खिलाफ जागरूक भी किया जाना चाहिए.

Sep 2, 2017

ये मुस्लिम अपने बकरे को नहला धुलाकर खिला रहा कूलर की हवा, CCTV से निगरानी, कल काटेगा गला

ये मुस्लिम अपने बकरे को नहला धुलाकर खिला रहा कूलर की हवा, CCTV से निगरानी, कल काटेगा गला

bakra-eid-al-adha-tomorrow-muslim-ready-to-sacrifice-goat-and-eat

कल मुस्लिमों का बकरा ईद का त्यौहार है. सभी लोगों ने अपना अपना बकरा तैयार कर लिया है. कल सबका गला रेतकर कुर्बानी दी जाएगी और सभी लोग आपस में उनका मांस बांटकर खा जाएंगे. कुछ मुस्लिम अपने बकरों का ख़ास ख्याल रख रहे हैं.

मध्य प्रदेश में एक मुस्लिम ने अपने बकरे की आज रात में अच्छी खासी खातिरदारी किया है. बकरे को नहला धुलाकर उसके लिए बढ़िया बिस्तर सजाया गया है. उसे हवा खिलाने के लिए कूलर का इंतजाम किया गया है. इसके अलावा बकरे की CCTV कैमरे से निगरानी की जा रही है.

मुस्लिम व्यक्ति का कहना है कि इस्लाम में बकरे को बेटा माना गया है इसलिए कल बकरे की कुर्बानी देकर हम बेटे की कुर्बानी देंगे, इसीलिए आज हम बकरे का बेटे जैसा ख्याल रख रहे हैं. 
bakra-eid

Aug 23, 2017

कवि कमल आग्नेय बोले, मौलवियों का निकला दिवाला, तीन तलाक ख़त्म, अब कैसे करेंगे हलाला: पढ़ें

कवि कमल आग्नेय बोले, मौलवियों का निकला दिवाला, तीन तलाक ख़त्म, अब कैसे करेंगे हलाला: पढ़ें

kavi-kamal-agney-show-happiness-on-triple-talaq-halala-decision
सुप्रीम कोर्ट एन तीन तलाक का दिया है. इससे पहले बहुत लम्बी लड़ाई चली, कई बार आन्दोलन हुए लेकिन मोदी सरकार ने तीन तलाक पर अपना रूख स्पष्ट करके आन्दोलनकारियों का काम आसान कर दिया. तीन तलक ख़त्म होने पर कवि लोग भी अपनी प्रसन्नता व्यक्त कर रहे हैं, जाने माने युवा कवि कमल आग्नेय ने भी तीन तलाक ख़त्म होने पर ख़ुशी जाहिर करते हुए कविता के माध्यम से कुछ कहने की कोशिश की है -

सलमा, सकीना व सलीमा यही सोचती थी
न्याय धर्म वाला ये निराला कैसे करेंगे
चमगादड़ो का साम्राज्य है चरम पर
अंधकार चीर के उजाला कैसे करेंगे
आसमान का रिसाला मौलवी था मतवाला
खाला जी के साथ मुँह काला कैसे करेंगे
मुल्ला का दिवाला इसी दर्द ने निकाला यदि
होगा न तलाक तो हलाला कैसे करेंगे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तीन तलाक और हलाला ख़त्म होने से मौलवियों का दिवाला निकल गया है क्योंकि तीन तलाक़ और हलाला के चक्कर में मुस्लिमों को फंसकर वे मोटी कमाई करते थे, वे लोग तीन तलाक में पैसे कमाते थे लेकिन हलाला करके सेक्स का एंजोयमेंट भी करते थे.

आपको बता दें कि कई मामलों में जब मुस्लिम महिलाओं के पति छोटी सी गलती पर तलाक तलाक तलाक बोलकर शादी तोड़ देते थे और बाद में जब उन्हें अपनी गलती का अहसास होता था तो उन्हें दोबारा शादी करनी पड़ती थी लेकिन इससे पहले महिलाओं का हलाला होता था. 

हलाला में महिलाओं को किसी और मर्द से शादी करके उनके साथ हमबिस्तर होना पड़ता था दूसरे दिन उनसे तलाक लेकर फिर से पहले वाले के साथ शादी करनी पड़ती थी. कई बार तो मौलवी लोग ही महिलाओं ने शादी करके उनका हलाला कर देते थे और मोटी रकम भी वसूलते थे लेकिन अब तीन तलाक भी ख़त्म हो गया और हलाला भी ख़त्म हो गया. अब मौलवियों की ना तीन तलाक से कमाई होगी और ना ही हलाला करने का सुख मिलेगा.
सबसे ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति करता हैं ट्रिपल-तलाक, हलाला का समर्थन, तो अनपढ़ मुसलमान क्या करें

सबसे ऊंचे पद पर बैठा व्यक्ति करता हैं ट्रिपल-तलाक, हलाला का समर्थन, तो अनपढ़ मुसलमान क्या करें

chief-justice-india-jagdish-singh-khehar-support-triple-talak-halala

राष्ट्रपति भले ही देश की सबसे बड़ा पद होता है लेकिन संवैधानिक पद की सबसे ऊंची पोस्ट सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश की होती है. प्रधान न्यायाधीश ही राष्ट्रपति को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाते हैं. अब आप खुद सोचिये, अगर सबसे ऊंची पोस्ट पर बैठा व्यक्ति ही तीन तलाक और हलाला का समर्थन कर रहा है तो अनपढ़ और गरीब मुसलमानों की क्या गलती है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हर मुसलमान तीन तलाक और शरियत का समर्थन नहीं करता, पढ़े लिखे और सामाजिक लोग ना तो तीन तलाक का और ना ही शरियत का समर्थन करते हैं, लेकिन अनपढ़ और गरीब मुसलमानों को तीन तलाक़ और शरियत मानने के लिए मजबूर कर दिया जाता है क्योंकि मौलवी लोग उन्हें इन्हीं सब चीजों में फंसाकर लूटते रहते हैं.

अब आप सोचिये, पांच जजों की बेंच में से तीन जजों ने तीन तलाक के खिलाफ फैसला किया जबकि दो जजों ने तीन तलाक के हक में फैसला किया, सबसे हैरानी वाली बात तो ये थी कि तीन तलाक के हक में प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर भी थे. हालाँकि तीन जजों का बहुमत होने के नाते तीन तलाक को ख़त्म कर दिया गया लेकिन आप सोचिये, कट्टरपंथी और मौलवी लोग अब क्या करेंगे.

हम बताते हैं ये लोग क्या करेंगे. वे कहेंगे कि तीन तलाक में कोई बुराई नहीं है क्योंकि सबसे पढ़े लिखे और सबसे ऊंचे पद पर बैठने वाले भारत के प्रधान न्यायाधीश भी तीन तलाक को सही मानते हैं. उन्होने तीन तलाक के हक में फैसला दिया था लेकिन तीन लोग इसके खिलाफ थे इसलिए बात नहीं बनी. वे कहेंगे कि यार जब प्रधान न्यायाधीश तीन तलाक को सही मान सकते हैं तो हम और आप क्या चीज हैं.

मतलब प्रधान न्यायाधीश ने मुस्लिमों के अन्दर फूट डालने का काम किया है, उन्हें भड़काने का काम किया है, उन्हें कहने का मौका दे दिया, उन्हें सही साबित कर दिया है. आपको बता दें कि पांच जजों की बेंच में भारत के प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर भी शामिल थे और उन्होने तीन तलाक और हलाला का समर्थन किया था. मतलब प्रधान न्यायाधीश साहब चाहते थे कि मुस्लिम धर्म में तीन तलाक ऐसे ही चलता रहे और मुस्लिम महिलाओं का हलाला होता रहे.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि पांच जजों की बेंच को प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर लीड कर रहे थे, अन्य जज थे - न्यायाधीश नरीमन, न्यायाधीश ललित, न्यायाधीश कुरियन, न्यायाधीश नजीर.

पहले तो प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर और जस्टिस नजीर ने तीन तलाक का समर्थन किया और इसे चलने देने का प्रस्ताव दिया लेकिन न्यायाधीश नरीमन, न्यायाधीश ललित, न्यायाधीश कुरियन ने प्रधान न्यायाधीश और नयायाधीश नजीर के प्रस्ताव का विरोध किया और तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए इसे गैर-इस्लामिक भी बताया.

प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने इसके बाद भी अपनी पॉवर का इस्तेमाल करते हुए कई दांव-पेंच लगा ही दिए और इस मामले को 6 महीनें के लिए लटका दिया. उन्होंने धारा 142 के तहत अपनी ताकत का इस्तेमाल करते हुए केंद्र सरकार से 6 महीनें के भीतर कानून बनाने के लिए कहा जिसकी कोई जरूरत नहीं थी क्योंकि मुस्लिमों को मौजूदा कानून के अंतर्गत लाया जा सकता था लेकिन उन्हें तो दांव पेंच लगाना था. फैसला सुनाते हुए उन्होंने यह भी कहा कि तलाक-ए-बिददत संविधान की धारा 14, 15, 21 और 25 का उल्लंघन नहीं है.

Aug 22, 2017

हम तो पहले ही ट्रिपल तलाक के खिलाफ थे: सीताराम येचुरी

हम तो पहले ही ट्रिपल तलाक के खिलाफ थे: सीताराम येचुरी

sitaram-yechury-told-we-are-against-triple-talaq-from-earlier-news

CPM पार्टी के महासचिव सीताराम येचुरी ने ट्रिपल तलाक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि हम और हमारी पार्टी तो पहले से ही जल्दबाजी में दिए जाने वाले ट्रिपल तलाक के फैसले के खिलाफ थे. सुप्रीम कोर्ट ने जो फैसला किया है हम उसका स्वागत करते हैं.

सीताराम येचुरी ने कहा कि तीन तलाक पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला सही है लेकिन अभी भी इसमें  वरोधाभास है क्योंकि पांच जजों के पैनल में दो दोनों ने ट्रिपल तलाक के पक्ष में निर्णय दिया था. अगर पाँचों जजों ने एक सुर में ट्रिपल तलाक के खिलाफ फैसला सुनाया होता तो सही था. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने आज ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक बताते हुए इसे पूरी तरह से ख़त्म कर दिया लेकिन पांच जजों की बेंच में से सिर्फ तीन ने ट्रिपल तलाक के खिलाफ फैसला सुनाया, दो जजों ने ट्रिपल तलाक के पक्ष में फैसला सुनाया. पांच में से तीन जजों को बहुमत मानते हुए प्रधान न्यायाधीश ने ट्रिपल तलाक पर तत्काल रोक लगाते हुए केंद्र सरकार को 6 महीने के भीतर कानून बनाने का आदेश दे दिया.
तीन तलाक ख़त्म होने की खबर सुनकर खुश हो गए ओवैसी, सभी मुस्लिमों से की ये अपील: पढ़ें

तीन तलाक ख़त्म होने की खबर सुनकर खुश हो गए ओवैसी, सभी मुस्लिमों से की ये अपील: पढ़ें

asaduddin-owaisi-happy-supreme-court-verdict-on-triple-talaq

तीन तलक पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले से AIMIM के नेता असदुद्दीन ओवैसी भी खुश हैं. उन्होने सुप्रीम कोर्ट के फैसला का स्वागत करते हुए सभी मुसलमानों से इसे मामले की अपील की है, उन्होंने यह भी कहा कि इसपर कानून बनाने और इसे अमल में लाने के लिए सरकार को बहुत अधिक काम करना पड़ेगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि आज सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक को असंवैधानिक बताते हुए इसपर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दिया है साथ ही 6 महीनों के भीतर केंद्र सरकार को कानून बनाने का आदेश दिया है. केंद्र सरकार ने भी इस फैसले का स्वागत किया है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि तीन तलाक की सुनवाई शुरू करने से पहले सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार से उसकी राय पूछी थी, मोदी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि हम ट्रिपल तलाक को गलत मानते हैं. आज सुप्रीम कोर्ट ने वही फैसला सुनाया है जो मोदी सरकार चाहती थी. सुप्रीम कोर्ट के पांच जजों की बेंच में से तीन जजों ने ट्रिपल तलाक को असंवैधानिक बताया. बहुमत से ट्रिपल तलाक के खिलाफ फैसला आने के तुरंत बाद भारत के प्रधान न्यायाधीश जगदीश सिंह खेहर ने तत्काल ही तीन तलाक को समाप्त कर दिया और केंद्र सरकार को आदेश दिया कि 6 महीनों के भीतर तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाएं.

Aug 15, 2017

केजरीवाल को कट्टरपंथियों से लगता है डर, श्रीकृष्ण लिखने से डरे, लेकिन मोदी और राहुल गाँधी ने..

केजरीवाल को कट्टरपंथियों से लगता है डर, श्रीकृष्ण लिखने से डरे, लेकिन मोदी और राहुल गाँधी ने..

arvind-kejriwal-not-wrote-shri-krishna-name-in-janmashtmi-wish

आज भगवान श्री कृष्ण की जन्माष्टमी है. मतलब आज के ही दिन भगवान श्री कृष्ण का जन्म हुआ था और यह त्यौहार पूरे भारत में बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है. सभी नेता श्री कृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दे रहे हैं लेकिन अगर बधाई में श्रीकृष्ण का नाम ना लिखा जाए तो वह बधाई कैसी.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने आज बधाई तो दी लेकिन उन्होंने श्रीकृष्ण लिखने से परहेज किया. ऐसा लगता है कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल कट्टरपंथियों से बहुत डरते हैं या उनके वोट कटने से डरते हैं इसलिए श्रीकृष्ण और श्रीराम बोलने से परहेज करते हैं. आप उनका ट्वीट देखिये, उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा - आप सब के लिए ये जन्माष्टमी बहुत ही शुभ हो. देश से कसं रूपी शक्तियों का विनाश हो और सभी धर्मों और जातियों में प्यार और मोहब्बत का संचार हो.

अब आप प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गाँधी का ट्वीट देख लीजिये. दोनों ने साफ़ साफ़ श्रीकृष्ण का नाम लिखा और श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई दी. आप तीनों नेताओं का ट्वीट देखकर खुद समझिये, कट्टरपंथियों से सिर्फ केजरीवाल डरते हैं.


Aug 14, 2017

राष्ट्रपति ने दी कृष्ण जन्माष्ठमी की बधाई, बोले  'श्रीकृष्ण का जीवन सभी भारतीयों के लिए आदर्श'

राष्ट्रपति ने दी कृष्ण जन्माष्ठमी की बधाई, बोले 'श्रीकृष्ण का जीवन सभी भारतीयों के लिए आदर्श'

president-ramnath-kovind-congratulate-on-shri-krishna-janmashthmi

कल 15 अगस्त के साथ साथ कृष्ण जन्माष्ठमी भी है. आज राष्ट्रपति राम नाथ कोविन्‍द ने जन्माष्टमी के अवसर पर सभी देशवासियों को बधाई दी है। उन्‍होंने अपने संदेश में कहा - “जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर मैं सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं देता हूं.

रामनाथ कोविंद ने भगवान कृष्ण के जीवन के आदर्शों को सभी भारतीयों के लिए मूल्यवान बताया, साथ ही कहा कि अनीति के विरुद्ध नीति का साथ देने, लोक कल्याण की भावना से काम करने तथा फल की चिंता किए बिना कर्म करने की उनकी शिक्षा सबको प्रेरणा देती है.

उन्होएँ सभी भारतीयों से अपील करते हुए कहा - आइए इस पावन पर्व के दिन हम सब श्रीकृष्ण के बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लें, तथा लोकहित में काम करते हुए अपने समाज एवं राष्ट्र को मजबूत बनाएं.

Aug 13, 2017

टीवी पर ही वन्दे मातरम गाने लगे रिजवान अहमद, बोले 'आओ मौलवी साहब, आप भी गाओ, कुछ नहीं होगा’

टीवी पर ही वन्दे मातरम गाने लगे रिजवान अहमद, बोले 'आओ मौलवी साहब, आप भी गाओ, कुछ नहीं होगा’

lawyer-rizwan-ahmad-sing-vande-mataram-on-tv-debate-show

आज टीवी डिबेट शो 'ताल ठोंक के' में राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम को लेकर फिर से बहस हुई और सभी ने अपने अपने तथ्य रखे. कट्टर मुस्लिम धर्मगुरु राशिद रशीदी ने कहा कि मैं वन्दे मातरम नहीं गाऊंगा क्योंकि इसे गाने से मेरा इस्लाम नष्ट हो जाएगा.

उनकी बात सुनकर एक दूसरे मुस्लिम वक्ता और पेशे से वकील रिजवान अहमद ने सबके सामने वन्दे मातरम गाया और मौलाना रशीद रशीदी से भी कहा कि इस गाने को बोलने से मेरा इस्लाम नष्ट नहीं हुआ, अब आप भी गाओ, आपका भी इस्लाम नष्ट नहीं होगा.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि उत्तर प्रदेश के मदरसा शिक्षा बोर्ड से सभी मदरसों को 15 अगस्त के दिन तिरंगा फहराने और राष्ट्रीय गीत वन्दे मातरम गाने के आदेश दिए हैं. लेकिन कुछ कट्टर मुस्किल धर्मगुरु मदरसा शिक्षा बोर्ड के इस फरमान का विरोध कर रहे हैं.
मुस्लिमों से बोले मौलाना कल्बे सादिक, हार जाँय तो मान जाँय, जीत जाँय तो भी बनवा दें राम मंदिर

मुस्लिमों से बोले मौलाना कल्बे सादिक, हार जाँय तो मान जाँय, जीत जाँय तो भी बनवा दें राम मंदिर

maulana-kalbe-sadiq-praised-on-social-media-on-ram-mandir-news

आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक ने राम मंदिर पर एक ऐसा बयान दे दिया जिसे सुनकर सोशल मीडिया पर उनकी जमकर तारीफ हो रही है और लोग उन्हें जमकर सलाम ठोंक रहे हैं. मौलाना कल्बे सादिक ने राम-मंदिर बाबरी-मस्जिद विवाद पर बोलते हुए कहा कि वे भगवान राम को ना हिन्दू मानते हैं और ना मुस्लिम, वे तो भारत की आत्मा हैं.

कल्बे सादिक ने कहा कि कोर्ट में सुनवाई चल रही है, वे मुस्लिमों से अपील करते हैं कि अगर कोर्ट उनके खिलाफ फैसला सुनाए तो वे ख़ुशी ख़ुशी मान लें और कोई विवाद पैदा ना करें, अगर वे कोर्ट में जीत जाएं तो भी वह जमीन हिन्दुओं को दे दें ताकि वहां पर राम मंदिर बन जाए.



shia-dharmguru-maulana-kalbe-sadiq-statement-on-ram-mandir
राम मंदिर पर कल्बे साजिद का बयान सुनकर खुश हो गए हर्षवर्धन सिंह, पढ़ें क्या कहा मौलाना ने?

राम मंदिर पर कल्बे साजिद का बयान सुनकर खुश हो गए हर्षवर्धन सिंह, पढ़ें क्या कहा मौलाना ने?

harsh-vardhan-singh-happy-after-kalbe-sadiq-appeal-on-ram-mandir
फोटो ANI ट्विटर से, क्रेडिट के साथ आभार
आज दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे सादिक ने एक ऐसा बयान दे दिया जिसे सुनकर केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन सिंह का सीना गर्व से फूल गया और उन्होंने कल्बे सादिक की तारीफ कर दी. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मौलाना कल्बे सादिक ने कहा कि राम ना तो हिन्दू थे और ना ही मुसलमान थे, वे तो इस देश की आत्मा थे.

उन्होंने कहा कि अयोध्या विवाद में अगर फैसला हिन्दुओं के हित में आता है तो सभी मुस्लिमों को इसे स्वीकार करना चाहिए और कोई विवाद खड़ा नहीं करना चाहिए और अगर फैसला बाबरी मस्जिद के पक्ष में आता है यानी मुस्लिमों के पक्ष में आता है तो भी मुस्लिमों को ख़ुशी ख़ुशी यह जमीन हिन्दुओं को दे देनी चाहिए ताकि वहां पर राम मंदिर बन सके.

उनकी बात सुनकर केंद्रीय मंत्री हर्ष वर्धन सिंह बहुत खुश हुए. उन्होंने कहा कि मौलाबा साहब कल्बे सादिक ने हमारा दिल जीत लिया, राम ना तो हिन्दू थे और ना ही मुसलमान थे, वे भारत की आत्मा हैं.

shia-dharmguru-maulana-kalbe-sadiq-statement-on-ram-mandir

Aug 10, 2017

मोदी ने पूरी दुनिया के सामने खोल दिया हामिद अंसारी की जिहादी और साम्प्रदाईक सोच का राज: पढ़ें

मोदी ने पूरी दुनिया के सामने खोल दिया हामिद अंसारी की जिहादी और साम्प्रदाईक सोच का राज: पढ़ें

modi-exposed-hamid-ansari-jihadi-kattarpanthi-muslim-soch

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरी दुनिया के सामने उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी की जिहादी और मुस्लिम कट्टरपंथी सोच का राज खोल दिया, आज मोदी ने भरी सभा में हामिद अंसारी की असलियत खोलकर रख दी, मोदी जब हामिद अंसारी की पोल खोल रहे थे तो वे हंस रहे थे और हामिद अंसारी को भी हंसा रहे थे लेकिन वे अपनी बातों से दो दो काम कर रहे थे, एक तो उनके आरोपों के जवाब दे रहे थे और दूसरी दुनिया के सामने उनकी असलियत बता रहे थे.

हामिद अंसारी ने मुस्लिमों की असुरक्षा की बात कहकर भारत का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है. कल उन्होंने राज्य सभा टीवी को इंटरव्यू देते हुए कहा था कि मौजूद समय में देश के मुस्लिम खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, मुस्लिमों में निराशा और घबराहट का माहौल है. भीड़ की हिंसा मुस्लिमों में डर पैदा कर रही है.

आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें अपने ही ढंग से जवाब दिया. उन्होने हँसते हँसते बड़ी चतुराई से हामिद अंसारी को जवाब दे दिया, हामिद अंसारी भी उनके जवाब को समझ गए और सर झुकाकर हंसने लगे.

उन्होंने कहा कि आपके जीवन का बहुत बड़ा हिस्सा वेस्ट एशिया से जुड़ा रहा है. उसी दायरे में जिन्दगी के बहुत सारे वर्ष आपके गए, उसी माहौल में, उसी सोच में, उसी डिबेट में, आप ऐसे ही लोगों के बीच में रहे. वहां से रिटायर होने के बाद भी आपका ज्यादातर काम उसी तरह का रहा, आप हमेशा माइनॉरिटी कमीशन में रहे, अलीगढ यूनिवर्सिटी में काम करते रहे इसलिए आपका दायरा वही रहा.

मोदी ने कहा कि पिछले 10 तक आपके ऊपर एक अलग जिम्मा रहा और पूरी तरह से एक एक पल संविधान के ही दायरे में आप बंधे रहे, आपने अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाने का प्रयास भी किया, हो सकता है आपके भीतर कुछ छटपटाहट रही हो लेकिन आज के बाद आप मुक्त हो जाएंगे तो आपको बोलने से कोई नहीं रोक पाएगा. अब आपको अपनी मुक्ति का आनंद भी रहेगा और आप अपनी मूलभूत सोच के मुताबिक़ काम कर पाएंगे.

मोदी के कहने का मतलब था कि हामिद अंसारी अपने जीवन में बहुत समय तक मुस्लिम संगठनों और मुस्लिम देशों में राजनयिक के रूप में काम करते रहे, उन्होंने अलीगढ यूनिवर्सिटी में भी काम किया जिसकी विचारधारा ही साम्प्रदाईक है. ऐसे माहौल में काम करते हुए हामिद अंसारी की सोच भी साम्प्रदाईक हो गयी लेकिन वे 10 साल तक यह बातें अपने सीने में रखकर छटपटाते रहे. अब वे मुक्त हो रहे हैं तो अपने विचारधारा के अनुसार सोच सकते हैं और मुक्त होकर फिर से जिहादी मिशन में लग सकते हैं.
अगर मोदी भी हामिद अंसारी को VP बनाकर खिलाते काजू-बादाम तो मुस्लिम असुरक्षित ना होते: पढ़ें

अगर मोदी भी हामिद अंसारी को VP बनाकर खिलाते काजू-बादाम तो मुस्लिम असुरक्षित ना होते: पढ़ें

if-modi-sarkar-made-hamid-ansari-vise-president-then-muslims-fine

उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी कल अपने पद से रिटायर हो रहे हैं लेकिन जाने से पहले उन्होंने एक अलग चर्चा छेड़कर भारत का राजनीतिक माहौल गर्म कर दिया है. कल उन्होंने राज्य सभा टीवी को इंटरव्यू देते हुए कहा था कि मौजूद समय में देश के मुस्लिम खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं, मुस्लिमों में निराशा और घबराहट का माहौल है. भीड़ की हिंसा मुस्लिमों में डर पैदा कर रही है.

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि हामिद अंसारी हमेशा अल्पसंख्यकों की राजनीति करते रहे लेकिन जब उन्हें कांग्रेस ने उप-राष्ट्रपति बना दिया तो उन्होंने मुस्लिमों के लिए बोलना बंद कर दिया, 10 साल तक कांग्रेस ने उन्हें उप-राष्ट्रपति बनाकर खूब काजू बादाम खिलाया और उनका मुंह बंद रखा.

अगर मोदी सरकार भी उन्हें उप-राष्ट्रपति बनाकर 10 साल तक काजू बादाम खिलाती रहती तो हामिद अंसारी उसी में मगन रहते और मुस्लिमों को असुरक्षित ना बताते लेकिन पद से उतरते ही हामिद अंसारी मुस्लिमों को असुरक्षित बताने लगे क्योंकि अब उन्हें काजू बादाम खाने को नहीं मिलेगा, अगर खाने का मन करेगा तो अपने पैसों से खरीदना पड़ेगा.

कहने का मतलब ये है कि कुल मिलाकर हामिद अंसारी कोई ना कोई राजनीतिक पद चाहते हैं इसीलिए सरकार को ब्लैकमेल करने के लिए साम्प्रदाईक बयान दे रहे हैं क्योंकि परेशान तो बंगाल के हिन्दू भी हैं, परेशान तो केरल के संघ कार्यकर्ता भी हैं, परेशान तो कश्मीर के हिन्दू भी हैं लेकिन हामिद अंसारी ने कभी उनके बारे में बात नहीं की, उन्हें सिर्फ मुसलमानों की परेशानी दिख रही है क्योंकि वो सिर्फ मुसलमान हैं.