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Thursday, February 23, 2017

AAP के सांसद भगवंत मान बोले, हरियाणा को नहीं देंगे पंजाब का पानी

AAP के सांसद भगवंत मान बोले, हरियाणा को नहीं देंगे पंजाब का पानी

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चंडीगढ़, 23 फरवरी: आम आदमी पार्टी (आप) ने गुरुवार को यहां साफ कहा कि पंजाब से हरियाणा में पानी के प्रवाह की इजाजत नहीं दी जाएगी। पार्टी सांसद भगवंत मान ने आप के पंजाब की सत्ता में आने की उम्मीद जताते हुए एक बयान में कहा कि पंजाब से हरियाणा में पानी का प्रवाह नहीं होने दिया जाएगा, क्योंकि पंजाब के पास फ़ालतू पानी नहीं है।

मान ने कहा, "AAP अपने रुख पर कायम है और नदी जल के मुद्दे को हल करने के लिए सभी जरूरी कानूनी और राजनीतिक कदम उठाएगी।"

पंजाब और हरियाणा के लोगों को शिरोमणि अकाली दल (शिअद) और इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के खतरनाक इरादे के प्रति सावधान करते हुए मान ने कहा कि दोनों दल सतलुज यमुना लिंक (एसवाईएल) का मुद्दा राजनीतिक उद्देश्यों से उठा रहे हैं। मान ने कहा कि इनेलो का सतलुज यमुना लिंक की खुदाई का आह्वान राजनीति से प्रेरित था।

मान ने इनेलो से पूछा कि वह शिअद के सत्ता में रहने के दौरान क्यों एसवाईएल नहर की खुदाई को लेकर दस सालों से चुप रही।

उन्होंने कहा, "शिअद सत्ता से बाहर जा रहा है और इनेलो ने अचानक एसवाईएल नहर की खुदाई का फैसला लिया है। यह कदम पंजाब में अगली सरकार के सामने मुश्किल खड़ा करने के लिए है।"

इनेलो ने गुरुवार को पंजाब सीमा पर एसवाईएल नहर खोदने के लिए एक जुलूस की अगुवाई की।

Thursday, February 9, 2017

पंजाब में 48 मतदान केंद्रों पर आज हो रही दोबारा वोटिंग

पंजाब में 48 मतदान केंद्रों पर आज हो रही दोबारा वोटिंग

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चंडीगढ़, 9 फरवरी: निर्वाचन आयोग (ईसी) की घोषणा पर पंजाब में पांच जिलों के 48 मतदान केंद्रों पर गुरुवार सुबह दोबारा मतदान शुरू हो गया। पंजाब के अमृतसर, मोगा, मुक्तसर, मनसा और संगरूर जिलों में मतदाता मतदान करने के लिए केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। मतदान शाम पांच बजे तक जारी रहेगा।

पंजाब सरकार ने इन पांच जिलों में अवकाश की घोषणा की है।

अमृतसर संसदीय क्षेत्र और विधानसभा क्षेत्रों में कारखानों, दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में भी 'वैतनिक अवकाश' की घोषणा की गई है।

निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को पंजाब के इन पांच विधानसभा क्षेत्रों के 48 मतदान केंद्रों पर दोबारा चुनाव कराने का आदेश दिया था।

इन स्थानों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपीएटी) उपकरणों में खराबी की वजह से चार फरवरी को मतदान प्रभावित हुआ था, जिस वजह से यह फैसला लिया गया।

मजीठा के 12 मतदान केंद्रों, मुक्तसर के नौ, संगरूर के छह, सर्दुलगढ़ के चार और मोगा के एक मतदान केंद्र पर दोबारा मतदान के आदेश दिए गए हैं।

इसके अलावा, अमृतसर लोकसभा सीट के 16 मतदान केंद्रों पर भी दोबारा मतदान के आदेश दिए गए हैं। इस सीट पर विधानसभा चुनाव के साथ ही चार फरवरी को मतदान हुआ था।

राज्य में रविवार को हुए मतदान के बाद 1,145 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम मशीनों में कैद हो गई, जिसमें 81 महिलाएं और एक किन्नर है। 

Tuesday, February 7, 2017

Punjab Election 2017: पंजाब में 48 जगह होगा पुनर्मतदान

Punjab Election 2017: पंजाब में 48 जगह होगा पुनर्मतदान

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चंडीगढ़, 7 फरवरी:निर्वाचन आयोग ने मंगलवार को पंजाब के पांच विधानसभा क्षेत्रों के 48 मतदान केंद्रों पर दोबारा मतदान के आदेश दिए। निर्वाचन विभाग के अधिकारियों ने यहां मंगलवार को कहा कि पुनर्मतदान नौ फरवरी (गुरुवार) को होगा। 

निर्वाचन आयोग ने अमृतसर लोकसभा सीट के कुछ मतदान केंद्रों पर भी पुनर्मतदान का आदेश दिया है। सतलज-यमुना लिंक नहर मुद्दे पर पूर्व मुख्यमंत्री व सांसद अमरिंदर सिंह के इस्तीफे के कारण यह सीट खाली हुई थी।

जिन विधानसभा क्षेत्रों में पुनर्मतदान होने हैं, उनमें मजीठा, संगरूर, मुक्तसर, मोगा तथा सारदुलगढ़ शामिल हैं।

चार फरवरी को हुए मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी के चलते इन मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान होगा।

पंजाब में रविवार को संपन्न हुए मतदान में 81 महिला व एक किन्नर उम्मीदवार सहित कुल 1,145 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में बंद हो गई। मतगणना 11 मार्च को होगी।

Sunday, February 5, 2017

मोदी की मेरठ रैली का पंजाब में भी हुआ असर, एकाएक हुई धड़ाधड़ वोटिंग, अकाली-बीजेपी को फायदा

मोदी की मेरठ रैली का पंजाब में भी हुआ असर, एकाएक हुई धड़ाधड़ वोटिंग, अकाली-बीजेपी को फायदा

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लखनऊ , 5 फरवरी: कल पंजाब में मोदी की रैली का पंजाब में भी असर हुआ और दोपहर बाद इतनी रफ़्तार से वोटिंग हुई कि शाम होते होते वोटिंग का परसेंटेज 72 पहुँच गया, सुबह बहुत ही सुस्त रफ़्तार से वोटिंग चल रही थी जिसे देखकर कहा जा रहा था कि 50-55 फ़ीसदी वोटिंग ही हो पाएगी लेकिन जैसे ही मोदी ने 2 बजे मेरठ में धमाकेदार भाषण दिया और SCAM की परिभाषा दी एकाएक पंजाब के लोग घरों से निकले और वोट देने के लिए लाइनों में लग गए। 

माना जा रहा है कि यह वोटिंग अकाली दल और बीजेपी के पक्ष में हुई है, अगर ये सच हुआ तो अकाली दल और बीजेपी वापस सरकार बनाएगा, इस बात की इसलिए भी सम्भावना है क्योंकि मीडिया ने जितना दिखाया था अकाली दल उतनी कमजोर नहीं हुई है, मीडिया ने केवल शहरों में विरोधी दलों की भीड़ के आधार पर अकाली दल को कमजोर बताया जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में अकाली-बीजेपी की ही लहर थी। 

मेरठ रैली में मोदी ने कहा कि मेरी लड़ाई SCAM के खिलाफ है SCAM मतलब - सपा, कांग्रेस, अखिलेश और मायावती। जब तक SCAM का सफाया नहीं होगा विकास नहीं हो पाएगा, मोदी ने कहा कि मेरे खिलाफ कितने भी लोग इकठ्ठे हो जाएं, मेरे खिलाफ कितने भी गठबंधन बन जाएं लेकिन भ्रष्टाचार और कालेधन के खिलाफ मेरी लड़ाई कभी ख़त्म नहीं होगी, मै जब तक जिन्दा रहूँगा लुटेरों को चैन से बैठने नहीं दूंगा। 

मोदी की इस रैली को पंजाब के मीडिया ने भी कवर किया और टीवी पर दिखाया जिसे देखकर पंजाब के लोग घरों से निकले और वोट देने के लिए लाईन में लग गए। जिसे देखकर केजरीवाल ने मोदी पर हमला किया, उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग मोदी का गुलाम बन गया है, वो चुनाव के दिन भी रैलियां कर रहे हैं, टीवी पर आ रहे हैं, टीवी पर प्रचार कर रहे हैं और चुनाव आयोग खामोश बैठा है। केजरीवाल को शायद इसलिए गुस्सा आया क्योंकि यह वोटिंग अकाली दल और बीजेपी के लिए हुई थी। 

Saturday, February 4, 2017

पंजाब में रिकॉर्डतोड़ मतदान, दोपहर बार अचानक घर से निकले लोग और लग गए लम्बी लाइनों में

पंजाब में रिकॉर्डतोड़ मतदान, दोपहर बार अचानक घर से निकले लोग और लग गए लम्बी लाइनों में

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Amritsar, 4 Feb: पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए मतदान शनिवार को शांतिपूर्वक संपन्न हो गया। नई सरकार के गठन के लिए हुए इस मतदान में बड़ी संख्या में मतदाता अपने घरों से निकले वैसे सुबह के समय पंजाब में काफी धीमी वोटिंग दिख रही थे, पंजाब के लोग भी वोट देने में सुस्त लग रहे थे लेकिन दोपहर बाद अचानक लोग घरों से निकले और लम्बी लम्बी लाइनों में लगकर वोट देने लगे।

पिछले साल नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके गठबंधन सहयोगियों के लिए यह पहली परीक्षा है। पंजाब में 117 विधानसभा सीटों के लिए 1.99 करोड़ मतदाता अपने घरों से निकले। पंजाब में 72 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

पंजाब विधानसभा चुनाव के लिए 117 सीटों पर शनिवार को करीब 72 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। कुछ जगहों पर मामूली वाद-विवाद एवं झड़प को छोड़कर मतदान शांतिपूर्ण रहा। 

सतलुज नदी के दक्षिण में स्थित मालवा क्षेत्र में सुबह से ही लोगों में मतदान के प्रति खासा उत्साह दिखा। राज्य की 117 सीटों में से 69 सीटें मालवा क्षेत्र में पड़ती हैं, जो किसी पार्टी की जीत के लिए निर्णायक साबित होती हैं। यहां अकाली दल-भाजपा गठबंधन, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच कड़ा मुकाबला रहा।

संगरूर और फाजिल्का में सर्वाधिक 73 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। इसके बाद मनसा और फतेहगढ़ साहिब जिले में 72 फीसदी मतदान हुआ।

ब्यास नदी के उत्तर में स्थित माझा और ब्यास और सतलुज नदी के बीच बसे दोआब क्षेत्र में मतदान प्रतिशत अच्छा रहा। शाम पांच बजे तक कुछ विधानसभा सीटों पर 75 से 78 फीसदी मतदान दर्ज किया गया।

अमृतसर और रोपड़ जिलों में शाम पांच बजे तक सबसे कम 60 फीसदी मतदान हुआ था।

क्या शहरी क्या ग्रामीण सभी इलाकों में मतदाताओं में गजब का उत्साह दिखा। ठंड के बावजूद लोग सुबह ही मतदान केंद्र पहुंच गए। मतदान शुरू होने के समय मतदान केंद्रों पर लंबी कतारें लग गईं थीं। 

अमृतसर लोकसभा सीट के लिए भी शनिवार को मतदान हुआ। 

कुछ मतदान केंद्रों पर तकनीकी वजहों से मतदान थोड़े विलंब से शुरू हुआ। करीब 150 मतदान केंद्रों से ईवीएम के सही नहीं काम करने की शिकायतें मिलीं। 

प्रदेश में कुल 22,614 मतदान केंद्र बनाए गए थे। राज्य में 2012 के विधानसभा चुनाव में 78.57 फीसदी मतदान हुआ था।

चुनाव में 1.98 करोड़ योग्य मतदाता थे। चुनाव मैदान में 1,145 उम्मीदवार थे, जिनमें 81 महिलाएं और एक किन्नर उम्मीदवार हैं। इस बार छह लाख से अधिक मतदाताओं को पहली बार मताधिकार मिला था।
ISI के आदमी हैं केजरीवाल, इनको वोट दिया मतलब पाकिस्तान और आतंकियों को वोट दिया: हरसिमरत कौर

ISI के आदमी हैं केजरीवाल, इनको वोट दिया मतलब पाकिस्तान और आतंकियों को वोट दिया: हरसिमरत कौर

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Amritsar, 4 Feb: केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर बादल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल पर जमकर हमला बोला है, उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI मदद कर रही है, वही इन्हें चुनाव लड़ने के लिए बेहिसाब पैसा देती है वरना इनके पास इतना पैसा कहाँ से आ रहा है, ये कई महींनों से पंजाब में सैकड़ों रैलियां कर चुके हैं, ये सब पैसा उन्हें ISI देती है। 

उन्होंने कहा कि खालिस्तानी आतंकवादी संगठन भी ISI का ही एक पार्ट है और केजरीवाल उसके शीर्ष आतंकी बब्बर खालसा के घर रात बिताते हैं, उनके साथ चाय नाश्ता करते हैं, यह सब इशारा करता है कि आतंकी संगठन उनकी मदद कर रहे हैं, अगर पंजाब के लोग केजरीवाल को वोट देते हैं तो समझ लो पाकिस्तान और उनके आतंकवादियों को वोट दिया है। 

उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने आतंकियों के घर रात बिताई तो उसके दूसरे दिन ही पंजाब में मजीठा में बम विस्फोट हो गया, कहीं ऐसा ना हो कि पंजाब में एक बार फिर से आतंकवाद का नंगा नाच शुरू हो जाए।

उन्होंने पंजाब में अकाली-दल और बीजेपी की जीत की आशा व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के लोग ऐसी सरकार चाहते हैं जो केंद्र सरकार के साथ अच्छे सम्बन्ध बनाकर चल सके, इसलिए पंजाब के समझदार मतदाता अकाली दल और बीजेपी की ही सरकार बनाएंगे। 
पंजाब में अकाली-बीजेपी की होगी जीत और प्रकाश सिंह बदाल छठीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री: हंसराज हंस

पंजाब में अकाली-बीजेपी की होगी जीत और प्रकाश सिंह बदाल छठीं बार बनेंगे मुख्यमंत्री: हंसराज हंस

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Jalandhar, 4 Feb: पंजाब के मशहूर गायक और बीजेपी नेता हंस राज हंस ने भी आज पंजाब की नयी सरकार चुनने के लिए जालंधर विधानसभा सीट से मतदान किया, उन्होंने मतदान के बाद दावा किया कि इस बार भी पंजाब में अकाली दल और बीजेपी गठंधन की ही सरकार बनेगी।

हंसराज ने यह भी दावा किया कि प्रकाश सिंह बादल ही पंजाब में छठी बार मुख्यमंत्री बनेंगे और राज्य का विकास जारी रहेगा। जानकारी के लिए बता दें कि हंस राज हंस नोटबंदी के बाद प्रधानमंत्री मोदी से प्रभावित होकर बीजेपी में शामिल हुए थे, उन्होने मोदी को महान नेता बताते हुए नोटबंदी की काफी तारीफ की थी। 
राहुल गाँधी को 'पंजाब' गिफ्ट में देने वाला हूँ: नवजोत सिद्धू

राहुल गाँधी को 'पंजाब' गिफ्ट में देने वाला हूँ: नवजोत सिद्धू

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Amritsar, 4 Feb: बीजेपी से बगावत करके हाल ही में कांग्रेस में शामिल हुए नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा बयान देते हुए कहा है वे राहुल गाँधी को बड़े तोहफे में रूम में पंजाब देने वाले हैं, आज नवजोत सिंह सिद्धू अपनी पत्नी नवजोत कौर सिद्धू के साथ मतदान करने पहुंचे। 

उन्होंने कहा कि इस धर्म युद्ध में सत्य की जीत होने वाली है, हमें पूरी आशा है कि यहाँ पर कांग्रेस की सरकार बनेगी, यहाँ से कांग्रेस के झंडे में डंडा लगेगा। 
Punjab Poll 2017: कई पोलिंग बूथों पर लम्बी भीड़, कई जगह EVM मशीनें खराब

Punjab Poll 2017: कई पोलिंग बूथों पर लम्बी भीड़, कई जगह EVM मशीनें खराब

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Photo Credit ANI
चंडीगढ़, 4 फरवरी: पंजाब के अधिकतर मतदान केंद्रों पर शनिवार सुबह लंबी-लंबी कतारें देखी जा सकती हैं। कई जगह EVM मशीनों में खराबी की वजह से भी लम्बी लम्बी लाईनें लगी हैं, राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर सुबह आठ बजे मतदान शुरू हो गया जो शाम पांच बजे तक चलेगा।

विभिन्न स्थानों से मिल रही रिपोर्ट के मुताबिक, मतदाता सुबह आठ बजे से पहले से ही मतदान केंद्रों के बाहर कतारों में खड़े हैं। 9.30 बजे तक 8 फ़ीसदी वोटिंग हो चुकी थी। 

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में मतदाताओं में जोश लगभग एक जैसा ही है।

चुनाव में सबसे पहले वोट डालने वालों में शिरोमणि अकाली दल से पटियाला से उम्मीदवार पूर्व सैन्य प्रमुख एवं पूर्व राज्यपाल जनरल जे.जे.सिंह और कांग्रेस से पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल (बादल गांव) रहे।

निर्वाचन अधिकारियों के मुताबिक, गुरदासपुर, राजासांसी (अमृतसर), साहनेवाल, पठानकोट, खरड़ और भोआ विधानसभा सीटों से शनिवार तड़के इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में खराबी की खबरें मिली जिससे मतदान प्रक्रिया में देरी हुई।

चुनाव में 1.98 करोड़ से अधिक मतदाता 1,145 उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेंगे जिसमें 81 महिलाएं और एक ट्रांसजैंडर उम्मीदवार है।

अमृतसर लोकसभा सीट पर उपचुनाव भी शनिवार को हो रहा है। मतगणना 11 मार्च को होगी। चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ शिरोमणि अकाली दल-भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) गठबंधन, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच है। पंजाब में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला हो रहा है।

Friday, February 3, 2017

अगर पंजाब में हारेगी ‘बादल सरकार' तो BJP को होगा फायदा लेकिन देश का होगा नुकसान: पढ़ें कैसे

अगर पंजाब में हारेगी ‘बादल सरकार' तो BJP को होगा फायदा लेकिन देश का होगा नुकसान: पढ़ें कैसे

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New Delhi, 3 Feb: पंजाब में अकाली दल की हार तय मानी जा रही हैं साथ में बीजेपी की भी हार मानी जाएगी क्योंकि गठबंधन की वह भी साझीदार है लेकिन इस हार से बीजेपी को कोई नुकसान नहीं होगा बल्कि फायदा होगा। 

मौजूदा सरकार में बीजेपी के भूमिका ना के बराबर है, उसके केवल 11 विधायक हैं, पंजाब में बीजेपी का नाम तो मुख्यमंत्री है और ना ही उप-मुख्यमंत्री, अगर इस चुनाव में अकाली दल की फिर से सरकार बन जाती है तो फिर से बीजेपी का नाम तो मुख्यमंत्री होगा और ना ही उप-मुख्यमंत्री। जीतने के बाद भी बीजेपी की पंजाब सरकार में कोई भूमिका नहीं रहेगी क्योंकि वह सिर्फ 23 सीटों पर चुनाव लड़ती है, उसे सरकार में 1-2 छोटे मंत्रालय मिल जाएंगे लेकिन अगर अकाली दाल सरकार की हार हो जाती है तो आने वाले भविष्य में बीजेपी को कई फायदे होंगे। 

अकाली दल की हार के बाद पंजाब में या तो आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी या कांग्रेस की या दोनों गठबंधन करके सरकार बनाएंगे। 

दोनों पार्टियों ने पंजाब के लोगों ने लंबे चौड़े और बड़े बड़े वादे किये हैं, पूरे देश की नजरें इनके वादे पूरे करने पर लग जाएगी, निश्चित तौर पर ये वादे पूरे करने असंभव हैं क्योंकि अगर ये सरकारी खजाना वादे पूरे करने में लुटाएंगे तो पंजाब का विकास रुक जाएगा और यह दिल्ली की तरह अन्य राज्यों से पीछे चला जाएगा। 

2 साल बाद पंजाब के लोगों को पता चल जाएगा कि झूठे वादे के चक्कर में फंसकर उन्होंने कांग्रेस या आप को वोट देकर गलती की थी, उसके बाद 2019 का लोकसभा इलेक्शन आएगा तो पंजाब के लोग बीजेपी को वोट देंगे लेकिन हाँ तब तक बीजेपी को अकाली दल के साथ गठबंधन तोड़ लेना चाहिए वरना इन्हें कोई फायदा नहीं होगा। 

एक बात और, अगर इस वक्त देश के सभी राज्यों में बीजेपी की सरकारें बन जाएं तो दूसरी पार्टी की सरकारों से तुलना नहीं की जा सकेगी और अगर लोग बीजेपी से नाराज हो गए तो जिस तरह से पिछले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस का सफाया हुआ था उसी तरह से बीजेपी का सफाया हो जाएगा इसलिए एक दो राज्यों में दूसरी पार्टी की सरकारें होनी चहिये ताकि लोग तुलना कर सकें कि कौन सी पार्टी अच्छा काम करती है। 

इस वक्त अकाली दल के साथ गठबंधन करना बीजेपी की मजबूरी है, अकाली दल एक क्षेत्रीय पार्टी है और धार्मिक आधार पर सिखों को वोट अपने साथ रखती थी, अगर यह पार्टी ख़त्म हो जाती है तो बीजेपी के रास्ते से एक काँटा ख़त्म हो जाएगा।

हर सिक्के के दो पहलू होते हैं, अगर इस वक्त अकाली-बीजेपी की हार होती है और सरकार बदलती है तो इससे देश को नुकसान होगा क्योंकि पाकिस्तान पंजाब में सरकार बदलने का ही इन्तजार कर रहा है, पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI ने खालिस्तानी आतंकवादियों को एक्टिव कर दिया है, हाल ही में केजरीवाल ने आतंकवादियों के घर रात बिताई थी, पाकिस्तान एक ऐसी सरकार का सपना देख रहा है जो उसके पदचिन्हों पर चल सके, भारत में आतंकवाद बढाने में उसका साथ दे सके, आतंकवादियों की घुसपैठ करा सके, पंजाबियों को आतंकवादियों साबित करके उनके मन में भारत से अलग होने की भावना भर सके। इससे देश को बहुत नुकसान होने वाला है, अगर पंजाबियों के मन में भारत से अलग होने का ख्याल आ गया तो पंजाब एक और कश्मीर बन जाएगा और आतंकवाद का नंगा नाच शुरू हो जाएगा। 
10 साल एक ही डिश खाकर ऊब चुके हैं पंजाबी, अब स्वाद बदलने के लिए कड़वी मिर्ची भी खाने को तैयार

10 साल एक ही डिश खाकर ऊब चुके हैं पंजाबी, अब स्वाद बदलने के लिए कड़वी मिर्ची भी खाने को तैयार

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Amritsar, 3 Feb: कहते हैं कि अगर किसी को एक दो हफ्ते 12 व्यंजन वाली थाली लगातार परोसें तो लोग उस लाजवाब खाने से भी बोर हो जाते हैं, बार बार एक ही खाना कोई नहीं खाना चाहता, कुछ नहीं मिलता तो लोग मिर्ची का स्वाद लेकर ही जीभ के स्वाद को बदल देते हैं। यही बात जनता के साथ भी होती है। 

जनता भी लगातार एक ही सरकार से ऊब जाती है ऐसे में अगर स्वाद बदलने के लिए मिर्ची भी खाने को मिले तो खाने से परहेज नहीं करती भले ही मुंह कड़वा हो जाए, भले ही कडवी मिर्ची खकार मुंह में छाले पड़ जाएं और डॉक्टर के पास जाकर एक दो महीने इलाज कराएं, भले ही अच्छे के बजाय बुरा हो जाए लेकिन लोग स्वाद जरूर बदलने की सोचते हैं। 

यही बात पंजाब में होने जा रही है, पिछले 10 साल से अकाली दल और बीजेपी गठबंधन की सरकार है, वैसे बीजेपी तो केवल नाम की है, केवल अकाली दल की सरकार है, अब लोग उससे ऊब चुके हैं जबकि अभी तो पार्टी शुरू हुई है, अभी तो मोदी सरकार आयी है, अभी तो पंजाब को मनचाही मदद मिल सकती है लेकिन उसके बावजूद भी पंजाब के लोग स्वाद लेने के चक्कर में अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मारना चाहते हैं। 

इस वक्त केंद्र में भी बीजेपी सरकार है, अकाली दल इस गठबंधन की सहयोगी है, अगर राज्य में भी यही सरकार होती तो पंजाब के लोगों का काफी भला किया जा सकता है, लेकिन अगर आम आदमी पार्टी की सरकार आ गयी तो दिल्ली की तरह केंद्र सरकार से लड़ाई होती रहेगी और पंजाब में अलगाववादी माहौल बनेगा और पाकिस्तान इसका फायदा उठाकर आतंकवाद का बीच बो देगा। कांग्रेस सरकार के आ जाने के बाद भी यही होगा। 

पंजाब के लोगों की स्वाद बदलने के चक्कर में मति मारी गयी है, उन्होंने सरकार को भी खाने की डिश समझ लिया है, जिससे पूछो वही कहता है, सरकार बदलना चाहते हैं, उन्हें शायद यह पता नहीं है कि ढाई साल पहले केंद्र में कांग्रेस सरकार थी और उन्होंने पंजाब को वह मदद नहीं की जो करनी चाहिए थी जिसकी वजह से पंजाब में कुछ कही रह गयी लेकिन जब से मोदी सरकार आयी है उसे 65000 करोड़ रुपये की मदद मिल चुकी है, दूसरी सरकार आ जाने के बाद केंद्र सरकार से यह मदद मिलनी बंद हो जाएगी। 

अब अगर कोई अपने पैरों पर खुद कुल्हाड़ी मारना चाहता है तो उसे कौन रोक सकता है, अगर कोई खुद ही कड़वी मिर्ची खाना चाहता है तो उसे कौन रोक सकता है लेकिन हाँ इतना अवश्य है, सरकार बदलने के बाद जो पंजाब इस वक्त नम्बर 1 पर है, कुछ वर्षों के बाद शायद UP बिहार के बराबर आ जाए और उत्तर प्रदश और बिहार के लोग खुश हो जाएं क्योंकि पंजाबियों के बारे में कहा जाता है कि नंबर वन के अहंकार में वे यूपी-बिहार वालों को हीन भावना से देखते हैं। 

Thursday, February 2, 2017

लांबी में सबसे बड़ी जंग, दोनों पूर्व मुख्यमंत्री आमने सामने

लांबी में सबसे बड़ी जंग, दोनों पूर्व मुख्यमंत्री आमने सामने

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लांबी (पंजाब), 2 फरवरी: पंजाब में चार तारीख को चुनाव है, आज ही प्रचार अभियान समाप्त हो गया है, सभी उम्मीदवारों और राजनीतिक पार्टियों ने जीतने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है, सबसे दिलचस्प और बड़ी जंग लांबी में लड़ी जा रही है जहाँ पर दो पूर्व मुख्यमंत्री आमने सामने हैं, प्रकाश सिंह बादल लगातार पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं जबकि अमरिंदर सिंह भी मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

पंजाब की राजनीति में ऐसा पहली बार हो रहा है जब जो राजनीतिक दलों के शीर्ष नेता आपने जामने मैदान में हैं। पांच बार मुख्यमंत्री रह चुके प्रकाश सिंह बादल अपने जीवन की सबसे बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं क्योंकि उनके सामने एक तरह अमरिंदर सिंह हैं तो दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी के दिल्ली के पूर्व विधायक जरनैल सिंह मैदान में हैं।

लांबी प्रकाश सिह बादल की 1997 से ही पारंपरिक सीट रही है। अमरिंदर सिह (75) अपनी पारंपरिक सीट पटियाला से भी चुनाव लड़ रहे हैं और आश्वस्त हैं कि लांबी में वह बादल को मात दे देंगे।

अमरिंदर ने कहा, "मैं उन्हें यहां बुरी तरह हराऊंगा। मैं यहां इसलिए आया हूं (चुनाव लड़ने) क्योंकि मैं उन्हें पंजाब को बरबाद करने की वजह से सबक सिखाना चाहता हूं।"

आप प्रत्याशी जरनैल सिंह का अधिक ध्यान निजी स्तर पर लोगों से मिलने और छोटी सभाएं करने पर है।

जरनैल ने कहा, "मुझे लोगों से बहुत अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। लोग अकाली दल नेतृत्व की ज्यादतियों से और कांग्रेस से आजिज आ चुके हैं। हमारी जीत तय है।"

तगड़े मुकाबले की वजह से इस बार प्रकाश सिंह बादल को लांबी में अधिक समय देना पड़ रहा है। उन्होंने कहा, "मैं आराम से जीतूंगा। वे (अमरिंदर व जरनैल) यहां से अपनी किस्मत आजमा सकते हैं लेकिन उन्हें कुछ हासिल होने वाला नहीं है। यह निजी नहीं, राजनैतिक लड़ाई है।"
पंजाब में नोटबंदी के बाद पैदा हुई थी मोदी लहर लेकिन अकाली दल के खिलाफ है सूनामी: क्या करें लोग

पंजाब में नोटबंदी के बाद पैदा हुई थी मोदी लहर लेकिन अकाली दल के खिलाफ है सूनामी: क्या करें लोग

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पंजाब: पंजाब में इस बार की लड़ाई सबसे दिलचस्प होने वाली है, अकाली दल के खिलाफ सत्ता विरोधी लहर ने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को देखते ही देखते मजबूत कर दिया, पंजाब के लोगों के दिलों में अकाली दल और खासकर सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ सूनामी भरी है जो वोटिंग के दिन निकलने वाली है। 

आपने देखा होगा कि लोकसभा चुनावों में भी अकाली दल की कमजोरी दिखी थी, आम आदमी पार्टी ने लोकसभा चुनावों में भी चार सीटें जीती थीं, अकाली दल सत्ता में होने के बावजूद भी केवल 4 सीटें जीत पायी थी, उस समय ही अकाली दल को संभल जाना था लेकिन ये अपनी ही चाल से चलते रहे और विरोधी पार्टियों को जड़ें जमाने का मौका दे दिया। 

इस वक्त पंजाब में नशे को सबसे बड़ा मुद्दा बनाया गया, विरोधी दल उन्हें पानी पी पी कर नशे के लिए जिम्मेदार बता रहे हैं लेकिन अकाली दल के लोग नशे की समस्या होने से ही इनकार कर रहे हैं, अगर ये अपनी गलती मानकर इसे सुधारने का भी वादा करते तो भी पंजाब के लोगों को समझ में आता लेकिन ये लोग तो ड्रग की समस्या पर चुप्पी साध रखे हैं। 

अकाली दल के कमजोर होने का दूसरा सबसे बड़ा कारण है सुखबीर सिंह का धंधा, उन्होंने मुख्यमंत्री रहते उए भी अपना बिजनेस जारी रखा और लोगों की समस्या सुलझाने पर उतना ध्यान नहीं दे पाए। अब उनका धंधा लोगों की आँखों में चढ़ चुका है, वैसे भी अगर कोई मुख्यमंत्री अपना धंधा करेगा तो वह राज्य के लोगों पर कैसे ध्यान दे पाएगा। विरोधियों ने उनकी इस कमजोर नश को अच्छे से पकड़ लिया है। खासकर जब से नवजोत सिंह सिद्धू कांग्रेस में शामिल हुए हैं उन्होंने सुखबीर बादल की ऐसी तैसी कर रखी है। 

नोटबंदी के बाद पंजाब में मोदी लहर पैदा हुई है, करीब 70 फ़ीसदी इमानदार पंजाबी मोदी से प्रभावित हुआ है लेकिन वह चाहकर भी बीजेपी को वोट नहीं दे सकता क्योंकि पंजाब में बीजेपी केवल 23 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, एक तरफ मोदी लहर पैदा हुई है तो दूसरी तरफ अकाली दल के खिलाफ सूनामी है, अगर बीजेपी अकेले चुनाव लडती तो आराम से चुनाव जीत जाती और उसकी सरकार भी बन जाती लेकिन केंद्र में गठबंधन होने के कारण अगर ये राज्य में गठबंधन तोड़ते तो इनपर धोखेबाजी का आरोप लगता और NDA के अन्य साथी दलों में मोदी-बीजेपी के खिलाफ अविश्वास फ़ैल जाता, लोग सोचते ही BJP गद्दार और घोखेबाज पार्टी है इसलिए इसके साथ गठबंधन मत करो, इन्होने जैसे अकाली दल को छोड़ दिया उसी तरह से हमारे साथ भी करेंगे। 

यही मजबूरी है जिसकी वजह से सिद्धू के लाख कहने के बाद भी बीजेपी ने अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं तोडा, इन्होने गठबंधन धर्म का पालन करने के लिए पंजाब का वलिदान देने का मन बना दिया, अब गेंद पंजाबियों के पाले में है, अगर पंजाबी मोदी के नाम पर अकाली-बीजेपी गठबंधन को वोट देते हैं तो यह सरकार वापस आ सकती है वरना नहीं। वैसे भी अगर अकाली दल वापस आ गयी तो सुखबीर सिंह बादल तो-तीन धंधा और शुरू कर देंगे। दूसरी बात पंजाबी यह सोच रहे हैं कि मोदी के नाम पर अकाली दल को वोट देने के बाद भी बीजेपी का ना तो मुख्यमंत्री बनेगा और ना ही उप-मुख्यमंत्री। सत्ता का सुख तो बादल ही भोगेंगे। 
बम विस्फोट के दोषियों और आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं केजरीवाल: राहुल गांधी

बम विस्फोट के दोषियों और आतंकवादियों का समर्थन कर रहे हैं केजरीवाल: राहुल गांधी

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संगरूर (पंजाब), 2 फरवरी: कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर निशाना साधते हुए कहा कि केजरीवाल पंजाब बम विस्फोट के दोषियों और आतंकवादियों का समर्थन करने की कोशिश कर रहे हैं। 4 फरवरी को होने वाले चुनाव में प्रचार के अंतिम दिन राहुल ने जनसभा में कहा, "कुछ दिन पहले बम विस्फोट हुआ था जिसमें छह लोगों की मौत हो गई थी। और, अरविंद केजरीवाल विस्फोट के दोषियों का समर्थन कर रहे हैं। वह उन्हें चुनाव लड़ने दे रहे हैं। यह पंजाब के लिए बहुत खतरनाक है। यदि ये तत्व पंजाब में सत्ता में आ गए तो ये सभी विकास मुद्दों को हाइजैक कर लेंगे।"

पंजाब में मंगलवार शाम को चंडीगढ़ से 200 किलोमीटर दूर मोर मंडी में कांग्रेस उम्मीदवार हरमिंदर सिंह जस्सी की रैली खत्म होने के बाद हुए विस्फोट में दो पुरुषों और एक बच्चे की मौत हो गई थी। अस्पताल में घायलों के दम तोड़ने के बाद मृतकों की संख्या बढ़ गई थी।

पंजाब के उप मुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल ने इससे पहले बयान में कहा, "जिस तरीके से बम विस्फोट हुए, वे आतंकवाद के दिनों की याद दिलाते हैं।"

बादल ने कहा कि ये विस्फोट आम आदमी पार्टी और कट्टरपंथी तत्वों के संबंधों का सीधा नतीजा है।

इससे पहले केजरीवाल ने इन विस्फोटों में बादल की भूमिका होने का आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी की मांग की थी। 

केजरीवाल ने ट्वीट कर कहा था, "शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सुखबीर सिंह बादल को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। विस्फोट में उनकी भूमिका की जांच होनी चाहिए। वह और अधिक हिंसा का कारण बनेंगे।"

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष और मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार अमरिंदर सिंह ने भी केजरीवाल पर खालिस्तान कमांडो फोर्स जैसी 'चरमपंथी ताकतों को बढ़ावा देने' का आरोप लगाया।

राहुल गांधी ने गुरुवार को रैली को संबोधित करते हुए एक नया कानून लाकर पंजाब में नशीली दवाओं की बढ़ती तस्करी को रोकने का भी वादा किया और अस्पतालों में प्रत्येक परिवार का इलाज कराने की प्रतिबद्धता जताई।

Wednesday, February 1, 2017

जलालाबाद में सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ मैदान में उतरे हैं दो लोकसभा सांसद: पढ़ें

जलालाबाद में सुखबीर सिंह बादल के खिलाफ मैदान में उतरे हैं दो लोकसभा सांसद: पढ़ें

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जलालाबाद (पंजाब), 1 फरवरी: पाकिस्तान की सीमा से महज 12 किलोमीटर दूर और पश्चिमी पंजाब के दूरस्थ कोने में स्थित जलालाबाद इस चुनाव में हाई प्रोफाइल क्षेत्र बन गया है ऐसा इसलिए क्योंकि शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष और राज्य के उप मुख्यमंत्री सुखवीर सिंह बादल और दो लोकसभा सदस्य आम आदमी पार्टी (आप) के संगरूर से सांसद भगवंत मान और कांग्रेस के लुधियाना से सांसद रणवीत सिंह बिट्ट यहां से चुनाव मैदान में हैं।

बिट्ट पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के पौत्र हैं। बेअंत सिंह की 1995 में चंडीगढ़ में कार बम विस्फोट में मौत हो गई थी।

सुखबीर बादल का क्षेत्र होने के नाते जलालाबाद पर पिछले पांच साल में काफी ध्यान दिया गया है और परियोजनाओं के लिए सैकड़ों करोड़ रुपये की राशि दी गई है। लेकिन, केवल यह पंजाब के सर्वाधिक शक्तिशाली व्यक्ति की जीत सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त नहीं है।

अकाली दल प्रमुख के लिए यहां काफी कड़ा मुकाबला हो सकता है क्योंकि पंजाब के मालवा क्षेत्र ने आम आदमी पार्टी और हास्य अभिनेता से राजनीतिक नेता बने भगवंत सिंह मान के पक्ष में एक निश्चित रुझान दिखाया है।

आप ने अपने सभी उम्मीदवरों में मान को सबसे मजबूत मानकर सुखबीर बादल के खिलाफ खड़ा किया है, जबकि कांग्रेस ने युवा नेता के रूप में देखे जाने वाले बिट्टू को उम्मीदवार बनाकर मुकाबला दिलचस्प बना दिया है।

उधर, बादल, मान और बिट्ट की चुनौतियों से बिल्कुल परेशान नहीं दिख रहे हैं।

आश्वस्त सुखबीर बादल ने जोर देकर कहा, "मैं उन लोगों का यहां स्वागत करता हूं। वे लोग मौज मस्ती के लिए समय बिता रहे हैं। वे लोग अपनी जमानत राशि भी गंवाने जा रहे हैं।"

लेकिन, मान भी रण छोड़ने वाले नहीं हैं। उन्होंने कहा, "हम 11 मार्च (मतगणना के दिन) को बात करेंगे। बादल परिवार ने पंजाब के लोगों की कीमत पर एक साम्राज्य खड़ा किया है। लोग इस चुनाव में उन्हें झाड़ू (आप का चुनाव चिन्ह) से बुहार देंगे।"

साल 2012 के विधानसभा चुनाव में जलालाबाद क्षेत्र के 172,000 हजार मतदाताओं में 87 प्रतिशत ने मतदान किया था और सुखबीर बादल ने 50000 मतों के अंतर से चुनाव जीता था। कांग्रेस के बागी उम्मीदवार हंसराज जोसन दूसरे नम्बर रहे थे। वह यहां पहले विधायक रहे थे। कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार मलकित सिंह काफी मतों के अंतर से तीसरे स्थान पर रहे थे।

ऐसे में इसमें कोई आश्चर्य नहीं कि 4 फरवरी को होने वाले चुनाव में जलालाबाद में केवल उम्मीदवारों का ही नहीं बल्कि पार्टियों का भी बहुत कुछ दांव पर लगा हुआ है।
पंजाब में एक कार में विस्फोट, 3 मरे, 15 लोग घायल

पंजाब में एक कार में विस्फोट, 3 मरे, 15 लोग घायल

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चंडीगढ़, 31 जनवरी: पंजाब के बठिंडा शहर के पास कांग्रेस के एक उम्मीदवार की रैली के करीब एक कार में हुए शक्तिशाली विस्फोट में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई है। 

पुलिस ने कहा कि जिस समय विस्फोट हुआ, उस समय कांग्रेस उम्मीदवार हरमिंदर जस्सी मौर मंडी के पास एक सभा को संबोधित कर रहे थे। सभा स्थल के पास हुए इस विस्फोट में कम से कम 15 लोग घायल भी हो गए हैं। 

पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंच गए और घटना की जांच शुरू कर दी। 

विस्फोट की यह घटना ऐसे समय में हुई है, जब राज्य विधानसभा चुनाव के लिए चार फरवरी को मतदान होने हैं। कुछ लोग इसे आतंकवादियों की करतूत बता रहे हैं। 
अगर अकाली दल चुनाव हारा तो होगी सिर्फ ‘एक वजह’ और मिल जाएगा सभी नेताओं को ‘ये’ सबक: पढ़ें क्या

अगर अकाली दल चुनाव हारा तो होगी सिर्फ ‘एक वजह’ और मिल जाएगा सभी नेताओं को ‘ये’ सबक: पढ़ें क्या

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Amritsar, 1 January: मूर्ख आदमी भी समझ सकता है कि पंजाब में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस इसलिए मजबूत दिख रही है क्योंकि अकाली दल के खिलाफ एंटी-इनकम्बेंसी है। अगर अकाली दल ने अच्छा काम किया होता तो कोई भी पंजाबी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के झांसे में ना आता, दूसरी पार्टियों ने इसलिए अपनी जड़ें मजबूत कर ली हैं क्योंकि सत्ताधारी पार्टी से लोग नाराज हैं। 

आज इंडिया टुडे और एक्सिस के सर्वे में कांग्रेस को बहुमत मिलता दिख रहा है, कांग्रेस को 60-65 सीटें जबकि अकाली दल- बीजेपी को केवल 11-15 सीटें मिलती दिख रही हैं। आम आदमी पार्टी को 41-44 सीटें मिल रही हैं। पिछले लोकसभी चुनावों में भी आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने बढ़िया प्रदर्शन किया था, कांग्रेस का वोट शेयर सभी पार्टियों से अधिक था। इसका मतलब है कि अकाली दल-बीजेपी लोकसभा में भी कमजोर थी। 

अब आप समझिये, पंजाब में बीजेपी पार्टी केवल नाम की है, 117 में से बीजेपी केवल 23 सीटों पर चुनाव लडती है, मुख्यमंत्री और उप-मुख्यमंत्री भी अकाली दल के हैं इसलिए बीजेपी समझ लो ना के बराबर है। अगर अकाली दल की हार होती है तो कारण क्या होगा। 

अकाली दल की हार का सिर्फ के कारण होगा सुखबीर सिंह बादल। सुखबीर सिंह बादल उप-मुख्यमंत्री होते हुए भी अपना बिजनेस करते हैं, कई तरह के उद्योग लगा रहे हैं, बड़े बड़े होटल बना रखे हैं, अपनी बसें चलाते हैं, केबल का बिजनेस चला रहे हैं, और भी कई तरह के बिजनेस करते हैं सुखबीर बादल। 

आप यह भी कह सकते हैं कि सुखबीर बादल ही पंजाब के मुख्यमंत्री हैं क्योंकि उनके पिता प्रकाश सिंह बादल 90 साल के वृद्ध हो चुके हैं, उनसे अधिक दौडाभागी होती नहीं, वे केवल नाम के मुख्यमंत्री हैं लेकिन सारा कामकाज सुखबीर सिंह बादल संभालते हैं। 

अब आप सोचिये, अगर कोई मुख्यमंत्री राज्य चलाने के साथ साथ बिजनेस भी कर रहा है, एक नहीं दर्जनों बिजनेस करके बेहिसाब पैसा कमा रहा है, तो उसका ध्यान सरकार चलाने, जनता की समस्याएँ सुनने, उनकी समस्याएँ दूर करने, किसानों के लिए काम करने, राज्य के विकास करने में लगेगा या अपना धंधा करने में लगेगा। अगर वो अपने धंधे पर ध्यान नहीं देगा तो उसका नुकसान होगा। 

कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी सुखबीर सिंह बादल की इस कमजोरी को अच्छी तरह से पकड़ चुके हैं और पंजाब में उनके खिलाफ जमकर प्रचार कर रहे हैं, जनता को उनकी बात समझ में भी आ रही है, इसलिए अकाली दल को लोग सजा देने के लिए किसी को भी वोट दे सकते हैं।

अगर अकाली दल की हार होती है तो देश और दुनिया भर के नेताओं को सन्देश जाएगा कि अगर जनता ने आपके हाथों में सरकार दी है तो आप अपना धंधा मत कीजिये बल्कि राज्य की सेवा कीजिये, अगर आप अपना धंधा करेंगे तो राज्य पर कैसे ध्यान दे पाएंगे क्योंकि आपका सारा ध्यान तो आपके धंधे में ही लगेगा ना। लालच बुरी बला होती है। अगर धंधा ही करना है तो सरकार का हिस्सा मत बनिए, अगर बनेंगे तो विरोधी आपको छोड़ेंगे नहीं, अगर जनता की आपके धंधे पर नजर लग गयी तो भले ही आपका बिजनेस बच जाए लेकिन 20 साल की मेहनत से खड़ी की गए पार्टी पूरी तरह से बर्बाद हो जाएगी। 

Tuesday, January 31, 2017

इंडिया टुडे ने अपने सर्वे में कांग्रेस को पंजाब में दिया पूर्व बहुमत, अकाली-BJP तीसरे स्थान पर

इंडिया टुडे ने अपने सर्वे में कांग्रेस को पंजाब में दिया पूर्व बहुमत, अकाली-BJP तीसरे स्थान पर

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नई दिल्ली, 31 जनवरी: पंजाब में विधानसभा चुनाव के चल रहे धुआंधार प्रचार के बीच इंडिया टुडे टीवी ने एक सर्वेक्षण के आधार पर अनुमान लगाया है कि राज्य में कांग्रेस को पूर्ण बहुमत मिलेगा, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) दूसरे स्थान पर रहेगी। चुनाव पूर्व सर्वेक्षण का प्रसारण मंगलवार को किया गया। एक्सिस एपीएम और इंडिया टुडे समूह द्वारा किए गए सर्वेक्षण के अनुसार, कांग्रेस को 60-65 सीटें मिल सकती हैं। 

सर्वेक्षण में दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) को 41-44 सीटें मिलने का अनुमान लगाया गया है। आप पंजाब में पहली बार विधासभा चुनाव लड़ रही है। लोकसभा चुनाव में इसे इसी राज्य में चार सीटें मिली थीं। 

सर्वेक्षण में कहा गया है कि सत्ताधारी शिरोमणि अकाली दल (सिअद)-भाजपा गठबंधन को 11-15 सीटें मिल सकती हैं। सर्वेक्षण में अन्य को शून्य से दो सीटें दी गई हैं।

सर्वेक्षण के अनुसार, कांग्रेस को कुल वोट का 37 प्रतिशत, आप को 34 प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।

सिअद-भाजपा गठबंधन को 25 प्रतिशत तथा अन्य को पांच प्रतिशत वोट मिल सकते हैं।

पंजाब विधानसभा की 117 सीटों के लिए मतदान चार फरवरी को होगा। नतीजे होली से ठीक दो दिन पहले 11 मार्च को घोषित होंगे।
झूठा, धोखेबाज और निहायत ही बेईमान आदमी है केजरीवाल, बचकर रहें पंजाब के लोग: सुभाष चंद्रा

झूठा, धोखेबाज और निहायत ही बेईमान आदमी है केजरीवाल, बचकर रहें पंजाब के लोग: सुभाष चंद्रा

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New Delhi, 31 January: जी टीवी चैनल के मालिक, एस्सेल ग्रुप के चेयरमैन और राज्यसभा सांसद सुभाष चंद्रा ने केजरीवाल के बारे में बड़ा बयान दिया है, यह बयान तब आया है जब केजरीवाल खालिस्तानी आतंकियों के साथ साठ-गाँठ करके पंजाब चुनाव जीतना चाहते हैं और हाल ही में उन्होंने आतंकी गुरिंदर सिंह के घर पर एक रात बिताई थी। 

सुभाष चंद्रा ने कहा कि, केजरीवाल बहुत ही झूठा, धोखेबाज और निहायत ही बेईमान आदमी है, ये आदमी जिसके सहारे आगे बढ़ता है उन्हें ही धोखा दे देता है, आप अन्ना हजारे, प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव का उदाहरण देख सकते हैं, ये आदमी सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सैनिकों से सबूत मांगता है और पाकिस्तान में हीरो बन जाता है। 

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग केजरीवाल से बचकर रहें, पंजाबी लोग अगर केजरीवाल को वोट देंगे तो अपने पैरों पर कुल्हाड़ी मार लेंगे क्योंकि ये आदमी विल्कुल ही झूठे वादे करता है, आप दिल्ली में देख लीजिये, जितने वादे किये थे एक भी वादे पूरे नहीं किये, दिल्ली का विकास रुक गया है और लोग इस वोट देकर पछता रहे हैं।  

Monday, January 30, 2017

रैली में टल्ली होकर आये AAP के मुख्यमंत्री कैंडीडेट भगवंत मान, 5 मिनट तक देते रहे फ्लाइंग किस

रैली में टल्ली होकर आये AAP के मुख्यमंत्री कैंडीडेट भगवंत मान, 5 मिनट तक देते रहे फ्लाइंग किस

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Moga, 30 January: पंजाब में आम आदमी पार्टी के मुख्यमंत्री उम्मीदवार भगवंत मान ने एक बार फिर से नशेडी होने का सबूत दे दिया है, शनिवार की रात को मोगा में आम आदमी पार्टी की रैली थी, भगवंत मान को भी रैली को संबोधित करना था, वे नशे में टल्ली होकर सभा में पहुंचे थे, जब वे बोलने के लिए खड़े हुए तो पांच मिनट तक फ्लाइंग किस देते रहे उसके बाद लड़खड़ाकर गिर गए। 

उन्होंने भाषण तो दिया लेकिन सही से खड़ा नहीं हो पाए और कई बार गिर पड़े, कई बार तो उन्हें ये भी समझ में नहीं आया कि किधर बोलना है इसलिए भीड़ की तरफ पीठ करके खड़े हो गए। किसी तरह से उन्होंने अपना भाषण ख़त्म किया और मंच से हटते ही फिर गिर पड़े। वापस जाने लगे तो स्टेज की सीढ़ियों पर फिर से लड़खड़ाकर गिर गए। 

अब आप खुद समझ सकते हैं कि आम आदमी पार्टी जिसे पंजाब का मुख्यमंत्री बनाना चाहती है वह कितना बड़ा नशेड़ी है। केजरीवाल कहते हैं कि पंजाब के युवा नशेड़ी हैं लेकिन असली नशेडी तो उनकी पार्टी में भरे पड़े हैं।