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11 May, 2017

झाडू से इतनी हुई नफरत की घुग्गी ने दे दिया इस्तीफ़ा

झाडू से इतनी हुई नफरत की घुग्गी ने दे दिया इस्तीफ़ा

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अमृतसर: आम आदमी पार्टी के लगभग सभी नेता केजरीवाल की तरह जल्द से जल्द मुख्यमंत्री या प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, किसी को इन्तजार करना पसंद नहीं है, ये लोग चाहते हैं कि पार्टी में आते ही उन्हें बड़ा पद मिल जाए, एक ही चुनाव में विधायक, मंत्री या मुख्यमंत्री बन जाएं ताकि अगले पांच साल में सीधा प्रधानमंत्री बन जाएँ, ये सपना केजरीवाल भी देखते हैं और उन्हीं की तरह आम आदमी पार्टी के सभी नेता देखते हैं इसलिए कोई भी नेता इस पार्टी में अधिक दिनों तक नहीं टिकता और उसे झाडू से इतनी नफरत हो जाती है कि पार्टी छोड़ देता है.

कल पंजाब में भी ऐसा ही देखने को मिला, मशहूर कॉमेडियन और फिल्म कलाकार गुरप्रीत सिंह घुग्गी को पार्टी में आये केवल एक साल हुए थे, स्टारडम की वजह से केजरीवाल ने उन्हें पंजाब का संयोजक बना दिया, वे सीधा मुख्यमंत्री भी बनना चाहते थे लेकिन आम आदमी पार्टी पंजाब में चुनाव हार गयी, पार्टी की हार के बाद उन्हें संयोजक पद से हटाकर उनकी जगह आप सांसद भगवंत मान को पंजाब का संयोजक बना दिया गया.

जैसे ही घुग्गी को भगवंत मान को पंजाब का संयोजक बनाए जाने की खबर मिली उन्हें तुरंत ही झाडू से नफरत हुई और उन्होंने तुरंत ही पार्टी से इस्तीफ़ा दे दिया. उन्होंने कहा कि वे भगवंत मान के संयोजक बनाए जाने से नाराज नहीं हैं लेकिन जिस तरह से उन्हें बिना बताये हटाया गया वह उस तरीके से नाराज हैं. कम से कम एक बार उन्हें सूचना तो दे दी जाती कि उनकी जगह भगवंत मान को राज्य का संयोजक बनाया गया है.

घुग्गी के अलावा आप के एक और बड़े नेता सुखपाल सिंह ने भी भगवंत मान को संयोजक बनाने की वजह से इस्तीफ़ा दे दिया है, उन्होने कहा है कि भगवंत मान तो नशे में डूबे रहते हैं, उनके साथ काम करना मुश्किल है.

13 April, 2017

अगर EVM में खराबी होती तो मै CM थोड़ी बनता, मेरी जगह अकाली-बीजेपी सत्ता में होती: अमरिंदर सिंह

अगर EVM में खराबी होती तो मै CM थोड़ी बनता, मेरी जगह अकाली-बीजेपी सत्ता में होती: अमरिंदर सिंह

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नई दिल्ली: कांग्रेस के दूसरे बड़े नेता ने अपनी पार्टी से अलग राय देकर EVM में छेड़छाड़ के आरोप को नकारा है, सुबह पूर्व कानून मंत्री वीरप्पा मोइली ने EVM में छेड़छाड़ को गलत बताया था तो शाम को अमरिंदर सिंह ने EVM में छेड़छाड़ को पूरी तरह से गलत बता दिया.

उन्होंने कहा कि EVM में छेड़छाड़ का आरोप पूरी तरह से गलत है, अगर वाकई में EVM से छेड़छाड़ की जा सकती तो अकाली-बीजेपी EVM को छेड़कर सारे वोट अपने पक्ष में कर लेते और फिर से सरकार बना लेते है, अगर EVM में छेड़छाड़ होती तो ना ही पंजाब में कांग्रेस की सरकार बनती और ना ही मैं मुख्यमंत्री बनता बल्कि अकाली दल का कोई नेता मेरी कुर्सी पर बैठा होता.

जानकारी के लिए बता दें कि केजरीवाल और मायावती के बाद कांग्रेस ने भी EVM में छेड़छाड़ को मुद्दा बना लिया है, कांग्रेस EVM के बजाय बैलट पेपर से चुनाव कराने की मांग कर रही है, यह भी सोचने लायक है कि इन्हीं EVM से पंजाब में कांग्रेस को 117 में से 77 सीटें मिली थीं और बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनी है.

कुछ भी हो लेकिन अमरिंदर सिंह वीरप्पा मोइली के बाद कांग्रेस के दूसरे नेता हैं जिन्होंने सच को स्वीकार किया है, वीरप्पा मोइली को कांग्रेस पहले ही समन भेज चुकी है अब देखना यह है कि अमरिंदर सिंह को भी समन भेजा जाता है या नहीं, वैसे यह चर्चा पहले भी उड़ चुकी है कि पंजाब के विकास के लिए अमरिंदर सिंह अपने दल बल के साथ बीजेपी में शामिल हो सकते हैं.

01 April, 2017

पंजाब की कांग्रेस सरकार ने भी शुरू किया एक्शन, 500 नशा कारोबारियों को किया गिरफ्तार

पंजाब की कांग्रेस सरकार ने भी शुरू किया एक्शन, 500 नशा कारोबारियों को किया गिरफ्तार

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नई दिल्ली, 31 मार्च: पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने भी एक्शन शुरू कर दिया है, उन्होंने नशे के खिलाफ जबरजस्त एक्शन शुरू कर दिया, पुलिस ने ऐसा डंडा घुमाया कि देखते ही देखते 500 नशा कारोबारियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

मुख्यमंत्री ने संवाददाताओं से कहा, "सरकार द्वारा शुरू किए गए मादक पदार्थ रोधी अभियान के नतीजे मिल रहे हैं। पंजाब पुलिस के फिर से सक्रिय होने और उसके द्वारा मादक पदार्थो का धंधा करने वालों के खिलाफ 181 हेल्पलाइन के प्रचार के दो दिनों के भीतर ही 240 खुफिया सूचनाएं मिलीं और मादक पदार्थो के मामले में गिरफ्तारियों का आंकड़ा लगभग 500 तक पहुंच गया।"

मुख्यमंत्री कार्यालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि 16 मार्च से 29 मार्च के बीच मादक पदार्थो के 497 व्यापारियों व विक्रेताओं के खिलाफ मामला दर्ज किया गया, जिनमें से 449 मामले नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेज एक्ट (एनडीपीएस) के तहत दर्ज किए गए।

प्रवक्ता ने कहा कि गिरफ्तार लोगों के पास से 4.034 किलोग्राम हेरोइन तथा 0.605 किलोग्राम स्मैक बरामद किए गए।

इसके अलावा, उनके पास से 2.22 किलोग्राम चरस, 24.46 किलोग्राम अफीम, 715.31 किलोग्राम अफीम भूसी तथा 1.879 किलोग्राम भांग बरामद हुई। पुलिस ने 12.519 किलोग्राम नशीला पाउडर, 1,576 इंजेक्शन, 1,11,893 पिल्स/कैप्सूल, 72.78 किलोग्राम गांजा तथा 133 सीरप बोतलें बरामद की हैं।

कांग्रेस की कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार ने मादक पदार्थो पर निगरानी रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक हरप्रीत सिद्धू के मातहत एक विशेष कार्य बल (एसटीएफ) का गठन किया है। 

अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने मादक पदार्थो के धंधे को कुचलने में शामिल पुलिस तथा खुफिया विभागों को निर्देश दिया है कि आने वाले दिनों में वे और आक्रामक ढंग से लोगों तक अपनी पहुंच बनाकर उनका समर्थन हासिल करें और चार सप्ताह के अंदर इस सामाजिक बुराई को खत्म करने के सरकार के उद्देश्यों को पूरा करें।

उन्होंने कहा, "अब तक मिली खुफिया जानकारियों की पुष्टि की जा रही है और पुष्टि होने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जो भी सूचनाएं मिल रही हैं वे अधिकांशत: मादक पदार्थो के बिकने की जगह और इस धंधे में शामिल लोगों के बारे में हैं। मादक पदार्थो का इस्तेमाल करने वाले लोगों का पुलिस या अन्य एजेंसियों द्वारा उत्पीड़न नहीं किया जाएगा।"

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रदेश विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान संकल्प लिया था कि सत्ता में आने के चार सप्ताह के अंदर वह राज्य से मादक पदार्थो की बुराई को पूरी तरह खत्म करके रहेंगे।

23 March, 2017

SAD नेता प्रेम सिंह ने बनाया सिद्धू का मजाक, इन्हें कॉमेडी ही करनी है तो मंत्री क्यों बनाया?

SAD नेता प्रेम सिंह ने बनाया सिद्धू का मजाक, इन्हें कॉमेडी ही करनी है तो मंत्री क्यों बनाया?

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चंडीगढ़, 23 मार्च: पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की कॉमेडी शो में काम करने की जिद ने उनके विरोधियों को भी कहने का मौका दे दिया है, आज शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने भी सिद्धू का मजाक उड़ाते हुए कहा कि मंत्री जनता के लिए 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं लेकिन सिद्धू तो कह रहे हैं कि मैं शाम 6 बजे के बाद अपना काम करूँगा, अगर इन्हें 24 घंटे काम नहीं करना था, अगर इन्हें कॉमेडी शो ही करना था तो अमरिंदर सिंह ने इन्हें मंत्री क्यों बनाया। 

प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने अमरिंदर सिंह पर भी सवाल खड़े करते हुए कहा कि एक मंत्री कॉमेडी शो में काम करने की जिद कर रहा है और वे कोई कड़ा एक्शन नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आज सिद्धू जिस पद पर बैठे हैं, जनता को किसी भी समय ड्यूटी देनी पड़ सकती है, उन्हें 24 घंटे जनता की सेवा में हाजिर रहना होगा, अगर वे कॉमेडी शो करेंगे तो उनका काम कौन करेगा। 

उन्होंने कहा कि अमरिंदर सिंह को सिद्धू पर कठोर एक्शन लेते हुए उन्हें टीवी शो में काम करने से रोकना चाहिए, लेकिन मुझे लगता है कि अमरिंदर सिंह स्वयं कन्फ्यूज हैं। 

जानकारी के लिए बता दें कि कल नवजोत सिंह सिद्धू ने साफ़ साफ़ कहा था कि वे कॉमेडी शो में काम करना नहीं छोड़ेंगे, वे शाम 6 बजे के बाद कुछ भी करें इसके लिए किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए, अगर मैं पार्टी टाइम बिजनेस नहीं करूँगा तो अपना खर्चा कैसे चलाऊंगा, क्या मैं भी औरों की तरह भ्रष्टाचार करूँ, नहीं, मैं भ्रष्टाचार नहीं करूँगा और पैसे कमाने के लिए कॉमेडी शो में काम करता रहूँगा। 
किसी को समझ में नहीं आ रहा हैं नवजोत सिंह सिद्धू का ये तर्क, करवा रहे हैं अपनी ही बेइज्जती

किसी को समझ में नहीं आ रहा हैं नवजोत सिंह सिद्धू का ये तर्क, करवा रहे हैं अपनी ही बेइज्जती

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Chandigarh, 23 March: नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब की जनता ने पांच साल अपनी सेवा के लिए चुना है, पंजाब की जनता अपने खून पसीने की कमाई से पांच साल तक सिद्धू का खर्चा चलाएगी, उन्हें बंगला, गाडी, खाना, पीना सब कुछ मिलेगा और उनका हर जगह आना जाना फ्री रहेगा, सिद्धू एक मंत्री होने के नाते पांच साल तक बिना एक पैसा खर्च किये कहीं भी घूम सकते हैं, किसी भी होटल में खा सकते हैं, किसी भी प्लेन में बैठ सकते हैं और यह सब खर्चा पंजाब की जनता उठाएगी। सिद्धू का खर्चा उठाने के अलावा पंजाब की जनता उन्हें हर महीने दो ढाई लाख रुपये की सैलरी भी देगी और पांच साल बाद अगर सिद्धू चुनाव हारकर घर बैठ जाएंगे तो भी उन्हें जीवन भर 80 हजार रुपये हर महीने पेंशन के रूप में मिलेंगे। 

अब आप सोचिये, अगर पंजाब की जनता सिद्धू का पूरा खर्चा उठा रही है और उन्हें जीवनभर 80 हजार रुपये पेंशन भी देगी तो वह सिद्धू से 24 घंटे काम भी तो लेगी लेकिन यह क्या, सिद्धू तो कह रहे हैं कि मैं शाम 6 बजे के बाद जनता की सेवा करूँगा ही नहीं, मतलब शाम 6 से सुबह 9 बजे तक वे जनता के पैसों की रोटी तोड़कर आयेंगे लेकिन शाम 6 बजे के बाद वे जनता के लिए काम नहीं करेंगे बल्कि टीवी पर कॉमेडी शो करके अतिरिक्त पैसा कमाएंगे 

सिद्धू का कहना है कि घर का खर्चा चलाने के लिए अगर मैं साइड बिजनेस नहीं करूँगा तो क्या दिन भर ऑफिस में बैठकर भ्रष्टाचार करूँ, क्या यह सही रहेगा, सिद्धू भाई, आपको भ्रष्टाचार करने की क्या जरूरत है, आपको पांच साल तो एक भी पाई नहीं खर्च करनी है, पांच साल तक आपको हर महीने ढाई लाख रुपये मिलेंगे उसके बाद जीवन भर आपको 80 हजार रुपये पेंशन मिलेगी। पांच साल बाद आप साइड बिजनेस भी करना और 80 हजार की पेंशन भी लेना। 

नवजोत सिंह सिद्धू साइड बिजनेस करने के लिए जो तर्क दे रहे हैं वो किसी को समझ में नहीं आ रहा है, सोशल मीडिया पर उनकी जमकर हंसी उड़ाई जा रही है, आज उनकी सबसे अधिक बेइज्जती उस वक्त हुई जब पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने कहा कि अगर ये कॉमेडी शो में काम करना चाहते हैं तो मैं इन्हें कोई और मंत्रालय दे देता हूँ, कोई ऐसा मंत्रालय जहाँ पर काम ना हो, मतलब नकारा मंत्रालय हो, सिद्धू वहां नकारों की तरह बैठेंगे और कॉमेडी शो भी करेंगे। 

अमरिंदर सिंह की बात सुनकर लोगों को सिद्धू की हंसी उड़ाने का और मौका मिल गया, इस वक्त ट्विटर पर सिद्धू का साइड शो ट्रेंड कर रहा है, लोग सिद्धू की जमकर खिंचाई कर रहे हैं। 

21 March, 2017

मैं 6 बजे के बाद कुछ भी करूँ, कामेडी करूँ या धंधा, किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए: नवजोत सिद्धू

मैं 6 बजे के बाद कुछ भी करूँ, कामेडी करूँ या धंधा, किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए: नवजोत सिद्धू

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अमृतसर, 21 मार्च: पंजाब की कांग्रेस सरकार में मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू कॉमेडी नाईट विथ कपिल टीवी शो में काम करने को लेकर अड़े हुए हैं, पूरा देश उनका विरोध कर रहा है और सोशल मीडिया पर उनकी जमकर फजीकत हो रही है, लोग कह रहे हैं कि पंजाब के लोगों ने आपको अपनी सेवा करने के लिए चुना है इसलिए आब कॉमेडी छोड़ दीजिये और जनता की सेवा कीजिये। 

दिन-रात हो रही फजीहत से नवजोत सिंह सिद्धू नाराज होने लगे हैं, आज पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने इस मामले पर कानूनी सलाह ली है, इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि बॉस इस ऑलवेज राईट, मतलब बॉस हमेशा ठीक करता है। 

इसके बाद उन्होने अजीब सा तर्क दिया, उन्होंने कहा कि कभी कभी मैं सातों दिन सुबह से लेकर शाम तक काम करता हूँ इसलिए मैं शाम 6 बजे के बाद टीवी शो करूँ, कॉमेडी करूँ या कोई और धंधा करूँ इसमें किसी को दिक्कत नहीं होनी चाहिए, यह ऑफिस ऑफ़ प्रॉफिट का मामला नहीं है।

अगर नवजोत सिंह सिद्धू अपना धंधा ना छोड़ पाए तो पंजाब की जनता के साथ धोखा होगा क्योंकि वे खुद पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल पर धंधा करने का आरोप लगाते थे, अगर सुखबीर सिंह बादल गलत थे तो नवजोत सिंह सिद्धू भी गलत हैं। सिद्धू ने बादलों को धंधेबाज बताते हुए कांग्रेस को चुनाव जितवाया, लेकिन अब खुद अपना धंधा नहीं छोड़ पा रहे हैं। लगता है पंजाब वालों के साथ धोखा हुआ है। 

18 March, 2017

हमने ज्यादा खिला दिया इसलिए पंजाबियों ने उल्टी कर दी, जल्द ही लोग हमें याद करेंगे: सुखबीर बादल

हमने ज्यादा खिला दिया इसलिए पंजाबियों ने उल्टी कर दी, जल्द ही लोग हमें याद करेंगे: सुखबीर बादल

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अमृतसर, 18 मार्च: पंजाब के पूर्व उप-मुख्यमंत्री और सिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल ने बड़ा बयान दिया है, उन्होंने पंजाब में हार पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जब किसी को ज्यादा खिला दिया जाए तो उन्हें उल्टी हो जाती है, वास्तव में हमने पंजाब के लोगों को ज्यादा खिला दिया इसलिए उन्हें उल्टी हो गयी लेकिन जिस तरह से उल्टी होने के बाद फिर से भूख लगती है और खाने की वैल्यू पता चलती है उसी तरह से जब पंजाब के लोग पांच साला सूखे रहेंगे तो हमारी वैल्यू पता चल जाएगी। 

उन्होंने कहा कि जब तक लोगों पर बीतती नहीं है उन्हें अच्छे-बुरे का पता नहीं चलता, कुछ दिन में लोगों को पता चल जाएगा कि क्या अच्छा है और क्या बुरा।

जानकारी के लिए बता दें कि हाल ही में पंजाब चुनावों में सिरोमणि अकाली दल और बीजेपी गठबंधन को हार का सामना करना पड़ा, पंजाबियों ने सत्ता परिवर्तन करते हुए बहुमत के साथ कांग्रेस की सरकार बनायी है, कांग्रेस ने चुनाव से पहले लम्बे चौड़े वादे किये थे, हर घर में घी-दूध भिजवाने और हर घर में सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया था, अब देखना है कि कांग्रेस अपने वादे कैसे और कब तक पूरे करती है। 

17 March, 2017

सुखबीर बादल पर धंधा करने का आरोप लगाते थे सिद्धू लेकिन अपना धंधा छोड़ने से खटाक से मना कर दिया

सुखबीर बादल पर धंधा करने का आरोप लगाते थे सिद्धू लेकिन अपना धंधा छोड़ने से खटाक से मना कर दिया

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अमृतसर, 17 मार्च: नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब में चुनाव से पहले बड़ी बड़ी बातें करते थे, पंजाब को पता नहीं क्या क्या बनाने की बात करते थे, कर्ज से मुक्त करने, आत्मनिर्भर बनाने, किसानों की दशा सुधारने, नशे से मुक्ति दिलाने आदि की बात करते थे, ऐसा लगता था कि ये पंजाब को सिंगापूर या न्यूयॉर्क बना देंगे लेकिन मंत्री बनने के बाद उनकी कलई खुल गयी है, उन्होंने साबित कर दिया है कि वे जो कहते हैं वे विल्कुल भी नहीं करते और केवल अपना स्वार्थ देखते हैं। 

आपने देखा होगा कि सुखबीर सिंह बादल पर अब तक कोई भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा है उसके बावजूद भी नवजोत सिंह सिद्धू उनके लिए पता नहीं कितने गंदे गंदे शब्द बोलते थे, उन्हें धंधेबाज बताते थे, कहते थे कि अकाली दल के लोग सरकार नहीं चला रहे हैं बल्कि धंधा कर रहे हैं और मैं इनका धंधा बंद करवाकर रहूँगा। 

यह बात सच है कि अगर कोई विधायक या सांसद चुना गया है तो उसे धंधा बंद करके जनता की सेवा पर ध्यान देना चाहिए, अगर सुखबीर सिंह बादल पंजाब के उप-मुख्यमंत्री थे तो उन्हें धंधा यानी अपना कोई बिजनेस नहीं करना था क्योंकि इससे ध्यान बंट जाता है और जनता की सेवा में कमी रह जाती है। 

सुखबीर बादल ने गलती की तो उसके लिए उन्हें सजा भी मिली, जनता ने उनकी सरकार को उखाड़कर फेंक दिया, लेकिन नवजोत सिंह सिद्धू तो उनका विरोध करके विधायक और मंत्री बने हैं, अगर सिद्धू बादलों को भ्रष्टाचारी और धंधेबाज ना बताते तो ना तो कांग्रेस की सरकार बनती और ना ही सिद्धू की जीत होती। 

लेकिन यह क्या! सिद्धू तो कह रहे हैं कि वे भले ही विधायक और मंत्री बन गए हैं लेकिन अपना धंधा नहीं बंद करेंगे, वे अपना धंधा करने के लिए दिन में 3 बजे निकल जाएंगे, रात भर धंधा करेंगे और सुबह तक लोगों की नींद खुलने से पहले आ जाएंगे। 

सिद्धू को कपिल शर्मा कॉमेडी शो के लिए करोड़ों रुपये मिलते हैं, वे पिछले कई वर्षों से इस शो में ठहाके लगा रहे हैं, एक तरह से वे कपिल शर्मा के बिजनेस यानी धंधे में साझेदार है और अपना धंधा बंद नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें करोड़ों रुपये की कमाई होती है। 

अब कोई सिद्धू से पूछे, अगर तुम रात भर धंधा करोगे और दिन में झपकियाँ मारोगे तो काम कब करोगे, वैसे भी विधायक, सांसद और मंत्री 24 घंटे ड्यूटी पर रहते हैं, उन्हें छुट्टी नहीं मिलती, दूसरों को धंधेबाज बताने वाला आदमी खुद कैसे धंधा कर सकता है, सिद्धू को अब दो ढाई लाख रुपये की सैलरी मिलेगी, हर सुख सुविधा मिलेगी, सरकारी गाडी मिलेगी, देश में कहीं भी आने जाने का किराया मिलेगा और अगले चुनाव में हारने के बाद भी आजीवन पेंशन मिलेगी, उसके बाद भी सिद्धू कहते हैं - मैं अपना धंधा बंद नहीं करूँगा। क्या पंजाब में मलाई खाने के लिए गए हैं सिद्धू।

अब आप लोग बताइये, अगर सुखबीर सिंह धंधा करते थे तो उनका आधा ध्यान अपने धंधे पर रहता था और आधा ध्यान सरकार चलाने में रहता था, अब अगर नवजोत सिंह सिद्धू भी कॉमेडी नाईट में काम करते रहेंगे तो क्या उनका मन काम में लगेगा, उनका भी तो आधा समय शूटिंग करने, डायलाग रटने, तैयारी करने, आने जाने में लग जाएगा, अब आप बताइये, सुखबीर बादल और नवजोत सिंह सिद्धू में क्या फर्क रह जाएगा। कहते हैं जो दूसरों के लिए गड्ढा खोदता है वह खुद भी उसी में गिरता है। नवजोत सिंह सिद्धू ने सुखबीर सिंह बादल के लिए गड्ढा खोदा और खुद उसी में गिर गए, अब सोशल मीडिया पर उनकी जमकर फजीहत हो रही है, लोगों ने उनका जोक बनाना शुरू कर दिया है। 
सिद्धू ना बने मुख्यमंत्री, ना उप-मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने इन्हें म्यूजियम में बिठा दिया, खटाक!

सिद्धू ना बने मुख्यमंत्री, ना उप-मुख्यमंत्री, कांग्रेस ने इन्हें म्यूजियम में बिठा दिया, खटाक!

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अमृतसर, 17 मार्च: पूर्व भाजपा नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस के लिए अपनी इज्जत, मान मर्यादा सब कुछ लुटा दिया, बीजेपी छोड़ने के बाद इन्हें गद्दार कहा गया, सोशल मीडिया पर जमकर बदनामी हुई, इसके बाद भी उन्होंने कांग्रेस को पंजाब में जिताने के लिए सबकुछ एक कर दिया, उनके कांग्रेस में जाने के बाद ही पंजाब में कांग्रेस की लहर पैदा हुई, उन्होंने अकाली दल, बादल के खिलाफ सटीक और ताबड़तोड़ प्रहार किया, सिद्धू ने सोचा था कि उन्हें या तो पंजाब का मुख्यमंत्री बनाया जाएगा, या उप-मुख्यमंत्री बनाया जाएगा या कोई बड़ा मंत्रालय दिया जाएगा लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ, उन्हें सबसे छोटा मंत्रालय देकर किनारे कर दिया गया। 

नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब सरकार में लोकल गवर्नमेंट, टूरिज्म एंड कल्चरल अफेयर्स, आर्चीव्स एंड म्यूजियम मंत्रालय देकर किनारे कर दिया गया है, उन्हें ना तो वित्त मंत्रालय दिया गया, ना तो गृह मंत्रालय दिया गया, ना सिचाई मंत्रालय दिया गया, ना PWD मंत्री बनाया गया और ना पॉवर मंत्री बनाया गया और ना ही शिक्षा मंत्री बनाया गया। अब नवजोत सिंह सिद्धू अमरिंदर सिंह के किसी भी काम में इंटरफेयर नहीं कर सकते, किसी काम का विरोध नहीं कर सकते, किसी को सजा नहीं दिला सकते, बादलों का कुछ नहीं कर सकते। 

चुनावों से पहले सिद्धू ने बड़ी बड़ी बातें कहीं थीं, उन्होंने कहा था - दादा कुर्सी छोड़ दे, अब जनता आ रही है, जनता कहाँ आयी, मुख्यमंत्री तो अमरिंदर सिंह बन गए जो पहले भी पांच साल मुख्यमंत्री थे। सिद्धू को कांग्रेस में जाने के बाद पहला झटका लगा है, अब आगे देखना है कि वे पंजाब के भले के लिए क्या कर पाते हैं वैसे तो उन्हें पंजाब का भला करने के लिए कोई पॉवर ही नहीं दी गयी है। खटाक। 

16 March, 2017

कपिल शर्मा के लिए बुरी खबर, अब ठहाके लगाने और तालियाँ ठुकवाने के लिए किसी और को ढूंढना पड़ेगा

कपिल शर्मा के लिए बुरी खबर, अब ठहाके लगाने और तालियाँ ठुकवाने के लिए किसी और को ढूंढना पड़ेगा

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चंडीगढ़, 16 मार्च: आज कपिल शर्मा के लिए बहुत ही बुरी खबर है क्योंकि अब उन्होंने अपने शो में ठहाके लगवानी और तालियाँ ठुकवाने के लिए किसी और को ढूंढना पड़ेगा, अब तक नवजोत सिंह सिद्धू ने यह डिपार्टमेंट बहुत अच्छी तरह से संभाल रखा था, वे एक बार कपिल के इशारा करते ही ठहाके लगाने लगते थे, इशारे मिलते ही ठोको ताली बोलते थे और उनके मुंह से यह अच्छा भी लगता था लेकिन आज नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब की कांग्रेस सरकार में मंत्री बन गए इसलिए अब वे पांच साल तक किसी भी लाभ के पद पर या ऐसे कार्यक्रम में काम नहीं कर सकते। 

क्रिकेटर से राजनेता बने नवजोत सिंह सिद्धू गुरुवार को मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार में कैबिनेट मंत्री के तौर पर शामिल हुए। सिद्धू को राज्यपाल वी.पी. सिंह बदनौर ने राजभवन में आयोजित समारोह में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।

हालांकि सिद्धू को उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

सिद्धू पंजाब विधानसभा के लिए चार फरवरी को हुए चुनाव से ठीक पहले जनवरी में कांग्रेस में शामिल हुए थे। उन्होंने अमृतसर पूर्वी विधानसभा सीट से 42,000 के वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।

सिद्धू इससे पहले भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में थे और अमृतसर से लोकसभा सदस्य रहे थे। वह 2004, 2007 (उपचुनाव) तथा 2009 में यहां से जीते थे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने उन्हें अप्रैल 2016 में राज्यसभा का सदस्य मनोनीत किया था।
पंजाब: मुख्यमंत्री अमरिंदर ने अंग्रेजी में जबकि सिद्धू सहित सभी मंत्रियों ने पंजाबी में ली शपथ

पंजाब: मुख्यमंत्री अमरिंदर ने अंग्रेजी में जबकि सिद्धू सहित सभी मंत्रियों ने पंजाबी में ली शपथ

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चंडीगढ़, 16 मार्च: आज से पंजाब में में अमरिंदर सिंह की अगुवाई में कांग्रेस का शासन शुरू हो गया है, कांग्रेस भारत का पहले से ही अंग्रेजीकरण करना चाहती थी, हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं को ख़त्म करने की बहुत पहले से ही साजिश शुरू हो गयी थी लेकिन मोदी सरकार के आने के बाद हिंदी भाषा का एक बार फिर ने प्रसार शरू हुआ, कांग्रेसी नेताओं की मानसिकता का इसी से पता चलता है कि पंजाबियों के लिए लड़ने का दावा करने वाले अमरिंदर सिंह ने पंजाबी में शपथ नहीं किया, जबकि बीजेपी से हाल ही में कांग्रेसी बने नवजोत सिंह सिद्धू ने पंजाबी भाषण में शपथ लिया। 

सिद्धू के अलावा सभी मंत्रियों ने पंजाबी भाषा में शपथ ली लेकिन अमरिंदर सिंह को जब पंजाबी भाषा में शपथपत्र दिया गया तो उन्होंने उसे लौटाते हुए अंग्रेजी भाषा वाले शपथपत्र की मांग की और अंग्रेजी में शपथ ली। 

खैर, पंजाब में कांग्रेस शासन की शुरुआत हो गयी है, बड़े बड़े वादे किये गए हैं, हर घर में सरकारी नौकरी देने का वादा किया गया है, हर महीने 2 किलो देशी घी का वादा किया गया है, नशे को एक महीने के अन्दर ख़त्म करने का वादा किया गया है। देखते हैं कांग्रेस कितने वादे पूरे करती है, वादे पूरे भी कर पाती है या नहीं, एक दो महीने में सब कुछ साफ़ हो जाएगा और पंजाबियों को पता चल जाएगा कि कांग्रेस को वोट देकर सही किया या गलत। 

15 March, 2017

मोदी ने मंत्र पढ़कर चींटी का रूप धरा, EVM में एक एक करके घुसे, AAP का वोट दे दिया कांग्रेस को

मोदी ने मंत्र पढ़कर चींटी का रूप धरा, EVM में एक एक करके घुसे, AAP का वोट दे दिया कांग्रेस को

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नई दिल्ली, 15 मार्च: अगर केजरीवाल की बातों पर यकीन किया जाए तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी बहुत ही टैलेंटेड आदमी हैं, उन्होंने पंजाब में आम आदमी पार्टी को रोकने के लिए EVM मशीनों में ऐसी सेटिंग कर दी जिसकी वजह से AAP को मिलने वाले वोट कांग्रेस को चले गए गया, कांग्रेस अपने आप नहीं जीती है बल्कि मोदी ने उसे जानबूझकर जिताया है और उनका मकसद था किसी भी तरह से AAP को पंजाब में सरकार बनाने से रोका जाए। 

मोदी ऐसे जादूगर हैं कि उन्होंने AAP को 20 सीटें जीतने दीं यानी 20 जगह पर मशीनों से कोई छेड़छाड़ नहीं किया, मोदी ने यह काम दिल्ली में बैठे बैठे जादू से किया, उन्होंने ऐसा मंत्र पढ़ा कि AAP को मिलने वाले 20-25 फ़ीसदी वोट अकाली-दल बीजेपी को चले गए जिसकी वजह से पार्टी की बदनामी नहीं हुई इसके अलावा उन्होने दूसरे मंत्र से बचे हुए वोटों को कांग्रेस के खाते में डाल ताकि उन्हें बहुमत मिल जाए और कांग्रेस की पंजाब में सरकार बन जाए। 

अगर मोदी चाहते तो पंजाब में भी बीजेपी-अकाली दल की सरकार बना सकते थे लेकिन उन्होंने ऐसा जान बूझकर नहीं किया क्योंकि इससे पूरे देश को उन पर शक हो जाता इसलिए उन्होंने पंजाब में जान बूझकर कांग्रेस की सरकार बना दी, मतलब कांग्रेस को जिताया मोदी ने लेकिन लोग श्रेय राहुल गाँधी, अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू को दे रहे हैं। 

मोदी ने EVM मशीनों में चुनाव के वक्त छेड़छाड़ नहीं की बल्कि काउंटिंग से एक दिन पहले उन्होंने ऐसा किया, उन्होंने पहले जादू के माध्यम से उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बीजेपी को तीन चौथाई बहुमत दिला दिया तो उन्होंने सोचा कि पंजाब में लोगों ने AAP को वोट दिया है, अगर उनकी सरकार बन जाएगी तो हमारे लिए खतरा है, अगर मैं बीजेपी-अकाली दल की सरकार बनाता हूँ तो लोगों को हमपर शक हो जाएगा और लोग समझ जाएंगे कि मैंने EVM में गड़बड़ी की है। 

इसलिए मोदी ने अपने जादू वाले रूम में बैठे बैठे दो काम किये, उन्होंने एक मंत्र पढ़ा जिसकी वजह से वे अजूबा फिल्म में अमिताभ बच्चन की तरह छोटे रूप में आ गए, इसके बाद वे उस कमरे में घुसे जहाँ पर पंजाब चुनाव के बाद EVM मशीनों को रखा गया था, मोदी चींटी का रूप बनाकर एक एक EVM में घुसते गए, पहले उन्होने AAP के 20-25 फ़ीसदी वोटों को बीजेपी-अकाली दल के खाते में डाला, उन्होंने AAP को 20 सीटों पर जिताया और अकाली-बीजेपी को 18 सीटें दे दीं, इसके बाद बचे हुए वोटों को कांग्रेस के खाते में डाल दिया ताकि पंजाब में कांग्रेस की सरकार बन जाए और AAP वालों की हार हो जाए और किसी को शक भी ना हो EVM में गड़बड़ी की गयी है। 

मोदी ने यह बात अपने किसी भी मंत्री को नहीं बतायी, अमित शाह को भी नहीं बताया और राजनाथ सिंह को भी नहीं बताया, इलेक्शन कमीशन को भी नहीं पता कि मोदी को EVM में गड़बड़ी करना आता है। उन्होंने बिना किसी को बताये उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बहुमत हासिल किया, गोवा और मणिपुर में जान बूझकर कांग्रेस से कम सीटें ली ताकि किसी को शक ना हो लेकिन उन्होंने कांग्रेस को जान बूझकर बहुमत नहीं दिया ताकि कांग्रेस सरकार ना बना सके। उन्होने गोवा और मणिपुर दोनों जगह कांग्रेस को बहुमत से 2 सीटें कम दी अगर मोदी उन्हें बहुमत दे देते तो कांग्रेस दोनों जगह सरकार बना लेती और बीजेपी की बहुत बदनामी होती। बाद में मोदी ने जोड़ तोड़ करके दोनों जगह सरकार बना ली मतलब काम भी हो गया, किसी को शक भी नहीं हुआ केवल केजरीवाल को ही मोदी पर शक हुआ।

(ये सब बातें हमने केजरीवाल से मिले ज्ञान के आधार पर कही हैं, आज केजरीवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में बताया कि बीजेपी ने कांग्रेस को जान बूझकर जिताया है, केजरीवाल ने बताया कि - बीजेपी वाले कहते थे कि कांग्रेस आ जाए तो हमें परेशानी नहीं है लेकिन AAP नहीं आनी चाहिए, उनका पूरा मकसद था AAP को बाहर रखने का, इसीलिए उन्होने ऐसा किया है)
पंजाब में AAP को उनके कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों ने भी नहीं दिए वोट, केजरीवाल ने खुद बताया

पंजाब में AAP को उनके कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंटों ने भी नहीं दिए वोट, केजरीवाल ने खुद बताया

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नई दिल्ली, 15 मार्च: पंजाब में आम आदमी पार्टी के लिए बहुत ही शर्मनाक खबर है, अब तक आपने देखा होगा कि केजरीवाल कहते थे पैसा बीजेपी-कांग्रेस से लो लेकिन वोट हमें दो लेकिन ऐसा लगता है कि पंजाब में आप के कार्यकर्ताओं ने उसका उल्टा कर दिया है, मतलब पैसा AAP से लो लेकिन वोट कांग्रेस-अकाली दल को दो। पंजाब के कई जगह AAP  कार्यकर्ताओं ने ऐसा ही किया, पैसा लेकर प्रचार AAP के लिए किया लेकिन वोट कांग्रेस को दे दिया। 

आज केजरीवाल ने बताया सुजानपुर विधानसभा में अखवाना गाँव के बूथ नंबर 73 में हैं केवल तीन वोट मिले हैं, जबकि वहां पर हमारे 7 कार्यकर्त्ता हैं जो पिछले 6 महीने से घर घर जाकर प्रचार कर रहे हैं, उन 7 कार्यकर्ताओं के परिवार में 17 सदस्य हैं। वो कह रहे हैं कि हम तो वोट देकर आये थे, हमारे वोट कहा गया। 

यहाँ पर ये हो सकता है कि उन कार्यकर्ताओं ने AAP पार्टी ने चुनाव प्रचार के पैसे ले लिए या हो सकता है कि पैसे ना मिले हों और नाराज होकर किसी और पार्टी को वोट दे दिया हो। 

इसके अलावा सुजानपुर में बूथ नंबर 103 गाँव गोंसाईपुर में हमें 2 वोट मिले, वहां पर हमारे 5 कार्यकर्त्ता हैं और उनके 27 फैमिली मेंबर हैं जो कसम खाकर एफिडेविट पर साईन करने को तैयार हैं कि हमने आप को ही वोट दिए हैं।

श्रीहरगोविंद पुर में बूथ नंबर 213 खाटाना गाँव में हमें 1 वोट मिला है, वहां कम से कम 5 कार्यकर्त्ता हैं और उन्होंने हमें वोट दिया है। इसी तरह खेमकरण में पांच वोट मिले हैं और 9 वालंटियर हैं वो कह रहे हैं हमारे वोट तो आयेंगे इसी तरह से हमें कई बूथ मिले हैं जहाँ पर कहीं 2 वोट, कहीं 4 वोट मिले हैं ये सारे वोट गए कहाँ। 

केजरीवाल ने कहा कि कुछ लोगों का कहना है कि अकाली-बीजेपी को केवल 5-6 फ़ीसदी वोट मिलना था, एक शक पैदा होता है कि कहीं 20-25 फ़ीसदी वोट जो AAP को मिलना था उसे अकाली-दल और भाजपा के गठबंधन को ट्रांसफर तो नहीं कर दिया गया। 
हमको अकाली-बीजेपी से कम वोट क्यों मिले, हमारी तो पंजाब में आंधी चल रही थी: अरविन्द केजरीवाल

हमको अकाली-बीजेपी से कम वोट क्यों मिले, हमारी तो पंजाब में आंधी चल रही थी: अरविन्द केजरीवाल

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नई दिल्ली, 15 मार्च: केजरीवाल को पता नहीं क्या हो गया है, अब तक लोग सोच रहे थे कि पंजाब में आम आदमी पार्टी दूसरे नंबर पर आयी है और अकाली दल तीसरे नंबर पर है लेकिन आज केजरीवाल ने लोगों की जानकारी बढाते हुए कहा कि इस चुनाव में कांग्रेस को 38.5 फीसदी वोट मिले, बीजेपी-अकाली दल मिलकर 30.6 वोट मिले लेकिन आम आदमी पार्टी और लोक इन्साफ पार्टी को मिलकर 24.9 वोट मिले। (केजरीवाल इतने बौरा गए कि 30.6 फ़ीसदी और 24.9 फीसदी के बजाय ये बोला कि 30.6 वोट और 24.9 वोट मिले, मतलब फ़ीसदी खा गए)

इसके बाद केजरीवाल ने बताया कि वोट शेयर के मामले में कांग्रेस पहेल स्थान पर, अकाली-बीजेपी दूसरे नंबर पर जिसे कांग्रेस से 8 फ़ीसदी वोट कम मिले और तीसरे नंबर पर आम आदमी पार्टी रही जिसे अकाली दल से 6 फ़ीसदी वोट कम मिले।  

केजरीवाल ने कहा - मोटे मोटे तौर पर सब जानते हैं कि इस पूरे चुनाव में लोग अकाली दल और बादलों से नफरत करते थे क्योंकि उन्होंने नशा फैलाया था और पंजाब को लूटा था, पूरा का पूरा चुनाव अकाली-दल और बादलों को हारने के लिए था और लोग जमकर अपना गुस्सा निकालना चाहते थे उसके बावजूद भी उन्हें 30 फ़ीसदी वोट कैसे मिले ये एक बहुत बड़ा सवाल है। 

केजरीवाल ने कहा कि सब लोग मानते थे कि उन्हें 7-8 परसेंट वोट मिलने चाहियें लेकिन उनको साढ़े 30 परसेंट वोट कैसे मिल गए और सारे देश के लोग ये मान रहे थे कि आम आदमी पार्टी पंजाब में स्वीप कर रही है, कुछ पत्रकारों का मानना था कि पंजाब में आप दिल्ली का रिकॉर्ड तोड़ देगी, आम आदमी पार्टी की जबरजस्त आंधी थी, उसके बावजूद भी हमें 25 फ़ीसदी वोट मिले और अकाली-बीजेपी को 6 फ़ीसदी वोट मिले।

केजरीवाल ने कहा कि हम मालवा में स्वीप कर रहे थे, कांग्रेस माँझा में स्वीप कर रही थी और द्वाबा में थोडा टक्कर थी उसके बावजूद भी मालवा में कांग्रेस स्वीप कर गयी, सभी लोग कह रहे थे कि आप की आंधी है किसी ने कांग्रेस के बारे में चर्चा नहीं की उसके बावजूद भी कांग्रेस को दो-तिहाई बहुमत मिल गया, यह समझ से परे है। 
केजरीवाल ने कहा कि पंजाब विधानसभा चुनाव में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के साथ छेड़छाड़ की गई थी, जिसके कारण आम आदमी पार्टी (आप) के पक्ष में किए गए 20-25 प्रतिशत वोट शिरोमणी अकाली दल-भाजपा गठबंधन के खाते में चले गए। केजरीवाल ने यहां संवाददातओं से कहा, "पंजाब में 32 स्थानों पर (वोटर-वेरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल) वीवीपीएटी स्थापित किए गए थे। हम (निर्वाचन आयोग से) वीवीपीएटी के विवरण की ईवीएम के विवरणों से मिलान करने की मांग करते हैं। ईवीएम के साथ छेड़छाड़ करके हमारे 20-25 प्रतिशत वोट शिरोमणी अकाली दल-भाजपा गठबंधन के खाते में कर लिए गए।"
अकाली दल से नाराज से पंजाब वाले, अगर BJP अकेले लडती तो पंजाब में भी बनती BJP सरकार: अनिल विज

अकाली दल से नाराज से पंजाब वाले, अगर BJP अकेले लडती तो पंजाब में भी बनती BJP सरकार: अनिल विज

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चंडीगढ़, 15 मार्च: भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और अपने बेबाक बयानों से मशहूर हरियाणा के स्वास्थय मंत्री अनिल विज ने पंजाब चुनाओं में अकाली-बीजेपी गठबंधन की हार पर पहली प्रतिक्रिया दी है, उन्होंने साफ़ साफ़ कहा कि पंजाब के लोग अकाली दल से बहुत नाराज था इसलिए उन्हें हराने के लिए कांग्रेस को वोट दिया गया, यह बीजेपी की इसलिए हार नहीं कही जा सकती क्योंकि पंजाब में अकाली दल की सरकार है, बीजेपी की केवल 10 फ़ीसदी हिस्सेदारी थी। 

अनिल विज ने कहा कि एंटी-इनकम्बेंसी को महसूस करके बीजेपी को पंजाब में अकेले चुनाव लड़ना चाहिए था, अगर हम अकेले लड़ते तो मुझे पूरा यकीन है कि पंजाब में भी बीजेपी की सरकार बनती क्योंकि लोग मोदीजी के अच्छे काम पर बीजेपी को वोट देना चाहते थे लेकिन अकाली दल के खिलाफ नाराजगी की वजह से वे चाहकर भी ऐसा नहीं कर सके क्योंकि वहां पर हमारे कैंडिडेट थे ही नहीं, बीजेपी केवल 21 सीटों पर चुनाव लड़ रही थी। 

14 March, 2017

लगता है अमरिंदर सिंह भी कांग्रेस को छोड़कर BJP में शामिल होंगे, पंजाब में भी बनेगी BJP सरकार

लगता है अमरिंदर सिंह भी कांग्रेस को छोड़कर BJP में शामिल होंगे, पंजाब में भी बनेगी BJP सरकार

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New Delhi, 14 March: अपने देखा होगा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पंजाब चुनाव के नतीजे आने के तुरंत बाद ही कांग्रेस के भावी मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह से फोन पर बात की, मोदी ने उनके जन्मदिन के साथ साथ चुनाव में उनकी जीत की भी बधाई दी। देखिये, 
मोदी के ट्वीट पर कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा - मोदीजी, मुझे बधाई देने के लिए आपका धन्यवाद, मैं पंजाब की भलाई के लिए आपके साथ काम करने की आशा रख रहा हूँ।

इसके बाद एक प्रेस कांफ्रेंस में अमरिंदर सिंह ने बताया कि मोदी के साथ उनकी क्या बातचीत हुई, अमरिंदर सिंह ने बताया कि मोदीजी ने उनसे कहा है कि पंजाब के लिए आप मुझसे जो भी उम्मीद रखेंगे हम उसे पूरा करेंगे और आपके साथ काम करेंगे। 

इस बात के कयास उस वक्त भी लगाए गए जब परसों मोदी और अमित शाह दोनों ने अपने भाषण में कहा कि पाँचों राज्यों की जनता ने बीजेपी में विश्वास दिखाया है इसके लिए हम उनका धन्यवाद करते हैं। लोगों ने सोचा कि पंजाब में तो कांग्रेस जीती है उसके बाद भी मोदी पांचों राज्यों में जीत का श्रेय ले रहे हैं और उन्हें धन्यवाद दे रहे हैं। 

दोनों के बीच ऐसी बातचीत के लिए सोशल मीडिया पर मोदी विरोधी भी मोदी के कायल हो गए और उनकी ट्विटर पर जमकर तारीफ की, मोदी ने राहुल गाँधी से पहले अमरिंदर सिंह को बधाई दी थी। दोनों की बातचीत देखकर सोशल मीडिया पर कई तरह की अफवाहें चल रही हैं, कुछ लोगों का कहना है कि अमरिंदर सिंह कांग्रेस को छोड़कर अपने 60 विधायकों सहित बीजेपी में शामिल होने वाले हैं और पंजाब में भी बीजेपी सरकार बनने वाली है। 

अफवाह के मुताबिक़ अमरिंदर सिंह को नवजोत सिंह सिद्धू ने बीजेपी में शामिल होने के लिए राजी कर लिया है, नवजोत सिंह सिद्धू ने अपने चुनाव प्रचार में कभी भी बीजेपी और मोदी पर कोई हमला नहीं किया, अमरिंदर सिंह भी बीजेपी के प्रति सॉफ्ट रहे, दोनों नेताओं के निशाने पर सिर्फ अकाली दल और बादल परिवार रहे। अफवाह में यह भी कहा गया है कि बीजेपी ने नवजोत सिंह सिद्धू को इसी काम के लिए कांग्रेस में भेजा था, बीजेपी को पता था कि अकाली दल की हार होने वाली है इसलिए सिद्धू को कांग्रेस में भेजकर AAP की तरह जाने वाले वोट को कांग्रेस की तरफ मोड़ दिया, अब कांग्रेस की जीत हो गयी है तो सिद्धू ज्यादातर विधायकों और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अमरिंदर सिंह को लेकर वापस बीजेपी में आ रहे हैं। 

अफवाह के मुताबिक Anti Defection Law के अनुसार किसी पार्टी में दल बदल के लिए दो तिहाई विधायकों की जरूरत होती है, अमरिंदर सिंह के साथ 60 विधायक भी बीजेपी में आ रहे हैं और दोनों पार्टियों के विधायकों की कुल संख्या 63 हो रही है, अब पंजाब में बीजेपी सरकार बनने का रास्ता साफ हो गया है, अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री तो बनेंगे लेकिन बीजेपी की तरफ से। 
यह खबर सच है या अफवाह है अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पायी है लेकिन गोवा और मणिपुर की राजनीति देखकर कहा जा रहता है कि राजनीति में कोई भी उलटफेर हो सकता है, आपने सुना होगा, पिछले महीने अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस के सभी विधायकों ने कांग्रेस छोड़कर पहले अलग पार्टी बनायी और उसके बाद सबके सब बीजेपी में शामिल हो गए और अरुणाचल प्रदेश में बीजेपी की सरकार बन गयी। 

10 March, 2017

ज्यादातर पंजाबी कह रहे हैं अगर बीजेपी अकेले चुनाव लड़ती तो कोई नहीं देता आप और कांग्रेस को वोट

ज्यादातर पंजाबी कह रहे हैं अगर बीजेपी अकेले चुनाव लड़ती तो कोई नहीं देता आप और कांग्रेस को वोट

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पटियाला, 10 मार्च: आज आप पंजाब में कहीं भी घूमकर देख लीजिये, अगर आप पूछेंगे कि आपने किसे वोट दिया है तो लोग या तो झाडू का नाम लेंगे या कांग्रेस का नाम लेंगे, कोई नहीं कहेगा कि हमने अकाली दल को वोट दिया है, लेकिन अगर आप ये पूछो कि अगर बीजेपी अकेले चुनाव लडती तो आप किसे वोट देते तो लोग कहते हैं - फिर हम बीजेपी को ही वोट देंगे, यहाँ पर मोदी लहर है। 

अब आप खुद सोचिये, नोटबंदी के बाद पंजाब में मोदी लहर पैदा हुई थी लेकिन अकाली दल के खिलाफ सूनामी थी, जिस प्रकार सी लोग कैंसर का ऑपरेशन करते वक्त थोडा सा स्वस्थ भाग भी काटकर अलग कर देते हैं उसी प्रकार से अकाली दल को समाप्त करने के लिए लोगों ने बीजेपी को भी काटकर अलग कर दिया लेकिन अगर बीजेपी अकेले चुनाव लडती तो ना तो सिद्धू पार्टी छोड़कर जाते और ना ही बीजेपी की हार होती, वहां पर बीजेपी को पूर्ण बहुमत मिलता। 

पंजाब के लोग देख रहे हैं, पंजाब में प्रकाश सिंह बादल मुख्यमंत्री हैं, उनके बेटे सुखबीर सिंह बादल उप-मुख्यमंत्री हैं, उनके साले मजीठिया भी मंत्री हैं, उनकी पत्नी हरसिमरत कौर केंद्र सरकार में मंत्री हैं यानी पूरा का पूरा परिवार सत्ता के मजे ले रहा है। 

इसके अलावा अकाली दल के लिए सबसे नुकसानदायक चीज बनी सुखबीर सिंह बादल का धंधा, उन्होंने अपनी बस सर्विस शुरू कर दी और पंजाब की सरकारी बस सर्विस की वाट लगा दी, अगर वे खुद का छोड़कर सरकारी बस सर्विस को बढ़िया बनाने पर जोर देते तो आज उनकी यह हालत नहीं होती, इसके अलावा सुखबीर सिंह बादल कई अन्य बिजनेस करते हैं जैसे होटल का बिजनेस, केबल का बिजनेस, और भी कई बिजनेस। 

अब भैया, अगर आपको बिजनेस ही करना है तो मुख्यमंत्री क्यों बने बैठे हो, आजकल जनता वैसे भी समझदार है, एक बार नजर में आने एक बाद कहीं का नहीं छोडती, ज़माना बदल गया है, धंधे के चक्कर में खुद तो डूबे ही बीजेपी को भी डुबा दिया। 
पंजाब में छप्परफाड़ कर वादे किये हैं AAP और Congress ने, जीत गए तो शुरू होगी जबरजस्त नौटंकी

पंजाब में छप्परफाड़ कर वादे किये हैं AAP और Congress ने, जीत गए तो शुरू होगी जबरजस्त नौटंकी

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नई दिल्ली, 10 मार्च: इस बार सबसे मजेदार नतीजे पंजाब के आ सकते हैं, वहां पर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की जीत की संभावना बन रही है और हो सकता है दोनों मिलकर सरकार बनाएं, अगर आप को बहुमत मिल गया तो भी तमाशा देखने को मिलेगा, कांग्रेस को बहुमत मिला तो भी तमाशा देखने को मिलेगा और अगर दोनों ने मिलकर सरकार बनायी तो सबसे बड़ा तमाशा देखने को मिलेगा। 

दोनों पार्टियों ने पंजाब की जनता से छप्परफाड़ कर वादे किये हैं, पढ़ाई फ्री, बिजली का दाम आधा, हर महीने 2 किलो देसी घी और सबसे बड़ा वादा किया है नशा बंद करने का। मलतब जैसे ही आप या कांग्रेस की सरकार बनेगी पंजाब को तुरंत ही नशा मुक्त कर दिया जाएगा। 

पंजाब को नशामुक्त करने का मतलब है कि पंजाब में दारू, शराब, ड्रग, ठेके और दारू बनाने वालों कंपनियों को बंद करना, यह काम तुरंत ही किये जाने का वादा किया है, आपने देखा होगा कि आज तक कांग्रेस किसी भी राज्य में ना तो शराब बंद कर पायी और ना ही नशे को रोक पायी, केजरीवाल ने भी दिल्ली में शराब बंद करने के बजाय महिलाओं के लिए अलग से ठेके खुलवा दिए ताकि वे भी दो पैग लगाना सीख लें, आज दिल्ली में पहले से भी अधिक शराब बिक रही है, खूब ठेके खुल रहे हैं। 

पंजाब के लोगों ने दोनों पार्टियों को यही सोचकर वोट दिया है कि ये आयेंगे तो नशाखोरी बंद करवा देंगे, शराब बंद करवा देंगे, दारू के ठेके बंद करवा देंगे, ड्रग की समस्या ख़त्म कर देंगे, बिजली पानी फ्री कर देंगे, पढ़ाई लिखाई फ्री कर देंगे, हर महीने घी देंगे, फ्री अनाज देंगे। कोई काम नहीं करना पड़ेगा, युवाओं को रोजगार मिल जाएगा, खूब पैसे आयेंगे। 

चुनाव जीतने और सरकार बनाने के बाद पंजाब में भी दिल्ली वाली नौटंकी शुरू हो जाएगी। इसमें कोई शक नहीं है कि छप्परफाड़ वादों के लालच में दिल्ली की तरह पंजाब के लोगों ने भी केजरीवाल को वोट दे दिया है लेकिन जब नौटंकी शुरू होगी तो पूरे देश को मजा आएगा। इस वक्त आप दिल्ली में घूम घूम कर देख लो, जितने भी लोगों ने केजरीवाल को वोट दिया था उन्होंने पूरे जीवन केजरीवाल को वोट ना देंगे की कसम खा ली है, अब पंजाब वालों को भी मौज मिलेगी। 
शातिर खिलाडी निकले नवजोत सिंह सिद्धू, AAP का गणित बिगाड़कर कांग्रेस की तरफ मोड़ दी लहर

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अमृतसर, 10 मार्च: नवजोत सिंह सिद्धू को भले ही लोग दलबदलू, विभीषण या पल्टू कहें लेकिन पंजाब का Exit Poll देखने के बाद यह भी कहा जा सकता है कि वे राजनीति के शातिर खिलाडी हैं, उन्होंने पंजाब के लोगों का मूंड भांपकर सही समय पर कांग्रेस का दामन थाम लिया और आम आदमी पार्टी की लहर को कांग्रेस की लहर में बदल दिया, यह सब केवल चुनाव के एक महीने पहले हुआ, पंजाब के लोगों ने सत्ता परिवर्तन का मन बना लिया था, अगर कांग्रेस मजबूत नहीं दिखती तो लोग केजरीवाल को वोट देते, जैसे ही नवजोत सिद्धू ने कांग्रेस का दामन थामा लोगों का कांग्रेस के प्रति नजरिया बदल गया और उन्होने अकाली दल को हराने के लिए कांग्रेस को वोट दिया। 

केजरीवाल और उनके नेताओं ने एक साल पहले से ही अकाली दल के खिलाफ माहौल बनाना शुरू कर दिया था, जमीन उन्होंने तैयार की थी लेकिन सिद्धू इतने चालाक निकले कि उन्होंने केजरीवाल की जमीन पर फसल कांग्रेस की बो दी। आप ने सिद्धू को अपनी पार्टी में मिलाना चाहा था, अगर सिद्धू केजरीवाल के साथ मिलते तो पंजाब में आप की 100 फ़ीसदी जीत होती लेकिन उन्होंने केजरीवाल के इतिहास को देखते हुए उनकी पार्टी में जाना उचित नहीं समझा और कांग्रेस का दामन थामा, अगर सिद्धू बीजेपी ना छोड़ते तो पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार बनती और यह पार्टी आगे जाकर मोदी और बीजेपी का जीना हराम कर देती। 

नवजोत सिंह सिद्धू ने कांग्रेस में जाकर एक तरह से मोदी या बीजेपी की मदद की है, उनके सबसे बड़े दुश्मन यानी आप को पंजाब से दूर कर दिया है, अब पंजाब में वापसी के लिए बीजेपी को पांच साल इन्तजार करना पड़ेगा लेकिन अकाली दल का साथ भी छोड़ना पड़ेगा क्योंकि उनपर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप हैं शायद इसीलिए जनता ने उन्हें सबक सिखाया है। अब देखना यह है कि कल Exit Poll के मुताबिक़ रिजल्ट आते हैं या नहीं।
सबसे विकसित और अमीर राज्य माना जाता है पंजाब, बीजेपी-अकाली की हार से खुश होंगे UP बिहार वाले

सबसे विकसित और अमीर राज्य माना जाता है पंजाब, बीजेपी-अकाली की हार से खुश होंगे UP बिहार वाले

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चंडीगढ़, 10 मार्च: चाहे हम हों या आप हों, अगर कोई पूछे कि देश का सबसे विकसित और सबसे अमीर राज्य कौन सा है तो जेहन में केवल पंजाब का नाम आता है, पंजाब ही ऐसा राज्य है जहाँ से सबसे अधिक लोग विदेश जाते हैं, उनके पास इतना पैसा हो जाता है कि पंजाब में बड़ी बड़ी कोठियां छोड़कर कनाडा चले जाते हैं और बड़े गर्व से कहते हैं कि हम तो कनाडा में रहते हैं, प्रति व्यक्ति आय के मामले में पंजाब के लोगों का पहला नंबर आता है, सुख सुविधाओं में पंजाब का नाम सबसे पहले आता है, सबसे विकसित राज्यों में पंजाब का नाम सबसे पहले आता है। 

पंजाब में अकाली-बीजेपी की पिछले 10 वर्षों से सरकार है, इससे पहले केंद्र में 10 साल तक कांग्रेस की सरकार थी इसलिए पंजाब की अकाली-बीजेपी सरकार, केंद्र की कांग्रेस सरकार से अधिक मदद नहीं ले सकी लेकिन ढाई साल से मोदी सरकार है तो अकाली दल जितना पैसा मांगती है मोदी सरकार दे देती है, मतलब पंजाब वालों को मलाई खाने का वक्त तो अब आया है, अब केंद्र में भी बीजेपी सरकार है और अगर चुनावों में अकाली दल और बीजेपी जीत जाती है तो उनकी राज्य में भी पांच साल तक सरकार रहेगी और केंद्र की मदद से मनचाहा विकास करा पाएंगे। 

मतलब अगर अकाली और बीजेपी की सरकार आती है तो पंजाब इस वक्त सबसे विकसित और सबसे अमीर तो है ही, और भी विकास होने की गुंजाइश है लेकिन अगर पंजाब में कांग्रेस या आम आदमी पार्टी की सरकार आ गयी तो मोदी सरकार से मलाई नहीं खा पाएंगे और ना ही मोदी सरकार कोई मदद करेगी क्योंकि पंजाब तो वैसे ही विकसित माना जाता है इसके अलावा आप और कांग्रेस से मोदी सरकार की बनेगी नहीं, मतलब पंजाब के लोग आप और कांग्रेस की सरकार बनाकर अपने ही पैरों पर कुल्हाड़ी मार लेंगे। 

अगर पंजाब में अकाली और बीजेपी की हार होगी तो उससे बीजेपी को कोई नुकसान नहीं होगा और ना ही मोदी सरकार को कोई नुकसान होगा क्योंकि पंजाब में अकाली दल की सरकार होकर भी बीजेपी का कोई नामोनिशान नहीं है, बीजेपी केवल 21 सीटों पर चुनाव लड़ती है और 10-12 सीटें जीतकर उन्हें एक मंत्री पद थमा दिया जाता है, सारा मजा अकाली दल लेती है, मुख्यमंत्री भी उनका, उप-मुख्यमंत्री भी उनका। 

पंजाब में हार के बाद मोदी सरकार पंजाब को विशेष आर्थिक मदद बंद कर देगी क्योंकि उसकी पसंद की सरकार नहीं रहेगी और भ्रष्टाचार वे बर्दास्त नहीं करेंगे, जो पैसा ये पंजाब को देते हैं वही पैसा यूपी वालों को दिया जाएगा क्योंकि यूपी में बीजेपी की सरकार बननी तय है। 

पंजाब में कांग्रेस या आप की सरकार बनने के बाद पंजाब आगे बढ़ने के बजाय पीछे जाना शुरू कर देगा, विकास रुक जाएगा, भ्रष्टाचार का नंगा नाच होगा, बड़े बड़े वादे पूरे करने में धन खर्च हो जाएगा, कांग्रेस इससे पहले भी पंजाब में सरकार चला चुकी है लेकिन कोई विकास नहीं कर पायी थी, आप दिल्ली में कैसा काम कर रही है ये सभी जानते हैं। 

इस वक्त यूपी और बिहार को सबसे पिछड़ा राज्य माना जाता है, पंजाब के लोग तो अपनी अमीरी के घमंड में इतने चूर रहते हैं कि यूपी बिहार वालों को कुछ समझते ही नहीं, ये बात आप किसी यूपी या बिहार के आदमी से पूछ सकते हैं जो पंजाब में रहता है। अगर पंजाब में कांग्रेस और आप की सरकार बन जाएगी तो उनका विकास रुक जाएगा और पांच साल बाद यूपी बिहार के बराबर आ जाएंगे। 

जानकारी के लिए बता दें कि आज Exit Poll के नतीजे आये हैं जिसमें अकाली दल और बीजेपी का सूपड़ा साफ़ होते दिख रहा है, पंजाब में कांग्रेस को बहुमत मिल रहा है साथ ही आप भी टक्कर में है।

सीएनएन न्यूज18-ग्रैमनर के अनुमान के मुताबिक, आप को 57, कांग्रेस को 53 और अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 7 सीटें मिल सकती हैं।

इंडिया टीवी-सी वोटर के सर्वेक्षण में आम आदमी पार्टी को 59-67 सीटें मिलती दिख रही हैं। कांग्रेस को 41-49 सीट, अकाली-भाजपा गठबंधन को 5-13 सीट जबकि अन्य के खाते में 0-3 सीटें जाती दिख रही हैं।

आजतक-सिसेरो के अनुमान के मुताबिक, पंजाब में कांग्रेस को 62-71 सीटें, आम आदमी पार्टी को 42-51 सीटें, सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 4-7 सीटें और अन्य को 0-2 सीटें मिल सकती हैं।

इंडिया टुडे-एक्सिस माई इंडिया के एग्जिट पोल में कांग्रेस को 62-71 सीटें, आम आदमी पार्टी को 42-51 सीटें, सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 4-7 सीटें जबकि अन्य के खाते में 0-2 सीटें जाती दिख रही हैं।

इंडिया न्यूज-एमआरसी के एग्जिट पोल में कांग्रेस व आम आदमी पार्टी को 55-55 सीटें, शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 7 सीटें मिलने की बात कही गई है।

न्यूज 24-टुडेज चाणक्य के सर्वे में कांग्रेस व आप को 54-54 सीटें, शिरोमणि अकाली दल-भाजपा गठबंधन को 9 सीटें मिलने की बात कही गई है।