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Jan 8, 2018

भारत की जनसँख्या में हुआ विस्फोट, मोदीजी कहते रहे सवा सौ करोड़, 4 साल में बढ़ गए 10 करोड़ और

भारत की जनसँख्या में हुआ विस्फोट, मोदीजी कहते रहे सवा सौ करोड़, 4 साल में बढ़ गए 10 करोड़ और

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नई दिल्ली: भारत की जनसँख्या में बहुत बड़ा विस्फोट हुआ है. सिर्फ चार वर्षों में भारत की जनसँख्या करीब 10 करोड़ बढ़ गयी है. अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले पांच-दस वर्षों में भारत चीन को पीछे छोड़कर सबसे अधिक जनसँख्या वाला देश बन जाएगा.

आपने सुना होगा कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी हर रैलियों में भारत के सवा सौ करोड़ देशवासियों की बात करते हैं. वह 2014 लोकसभा चुनाव से पहले से ही यह बात बोलते आ रहे हैं लेकिन अब अगले लोकसभा चुनाव (2019) में उन्हें भारत के 135 करोड़ देशवासियों वाला डायलाग बोलना पड़ेगा. भारत ने सिर्फ पांच वर्षों में 10 करोड़ लोगों की तरक्की कर ली है.

भारत की बढ़ती जनसँख्या पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने चिंता प्रकट की है. उन्होंने कहा कि सिर्फ सात दिनों में भारत की संख्या 2.5 लाख बढ़ गयी. बढती जनसँख्या विकास और सामजिक समरसता के लिए खतरा है.

Nov 17, 2017

जबरजस्त खुशखबरी, अब कांग्रेस कहेगी मोदी ने तो रेटिंग एजेंसी मूडीज को भी खरीद लिया, पढ़ें

जबरजस्त खुशखबरी, अब कांग्रेस कहेगी मोदी ने तो रेटिंग एजेंसी मूडीज को भी खरीद लिया, पढ़ें

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भारत और भारतीयों के लिए आज जबरजस्त खुशखबरी है क्योंकि विश्व की सबसे बड़ी रेटिंग एजेंसी मूडीज ने 2004 के बाद पहली बार भारत की रेटिंग्स में बदलाव करके साबित कर दिया है कि भारत की आर्थिक हालत सुधर रही है और अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है. मूडीज की रेटिंग में भारत की रैंक 1 स्थान सुधरी है, पहले भारत की रेटिंग Baa3 थी लेकिन अब Baa2 कर दी है. आपको बता दें कि इस लिस्ट में 1 अंक का सुधार भी बहुत बड़ी सफलता मानी जाती है. 

इसके अलावा रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मोदी सरकार में पहली बार रुपये डॉलर के मुकाबले पहले से मजबूत हुआ है साथ ही बांड की भी हालत सुधरी है. मतलब हर तरफ से फायदा हो रहा है.

इससे पहले विश्व बैंक की ईज ऑफ़ डूइंग बिजनेस लिस्ट में भी भारत ने 30 स्थानों की छलांग लगाते हुए 100 स्थान पाया था, यह खबर आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया था कि उन्होंने विश्व बैंक को खरीद लिया है.

अब कांग्रेस मोदी सरकार पर मूडीज को भी खरीदने का आरोप लगा सकती है क्योंकि गुजरात चुनाव में कांग्रेस के पास और कोई मुद्दा नहीं है, कभी विश्व बैंक को खरीदने का आरोप, कभी मूडीज को खरीदने का आरोप, कभी अमेरिका को खरीदने का आरोप, क्योंकि अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प भी भारत की आर्थिक हालत मजबूत करने के लिए मोदी की तारीफ करते रहते हैं.

मूडीज की रेटिंग में सुधार होने से भारतीय जनता पार्टी के नेता बहुत खुश हैं, अमित शाह ने इसका क्रेडिट मोदी सरकार के सुशासन और आर्थिक नीतियों को दिया है.

Oct 14, 2017

इससे फैलता है पटाखों से भी 100 गुना प्रदूषण और बीमारियाँ, सुप्रीम कोर्ट इसे बैन करके दिखाए

इससे फैलता है पटाखों से भी 100 गुना प्रदूषण और बीमारियाँ, सुप्रीम कोर्ट इसे बैन करके दिखाए

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सुप्रीम कोर्ट ने पटाखों की विक्री पर यह कहते हुए बैन लगा दिया कि इससे प्रदूषण फैलता है, बच्चों को सांस की बीमारियाँ हो जाती हैं और उनका जीना मुश्किल हो जाता है, सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला करते हुए थोड़ी सी भी समझदारी का इस्तेमाल नहीं किया क्योंकि प्रदूषण सिर्फ पटाखों से ही नहीं फैलता, सांस की बीमारियाँ सिर्फ पटाखों से नहीं होतीं, कई और चीजें हैं जिनकी वजह से बीमारियाँ फैलती हैं.

आप खुद देखिये, मच्छरों को भगाने वाली Coil और Liquid जैसे मोर्टीन, गुड नाईट, आल आउट आदि में पटाखों से भी ज्यादा जहर होता है, ये पटाखों से भी 100 गुना अधिक बीमारियाँ फैलाते हैं, ये पटाखों से भी हजारों गुना अधिक प्रदूषण फैलाते हैं लेकिन इनका इस्तेमाल सभी घरों में होता है.

अगर सुप्रीम कोर्ट वाकई में प्रदूषण के लिए गंभीर है तो उसे पहले इन चीजों को बंद करना चाहिए क्योंकि जब दीवाली पर पटाखे जलते हैं तो उसके धुंवे में सभी मच्छर ख़त्म हो जाते हैं, आप देखते होंगे कि दीवाली के बाद एक भी मच्छर नहीं दिखते, पटाखों के धुंवे में सभी मच्छर मर जाते हैं, जैसा Coil के धुंवे से मरते हैं.

Coil का धुंवा मच्छरों को तो भगाता है लेकिन साथ में सांस और अन्य बीमारियाँ भी दे जाता है, लोग मच्छरों से बचने के लिए सांस की बीमारियाँ लेने को मजबूर हैं, लेकिन सुप्रीम कोर्ट को इनपर बैन लगाना चाहिए. अन्यथा पटाखों को बैन करना हिन्दू धर्म का अपमान ही माना जाएगा.

Oct 7, 2017

GST रेट घटाकर, जनता को राहत देकर मोदी सरकार ने दिया कांग्रेस को जोर का झटका, मचा हाहाकार

GST रेट घटाकर, जनता को राहत देकर मोदी सरकार ने दिया कांग्रेस को जोर का झटका, मचा हाहाकार

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मोदी सरकार ने कल कई वस्तुओं पर GST दरो को कम करके जनता को मंहगाई से बड़ी राहत दी, एक तरफ जनता को राहत मिली तो दूसरी तरफ कांग्रेस पार्टी में हाहाकार मच गया. दरअसल कांग्रेस पार्टी को मंहगाई में बहुत बड़ा राजनीतिक मुद्दा नजर आ रहा था और वह गुजरात चुनाव में इसे भुनाने की कोशिश कर रही थी लेकिन मोदी सरकार ने एक मिनट में कांग्रेस की उम्मीरों पर पानी फेरते हुए ना सिर्फ GST दरों को कम किया, उन्होंने छोटे और माध्यम व्यापारियों को भी खुश कर दिया.

27 वस्तुओं के GST टैक्स स्लैब में बदलाव से जनता को मंहगाई से बहुत बड़ी राहत मिलने वाली है, डिब्बाबंद खान-पान, अन-ब्रांडेड नमकीन, स्टेशनरी, कपडा, अयुर्वेदिव दवाइयाँ, जरी, ज्वेलरी, सब कुछ सस्ता हो गया है. जल्द ही जनता को सस्ते सामान मिलने लगेंगे और मंहगाई से निजात मिल जाएगी. 

GST में बदलाव होने से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी भी बहुत खुश हैं, उन्होंने वित्त मंत्री अरुण जेटली और उनकी टीम को बधाई देते हुए कहा कि गुड और सिंपल टैक्स अब और सिंपल हो गया है. इससे जनता को राहत मिलने के साथ साथ व्यापारी वर्क को भी राहत मिली है.

मोदी ने कहा कि आज के निर्णय से छोटे और मध्यम वर्ग के व्यापारियों को बिजनेस करना आसान हो जाएगा, सभी छोटे और माध्यम व्यापारियों को अब तीन महीनें में एक बार ही रिटर्न फाइल करना पड़ेगा, यही नहीं अब 1 करोड़ का टर्न ओवर दिखाने वाले व्यापारियों को सिर्फ 1 फ़ीसदी टैक्स देना होगा.

प्रधानमंत्री मोदी ने इस निर्णय के लिए वित्त मंत्री अरुण जेटली को बधाई देते हुए कहा कि उन्होने सभी पक्षों का ध्यान रखा है और सबको साथ लेकर चलने की कोशिश की है, उन्होंने GST को और आसान बना दिया है. अब सिर्फ एक फॉर्म में ही रिटर्न दाखिल करना पड़ेगा.

Oct 3, 2017

अरुण शौरी चाहते हैं मोदी सरकार भ्रष्टाचार से समझौता कर ले, टैक्स-चोरों को खुली छूट दे दे

अरुण शौरी चाहते हैं मोदी सरकार भ्रष्टाचार से समझौता कर ले, टैक्स-चोरों को खुली छूट दे दे

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जब भी शरीर को दवा का कड़वा डोज दिया जाता है, शरीर को सुस्ती आ जाती है क्योंकि शरीर इतना तकतवर डोज सह नहीं पाता, अपनी ऑंखें बंद करके कुछ समय के लिए सो जाता है, जब शरीर सो जाता है तो काम रुक जाता है इसलिए जब तक शरीर सोता है तब तक कमाई रुक जाती है, आर्थिक नुकसान होता है. लेकिन जब शरीर आराम करके उठता है तो तेज गति से काम करना शुरू कर देता है और जल्द ही नुकसान की भरपाई कर लेता है.

मोदी सरकार ने भी देश की अर्थव्यवस्था को दुरुस्त करने और कालाधन ख़त्म करने के लिए नोटबंदी का कड़वा डोज दे दिया, तिजोरी में छुपा धन बाहर निकलकर बैंकों में जमा हो गया, विदेश से पैसा आकर बैंकों में जमा हो गया, आज वही पैसा देश के काम आ रहा है लेकिन जब पुरानी नोटों को पूरी तरह से बंद कर दिया गया तो थोडा नुकसान भी हुआ लेकिन जैसे जैसे नोट बाजार में फिर से आते गए, माहौल सही होता गया और अब नोटबंदी का कोई दुष्प्रभाव नहीं है, सभी को करेंसी मिल रही है.

इसी तरह से मोदी सरकार ने GST लागू करके सभी टैक्स चोर व्यापारियों से कहा कि आपको टैक्स जमा करना ही पड़ेगा, अर्थ तंत्र से जुड़ना ही पड़ेगा. अब टैक्स चोरी माफ़ नहीं की जाएगी. सबको अपने काम और कमाई का हिसाब देना ही होगा.

कालाधन जब्त करना, चोरों को पकड़ना, घोटालेबाजों को पकड़ना, टैक्स चोरी ख़त्म करना तो अच्छा काम है जो मोदी सरकार ने किया है लेकिन इस काम का कुछ नुकसान भी होना तय है क्योंकि कालाधन हमारी अर्थव्यवस्था में समा गया था. अर्थव्यवस्था से जितना कालाधन ख़त्म हुआ उतना आर्थिक नुकसान भी हुआ लेकिन जल्द ही इस नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी.

दुर्भाग्य ये है कि विपक्षी नेता अच्छे काम को भी बुरा बता रहे हैं लेकिन इससे भी बड़ा दुर्भाग्य ये है कि बीजेपी के भी कुछ नेता विपक्ष के सुर में सुर मिला रहे हैं और नोटबंदी/GST को बुरा बता रहे हैं.

इससे भी दुर्भाग्यपूर्ण ये है कि बीजेपी नेता अरुण शौरी और यशवंत सिन्हा GST को भी बुरा बता रहे हैं जो टैक्स व्यवस्था सुधारने, टैक्स चोरी ख़त्म करने का सबसे बढ़िया तरीका है. मतलब ये लोग चाहते हैं कि मोदी सरकार टैक्स चोरों पर सख्ती ना बरते, टैक्स चोरी को मान्यता दे दे. सभी टैक्स चोरों से बोले कि भैया लूट लो आप लोग, मैं आप लोगों को नहीं रोकूंगा क्योंकि इससे अर्थव्यवस्था रुक जाएगी, GDP गिर जाएगी.

आज अरुण शौरी जो अटल सरकार में मंत्री भी रह चुके हैं और खुद को अर्थशास्त्री भी बताते हैं, उन्होंने नोटबंदी को सबसे बड़ी मनी लौन्डरिंग योजना बताया जिसके जरिये पूरा कालाधन सफ़ेद कर लिया गया. अगर कालाधन सफ़ेद होकर फिर से भारत में आ गया तो भी देश को फायदा है क्योंकि कम से कम कालाधन तो आया. देश तो यही चाहता है कि कालाधन विदेश से वापस भारत आ जाए और देश के काम आये.